Tue Oct 20, 2026 | 03:09 AM IST

Medically Reviewed by Dr Lokesh Bahadur Singh , Sr. Consultant Dental Surgeon

क्या दांतों में दरार होने से सेंसिटिविटी हो सकती है? डेंटिस्ट से जानें

दांतों में दरार सेंसिटिविटी का एक कारण हो सकती है, जिससे ठंडा, गर्म या मीठा खाने पर तेज दर्द होता है। हालांकि, मसूड़ों का पीछे हटना और कैविटी जैसे अन्य कारण भी हैं, इसलिए सही निदान के लिए डेंटिस्ट से सलाह लें।
क्या दांतों में दरार होने से सेंसिटिविटी हो सकती है? डेंटिस्ट से जानेंक्या दांतों में दरार होने से सेंसिटिविटी हो सकती है? डेंटिस्ट से जानें

कई बार कमजोर दांतों या अन्य कारणों से लोगों को दांतों में क्रैक या दरारें आने लगती हैं। इसके कारण लोगों को कई बार कुछ गर्म ठंडा खाने पर दांतों में दर्द और बैचेनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या दांतों में दर्द के कारण सेंसिटिविटी भी हो सकती है। ऐसे में आइए देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, डेंटल सर्जन डॉ. लोकेश बहादुर सिंह से जानें क्या दांतों में दरार होने से सेंसिटिविटी हो सकती है?

दांतों की दरार से सेंसिटिविटी होती है?

डॉ. लोकेश के अनुसार, हां, दांत में आई दरार सेंसिटिविटी का कारण बन सकती है, खासकर जब दरार दांत की बाहरी परत से आगे अंदर की ओर पहुंचती है, तो ठंडा, गर्म, मीठा या चबाने के दौरान तेज दर्द या झनझनाहट जैसी समस्याएं महसूस हो सकती है।

बता दें, जब दांत के स्ट्रक्चर में टूटन आ जाती है, तो उसे क्रैक्ड टूथ कहा जाता है। यह दरार बहुत छोटी हो सकती है और कई बार नॉर्मल रूप से देखने पर दिखाई भी नहीं देती है। कुछ दरारें सिर्फ दांत की ऊपरी लेयर तक सीमित रहती हैं, जबकि कुछ दांत की अंदरूनी परत तक पहुंच सकती हैं। दरार की गहराई और स्थिति के अनुसार हर व्यक्ति में इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं।

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क्रैक्ड दांत से सेंसिटिविटी क्यों होती है?

डॉ. लोकेश के अनुसार, दांतों की समस्या सिर्फ हल्की झनझनाहट तक सीमित नहीं रहती है, बल्कि दांत की बाहरी परत (इनेमल) से लेकर अंदरूनी पल्प (नसों) तक दरार पहुंचने पर यह गंभीर और लगातार रहने वाले दर्द या इंफेक्शन में बदल सकती है, क्योंकि दरार के कारण ठंडा, गर्म या मीठा सीधे दांत के सेंसिटिव हिस्सों तक आसानी से पहुंच जाता है।

कभी-कभी व्यक्ति को सिर्फ सेंसिटिविटी होती है, जबकि गंभीर मामलों में लगातार दर्द, इंफेक्शन या दांत के टूटने का खतरा भी हो सकता है।

क्रैक्ड दांत के लक्षण

डॉ. लोकेश का कहना है कि क्रैक्ड दांत के लक्षण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते हैं, लेकिन इस स्थिति में कुछ परेशानियां हो सकती हैं। जैसे -

  • ठंडे या गर्म फूड्स से अचानक तेज सेंसिटिविटी।
  • मीठा खाने पर झनझनाहट या दर्द।
  • खाना चबाते समय या दबाव डालने पर दर्द।
  • चबाने के बाद दबाव हटाते समय अचानक दर्द महसूस होना।
  • दांत में रुक-रुककर होने वाला दर्द।
  • प्रभावित दांत के आसपास मसूड़े में सूजन।
  • बिना किसी कारण एक दांत में बार-बार सेंसिटिविटी होना।

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दांतों में सेंसिटिविटी कई बार दर्द कुछ सेकंड में खत्म हो जाता है, लेकिन अगर सेंसिटिविटी लंबे समय तक बनी रहे या धीरे-धीरे बढ़ती जाए, तो डेंटिस्ट से जांच करवाएं।

क्या हर सेंसिटिविटी दांत की दरार के कारण होती है?

