महिलाओं के लिए पीरियड्स का रेगुलर होना बहुत जरूरी है। इससे स्पष्ट होता है कि वे स्वस्थ है और शरीर में किसी तरह की हार्मोनल समस्या नहीं है। यही कारण है कि जब PCOS जैसी कंडीशन में महिलाओं को रेगुलर पीरियड्स होने लगते हैं, तो उन्हें लगता है कि उनका स्वास्थ्य सुधर रहा है। ऐसे में वे कंसीव करना भी आसान होता है। हालांकि, यह भी सच है कि कई बार PCOS में कंसीव करने के लिए सिर्फ पीरियड्स का रेगुलर होना पर्याप्त नहीं है।
वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "रेगुलर पीरियड्स का मतलब प्रजनन क्षमता भी सही हो, यह जरूरी नहीं है। PCOS की स्थिति में हार्मोनल असंतुलन, जैसे उच्च इंसुलिन और एंड्रोजन के कारण एग्स रिलीज नहीं होते हैं, लेकिन ब्लीडिंग होती है। ऐसे में महिला के लिए कंसीव करना किसी चुनौती से कम नहीं है।"
प्रेग्नेंसी के लिए PCOS में सिर्फ रेगुलर पीरियड्स काफी क्यों नहीं?
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ओव्यूलेशन न होनाः कई बार PCOS में बिना ओव्यूलेशन के पीरियड्स होते हैं। शरीर में बिना कोई एग रिलीज हुए भी गर्भाशय की अंदरूनी परत के बनने और झड़ने के कारण मासिक धर्म जैसी ब्लीडिंग हो सकती है। निश्चित रूप से जब एग रिलीज नहीं हुए हैं, तो ऐसे में कंसीव करने की संभावना खत्म हो जाती है।
साल 2019 में Fertility Treatment Options for Women With Polycystic Ovary Syndrome में प्रकाशित लेख से भी यह स्पष्ट होता है PCOS महिलाओं में अनऑव्यूलेटरी सबफर्टिलिटी (Anovulatory Subfertility) का सबसे बड़ा कारण है। आगे लेख यह भी समझाता है कि अनऑव्यूलेशन की समस्या को दूर करके महिला कंसीव कर सकती हैं।
हार्मोनल असंतुलनः PCOS हार्मोन से जुड़ी समस्या है। इसमें इंसुलिन और एंड्रोजन, जो कि एक पुरुष हार्मोन है, का स्तर बढ़ सकता है। ऐसे में, भले ही महिला का पीरियड साइकिल सामान्य हो, फिर भी ये मेल हार्मोन एग सही तरीके से विकसित नहीं होने देते हैं।
Journal of Medicine and Life में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, इंसुलिन रेजिस्टेंस PCOS होने का एक बड़ा कारण है। यह मेटाबोलिक समस्याओं के साथ-साथ अनऑव्यूलेशन, गर्भपात और प्री-एक्लेम्पसिया जैसे इनफर्टिलिटी व प्रेग्नेंसी जोखिमों को भी बढ़ाता है।
अंडे की क्वालिटी पर असरः PCOS जैसी हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी समस्या के कारण एग को भारी नुकसान होता है। नतीजतन, पीरियड्स के बावजूद एग का फर्टिलाइज होना या गर्भाशय में सही से इम्प्लांट होना मुश्किल हो जाता है।
गर्भाशय को नुकसानः PCOS जैसी समस्या हार्मोनल असंतुलन होने के कारण गर्भाशय को भी भारी नुकसान हो जाता है। विशेषकर, हार्मोनल उतार-चढ़ाव से गर्भाशय की अंदरूनी परत (एंडोमेट्रियम) को भारी क्षति हो जाती है, ताकि फर्टिलाइज्ड एम्ब्रियो सुरक्षित रूप से इम्प्लांट हो सके।
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PCOS में कंसीव करने के लिए क्या करें?
PCOS में कंसीव करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन नामुमकिन नहीं है। डॉक्टर की सलाह को सही तरह से फॉलो करके कंसीव किया जा सकता है। यहां बताए गए टिप्स को जरूर अपनाएं-
1. ओव्यूलेशन पर नजर रखें
PCOS से पीड़ित जो महिलाएं कंसीव करना चाहती हैं, उनके लिए सिर्फ पीरियड को ट्रैक करना काफी नहीं होता है। उन्हें ओव्यूलेशन पर भी नजर रखनी चाहिए। इसके लिए आप ओव्यूलेशन प्रिडिक्शन किट ले सकती हैं। आप चाहें, तो इस संबंध में डाॅक्टर से मिलकर ओव्यूलेशन को ट्रैक करने के अन्य तरीकों के बारे में जान सकती है।
2. इंसुलिन फ्रेंडली डाइट लें
PCOS से पीड़ित महिलाओं को शुगर युक्त चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए। इसमें प्रोसेस्ड फूड, सफेद चावल, मैदा आदि शामिल होते हैं। ध्यान रखें कि इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा होता है, जिससे शरीर में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। इसके बजाय, डाइट में हेल्दी फैट्स, लीन प्रोटीन और हाइ फाइबर युक्त चीजों का सेवन करें।
3. सप्लीमेंट जरूर लें
PCOS से जूझ रही जो महिलाएं कंसीव करना चाहती हैं, उन्हें अपनी एग क्वालिटी को सुधारने पर भी जोर देना चाहिए। इसके लिए, डाॅक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स ले सकती हैं। इसमें विटामिन-डी, फोलेट आदि शामिल होते हैं।
4. जीवनशैली को मैनेज करें
PCOS में कंसीव करने के लिए जीवनशैली को भी मैनेज किया जाना जरूरी है। Porto Biomedical Journal में प्रकाशित एक नेरेटिव रिव्यू के अनुसार, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम PCOS से पीड़ित महिलाओं में बांझपन के इलाज की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सीढ़ी है। इसके लिए, रोजाना अच्छी और गहरी नींद लें, रोजाना एक्सरसाइज करें, लेकिन ओवर एक्सरसाइज करने से बचें। इससे शरीर में कोर्टिसोल का स्तर संतुलित रहता है। ध्यान रखें कि कोर्टिसोल बढ़ने से एंड्रोजन हार्मोन का प्रोडक्शन बढ़ जाता है, जिससे कंसीव करना मुश्किल हो जाता है।
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5. वजन संतुलित रखें
Clinical Medicine Insights: Reproductive Health (SAGE Journals) में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया है कि वजन को नियंत्रित रखना इनफर्टिलिटी के इलाज में जरूरी कदम है। ध्यान रखें मोटापे के कारण शरीर में हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जो कंसीव करने की प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है। जब कोई महिला कंसीव करना चाहती है, तो उन्हें अपने वजन को कंट्रोल करना चाहिए।
निष्कर्ष
PCOS में कंसीव करना मुश्किल नहीं है। हालांकि, कुछ जरूरी बातों पर गौर किया जाना आवश्यक है। विशेषक, महिलाओं को अपने ओव्यूलेशन को जरूर ट्रैक करना चाहिए। साथ ही, कंसीव करने की संभावना को बढ़ाने के लिए नियमित रूप से हेल्दी डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज करना चाहिए। इसके अलावा, तनाव और एंग्जाइटी से दूर रहें, रोज अच्छी और गहरी नींद लेने से भी कंसीव करने में मदद मिलती है।
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FAQ
क्या PCOS का इलाज संभव है?
PCOS को पूरी तरह से जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन सही खान-पान, नियमित एक्सरसाइज और अच्छी जीवनशैली की मदद से इसके लक्षणों को पूरी तरह से कंट्रोल में रखा जा सकता है।क्या PCOS में नेचुरल प्रेग्नेंसी कंसीव करना संभव है?
हां, कई महिलाएं केवल अपनी जीवनशैली में सुधार करके, वजन नियंत्रित रखकर और तनाव दूर करके नैचुरली कंसीव कर सकती हैं।
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Sep 24, 2026 15:39 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta
