हाल के सालों में PCOS के मामले बढ़े हैं। PCOS हार्मोन से जुड़ी समस्या है। जानकारी के लिए बता दें कि अब इसे Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome (PMOS) कहा जाने लगा है। बहरहाल, PCOS के कारण अक्सर महिलाओं को पीरियड्स से संबंधित परेशानी होने लगती है। यही कारण है कि पीरियड्स अनियमित होने पर डॉक्टर सबसे पहले PCOS जैसी समस्याओं की ही जांच करवाते हैं। बहरहाल, बेहतर स्वास्थ्य होने पर PCOS में भी पीरियड्स नियमित हो सकते हैं। हालांकि, यहां यह सवाल जरूर मन में उठता है कि क्या PCOS में नियमित पीरियड्स सेहत में सुधार का संकेत हैं?
वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "PCOS में पीरियड्स सामान्य होने लगे, तो इसे पाॅजिटिव संकेत समझा जा सकता है। इसका मतलब है कि हार्मोनल में सकारात्मक परिवर्तन हो रहे हैं, लेकिन नियमित पीरियड्स से यह समझना सही नहीं है कि PCOS में पूरी तरह सुधार हो चुका है या यह समस्या खत्म हो चुकी है।"
क्या PCOS में नियमित पीरियड हो सकते हैं?
Human Reproduction-Oxford Academic जर्नल में प्रकाशित एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक रिसर्च स्टडी के अनुसार, PCOS से पीड़ित कई महिलाओं के पीरियड्स समय पर आते हैं । इसके बावजूद वे एनोवुलेटरी (Anovulatory) हो सकते हैं। इसका मतलब है गर्भाशय से ब्लीडिंग तो होती है, लेकिन ओवरी से स्वस्थ अंडा रिलीज नहीं होता। रिपोर्ट में आगे यह भी बताया गया है कि PCOS में जिन महिलाओं के पीरियड्स नियमित होते है, उनमें एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) और इंसुलिन का स्तर बढ़ा हुआ था, जिससे यह पता चलता है कि नियमित पीरियड्स का मतलब PCOS का पूरी तरह ठीक होना नहीं है।
PCOS में नियमित पीरियड होने का क्या मतलब है?
PCOS (PMOS) में पीरियड्स नियमित रूप से होने लगे, तो यह अच्छी बात है। हालांकि, PMOS में रेगुलर पीरियड्स से कुछ बातों का खुलासा होता है, जैसे-
- ओव्यूलेशन में सुधारः डॉ. शोभा गुप्ता कहती हैं, "PMOS में समय पर पीरियड्स यानी 21 से 35 दिनों का साइकिल होने से यह पता चलता है कि महिला का ओव्यूलेशन नियमित रूप से हो रहा है और एग्स नियमित रूप से रिलीज हो रहे हैं।"
- बेहतर मेटाबॉलिज्मः पीओएस में पीरियड्स नियमित रूप से हो, तो यह अच्छी खबर है। सामान्य आप वजन कम करके इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ी समस्या से निपट सकते हैं और शरीर की अंदरूनी सूजन (इन्फ्लेमेशन) भी घटती है।
- स्वस्थ बच्चेदानीः जब समय पर पीरियड्स नहीं होते हैं, तो इसकी वजह से बच्चेदानी पर भी नेगेटिव असर पड़ता है। वहीं, हर महीने गर्भाशय की अंदरूनी परत का सही समय पर झड़ना यानी पीरियड्स आने से एंडोमेट्रियल हाइपरप्लासिया का खतरा भी कम हो जाता है।
इसे भी पढ़ें: PCOS में पीरियड साइकिल को नियमित कैसे करें? डॉक्टर से जानें
PCOS में पूरी तरह रिकवरी संभव क्यों नहीं है?
