Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vikash Goyal , Cardiologist

हार्ट अटैक के लक्षण कितने समय तक रहते हैं? डॉक्टर से जानें

हार्ट अटैक के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग दिखते हैं। ऐसे में हार्ट अटैक के लक्षण कितने समय तक रहेंगे यह भी पूरी तरह व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करता है।

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हार्ट अटैक एक बहुत ही गंभीर मेडिकल कंडीशन है, जिसमें दिल की नसों में रुकावट आने के कारण दिल तक खून पहुंचना बंद हो जाता है। अगर समय रहते हार्ट अटैक के मरीज को सही इलाज न मिले तो यह जानलेवा हो सकता है। इसलिए, हार्ट अटैक के लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी होता है। हालांकि, हार्ट अटैक आने के बाद इसके लक्षण कुछ समय तक बने रहते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में ये सवाल आता है कि हार्ट अटैक के लक्षण कब तक रहते हैं। गुरुग्राम के पारस हेल्थ के कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विकास गोयल (Dr. Vikash Goyal, Associate Director, Cardiology, Paras Health, Gurugram) का कहना है कि हार्ट अटैक के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग नजर आते हैं और इसका समय भी एक-दूसरे से अलग और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है।

हार्ट अटैक के लक्षण कितनी देर तक रहते हैं?

डॉ. विकास गोयल कहते हैं कि दिल के दौरे के लक्षण समय और तीव्रता के मामले में काफी अलग-अलग हो सकते हैं। आमतौर पर, सीने में दर्द, दबाव, जकड़न या बेचैनी जैसे लक्षण कुछ मिनटों से लेकर कई घंटों तक रह सकते हैं। कई मामलों में, दर्द आता-जाता रह सकता है, लेकिन 15 से 20 मिनट से ज्यादा समय तक बनी रहने वाली बेचैनी को एक मेडिकल इमरजेंसी माना जाना चाहिए।

2022 में Journal Of Research in Health Sciences में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, हार्ट अटैक के मरीज की स्थिति इस बात पर निर्भर करती है कि दिल की मांसपेशियों को कितना नुकसान पहुंचा है। अगर अस्पताल पहुंचने से पहले 30 मिनट में 'थ्रोम्बोलाइटिक पेरीफ्यूजन' इलाज मिल जाए और पहले 90 मिनट में 'PCI' ऑपरेशन हो जाए, तो उनके रिकवरी के नतीजे काफी अच्छे रहते हैं।

हार्ट अटैक के लक्षण 

डॉ. विकास गोयल के अनुसार, हार्ट अटैक का समय पर इलाज पाने के लिए जरूरी है कि आप इसके लक्षणों पर ध्यान दें, जिसमें- 

  • बिना किसी काम के सांस लेने में तकलीफ होना 
  • अचानक बहुत ज्यादा पसीना निकलना
  • जी मिचलाना या उल्टी जैसा महसूस होना 
  • सिर घूमना या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना 
  • सीने का दर्द बाईं ओर, जबड़े, गर्दन या पीठ तक पहुंचना

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हफ्तों पहले दिखने वाले शुरुआती संकेत

Mayo Clinic के अनुसार, कुछ हार्ट अटैक अचानक आते हैं, लेकिन कई लोगों को इसके चेतावनी संकेत और लक्षण घंटों, दिनों या हफ्तों पहले नजर आने लगते हैं। छाती में दर्द या प्रेशर, जो बार-बार महसूस होता है और आराम करने से भी दूर नहीं होता है। हार्ट अटैक के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों को अक्सर लोग काम का तनाव या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज करने लगते हैं। हालांकि, शरीर में होने वाले ये बदलाव वास्तव में दिल की धमनियों में रुकावट की ओर इशारा करते हैं। अगर ये संकेत बार-बार महसूस हों तो समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है। 

क्या दर्द अचानक आता है या धीरे-धीरे होता है?

