मानसून में मच्छरों के कारण डेंगू के मामलों में काफी बढ़ोतरी होती है। डेंगू में तेज बुखार कई दिनों तक मरीज को परेशान कर सकता है। ऐसी कंडीशन में मरीज का शरीर टूटने लगता है, सिर और मांसपेशियों में दर्द रहता है और खाने का मन भी कम हो जाता है। ऐसे में जब बुखार उतरता है, तो लगता है कि अब बीमारी खत्म हो गई और शरीर जल्द ही रिकवर हो जाएगा, लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता। बुखार उतरने के बाद मरीज को बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को तो थोड़ी दूर चलने या रोजमर्रा के काम करने में भी थकान होने लगती है। बहुत ज्यादा थकान या कमजोरी होने के कारणों को जानने के लिए हमने Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant, Internal Medicine, ISIC Hospital, Delhi से बात की।
डेंगू में बुखार उतरने के बाद कमजोरी होने के 5 कारण
Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “डेंगू के दौरान शरीर पर स्ट्रेस पड़ सकता है, जिस वजह से बुखार कम होने के बाद भी यह स्ट्रेस कुछ समय तक रहता है। इसलिए कई बार बुखार उतरने के बाद भी कमजोरी महसूस हो सकती है। शरीर पर स्ट्रेस पड़ने के कई कारण हो सकते हैं।”
1. बीमारी से लड़ने में शरीर की काफी एनर्जी इस्तेमाल होना
Dr. Vineeta Singh Tandon का कहना है, “डेंगू वायरस के खिलाफ इम्यून सिस्टम लगातार एक्टिव रहता है और इस कारण शरीर को काफी एनर्जी चाहिए होती है। डेंगू में तेज बुखार के कारण मरीज सामान्य दिनों के मुकाबले बहुत कम खाता-पीता है, जिससे शरीर एनर्जी की जरूरत को पूरा नहीं कर पाता। इस वजह से बुखार कम होने के बावजूद एनर्जी को रिस्टोर होने में थोड़ा समय लग सकता है। यही कारण है कि बुखार ठीक होने के बाद भी कुछ दिनों तक मरीज को कमजोरी महसूस होती है।”
2. डिहाइड्रेशन होना
Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि डेंगू के दौरान तेज बुखार, पसीना, उल्टी या कम पानी पीने के कारण शरीर में फ्लूड की कमी हो सकती है। डिहाइड्रेशन होने पर मरीज को कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द और थकान जैसी परेशानियां हो सकती हैं। बीमारी के दौरान अगर शरीर पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेट न हो, तो बुखार उतरने के बाद भी शरीर को सामन्य होने में थोड़ा समय लग सकता है। इसलिए रिकवरी के दौरान मरीज को ORS या पानी पीने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अगर मरीज को बहुत ज्यादा उल्टी, कमजोरी या पेशाब कम आ रहा है, तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।
3. भूख कम लगने से न्यूट्रिशन पूरा न होना
Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा, “कई मरीज डेंगू के दौरान भूख कम लगने की शिकायत करते हैं और कुछ मरीज तो खाना बहुत कम कर देते हैं। ऐसे में शरीर को न्यूट्रिशन कम मिलते हैं, जबकि डेंगू से लड़ने के लिए शरीर को ज्यादा न्यूट्रिश की जरूरत होती है। ऐसे में मरीज का खाना ही कम हो जाएगा, तो उसे कमजोरी और थकान ज्यादा महसूस हो सकती है। ज्यादा खाने के बजाय न्यूट्रिशन पर ध्यान देना जरूरी है।”

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4. डेंगू के बाद रिकवरी में समय लगना
Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “कुछ मरीज सोचते हैं कि डेंगू का बुखार उतर गया है, तो अब वह बिल्कुल ठीक है, लेकिन मैं हमेशा सलाह देता हूं कि बुखार कम होने का मतलब यह नहीं कि शरीर की रिकवरी भी उसी समय पूरू हो गई। डेंगू के बाद शरीर को सामान्य होने में समय लग सकता है। बीमारी के दौरान हुए फिजिकल स्ट्रेस से उबरने, डाइजेशन ठीक होने और शरीर को ताकत वापस लाने में कुछ समय लग सकता है। इस वजह से कुछ लोगों को डेंगू के बाद भी थकान और कमजोरी महसूस होती है।”
5. बीमारी के दौरान आराम कम करना
Dr. Vineeta Singh Tandon के अनुसार, डेंगू के दौरान शरीर को आराम की जरूरत होती है, लेकिन कुछ लोग बुखार कम होते ही अपने काम या ऑफिस जाने लगते हैं। कुछ लोग तो एक्सरसाइज भी करने लगते हैं। अगर शरीर पूरी तरह से रिकवर नहीं होता, तो थकान और कमजोरी बढ़ सकती है। इसलिए रिकवरी के दौरान मरीज को शरीर में हो रहे बदलावों को समझना चाहिए और उसी के अनुसार काम करना चाहिए। शरीर को रिकवर होने के लिए थोड़ा समय दें, हैवी एक्सरसाइज या फिजिकल वर्क करने में जल्दबाजी न करें।
रिसर्च क्या कहती हैं?
