मानसून आते ही मच्छरों से होने वाली बीमारियां भी तेजी से बढ़ने लगती है। इसमें सबसे ज्यादा डेंगू के मामले देखने को मिलते हैं। जब किसी मरीज को डेंगू की पुष्टि होती है, तो परिवार और मरीज दोनों को प्लेटलेट्स की चिंता होने लगती है। प्लेटलेट्स कम होने पर कई लोग तुरंत पपीते के पत्ते का रस, कीवी, अनार या दूसरे घरेलू उपायों का सहारा लेने लगते हैं, लेकिन क्या किसी एक चीज को खाने से प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ सकते हैं? डेंगू में डाइट क्या होनी चाहिए? इसके बारे में जानने के लिए हमने Meena Kumari, Chief Dietician - Dietetics, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की।
Chief Dietician Meena Kumari ने बताया कि सबसे पहले जानना जरूरी है कि डाइट से डेंगू का इलाज नहीं होता और न ही कोई एक फल या सब्जी या किसी भी एक फूड को प्लेटलेट्स बढ़ाने का रामबाण उपाय माना जा सकता है। डेंगू से पीड़ित मरीज को जरूरी न्यूट्रिशन देना महत्वपूर्ण होता है, ताकि उसकी रिकवरी बेहतर तरीके से हो सके।
डेंगू में प्लेटलेट्स की कमी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में हर साल 5 से 10 करोड़ डेंगू के मामले आते हैं और लगभग 4 अरब लोग डेंगू प्रभावित देशों में रहते हैं। डेंगू के कारण शरीर के आंतरिक या बाहरी अंगों से बहुत ज्यादा खून बह सकता है। इस वजह से कई बार डेंगू पीडि़तों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ सकता है, क्योंकि उनमें प्लेटलेट्स की कमी के कारण इंटरल ब्लीडिंग हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर दवा के साथ-साथ आराम करने, खूब सारा पानी पीने और पौष्टिक आहार की सलाह देते हैं।
डेंगू में क्या खाना चाहिए?
Chief Dietician Meena Kumari डेंगू के मरीजों को सलाह देती हैं कि बीमारी के दौरान और बाद में डाइट पर खास ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि पौष्टिक डाइट से ही मरीज की रिकवरी तेजी से होती है।
1. पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना
WHO ने भी माना है कि मरीज को तरल पदार्थ देना मरीज के लिए कारगर साबित होता है। Meena Kumari कहती हैं, “डेंगू में डिहाइड्रेशन का खतरा हो सकता है। इसलिए पानी के साथ-साथ मरीज को ORS, नारियल पानी, सूप, नींबू पानी और बाकी तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं।”
2. प्रोटीन डाइट
Meena Kumari ने कहा, “बीमारी के दौरान शरीर को रिकवरी के लिए पर्याप्त प्रोटीन और एनर्जी की जरूरत होती है। दाल, मूंग दाल, पनीर, दही, दूध, सोया और अंडा जैसे विकल्पों को शामिल किया जा सकता है। अगर मरीज को भूख कम लग रही हो, तो एक साथ ज्यादा खाने के बजाय दिन में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन लेना आसान रहता है।”

यह भी पढ़ें- डेंगू में प्लेटलेट्स कम होने पर क्या करें और क्या नहीं? जानें डॉक्टर की 5 जरूरी सलाह
3. विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फूड्स
Chief Dietician Meena Kumari के अनुसार, अमरूद, संतरा, मौसमी और आंवला जैसे विटामिन C समेत कई फल शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं। इसी तरह हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, चुकंदर और अलग-अलग रंगों की सब्जियां संतुलित डाइट का हिस्सा बनाई जा सकती हैं। हालांकि, ये फल शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने और बीमारी से रिकवरी में मदद करते हैं, लेकिन इसके साथ डॉक्टर की सुझाई दवा लेना भी जरूरी है।
4. पपीते के पत्ते का रस
PubMed में प्रकाशित स्टडी में मरीजों को दो ग्रुप में बांटा गया। इसमें एक ग्रुप को पांच दिनों तक पपीते के पत्तों के अर्क का 500 mg का दिन में एक बार कैप्सूल दिया गया।
- कंट्रोल ग्रुप को सिर्फ सपोर्टिव ट्रीटमेंट दिया गया और दोनों ग्रुप का रोजाना कम्पलीट ब्लड काउंट CBC), प्लेटलेट काउंट, हेमेटोक्रिट (HCT) स्तर, लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) और रीनल फंक्शन टेस्ट (RFT) देखा गया।
- पहले दो दिन तो कोई खास बदलाव नहीं देखा गया, लेकिन तीसरे दिन से पहले ग्रुप के लोगों के प्लेटलेट काउंट बढ़ा हुआ पाया गया। यह सात दिन तक चेक किया गया और स्टडी में पाया गया कि मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ी।
- इससे पता चलता है कि पपीते के पत्तों का अर्क बिना किसी साइड इफैक्ट्स के डेंगू के बुखार में प्लेटलेट काउंट बढ़ाता है।
Meena Kumari डेंगू के मरीजों को सलाह देती हैं कि पपीते के पत्तों का इस्तेमाल सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही करें।
डेंगू में किन चीजों से परहेज करना चाहिए?
