Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Neeraj Dhamija , Senior Consultant – Laparoscopic, Laser & General Surgery

मलेरिया और डेंगू हैं एक जैसी बीमारियां, फिर अंतर कैसे पहचानें? डॉक्टर से समझें

मलेरिया और डेंगू, दोनों ही मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारियां हैं, लेकिन इनके लक्षणों में काफी अंतर होता है। जैसे मलेरिया में ठंड और कंपकंपी के साथ बुखार आता-जाता रहता है, वहीं डेंगू में लगातार तेज बुखार के साथ शरीर और जोड़ों में तीव्र दर्द होता है।

मलेरिया और डेंगू दोनों ही मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारी है। चूंकि, इन दोनों ही बीमारियों की शुरुआत तेज बुखार से होती है। यही कारण है कि अक्सर लोग इनके बीच भ्रमित होते हैं और वे इसके बीच फर्क नहीं कर पाते हैं। ऐसी स्थिति में सही इलाज मिलने में मरीज को देर हो जाती है। ऐसा किसी के साथ न हो, इसके लिए बहुत जरूरी है कि आपको इनके बीच बुनियादी अंतर के बारे में पता हो। इस बारे में जानने के लिए हमने Dr. Niraj Kumar, Senior Consultant, ShardaCare Hospital, Greater Noida से बात की ।

जानकारी के लिए बता दें कि मलेरिया एक परजीवी (पैरासाइट-प्लासमोडियम) के कारण होता है, जबकि WHO के अनुसार, डेंगू एक वायरस (डेंगू वायरस-DENV) के कारण होता है। दोनों के खतरे और इलाज के तरीके बिल्कुल अलग हैं। आइए, इन दोनों ही बीमारियों के मुख्य लक्षणों को पहचानते हैं।

मलेरिया बनाम डेंगू: क्या है मुख्य अंतर

विशेषता मलेरिया (Malaria) डेंगू (Dengue)
कारण प्लास्मोडियम परजीवी (Plasmodium Parasite) डेंगू वायरस (Flavivirus)
मच्छर की प्रजाति मादा एनोफिलीज (Female Anopheles) मादा एडीज एजिप्टी (Female Aedes aegypti)
मच्छर के काटने का समय मुख्य रूप से रात में या अंधेरे में मुख्य रूप से दिन के समय (सुबह और शाम)
प्लेटलेट्स आमतौर पर धीमी गिरावट हो सकती है प्लेटलेट्स बहुत तेज़ी से गिरते हैं
जांच मलेरिया एंटीजन टेस्ट (MP / Smear Test) Dengue NS1 Antigen, IgM / IgG, CBC (Platelets)

मलेरिया और डेंगू के लक्षणों में अंतर

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बुखार का पैटर्न और ठंड लगना

मलेरियाः Dr. Niraj Kumar कहते हैं, "मलेरिया होने पर मरीज को सिर्फ बुखार नहीं होता है, बल्कि उसे इसके साथ-साथ तेज ठंड लगती है और कंपकंपी महसूस होती है। धीरे-धीरे बुखार की तीव्रता बढ़ती जाती है। कुछ देर बाद शरीर से पसीना आने लगता है, जिससे बुखार अचानक उतर भी जाता है।"

डेंगूः इस बारे में Dr. Niraj Kumar बताते हैं, "मलेरिया के बुखार पैटर्न से अलग डेंगू में लगातार तेज बुखार बना रहता है। डेंगू होने पर मरीज को 103–104°F तक बुखार पहुंच जाता है। यहां तक कि सामान्य दवा लेने के बावजूद बुखार आसानी से कम नहीं होता है।"

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दर्द कहां होता है

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मलेरियाः Dr. Niraj Kumar के अनुसार, इस बीमारी के मरीज में सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन और सामान्य थकान महसूस होती है। बिना कुछ काम किए भी मरीज थकान और कमजोरी से इतना घिर जाता है कि उनके लिए बिस्तर से उठना भी मुश्किल हो जाता है। शरीर में हो रहे दर्द के कारण थकान और बढ़ जाती है।

