Thu Oct 8, 2026 | 03:55 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineeta Singh Tandon , Sr. Consultant – Internal Medicine

डेंगू में प्लेटलेट्स कम होने पर क्या करें और क्या नहीं? जानें डॉक्टर की 5 जरूरी सलाह

मानसून में डेंगू के मामलों के साथ प्लेटलेट्स कम होने की चिंता भी बढ़ जाती है। जानें डॉक्टर के अनुसार प्लेटलेट्स घटने पर क्या करें, किन बातों से बचें और कब तुरंत अस्पताल जाना जरूरी हो सकता है। 
डेंगू में प्लेटलेट्स कम होने पर क्या करें और क्या नहीं? जानें डॉक्टर की 5 जरूरी सलाहडेंगू में प्लेटलेट्स कम होने पर क्या करें और क्या नहीं? जानें डॉक्टर की 5 जरूरी सलाह

बारिश के मौसम में मच्छर तेजी से बढ़ने लगते हैं और इस वजह से डेंगू के मामलों में भी इजाफा होना शुरू हो जाता है। जब मरीज की डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो उसे सबसे ज्यादा टेंशन प्लेटलेट्स की होती है। कई लोग तो रोजाना ही प्लेटलेट्स की संख्या देखकर घबराने लगते हैं और थोड़ा भी गिरावट होने पर घबरा जाते हैं। अगर डेंगू के मरीज के प्लेटलेट्स कम होने लगे, तो मरीज और परिवार को क्या करना चाहिए? इस बारे में जानने के लिए हमने Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant, Internal Medicine, ISIC Hospital, Delhi से बात की।

उन्होंने बताया कि डेंगू में सिर्फ प्लेटलेट्स की संख्या देखकर इलाज नहीं किया जाता। इसमें मरीज की पूरी मेडिकल कंडीशन, ब्लड प्रेशर, शरीर में पानी की मात्रा, ब्लीडिंग के लक्षण और अन्य कई रिपोर्ट्स की भी जांच की जाती है। इसलिए घबराने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना सबसे जरूरी है।

डेंगू में प्लेटलेट्स कम क्यों होते हैं?

Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “डेंगू वायरस शरीर में पहुंचने के बाद बोन मैरो के फंक्शन को प्रभावित करने लगता है। बोन मैरो ही शरीर में नई ब्लड वेसल्स और प्लेटलेट्स बनाती है। डेंगू वायरस इसी अंग पर अटैक करता है, जिससे प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगती है। वायरस इम्यून सिस्टम को भी एक्टिव कर देता है, जिससे कुछ प्लेटलेट्स तेजी से नष्ट होने लगती हैं। इस कारण बीमारी के तीसरे से सातवें दिन के बीच प्लेटलेट्स में गिरावट अक्सर देखने को मिलती है।”

प्लेटलेट्स कम होने पर क्या करें?

Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि ऐसी कंडीशन में डेंगू के मरीज या परिवार के लोगों को इन खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।

मरीज को घबराने की जरूरत नहीं 

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा, “डेंगू के मरीजों को यह बहुत बड़ी गलतफहमी होती है कि प्लेटलेट्स कम होने पर तुरंत ही अस्पताल में भर्ती हो जाना चाहिए। अगर मरीज के प्लेटलेट्स कम हैं, लेकिन उसका ब्लड प्रेशर सामान्य है, शरीर में पानी की कमी नहीं है, किसी तरह की ब्लीडिंग नहीं हो रही और मरीज ठीक से खाना-पीना ले रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं होती। ऐसी कंडीशन में मरीज को घर पर ही रखना चाहिए।

डॉक्टर से सलाह जरूर लें

Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि अगर जांच में लगातार प्लेटलेट्स कम हो रहे हों, तो सबसे पहले डॉक्टर को दिखाना चाहिए। इसके लिए मरीज और परिवार को इन बातों का खास ध्यान देना चाहिए। डेंगू के मरीज में पानी की कमी न होने दें। बुखार या दर्द होने पर सिर्फ वही दवा लें, जो डॉक्टर ने लिखी है।

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मरीज को अपने लक्षणों पर ध्यान रखना जरूरी 

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा कि वैसे तो डेंगू के मरीज समय पर इलाज और सही देखभाल से ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मरीजों की स्थिति गंभीर भी हो सकती है। इसलिए डेंगू से जुड़े कुछ लक्षणों पर ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अगर किसी को ये लक्षण दिखाई देते हैं, तो उन्हें बिना देर किए तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।

  • नाक या मसूड़ों से खून आना
  • पेशाब, मल या उल्टी में खून दिखना
  • लगातार उल्टी होना
  • तेज या लगातार पेट दर्द
  • बहुत ज्यादा कमजोरी या सुस्ती
  • चक्कर आना या बेहोशी महसूस होना
  • सांस लेने में तकलीफ
  • हाथ-पैर ठंडे पड़ना
  • बेचैनी महसूस होना

डेंगू में मरीज की डाइट क्या होन चाहिए?

