दिन में बार-बार नींद आना कई लोगों के लिए नॉर्मल हो सकता है, खासकर जब पिछली रात नींद पूरी न हुई हो लेकिन अगर रोजाना ऑफिस में काम करते समय, पढ़ाई के दौरान, मीटिंग में बैठे-बैठे या गाड़ी चलाते समय भी लगातार नींद आने लगे, तो यह केवल थकान का संकेत नहीं हो सकता। कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि पर्याप्त नींद लेने के बावजूद यदि पूरे दिन नींद आती है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
खराब स्लीप क्वालिटी, अनियमित लाइफस्टाइल, मानसिक तनाव, पोषण की कमी, हार्मोनल असंतुलन या स्लीप डिसऑर्डर भी इस समस्या से जुड़े हो सकते हैं। इस लेख में डॉक्टर गोपाल जी शर्मा से जानेंगे कि दिन में बार-बार नींद आना कब सामान्य माना जा सकता है और कब यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
क्या दिनभर नींद आना नॉर्मल है?
डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार, यदि दिन में लगातार नींद आने की समस्या लंबे समय तक बनी रहे और डेली लाइफ को प्रभावित करने लगे, तो इसके कारणों की जांच कराना जरूरी है। डॉक्टर गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि स्लीप एपनिया, अनियमित सोने-जागने की आदत, तनाव, डिप्रेशन, चिंता, कुछ दवाओं के नुकसान, थायराइड की समस्या, एनीमिया और डायबिटीज जैसी बीमारियां भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकती हैं। कुछ मामलों में शरीर में विटामिन B12 या आयरन की कमी भी लगातार थकान और नींद का कारण बनती है। यदि व्यक्ति रोजाना 7-9 घंटे सोने के बावजूद दिनभर नींद महसूस करता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- नींद पूरी होने के बाद भी दिनभर नींद का असर फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों पर पड़ सकता है।
- डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार, दिन की नींद से काम की क्षमता कम हो सकती है, याददाश्त और फोकस करना प्रभावित हो सकता है।
- लंबे समय तक यह समस्या बनी रहने पर इसके पीछे मौजूद बीमारी का इलाज न होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
- यदि दिन में ज्यादा नींद आने के साथ तेज खर्राटे, सोते समय सांस रुकना, सुबह सिरदर्द, लगातार थकान, अचानक नींद में झटके या मूड में बदलाव जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से जल्द सलाह लेनी चाहिए।
- डॉक्टर गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि ऐसे मामलों में जरूरत पड़ने पर स्लीप स्टडी, ब्लड टेस्ट या अन्य जांच की जा सकती है ताकि असली कारण का पता लगाया जा सके।
- बिना जांच के केवल एनर्जी ड्रिंक, ज्यादा चाय-कॉफी या स्वयं दवा लेना समस्या का हल नहीं है।
साल 2012 में Journal of Thoracic Disease में प्रकाशित रिव्यू आर्टिकल के अनुसार, दिनभर नींद आने का मुख्य कारण रात में नींद की कमी या उसकी खराब क्वालिटी होती है, जो कई वजहों से हो सकती है। मिसाल के तौर पर, 'ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया' (OSA) जैसी बीमारी में शरीर में ऑक्सीजन की कमी और नर्वस सिस्टम की गड़बड़ी के कारण मरीज की रात की नींद बार-बार टूटती है। वहीं, पैरों की बेचैनी से जुड़ी 'PLMD' बीमारी में भी नर्वस सिस्टम का बैलेंस बिगड़ने से नींद पूरी तरह खराब हो जाती है।
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इसके अलावा, नाइट शिफ्ट में काम करना, मोटापा, डिप्रेशन और सोने की बुरी आदतें भी दिन में तेज नींद आने के बड़े जोखिम कारण हैं। इनमें से मोटापे और दिन की नींद के रिश्ते को समझना बेहद जरूरी है क्योंकि ये दोनों समस्याएं तेजी से फैल रही हैं। इस परेशानी से निपटने के लिए सबसे सही तरीका इसके असली कारण का इलाज करना और सोने-जागने की अच्छी आदतें बनाना है, ताकि नींद की क्वालिटी सुधारी जा सके। कुछ मामलों में डॉक्टर की सलाह से दवाओं का सहारा भी लिया जा सकता है, पर मरीज की मदद के लिए उसके अन्य छुपे हुए कारणों को पहचानना सबसे ज्यादा जरूरी है।

दिन में बार-बार नींद आने से कैसे बचें?
डॉक्टर गोपाल जी शर्मा सलाह देते हैं कि इस समस्या से बचने के लिए सबसे पहले नियमित स्लीप रूटीन अपनाना जरूरी है। हर दिन एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें तथा रात में कम से कम 7 से 9 घंटे की अच्छी गहरी नींद लें। सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप और अन्य स्क्रीन का उपयोग कम करें। कैफीन और भारी भोजन का सेवन देर रात करने से बचें। यदि इन उपायों के बावजूद दिन में ज्यादा नींद आती रहे, तो डॉक्टर की सलाह लेकर कारण की जांच कराना सबसे सही विकल्प है।
निष्कर्ष
दिन में कभी-कभार नींद आना सामान्य हो सकता है, लेकिन इसे सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार, ज्यादा दिन में नींद आना खराब नींद, स्लीप एपनिया, एनीमिया, थायराइड, डायबिटीज, मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं या अन्य कारणों का संकेत हो सकता है। समय पर सही कारण की पहचान और इलाज से इस समस्या को दूर करना संभव है।
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FAQ
क्या मोटापे के कारण दिन में ज्यादा नींद आती है?
कुछ मामलों में मोटापा स्लीप एपनिया जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ाता है, जिससे दिन में ज्यादा नींद महसूस हो सकती है।क्या कॉफी पीने से नींद नहीं आती है?
कॉफी कुछ समय के लिए अलर्टनेस बढ़ा सकती है, लेकिन यदि समस्या का कारण कोई हेल्थ कंडीशन है, तो केवल कैफीन इसका स्थायी समाधान नहीं है।
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Jul 29, 2026 23:06 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Gopal Jee Sharma