डेंगूः डेंगू होने पर शरीर के कई हिस्सों में दर्द महसूस होता है। Dr. Niraj Kumar बताते हैं डेंगू के कारण कमर, जोड़ों, मांसपेशियों और विशेष रूप से आंखों की पुतलियों के पीछे तीव्र दर्द होता है।

त्वचा पर असर

मलेरियाः आमतौर पर मलेरिया होने पर त्वचा संबंधित कोई समस्या नजर नहीं आती है। हालांकि, कुछ गंभीर मामलों में त्वचा पीली पड़ जाती है। इस स्थिति को एक्सपर्ट समझाते हुए बताते हैं, ‘मेलरिया में परजीवी रेड ब्लड सेल्स को नष्ट कर देते हैं, जिससे शरीर में पीलिया या खून की कमी हो सकती है। इसी वजह से त्वचा का रंग पीला नजर आने लगता है।’

डेंगूः डेंगू होने पर मरीज की त्वचा कई तरह से प्रभावित होती है। जैसे त्वचा पर चकत्ते (छाती और अंगों पर सपाट लाल धब्बे या मीसल्स जैसे लाल चकत्ते) और शरीर पर नीले निशान पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यही नहीं, BioMed Research International के अनुसार, डेंगू के मामले में प्लेटलेट्स बहुत कम होने से मसूड़ों, नाक या शौच के रास्ते खून आने की समस्या हो सकती है। हालांकि, ऐसा मलेरिया में देखने को नहीं मिलता है।

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डॉक्टर के पास कब जाएं?

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मानसून के दिनों में बुखार आते ही डॉक्टर से संपर्क करना बहुत जरूरी होता है। इसके बावजूद, देखने में आता है कि लोग बुखार की दवा घर पर खुद से ही ले लेते हैं। इस संबंध में Dr. Niraj Kumar सलाह देते हैं, "अगर परिवार में किसी को भी दो दिन से अधिक समय तक तेज बुखार है, तो खुद से दवाइयां न लें। कई दवाएं डेंगू में ब्लीडिंग का कारण बन सकती हैं। किसी भी तरह की दवा लेने से पहले डॉक्टर से जांच करवाएं। वे आपको जरूरी टेस्ट करने के लिए कह सकते हैं। उसी के आधार पर आपका इलाज शुरू होगा।" वहीं CDC से पता चलता है, डेंगू की गंभीर स्थिति में पेट में दर्द होना, 24 घंटे में कम से कम 3 बार उलटी होना, नाक और मसूड़े से खून आने पर लापरवाही न करें। यह इमरजेंसी स्थिति है।

निष्कर्ष

डेंगू या मलेरिया दोनों ही गंभीर और जानलेवा बीमारियां हैं और मानसून में इस तरह की बीमारियों के होने का जोखिम बहुत ज्यादा होता है। इसलिए, कोशिश करें कि अगर किसी को तेज बुखार है या बुखार आ-जा रहा है, तो इस संकेत की अनदेखी न करें। शरीर में कंपकंपाहट आना, ठंड लगना, पसीना आना। ये सब बीमारी की गंभीरता को दर्शाते हैं। ऐसी स्थिति में जितना जल्दी हो डॉक्टर के पास जाएं।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या किसी को डेंगू के बाद मलेरिया भी हो सकता है?

    हां, डेंगू से ठीक होने के बाद भी मलेरिया से संक्रमित होना संभव है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये दोनों बीमारियां अलग-अलग रोगाणुओं के कारण होती हैं।
  • क्या डेंगू, मलेरिया से अधिक खतरनाक है?

    दोनों भी बीमारियां खतरनाक हैं। हालांकि लक्षणों की गंभीरता अलग-अलग कारकों पर निर्भर करती है। मरीज की स्थित कैसी है, इसको देखकर बीमारी की गंभीरता के बारे में बताया जा सकता है।

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Disclaimer

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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