Chief Dietician Meena Kumari ने सलाह दी है कि डेंगू में मरीजों को इन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।
- बहुत ज्यादा तला-भुना, बेहद मसालेदार और भारी खाना पचाने में परेशानी दे सकता है।
- ऐसे समय हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन बेहतर विकल्प हो सकता है।
- बिना डॉक्टर की सलाह के कोई सप्लीमेंट, हर्बल प्रोडक्ट या घरेलू नुस्खा शुरू न करें।
- डेंगू में दवाएं सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही लें।
- एस्प्रिन या आईब्रुफिन जैसी दवाएं इंटरनल ब्लीडिंग का रिस्क बढ़ा सकती हैं।
यह भी पढ़ें- डेंगू या वायरल बुखार? डॉक्टर से जानें लक्षण से इलाज तक 11 बड़े अंतर, जिनसे हो सकती है पहचान
न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह क्या है?
Chief Dietician Meena Kumari के अनुसार, डेंगू के दौरान प्लेटलेट्स को लेकर घबराने के बजाय मरीज की पूरी डाइट और हाइड्रेशन पर ध्यान देना चाहिए। भोजन ऐसा हो जो आसानी से पच सके और शरीर को पर्याप्त ऊर्जा, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल दे।
निष्कर्ष
डेंगू के दौरान मरीज को डॉक्टर की बताई दवाओं को साथ रेस्ट और डाइट का ध्यान रखना चाहिए। तरल पदार्थों को समय पर लेते रहने से प्लेटलेट्स में कमी नहीं आती। डेंगू के बुखार में मरीज को अपने लक्षणों पर भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि समय पर इलाज कराने से डेंगू से होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है।
All Image Credit: Magnific
FAQ
डेंगू में नारियल पानी पी सकते हैं?
नारियल पानी में इलेक्ट्रोलाइट होते हैं, जो मरीज के लिए बेहतर हो सकते हैं, लेकिन इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। हालांकि, मरीज की स्थिति और दूसरी बीमारियों के अनुसार डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह लेना बेहतर है।क्या बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाने में असरदार है?
बकरी के दूध में सेलेनियम और आयरन प्रचुर मात्रा में होता है, लेकिन इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।प्लेटलेट काउंट कितना कम होने पर डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक होता है?
Cleveland Clinic के अनुसार, सामान्य प्लेटलेट काउंट प्रति माइक्रोलीटर 1,50,000 से 4,00,000 प्लेटलेट्स के बीच होने चाहिए। अगर प्लेटलेट प्रति माइक्रोलीटर 1,50,000 से कम है, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।प्लेटलेट्स कम होने पर क्या लक्षण दिखाई दे सकते हैं?
अगर मरीज को नाक से खून, मसूड़ों में खून, पेशाब या मल में खून आने लगे, तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। डेंगू में मरीज को खुद से इलाज कभी भी नहीं करना चाहिए। डेंगू की पुष्टि होने के बाद डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लेनी चाहिए।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Aug 11, 2026 19:08 IST
Modified By : Aneesh Rawat Aug 11, 2026 19:08 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dt Meena Kumari