आज के समय में वजन कम करने के लिए लोग घंटों जिम में पसीना बहाते हैं, डाइट फॉलो करते हैं और तरह-तरह के वेट लॉस प्लान अपनाते हैं लेकिन कई बार इतनी मेहनत के बावजूद भी वजन कम नहीं होता। ऐसे में अधिकांश लोग यह मान लेते हैं कि शायद उनकी डाइट सही नहीं है या एक्सरसाइज में कमी रह गई है। हालांकि, हर बार इसकी वजह खराब लाइफस्टाइल नहीं होती। कई मामलों में शरीर के अंदर छिपी कुछ मेडिकल समस्याएं वजन घटाने की राह में सबसे बड़ी बाधा बन जाती हैं। इस लेख में यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. जयादित्य घोष से जानिए, वजन कम नहीं होने के क्या कारण हो सकते हैं?
वजन कम नहीं होने के क्या कारण हो सकते हैं?
डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, कई बीमारियां और हार्मोनल गड़बड़ियां शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती हैं, जिससे वजन घटाना मुश्किल हो जाता है।
1. थायराइड की समस्या
डॉ. जयादित्य घोष बताते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को हाइपोथायरायडिज्म यानी थायराइड हार्मोन की कमी है, तो उसका मेटाबॉलिज्म सामान्य से धीमा हो जाता है। जब मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ता है, तो शरीर कम कैलोरी बर्न करता है और अतिरिक्त फैट जमा होने लगता है। ऐसे लोगों को डाइटिंग और एक्सरसाइज के बावजूद भी रिजल्ट नहीं मिलते। यदि वजन लगातार बढ़ रहा है या कम नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर की सलाह पर थायराइड फंक्शन टेस्ट करवाना चाहिए।
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2. पीसीओएस और हार्मोनल असंतुलन
महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) वजन न घटने का एक कारण माना जाता है। इस स्थिति में हार्मोनल असंतुलन के कारण शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है, जिससे फैट तेजी से जमा होने लगता है। डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में पेट के आसपास चर्बी बढ़ना, अनियमित पीरियड्स, मुंहासे और चेहरे पर अनचाहे बाल जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं। केवल कैलोरी कम करने से इस स्थिति में वजन कम करना मुश्किल हो सकता है। सही इलाज, नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली डाइट अपनाने से बेहतर रिजल्ट मिल सकते हैं।
3. इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज
अगर शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता, तो इसे इंसुलिन रेजिस्टेंस कहा जाता है। यह स्थिति प्रीडायबिटीज और टाइप-2 डायबिटीज का शुरुआती संकेत भी हो सकती है। डॉ. जयादित्य घोष बताते हैं कि इंसुलिन रेजिस्टेंस होने पर शरीर ज्यादा फैट स्टोर करने लगता है और वजन घटाना कठिन हो जाता है। ब्लड शुगर की नियमित जांच, फाइबर युक्त भोजन और नियमित फिजिकल एक्टिविटी इस समस्या को कंट्रोल करने में मदद करती है।

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4. नींद की कमी और तनाव
वजन कम न होने का कारण हमेशा खानपान ही नहीं होता, बल्कि मेंटल हेल्थ भी इसमें अहम भूमिका निभाती है। लगातार तनाव रहने पर शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है, जिससे भूख ज्यादा लगती है और शरीर फैट जमा करने लगता है। वहीं रोजाना 6 घंटे से कम नींद लेने पर भी मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और भूख कंट्रोल करने वाले हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं। डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, यदि व्यक्ति नियमित एक्सरसाइज कर रहा है लेकिन पर्याप्त नींद नहीं ले रहा या लगातार तनाव में है, तो वजन कम होने की स्पीड काफी धीमी हो सकती है। इसलिए रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद और तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन को अपनाना चाहिए।
5. दवाइयों के कारण भी नहीं घटता वजन
कई बार वजन न घटने की वजह कोई बीमारी नहीं बल्कि उसकी दवा होती है। डॉ. जयादित्य घोष बताते हैं कि कुछ एंटीडिप्रेसेंट, स्टेरॉयड, हार्मोनल दवाइयां और कुछ ब्लड प्रेशर या डायबिटीज की दवाएं शरीर के वजन को प्रभावित कर सकती हैं। इन दवाओं के कारण भूख बढ़ सकती है, शरीर में पानी रुक सकता है या मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति का वजन दवा शुरू करने के बाद तेजी से बढ़ा है या कम नहीं हो रहा है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद नहीं करनी चाहिए।
निष्कर्ष
अगर हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज और अच्छी लाइफस्टाइल अपनाने के बावजूद भी आपका वजन कम नहीं हो रहा है, तो इसे केवल आलस या गलत खानपान का रिजल्ट मानना सही नहीं होगा। इसके पीछे थायराइड, पीसीओएस, इंसुलिन रेजिस्टेंस, तनाव, नींद की कमी या कुछ दवाइयों का प्रभाव जैसे मेडिकल कारण हो सकते हैं। डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, समय पर सही जांच और डॉक्टर की सलाह लेकर मूल कारण का इलाज किया जाए तो वजन कंट्रोल करना काफी आसान हो सकता है।
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FAQ
क्या थायराइड की वजह से वजन कम नहीं होता?
हाइपोथायरायडिज्म में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे कैलोरी कम बर्न होती है और वजन घटाना मुश्किल हो सकता है।क्या तनाव वजन बढ़ा सकता है?
लगातार तनाव रहने से कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जिससे भूख बढ़ सकती है और शरीर ज्यादा फैट जमा करने लगता है।क्या कम नींद लेने से वजन बढ़ता है?
पर्याप्त नींद न लेने से मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और भूख कंट्रोल करने वाले हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं।
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Jun 29, 2026 14:01 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jun 29, 2026 14:01 IST
Modified By : Akanksha TiwariJun 29, 2026 14:01 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Jayaditya Ghosh