डॉ. विकास गोयल ने बताया कि हार्ट अटैक का दर्द कैसा महसूस होगा, यह हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकता है। इसे आप इन स्थितियों से समझ सकते हैं-

अचानक आने वाला दर्द 

कई मामलों में हार्ट अटैक का दर्द एकदम अचानक और बहुत तेज महसूस हो सकता है। इसे अक्सर सीने पर भारीपन या तेज जकड़न के रूप में बताया जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति बहुत ज्यादा असुविधा महसूस करता है। 

धीरे-धीरे शुरू होने वाला दर्द 

हार्ट अटैक का दर्द बहुत से लोगों को अचानक नहीं होता है। इसकी शुरुआत हल्के दर्द या बेचैनी के साथ शुरू हो सकती है, जो समय के साथ बढ़ती जाती है। कभी-कभी यह दर्द आता-जाता रहता है, जिसे लोग अक्सर गैस या अपच की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। 

साइलेंट हार्ट अटैक 

कुछ लोगों, खासकर डायबिटीज के मरीजों और महिलाओं में दर्द बहुत कम या न के बराबर होता है। उन्हें सिर्फ घबराहट, पसीना आना या कमजोरी महसूस हो सकती है। 

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पुरुष और महिलाओं में लक्षणों का अंतर

Franciscan Health के अनुसार, आमतौर पर, पुरुषों और महिलाओं को हार्ट अटैक एक ही तरह से नहीं आता है। महिलाओं को बिना किसी कारण थकान और जी मिचलाने की समस्या होने की संभावना ज्यादा होती है। महिलाओं में एनजाइना के आम लक्षणों में कंधों के बीच दर्द और नींद से जुड़ी समस्या होना शामिल है। हार्ट अटैक के लक्षण जो पुरुषों में ज्यादा आम होते हैं, उनमें उनके उल्टे हाथ में दर्द, अचानक ठंडा पसीना आना और पेट में बेचैनी या अपच से जुड़ी समस्याएं शामिल हो सकती हैं। महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान सीने में दर्द के साथ-साथ जी मिचलाना, उल्टी होना या अच्छा महसूस न होने जैसी समस्याएं शामिल हैं। 

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साइलेंट हार्ट अटैक का पता कैसे चलता है? 

American Heart Association के अनुसार, कुछ लोगों को साइलेंट हार्ट अटैक आता है, जिसमें व्यक्ति को हार्ट अटैक के आखिरी स्टेज में ही पता चलता है कि उसे हार्ट अटैक आ रहा है। एक साइलेंट हार्ट अटैक भी किसी दूसरे हार्ट अटैक जैसा ही होता है। बस इसमें दिल के किसी हिस्से में खून का बहाव रुक जाता है। इस रुकावट की वजह से दिल की मांसपेशियों पर निशान पड़ सकते हैं और दिल को नुकसान पहुंच सकता है। डॉक्टर MRI या EKG की मदद से हार्ट अटैक का पता लगा सकते हैं, जबकि मरीज को कभी पता भी नहीं चलता है कि उसे हार्ट अटैक आया था। जिन लोगों को साइलेंट हार्ट अटैक आता है, उनमें अक्सर कुछ ऐसे लक्षण नजर आते हैं, जो बहुत खास नहीं होते हैं और आसानी से समझ भी नहीं आते हैं, जिसमें- 

  • अपच 
  • फ्लू के लक्षण
  • सीने या पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द या खिंचाव
  • जबड़े, पीठ के ऊपरी हिस्से या हाथों में असुविधा महसूस होना

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हार्ट अटैक से बचाव के उपाय

डॉ. विकास गोयल के अनुसार, हार्ट अटैक भले ही अचानक आता है, लेकिन आप अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव करके इसके जोखिम को काफी कम कर सकते हैं। जिनमें शामिल हैं-

  • सही खानपान हार्ट अटैक के जोखिम को कम कर सकता है। इसलिए, अपने खाने में तेल, घी और नमक की मात्रा कम रखें। फल और हरी सब्जियां ज्यादा खाएं। 
  • दिन में कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या कोई भी एक्सरसाइज करें, जो आपको हेल्दी रखने में मदद करें। 
  • स्मोकिंग और तंबाकू जैसी बुरी आदतों से पूरी तरह परहेज करने की कोशिश करें। 
  • मानसिक तनाव को कम करने के लिए योग या मेडिटेशन का अभ्यास करें। 
  • समय-समय पर डॉक्टर से अपनी सेहत की जांच करवाएं। 
  • ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल को कंट्रोल में रखें। 
  • कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं ताकि नसों को ब्लॉक होने से रोका जा सके।

डॉक्टर के पास कब जाएं? 

हार्ट अटैक के मामले में इंतजार करना सबसे बड़ी गलती मानी जाती है। इसलिए अगर आपको छाती में दर्द 15 मिनट से ज्यादा बना रहे, दर्द कंधे, हाथ, गर्दन या जबड़े तक फैल जाए, सांस लेने में परेशानी हो, ठंडा पसीना आए, अचानक कमजोरी या चक्कर आने लगे तो बिना देर किए तुरंत मरीज को अस्पताल ले जाएं। अगर डॉक्टर ने पहले से सलाह दी हो, आपको ब्लीडिंग डिसऑर्डर न हो, तो एस्पिरिन लें। अगर मरीज बेहोश हो जाए, तो तुरंत CPR शुरू करें या किसी CPR-trained व्यक्ति को बुलाएं। हार्ट अटैक आने के बाद के शुरुआती 60 से 90 मिनट बहुत अहम होते हैं। इस दौरान मरीज को सही इलाज मिल जाना चाहिए। 

निष्कर्ष 

हार्ट अटैक एक ऐसी स्थिति है, जो जानलेवा होती है। हालांकि, सही जानकारी और समय पर इलाज पाने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। हार्ट अटैक के लक्षण कुछ मिनटों से लेकर घंटों तक रह सकते हैं या कई बार हफ्तों पहले भी शरीर संकेत दे सकता है। दर्द अचानक भी हो सकता है और धीरे-धीरे बढ़ भी सकता है। इसलिए, अगर हार्ट अटैक से जुड़े कोई भी लक्षण नजर आएं तो इसे नजरअंदाज न करें और हार्ट अटैक आने के बाद अपनी सेहत का खास ध्यान रखें।

Image Credit: Freepik 

FAQ

  • हार्ट अटैक कितने दिन पहले संकेत देता है?

    हार्ट अटैक आमतौर पर अचानक नहीं आता है, बल्कि शरीर कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों पहले तक छोटे-छोटे संकेत देने लगता है। सबसे आम संकेत सीने में बेचैनी, दर्द, भारीपन, अचानक ज्यादा थकान आदि लक्षण शामिल हैं। 
  • हार्ट अटैक आने से पहले कहां कहां दर्द होता है?

    हार्ट अटैक का दर्द अक्सर सीने के बीच या बाईं ओर दबाव और जकड़न के रूप में शुरू होता है। यह दर्द बढ़कर आपके कंधों, गर्दन, जबड़े, पीठ और दोनों हाथों तक फैल सकता है। 
  • हार्ट ब्लॉकेज के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

    हार्ट ब्लॉकेज के शुरुआती लक्षणों में सीने में दर्द या भारीपन, थोड़ा काम करने पर ही सांस फूलना, ज्यादा थकान, चक्कर आना और गर्दन, जबड़े या बाएं हाथ में दर्द शामिल हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करना आपकी स्थिति को गंभीर बना सकता है। 
  • हार्ट अटैक आने पर तुरंत क्या करें?

    हार्ट अटैक आने पर तुरंत एम्बुलेंस को बुलाएं और मरीज को आरामदायक स्थिति में बिठाएं। अगर स्थिति ज्यादा गंभीर लगे तो तुरंत मरीज को खुद अस्पताल ले जाएं। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Apr 20, 2026 11:03 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
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