पीरियड्स के दौरान महिलाओं को कई तरह की परेशानियां होती हैं, जिसमें तेज पेट दर्द, ऐंठन, थकान, कमजोरी, मूड में बदलाव और पाचन से जुड़ी समस्याएं होती हैं, लेकिन कुछ लड़कियों को इस दौरान ज्यादा नींद आने की समस्या भी होती है। ऐसे में कई लड़कियां सोचती हैं कि क्या ऐसा पीरियड्स के कारण है? और ऐसा क्यों होता है? आइए इस बारे में Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें इस बारे में।
पीरियड्स के दौरान ज्यादा नींद आने के कारण
डॉ. अरविंद के अनुसार, पीरियड्स के आस-पास ज्यादा थकान या नींद महसूस होना काफी आम बात है और यह पीरियड साइकिल (menstrual cycle) के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलावों से जुड़ा हो सकता है। पीरियड्स में थकान और कमजोरी की समस्या हार्मोन्स में बदलाव, आयरन की कमी, पीरियड्स के लक्षण, तापमान में बदलाव और लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतों के कारण हो सकती है।
1. हार्मोनल बदलावों के कारण
पीरियड्स से पहले और उसके दौरान, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन का स्तर ऊपर-नीचे होता रहता है। ये बदलाव नींद के पैटर्न, मूड, शरीर के तापमान और एनर्जी लेवल पर असर डाल सकते हैं, जिससे कुछ महिलाओं को नॉर्मल से ज्यादा थकान महसूस हो सकती है।
इसे भी पढ़ें: लगातार 3 महीने तक पीरियड्स नहीं आए? प्रेग्नेंसी के अलावा हो सकती हैं ये 5 वजहें
2. आयरन की कमी
पीरियड्स में होने वाली ब्लीडिंग भी थकान का कारण बन सकती है। अगर पीरियड्स में बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होती है या पीरियड्स लंबे समय तक चलते हैं, तो शरीर में नॉर्मल से ज्यादा आयरन की कमी हो सकती है। समय के साथ, इससे आयरन की कमी और एनीमिया हो सकता है, जिससे थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द और ध्यान केंद्रित यानी फोकस करने में परेशानी हो सकती है।
जिन महिलाओं को बहुत ज्यादा ब्लीडिंग वाले पीरियड्स होते हैं, उन्हें थकान को सिर्फ पीरियड्स का हिस्सा मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
why do you feel sleepy during periods 1
3. पीरियड्स के लक्षण
दर्द और पीरियड्स के अन्य लक्षण भी नींद में बाधा डाल सकते हैं। ऐंठन, सिरदर्द, पेट फूलना, ब्रेस्ट के सेंसिटिव होने या इनमें भारीपन महसूस होने (breast tenderness) और मूड में बदलाव के कारण नींद आने में परेशानी हो सकती है या रात में नींद खराब हो सकती है। इसलिए, पीरियड्स से पहले के लक्षणों (PMS) के कारण महिलाओं को दिन में नींद या कम एनर्जी महसूस हो सकती है।
4. तापमान में बदलाव
पीरियड्स साइकिल के दौरान शरीर के तापमान में बदलाव भी नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ महिलाएं महसूस करती हैं कि उन्हें अपनी साइकिल में ज्यादा गर्मी लगती है या रात में बेचैनी महसूस होती है।
5. लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतें
लाइफस्टाइल से जुड़े फैक्टर्स भी पीरियड्स के दौरान होने वाली थकान को बढ़ा सकते हैं। खराब नींद, स्ट्रेस, सही खान-पान न होने, डिहाइड्रेशन और कम फिजिकल एक्टिविटी थकान को और बढ़ा सकती हैं।
इसे भी पढ़ें: पीरियड्स में कभी ज्यादा तो कभी कम ब्लीडिंग क्यों होती है? समझें कब है यह चिंता की बात
क्या कहती है स्टडी?
साल 2023 में Sleep Medicine Clinics में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, पीरियड्स के दौरान हार्मोनल बदलावों से महिलाओं की नींद और सर्कैडियन रिदम प्रभावित होती है, जिससे नींद की गुणवत्ता बिगड़ सकती है। हार्मोन के ये उतार-चढ़ाव उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालते हैं। इसलिए महिलाओं को पीरियड्स से जुड़ी सही जानकारी देकर नींद की इन समस्याओं से बचाया जा सकता है।
पीरियड्स में ज्यादा थकान से राहत के लिए क्या करें?
डॉ. अरविंद के अनुसार, पीरियड्स के दौरान ज्यादा नींद आने और थकान की समस्या से राहत के लिए लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है।
- नियमित नींद का शेड्यूल बनाए रखें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें (हाइड्रेटेड रहना)।
- आयरन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों वाला बैलेंस खाना खाएं।
- आरामदायक फिजिकल एक्टिविटी में शामिल करें।
डॉ. अरविंद आगे कहते हैं, इन आदतों को अपनाने से थकान और नींद आने की समस्या से राहत देने में मदद मिल सकती है। नींद और एनर्जी लेवल के साथ-साथ पीरियड्स को ट्रैक करने से भी एक पैटर्न का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
डॉ. अरविंद का कहना है, गंभीर या लगातार रहने वाली थकान को हमेशा पीरियड्स से ही नहीं जोड़ना चाहिए। अगर थकान रूटीन के कामों पर असर डाल रही है, पूरे महीने बनी रहती है या इसके साथ कुछ अन्य लक्षण दिखते हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
- बहुत ज्यादा ब्लीडिंग
- सांस फूलना
- चक्कर आना
- दिल की धड़कन तेज होने
इन स्थितियों में डॉक्टर यह पता लगा सकते हैं कि क्या एनीमिया, थायरायड की समस्या, नींद से जुड़ी कोई बीमारी या कोई अन्य छिपी हुई स्थिति इसके लिए जिम्मेदार है।
निष्कर्ष
पीरियड्स के दौरान ज्यादा थकान और नींद आने की समस्या शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, आयरन की कमी, पीरियड्स के लक्षण, तापमान में बदलाव और लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ आदतों के कारण हो सकती है। ऐसे में इन समस्याओं से बचने के लिए सोने का समय नियमित करने, शरीर को हाइड्रेट रखने, आयरन और अन्य पोषक तत्वों से युक्त फूड्स को खाने और फिजिकल एक्टिविटी को करना फायदेमंद हो सकता है।
ध्यान रहे, इस दौरान नॉर्मल से ज्यादा ब्लीडिंग होने, सांस फूलने, चक्कर आने और दिल की धड़कन के तेज होने जैसी समस्याएं होती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। यह समस्या किसी मेडिकल कंडीशन का संकेत हो सकती है।
All Images Credit- Freepik
FAQ
किसकी कमी से नींद ज्यादा आती है?
शरीर में विटामिन बी12, विटामिन डी, आयरन और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों की कमी के कारण व्यक्ति को ज्यादा नींद आती है। इसके अलावा, लो ब्लड प्रेशर और लो ब्लड शुगर की स्थिति में भी ऐसा होता है।अच्छी नींद के लिए क्या करें?
अच्छी क्वालिटी वाली नींद के लिए स्क्रीन टाइम कम करें, रात को हल्का खाना खाएं, शाम के समय कैफीन पीने से बचें और सोने से पहले शांत माहौल रखें।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 25, 2026 12:17 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr. Aravinda S N