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा कि डेंगू की रिकवरी के लिए मरीज को डाइटपर खास ध्यान देना चाहिए। इसलिए उसे डाइट में ये चीजें जरूर शामिल करनी चाहिए।
पर्याप्त मात्रा में पानी

  • नारियल पानी, ORS लेना बेहतर है।
  • ताजे फल जैसे मौसमी, संतरा, अनार जैसे विटामिन-सी युक्त फल खाने चाहिए।
  • दाल, खिचड़ी और हल्का खाना ही लेना चाहिए।
  • सूप और छाछ लेना भी बेहतर है।
  • प्रोटीन युक्त बैलेंस्ड डाइट लेने से मरीज को काफी आराम मिलता है।

डेंगू के मरीजों को यह बिल्कुल नहीं करना चाहिए?

Dr. Vineeta Singh Tandon के अनुसार, डेंगू के मरीजों को ये बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे कंडीशन गंभीर हो सकती है।

  • अपनी मर्जी से पेनकिलर आईब्रूफिन या एस्प्रिन जैसी दवाएं लेने से बचना चाहिए।
  • बहुत भारी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए।
  • इस समय ब्रिस्क वॉक भी नहीं करनी चाहिए।
  • शराब या स्मोक करने से दूरी बनाकर रखना चाहिए।
  • किसी भी तरह की डाइट फॉलो न करें।
  • मसालेदार, भुना या तैलीय खाने से परहेज करना चाहिए।

नॉर्मल प्लेटलेट्स कितने होने चाहिए?

Cleveland Clinic के मुताबिक, व्यक्ति की उम्र चाहे जो भी हो, ब्लड के प्रति माइक्रोलीटर में 1,50,000 से 4,00,000 प्लेटलेट्स की संख्या को सामान्य माना जाता है। हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ खासतौर पर 60 साल की उम्र के बाद प्लेटलेट्स का काउंट कम होना सामान्य बात है।

स्वास्थ्य परिवार और कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के अनुसार, अगर मरीज को ब्लीडिंग नहीं हो रही, तो प्लेटलेट काउंट 20,000/cumm से कम होने पर भी सिर्फ बचाव के तौर पर प्लेटलेट्स चढ़ाने की कोई जरूरत नहीं होती है। अगर शरीर में किसी हिस्से में गंभीर ब्लीडिंग हो रही हो, तो रेड सेल ट्रांसफ्यूजन के साथ-साथ प्लेटप्लेट्स चढ़ाने की जरूरत हो सकती है।

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डेंगू से बचाव कैसे करें?

Dr. Vineeta Singh Tandon ने लोगों को डेंगू से बचाव के लिए कुछ आसान सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।

  • घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
  • पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
  • मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
  • खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं।
  • कूलर, गमले और पानी की टंकियों की रेगुलर सफाई करें।
  • बुखार आने पर खुद दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच कराएं।

निष्कर्ष
डेंगू में प्लेटलेट्स कम होना सामान्य है, लेकिन इसके साथ लक्षणों की गंभीरता पर भी नजर रखना जरूरी है। अगर मरीज को ब्लीडिंग, तेज बुखार और उल्टी या मल में खून आ रहा है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। अगर डेंगू का मरीज सही तरीके से खाना खा रहा है और कोई ज्यादा परेशानी महसूस नहीं हो रही, तो इलाज में सिर्फ प्लेटलेट्स के आधार पर नहीं होता। मरीज की पूरी मेडिकल कंडीशन देखकर ही इलाज का फैसला लिया जाता है। अगर किसी को बुखार हो, तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर को दिखाएं, ताकि सही समय पर इलाज मिलने पर मरीज जल्दी ठीक हो सके।

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FAQ

  • डेंगू में प्लेटलेट्स कितने-कितने घंटों के अंतराल पर चेक करवाने चाहिए?

    अगर प्लेटलेट काउंट एक लाख से ऊपर है, तो 24 घंटे में एक बार CBC कराना काफी है। लेकिन अगर प्लेटलेट्स 50,000 से कम हो रहे हों, तो डॉक्टर की सलाह पर हर 12 से 24 घंटे में प्लेटलेट काउंट जांचना जरूरी होता है।
  • क्या डेंगू में प्लेटलेट्स कम होने पर मरीज को पूरा आराम करना जरूरी है?

    प्लेटलेट्स कम होने पर मरीज को चोट लगने या गिरने से बचाना बेहद जरूरी है, क्योंकि हल्की सी चोट से भी अंदरूनी ब्लीडिंग हो सकती है। इसलिए मरीज को जिम या एक्सरसाइज करने से मना किया जाता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Modified By : Aneesh Rawat
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