Transactions of the Royal Society of Tropical Medicine and Hygiene में प्रकाशित यह स्टडी श्रीलंका में की गई। इसमें कुल 260 मरीजों को शामिल किया गया, जिनमें से 158 लोगों को डेंगू था। करीब दो महीने बाद जब डेंगू के मरीजों को चेक किया गया, तो पाया गया कि 32% मरीजों को डेंगू के बाद थकान और कमजोरी थी। गंभीर डेंगू से पीड़ित मरीजों का औसत थकान स्कोर भी अधिक था।
डेंगू के बाद मरीज कमजोरी कैसे दूर करें?
Dr. Vineeta Singh Tandon ने डेंगू के मरीजों को कमजोरी दूर करने के लिए ये सलाह दी है।
- डेंगू के बाद भी मरीज पानी, ORS और नारियल पानी जरूर लें।
- भूख कम है तो एक साथ बहुत ज्यादा खाने के बजाय दिन में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पौष्टिक भोजन लें।
- डाइट में दाल, दूध-दही, अंडा, पनीर, मछली या चिकन जरूर शामिल करें।
- शरीर को रिकवरी का समय दें।
- जब एनर्जी बेहतर महसूस हो, तो हल्की एक्टिविटी करें।
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डॉक्टर को कब दिखाएं?
Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं कि अगर डेंगू का बुखार उतरने के बाद मरीज को बेहोशी, सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी, बहुत तेज पेट दर्द, खून आना, बहुत ज्यादा सुस्ती, भ्रम, बहुत कम पेशाब या तेजी से हालत बिगड़ रही हो, तो तुरंत डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
निष्कर्ष
डेंगू होने पर बुखार उतरना निश्चित रूप से राहत की बात है, लेकिन इसके बाद रिकवरी पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर डेंगू ठीक होने के बाद शरीर में कमजोरी महसूस हो, तो नॉर्मल हो सकता है, लेकिन अगर कुछ और लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर को जरूर दिखाएं। डेंगू के मरीजों को अपने हाइड्रेशन और खान-पान पर पूरा ध्यान रखना चाहिए।
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FAQ
डेंगू के बाद बालों का अचानक तेजी से झड़ना क्यों शुरू हो जाता है?
इसे टेलोजन एफ्लुवियम कहते हैं। तेज बुखार, पोषक तत्वों की कमी और शारीरिक तनाव के कारण बाल झड़ने का चक्र प्रभावित होता है, जिससे रिकवरी के एक से तीन महीने बाद अचानक बाल झड़ने लगते हैं।डेंगू से रिकवरी के दौरान रोजाना कितना तरल पदार्थ पीना चाहिए?
रिकवरी के समय प्रतिदिन कम से कम 3 से 4 लीटर तरल पदार्थ जैसे साधारण पानी, ORS, नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी पीना चाहिए ताकि प्लाज्मा की कमी न हो और डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।
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Sep 03, 2026 19:46 IST
Modified By : Aneesh Rawat Sep 03, 2026 19:46 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon