Sat Sep 26, 2026 | 01:00 AM IST

Medically Reviewed by Dr Shreya Gupta , Consultant – Ophthalmology, Sri Balaji Action Medical Institute, New Delhi

नींद पूरी होने के बाद भी आंखें थकी हुई क्यों लगती हैं? डॉक्टर से जानें

पर्याप्त नींद के बाद भी आंखों में थकान महसूस होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें लंबे समय तक स्क्रीन देखना, ड्राई आई, एलर्जी और लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतें शामिल हैं। इन समस्याओं से राहत पाने के लिए स्क्रीन से नियमित ब्रेक, हाइड्रेशन और सही आंखों की देखभाल जरूरी है।
नींद पूरी होने के बाद भी आंखें थकी हुई क्यों लगती हैं? डॉक्टर से जानेंनींद पूरी होने के बाद भी आंखें थकी हुई क्यों लगती हैं? डॉक्टर से जानें

कई बार काम और कई अन्य कारणों से लोगों को आंखों में थकान और कमजोरी की समस्या होती है। ऐसे में अक्सर लोग सोचते हैं कि एक अच्छी नींद ले लें, तो थकान दूर हो जाएगी, लेकिन कई बार भरपूर सोने के बाद भी लोगों की आंखों में थकान बनी रहती है। ऐसा क्यों होता है? आइए इस बारे में Dr. Shreya Gupta, Consultant - Ophthalmology, Sri Balaji Action Medical Institute, Delhi से जानें।

भरपूर नींद के बाद भी आंखें थकी होने के कारण

डॉ. श्रेया गुप्ता के अनुसार, भरपूर नींद लेने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि अगली सुबह आंखें फ्रेश महसूस करेंगी। कुछ लोगों को पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आंखों में थकान, भारीपन, जलन, सूखापन या फोकस करने में परेशानी महसूस होती है। इस एहसास के पीछे कई कारण हो सकते हैं।

1. लंबे समय तक स्क्रीन देखने

आंखों में थकान रहने के पीछे सबसे आम कारणों में से एक है लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहना। स्मार्टफोन, कंप्यूटर या टेलीविजन को घंटों तक देखने से पलकें कम झपकती हैं, जिससे आंखें सूखी और तनावग्रस्त (strained eyes) हो सकती हैं। इसे आमतौर पर डिजिटल आई स्ट्रेन कहा जाता है और इससे थकान, धुंधला दिखने, सिरदर्द और बेचैनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

इसे भी पढ़ें: आंखों में ये 7 बदलाव हो सकते हैं किसी बीमारी का संकेत, डॉक्टर ने बताया कब रहें सावधान

2. ड्राई आई की समस्या

सूखी आंखों यानी ड्राई आई के कारण भी आंखें थकी हुई महसूस हो सकती हैं। आंसू कम बनना, आंसुओं का ज्यादा इवेपोरेशन (evaporation), एयर कंडीशनिंग, पंखे, प्रदूषण और लंबे समय तक ध्यान केंद्रित करने से सूखापन हो सकता है। कुछ दवाइयां और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याएं भी आंसू बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।

why do eyes look tired even after getting enough sleep 1why do eyes look tired even after getting enough sleep 1

3. आंखों से जुड़ी समस्याएं

आंखों की कमजोरी या नजर कम होने पर भी यह समस्या हो सकती है, अगर समय पर चश्मा न लगाया जाए या इलाज न कराया जाए। अगर किसी को चश्मे की जरूरत है या पुराना प्रिस्क्रिप्शन इस्तेमाल कर रहा है, तो फोकस करने के लिए आंखों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है, जिससे भरपूर नींद के बाद भी थकान हो सकती है।

फोकस करने या दोनों आंखों के बीच तालमेल की समस्याओं का भी ऐसा ही असर हो सकता है।

4. एलर्जी की समस्या

एलर्जी के कारण भी आंखें थकी हुई, भारी या उनमें जलन महसूस हो सकती है। ऐसे में बार-बार आंखें रगड़ने से लक्षण और बिगड़ सकते हैं।

5. लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतें

लाइफस्टाइल से जुड़े फैक्टर्स को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी, बहुत ज्यादा कैफीन का सेवन करने, पढ़ते या काम करते समय खराब रोशनी और बिना ब्रेक लिए लंबे समय तक काम करने से आंखों में परेशानी हो सकती है।

इसे भी पढ़ें: तेज रोशनी में आंखें अपने आप क्यों सिकुड़ जाती हैं? डॉक्टर से जानें

क्या कहती है स्टडी?

साल 2013 में Sleep Journal में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, थकान का अंदाजा लगाने में आंखों की हलचल के साथ-साथ उनकी स्थिर स्थिति भी बेहद जरूरी है। रिसर्च के अनुसार, बेजान (glazed) आंखें थकान से तो जुड़ी हैं, लेकिन सीधे तौर पर नींद की कमी से नहीं।

आंखों की थकान को दूर करने के लिए क्या करें?

डॉ. श्रेया गुप्ता का कहना है, डॉक्टर आमतौर पर लंबे समय तक स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय नियमित ब्रेक लेने, जानबूझकर ज्यादा बार पलकें झपकाने और स्क्रीन से सही दूरी व रोशनी बनाए रखने की सलाह देते हैं। हाइड्रेटेड रहने और आंखों को बेवजह न रगड़ने से भी मदद मिल सकती है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. श्रेया बताती हैं, आंखों की लगातार थकान को सिर्फ आराम की कमी नहीं मानना चाहिए। अगर पर्याप्त नींद और लाइफस्टाइल में बदलाव के बाद भी लक्षण बने रहते हैं, तो आंखों की जांच से रिफ्रैक्टिव एरर, ड्राई-आई डिजीज या अन्य कारणों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

डॉ. श्रेया आगे कहती हैं, अगर थकान के साथ अचानक दृष्टि चली जाए, आंखों में तेज दर्द हो, आंखें बहुत ज्यादा लाल हो जाएं, रोशनी की चमक दिखे या फ्लोटर्स (आंखों के सामने तैरते धब्बे) अचानक बढ़ जाएं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

लंबे समय तक स्क्रीन देखने, ड्राई आई, आंखों से जुड़ी समस्या होने, एलर्जी की समस्या और लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतों के कारण लोगों को पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आंखें थकी महसूस होती हैं। ऐसे में इससे राहत के लिए पर्याप्त नींद लें, शरीर को हाइड्रेट रखें, स्क्रीन के सामने लंबे समय तक न बैठें और आंखों के बिना वजह न रगड़ें।

ध्यान रहे, पर्याप्त नींद और लाइफस्टाइल में बदलाव करने के बाद भी परेशानी बनी रहने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • आंखों की थकान को कैसे दूर करें?

    आंखों की थकान को दूर करने के लिए 20-20-20 रूल अपनाएं, आंखों को नियमित रूप से झपकाएं, स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें और आंखों में ठंडे पानी के छींटे मारें।
  • कौन से विटामिन की कमी से आंखें कमजोर होती हैं?

    शरीर में विटामिन ए की कमी के कारण लोगों को आंखों के कमजोर होने और इनसे जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

Read Next

→ खर्राटे लेते हैं, तो आपको हो सकता है दिल की बीमारी का ज्यादा खतरा, डॉक्टर से समझें क्या है कनेक्शन 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

Priyanka Sharma

Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 25, 2026 23:58 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Sep 25, 2026 23:58 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Shreya Gupta

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content