Sat Sep 26, 2026 | 03:38 PM IST

Medically Reviewed by Dr Puneet Ahuja , Director – Dental Surgery, Sri Balaji Action Medical Institute, New Delhi

मीठा खाने के बाद दांतों में झनझनाहट क्यों होती है? डेंटिस्ट से जानें

मीठा खाने के बाद दांतों में झनझनाहट इनेमल के पतले होने, मसूड़ों के पीछे हटने या कैविटी जैसी समस्याओं के कारण होती है। इससे बचने के लिए डेंटिस्ट से सलाह लें और सही ओरल केयर अपनाएं, जिसमें डीसेंसिटाइजिंग टूथपेस्ट का इस्तेमाल और मीठे का सेवन कम करना शामिल है।
मीठा खाने के बाद दांतों में झनझनाहट क्यों होती है? डेंटिस्ट से जानेंमीठा खाने के बाद दांतों में झनझनाहट क्यों होती है? डेंटिस्ट से जानें

कई लोग बहुत मीठा खाना पसंद करते हैं, लेकिन ज्यादा मीठा खाने के कारण व्यक्ति को कई बार दांतों में झनझनाहट और परेशानी होने लगती है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल आता है कि मीठा खाने से दांतों में झनझनाहट क्यों होती है? आइए इस बारे में Dr. Puneet Ahuja, Senior Consultant - Dental Surgery, Sri Balaji Action Medical Institute, Delhi से जानें।

मीठा खाने से दांतों में सेंसिटिविटी क्यों होती है?

डॉ. पुनीत आहूजा के अनुसार, चॉकलेट, मिठाई, डेजर्ट या दूसरी मीठी चीजें खाने के बाद दांतों में अचानक होने वाली तेज झनझनाहट या दर्द भले ही आम लगे, लेकिन बार-बार होने वाली सेंसिटिविटी कभी-कभी दांतों की किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकती है।

1. इनेमल के पतली होने पर

डॉ. पुनीत के अनुसार, दांतों में सेंसिटिविटी तब होती है, जब दांतों की प्रोटेक्शन करने वाली परत (इनेमल) पतली हो जाती है या अंदर की डेंटिन परत खुल जाती है। डेंटिन में बहुत बारीक नलिकाएं होती हैं, जो सेंसेशन को दांतों की नस तक पहुंचा सकती हैं। जब ये खुली हुई जगहें कुछ खास तरह के खाने-पीने की चीजों (जैसे मीठी चीजें) के संपर्क में आती हैं, तो इससे अचानक तेज दर्द हो सकता है।

इसका एक आम कारण इनेमल का घिसना है, जो कुछ आदतों के कारण धीरे-धीरे घिस सकती हैं।

  • एसिड वाली चीजें और ड्रिंक्स का बार-बार सेवन।
  • जोर से ब्रश करना।
  • दांतों से जुड़ी कुछ समस्याएं।

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2. मसूड़ों का पीछे हटना

मसूड़ों के पीछे हटने (गम रिसेशन) से दांत की जड़ भी खुल सकती है, जिस पर दांत के ऊपरी हिस्से (क्राउन) की तरह प्रोटेक्टिव इनेमल की परत नहीं होती है।

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3. कैविटी की समस्या

मीठा खाने के बाद दांतों में सेंसिटिविटी दांतों में सड़न (कैविटी) से भी जुड़ी हो सकती है। जब कैविटी बनती है और दांत में गहराई तक फैलती है, तो मीठी चीजें उस प्रभावित हिस्से को उत्तेजित कर सकती हैं और परेशानी बढ़ा सकती हैं।

4. दांतों की समस्याएं

टूटा या डैमेज्ड दांत, घिसी हुई फिलिंग या दांतों की दूसरी समस्याएं भी दांतों में सेंसिटिविटी जैसे ही लक्षण पैदा कर सकती हैं।

क्या कहती है स्टडी?

साल 2022 में Journal of Pharmacy and Bioallied Sciences में प्रकाशित क्रॉस सेक्शनल स्टडी के अनुसार, मीठा खाने की क्षमता (थ्रेशहोल्ड) और दांतों की सड़न (डेंटल कैरीज) के बीच सीधा संबंध पाया गया है, जो लोग मीठे के आदि (एडिक्टेड) होते हैं, कुछ लोगों के दिमाग में मीठा खाने से खुशी देने वाले हिस्से (रिवॉर्ड सेंटर) में डोपामाइन रिसेप्टर्स ज्यादा होते हैं, जिसकी वजह से उन्हें बार-बार मीठा खाने की इच्छा होती है। मीठे की इस लत से बचने के लिए और इसके बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए उन्हें सही मेडिकल जानकारी दी जानी चाहिए। इससे वे अपनी खाने-पीने की आदतें सुधार सकेंगे, साथ ही अपने दांतों (ओरल हेल्थ) और ओवरऑल हेल्थ को भी बेहतर रख सकेंगे।

दांतों की सेंसिटिविटी से बचने के लिए क्या करें?

डॉ. पुनीत का कहना है, डेंटिस्ट समस्या की असली वजह का पता लगाने के लिए दांतों और मसूड़ों की जांच कर सकते हैं। इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि समस्या क्या है। इसमें कुछ प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं।

  • डीसेंसिटाइजिंग टूथपेस्ट।
  • फ्लोराइड ट्रीटमेंट।
  • कैविटी को ठीक करना।
  • मसूड़ों की समस्याओं का इलाज।
  • दांतों से जुड़ी दूसरी प्रक्रियाएं।

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दांतों की सेंसिटिविटी में कुछ बातों का रखें ध्यान

डॉ. पुनीत का कहना है, अगर दांत सेंसिटिव हैं, तो लोगों को कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। जिससे दांतों को प्रोटेक्ट रखने में मदद मिल सकती है।

  • जोर से ब्रश करने।
  • घर पर दांत सफेद करने वाले (DIY व्हाइटनिंग) प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
  • मुलायम ब्रिसल वाले टूथब्रश का इस्तेमाल करना।
  • फ्लोराइड टूथपेस्ट से धीरे-धीरे ब्रश करना।
  • मीठे व एसिड वाले स्नैक्स का सेवन कम करना।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. पुनीत कहते हैं, दर्द कब और कितना तेज हो रहा है, इससे समस्या का सही अंदाजा लगाया जा सकता है। कभी-कभार होने वाली हल्की सेंसिटिविटी आमतौर पर डेंटिन खुलने के कारण होती है, जबकि लगातार रहने वाला, बढ़ता हुआ या किसी खास जगह का तेज दर्द इस बात का संकेत है कि आपको तुरंत किसी डेंटिस्ट से मिलकर अपने दांतों की जांच करवानी चाहिए।

डॉ. पुनीत आगे बताते हैं, अगर मीठा खाने के बाद बार-बार सेंसिटिविटी होती है, खासकर किसी एक खास दांत में, तो इसे नजरअंदाज न करना ही बेहतर है। दांतों की शुरुआती जांच से सड़न या इनेमल को नुकसान जैसी समस्याओं का पता लगाने में मदद मिल सकती है, इससे पहले कि वे और गंभीर हो जाएं।

निष्कर्ष

मीठा खाने के बाद दांतों में सेंसिटिविटी की समस्या इनेमल के पतली होने, घिसने, कैविटी की समस्या, मसूड़ों के खिसकने, कैविटी और दांतों से जुड़ी समस्याओं के कारण होती है। ऐसे में इन समस्याओं से राहत के लिए डीसेंसिटाइजिंग टूथपेस्ट, फ्लोराइड ट्रीटमेंट, कैविटी को ठीक करना, मसूड़ों की समस्याओं का इलाज या दांतों के इलाज को किया जा सकता है।

ध्यान रहे, सही देखभाल के बाद भी मीठा खाने के बाद बार-बार सेंसिटिविटी होने, दांतों में सड़न की शुरुआत होने या दांतों से जुड़ी अन्य परेशानी महसूस होने पर तुरंत डेंटिस्ट से सलाह लें, ताकि समय रहते इसका इलाज किया जा सके।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • ज्यादा मीठा खाने से क्या होता है?

    ज्यादा मीठा खाने के बाद वजन बढ़ने, डायबिटीज, थकान, सुस्ती, हार्ट और स्किन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में मीठे का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
  • दांतों में झनझनाहट के क्या कारण हैं?

    दांतों के इनेमल को घिसने, नसों के बाहरी तापमान के संपर्क में आने, मसूड़ों का पीछे हटना, कैविटी, दरार, दांत पीसना और दांतों की साफ-सफाई का ध्यान न रखने जैसे कारणों से व्यक्ति को झनझनाहट होने की समस्या हो सकती है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 26, 2026 14:05 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Puneet Ahuja

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