डॉ. लोकेश बताते हैं, दांतों की हर सेंसिटिविटी दांतों की दरार के कारण नहीं होती है। इसके कई कारण हो सकते हैं। जैसे- मसूड़ों का पीछे हटना, दांतों का घिसना, इनेमल का कमजोर होना, कैविटी, पुराने या खराब फिलिंग, मसूड़ों की बीमारी और बहुत ज्यादा जोर से ब्रश करना भी सेंसिटिविटी पैदा कर सकते हैं।

सिर्फ ठंडा या गर्म लगने के आधार पर यह निश्चित नहीं किया जा सकता कि दाँत में दरार है। दंत चिकित्सक आमतौर पर लक्षणों, दांत की जांच और जरूरत पड़ने पर एक्स-रे या अन्य जांचों की मदद से कारण पता करते हैं। बहुत महीन दरारें सामान्य एक्स-रे में हमेशा दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है।

दांत में दरार के सामान्य कारण

दांत में दरार कई कारणों से हो सकती है। बहुत कठोर चीजें चबाना, बर्फ या कठोर कैंडी काटना, दांतों को पीसना या भींचना और दाँत पर अचानक जोर पड़ना इसके कुछ कारण हैं।

पुराने और बड़े फिलिंग वाले दाँतों में भी समय के साथ संरचना कमजोर होने के कारण दरार का जोखिम बढ़ सकता है। कभी-कभी उम्र बढ़ने के साथ दाँतों में स्वाभाविक रूप से भी महीन दरारें विकसित हो सकती हैं।

संवेदनशीलता होने पर क्या करें?

डॉ. लोकेश बताते हैं कि अगर आपको लगता है कि किसी दांत में दरार हो सकती है, तो उस तरफ से बहुत हार्ड भोजन चबाने से बचें। ज्यादा ठंडे या गर्म पदार्थ कुछ समय के लिए कम करना भी मददगार हो सकता है। सेंसिटिविटी दांतों के लिए बने टूथपेस्ट का इस्तेमाल कुछ लोगों में लक्षण कम कर सकता है।

हालांकि, ये उपाय दरार को ठीक नहीं करते। दांत में मौजूद क्रैक अपने आप ठीक नहीं होता, इसलिए लगातार या बार-बार होने वाली संवेदनशीलता को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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डॉक्टर से सलाह कब लें?

अगर सेंसिटिविटी लगातार बनी रहती है, चबाने पर दर्द होता है, दांत टूट गया है, चेहरे या मसूड़े में सूजन है, बुखार आता है या दर्द तेजी से बढ़ रहा है, तो जल्द डेंटिस्ट से सलाह लें। समय पर इलाज करने से दरार को और बढ़ने या इंफेक्शन से बचाने में मदद मिल सकती है।

निष्कर्ष

क्रैक्ड टूथ यानी दांत में दरार से सेंसिटिविटी की समस्या हो सकती है। ठंडा, गर्म या मीठा खाने पर अचानक दर्द और चबाते समय दर्द इसके संकेत हो सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे, सेंसिटिविटी के अन्य कारण भी हो सकते हैं, ऐसे में दांतों में बार-बार सेंसिटिविटी होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें। ताकि समय रहते परेशानी से बचा जा सके और इसका इलाज किया जा सके।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • दांतों में सेंसिटिविटी के क्या लक्षण हैं?

    कई बार दांतों में गर्म, ठंडा, मीठे, खट्टी चीजों को खाने से दांतों में झनझनाहट होने, दर्द, खाने में परेशानी होने पर व्यक्ति को दांतों में सेंसिटिविटी की समस्या हो सकती है।
  • दांतों को स्वस्थ कैसे रखें?

    दांतों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से दिन में दो बार ब्रश करें, रोज फ्लॉस करें, खाने-पीने पर ध्यान दें, जीभ को साफ रखें और नियमित रूप से डेंटल चेकअप कराएं। 

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 03, 2026 13:56 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Lokesh Bahadur Singh