डाॅ. शोभा गुप्ता कहती हैं, "PMOS में भले ही पीरियड्स नियमित रूप से होने लगे, इसके बावजूद इसकी रिकवरी पूरी तरह संभव नहीं है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि इसके होने के अंतर्निहित कारण पूरी तरह ठीक नहीं होते हैं। रेगुलर पीरियड्स होने के बाद भी महिला के शरीर में एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) का स्तर बढ़ा हो सकता है या अल्ट्रासाउंड में सिस्ट नजर आ सकती है।"
डाॅ. शोभा गुप्ता आगे बताती हैं, "हर महिला में PMOS के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ महिलाओं में पीरियड संबंधी समस्या हो सकती है, तो कुछ महिलाओं में भिन्न लक्षण नजर आ सकते हैं। जैसे चेहरे पर मुंहासे होना, बालों का पतला होना या चेहरे पर अनचाहे बाल निकल आना। इसलिए, यह कहना सही नहीं होगा कि पीरियड्स नॉर्मल है, तो PMOS की कंडीशन पूरी तरह सही हो गई है।"
डाॅ. शोभा गुप्ता यह भी बताती हैं कि पीरियड्स नियमित होने के बाद भी महिलाओं को इंसुलिन रेजिस्टेंस, बढ़ा हुआ ट्राइग्लीसराइड्स (कोलेस्ट्रॉल), शरीर के भीतर क्रॉनिक सूजन और फैटी लिवर जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। इसलिए, सिर्फ रेगुलर पीरियड होने के कारण PMOS के अन्य लक्षणों को इग्नोर कर देना सही नहीं है। इसकी अनदेखी करने से महिला को भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा बना रहता है।
कैसे जानें PCOS में रिकवरी हो रही है?
- ओव्यूलेशनः अगर ब्लड टेस्ट के जरिए यह पता चल जाए कि ओव्यूलेशन सही तरह से हो रहा है, तो इसे रिकवरी माना जा सकता है।
- मेटाबोलिक हेल्थः अगर फास्टिंग शुगर, HbA1c, फास्टिंग इंसुलिन और लिपिड प्रोफाइल जैसे टेस्ट की रिपोर्ट नॉर्मल आ रही है, तो समझें कि रिकवरी सही दिशा में है।
- हार्मोनल स्तरः टोटल और फ्री टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी आना और SHBG का स्तर सही होना।
- शारीरिक लक्षणों में सुधारः PCOS के कारण मुंहासे, बालों का झड़ना बढ़ जाता है। अगर इन लक्षणों में सुधार होने लगे, तो इसे भी PCOS की रिकवरी मानी जा सकती है।
- बेहतर संपूर्ण स्वास्थ्यः अगर आप नोटिस करें कि आपका ब्लड प्रेशर नियंत्रित है और शरीर में किसी तरह का इंफ्लेमेशन नहीं है, तो ऐसे इसे भी रिकवरी का संकेत समझें।
इसे भी पढ़ें: PCOS में मेडिटेशन करने से मिल सकते हैं कई फायदे
निष्कर्ष
PCOS एक लंबे समय तक रहने वाली स्थिति है। यह कोई संक्रमण नहीं है। इससे पूरी तरह रिकवरी संभव नहीं है। हालांकि, इसके लक्षणों को मैनेज किया जा सकता है। इससे मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ी समस्याओं में भी कमी आएगी। हां, अगर PCOS के लक्षण बढ़ते जा रहे हैं, तो बेहतर है कि आप अपनी जीवनशैली में सुधार करें और समय पर डॉक्टर से अपना ट्रीटमेंट करवाएं।
All Image Credit: Magnific
FAQ
क्या सिर्फ पीरियड्स की दवा लेने से आने वाले पीरियड को नॉर्मल ओव्यूलेशन माना जा सकता है?
नहीं, ऐसा नहीं है। दवाइयों से बंद करके आने वाले पीरियड्स को विड्रॉल ब्लीडिंग कहते हैं। इसे प्राकृतिक ओव्यूलेशन नहीं माना जाता है।क्या नार्मल वेट और रेगुलर पीरियड का मतलब है कि महिला को PCOS नहीं है?
नहीं, दुबली-पतली महिलाओं को Lean PCOS हो सकता है। उनमें पीरियड्स नियमित आ सकते हैं, लेकिन उनके शरीर में पुरुष हार्मोन (एंड्रोजन) का स्तर बढ़ा हो सकता है या अंडे की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 29, 2026 13:31 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta
