पीरियड की तारीख निकल जाने के बाद भी अगर ब्लीडिंग शुरू न हो और प्रेग्नेंसी टेस्ट करने पर रिजल्ट नेगेटिव आए, तो चिंता होना स्वाभाविक है। खासकर तब, जब पीरियड आमतौर पर समय पर आते रहे हों। ऐसे में कई महिलाओं के मन में यह सवाल आता है कि आखिर पीरियड क्यों नहीं आ रहा और क्या नेगेटिव टेस्ट के बावजूद प्रेग्नेंसी हो सकती है? पीरियड में देरी हमेशा प्रेग्नेंसी की वजह से नहीं होती। कई बार शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, तनाव, वजन में बदलाव या कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकती हैं। आइए जानते हैं नेगेटिव प्रेग्नेंसी टेस्ट के बावजूद पीरियड्स न आने के कारण और इलाज। बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Chetna Jain, Director- Department Of Pediatrics And Neonatology At Cloudnine Group Of Hospitals, Gurgaon से बात की।
प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव है, पीरियड्स नहीं आ रहे और व्हाइट डिस्चार्ज है
negative-pregnancy-test-delay-in-periods
अगर प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव है, पीरियड्स नहीं आ रहे हैं, लेकिन व्हाइट डिस्चार्ज हो रहा है, तो महिलाओं को अक्सर यह लगता है कि वह प्रेग्नेंट हैं, जबकि व्हाइट डिस्चार्ज का प्रेग्नेंसी से सीधा कनेक्शन नहीं है। पीरियड्स में हार्मोनल बदलाव के कारण यह डिस्चार्ज हो सकता है जो कि सामान्य माना जाता है। कभी यह पतला होता है और कभी गाढ़ा होता है। अगर डिस्चार्ज ज्यादा है और बदबू आ रही है, तो यह इंफेक्शन हो सकता है। कई दवाएं हैं जिनके सेवन से भी व्हाइट डिस्चार्ज हो सकता है जैसे लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स का सेवन वगैरह।
National Health Service UK के मुताबिक, ज्यादातर प्रेग्नेंसी टेस्ट पीरियड मिस होने के पहले दिन से किए जा सकते हैं। अगर आपको यह पता नहीं है कि अगला पीरियड कब आना था, तो संबंध बनाने के कम से कम 21 दिन बाद टेस्ट करें। कई वजहों से टेस्ट नेगेटिव आ सकता है जैसे- टेस्ट बहुत जल्दी करने पर, टेस्ट के निर्देशों का सही तरीके से पालन न करने पर और कुछ दवाओं के असर से भी ऐसा हो सकता है।
यह भी पढ़ें- कंसीव नहीं किया पर फिर भी पीरियड्स नहीं हो रहे हैं? डॉक्टर से जानें ऐसे में क्या करें
दोबारा प्रेग्नेंसी टेस्ट करें
पीरियड्स मिस हो गए हैं, प्रेग्नेंसी टेस्ट भी नेगेटिव है और साथ में प्रेग्नेंसी के लक्षण जैसे ब्रेस्ट टेंडरनेस, मतली, उल्टी, थकान वगैरह महसूस हो रहे हैं, तो 4 से 5 दिन रुककर दोबारा प्रेग्नेंसी टेस्ट करें। कई बार ओव्यूलेशन में देरी के कारण ऐसा हो सकता है और दूसरी बार चेक करने पर रिजल्ट पॉजिटिव आ सकता है।
Beta HCG टेस्ट कराएं
अगर पीरियड्स मिस हो गए हैं। तय तिथि से 4 से 5 दिन ज्यादा हो गए हैं और प्रेग्नेंसी टेस्ट भी नेगेटिव है, तो डाॅक्टर की सलाह पर एक ब्लड टेस्ट कराएं जिसे Beta HCG कहा जाता है। इस टेस्ट से कंफर्म हो जाता है कि प्रेग्नेंसी है या नहीं क्योंकि यह ब्लड में HCG हार्मोन की जांच करता है। कई बार यूरिन में HCG हार्मोन का पता देर से चलता है और ब्लड के जरिए टेस्ट करने पर प्रेग्नेंसी कंफर्म हो जाती है। अगर Beta HCG टेस्ट पॉजिटिव है, तो डॉक्टर अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दे सकते हैं।
यह भी पढ़ें- PCOS में कंसीव करने के लिए सिर्फ पीरियड्स रेगुलर होना काफी नहीं, अपनाएं डॉक्टर के बताए ये 5 सुझाव
Beta HCG टेस्ट नेगेटिव होने के कारण
अगर Beta HCG टेस्ट नेगेटिव है और पीरियड्स नहीं आए हैं, तो भी अल्ट्रासाउंड की मदद से पीरियड्स के न आने का कारण पता लगाया जाता है। अल्ट्रासाउंड से पता चलता है कि कहीं कोई सिस्ट तो नहीं है। इसके बाद, पीरियड्स रेगुलर करने के लिए दवाएं दी जा सकती हैं। नेगेटिव Beta HCG टेस्ट के पीछे गैस, PMOS, थायराइड, हाई स्ट्रेस लेवल जैसे कारण हो सकते हैं।
प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव होने पर क्या करें?
कई बार महिलाएं पीरियड्स मिस होने से पहले या मिस होने के तुरंत बाद टेस्ट कर लेती हैं। इस समय शरीर में HCG हार्मोन का लेवल इतना कम हो सकता है कि यूरिन टेस्ट उसे पहचान न पाए। इसे फॉल्स नेगेटिव रिजल्ट कहा जाता है। घर पर किया जाने वाला प्रेग्नेंसी टेस्ट, पीरियड मिस होने के बाद ज्यादा भरोसेमंद होता है।
पीरियड न आने का इलाज क्या है?
- पीरियड न आने का इलाज, कारण पर निर्भर करता है। अगर स्ट्रेस या शरीर में पर्याप्त पोषण न मिलने की वजह से समस्या है, तो तनाव घटाने, पर्याप्त पोषण लेने और स्वस्थ दिनचर्या पर ध्यान देने की सलाह दी जा सकती है। अगर वजन बहुत तेजी से बढ़ा या घटा है, तो डॉक्टर वेट मैनेजमेंट तरीकों को अपनाने की सलाह देते हैं।
- PMOS होने पर डॉक्टर वजन, हार्मोन और प्रजनन संबंधी जरूरतों के अनुसार इलाज तय कर सकते हैं। थायराइड की समस्या होने पर बीमारी का इलाज किया जाता है। प्रोलैक्टिन बढ़ने पर इसके कारण का पता लगाकर इलाज किया जाता है। कुछ महिलाओं में पीरियड को नियमित करने के लिए हार्मोनल दवाएं भी दी जा सकती हैं, लेकिन इन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए।
निष्कर्ष:
पीरियड्स मिस हो गए हैं और प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव है, तो कुछ दिन बाद दोबारा जांच करें। कई बार ओव्यूलेशन में देरी के कारण पहला नेगेटिव टेस्ट दूसरी बार में पॉजिटिव आ जाता है। अगर प्रेग्नेंसी है, तो पीरियड्स मिस होने की वजह थायराइड, स्ट्रेस, PMOS, मोटापा वगैरह हो सकते हैं। अगर प्रेग्नेंसी की संभावना लग रही है, तो डॉक्टर Beta HCG टेस्ट कराने की सलाह देते हैं जो ब्लड में HCG हार्मोन की जांच करता है। अगर टेस्ट पॉजिटिव है, तो मतलब महिला गर्भवती है। अगर प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव है, पीरियड्स नहीं आ रहे हैं, लेकिन व्हाइट डिस्चार्ज हो रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि महिला गर्भवती है। हार्मोनल बदलाव के कारण पीरियड्स में डिस्चार्ज होना सामान्य है, लेकिन अगर डिस्चार्ज के साथ बदबू आ रही है, तो यह इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। कई बार एंटीबायोटिक्स या अन्य दवाओं के कारण भी यह डिस्चार्ज हो सकता है।
image credit: magnific
FAQ
क्या प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव आने के बाद भी प्रेग्नेंसी हो सकती है?
हां, अगर टेस्ट बहुत जल्दी किया गया है, तो प्रेग्नेंसी होने के बावजूद रिजल्ट नेगेटिव आ सकता है। ऐसे में दोबारा कुछ दिनों बाद टेस्ट करने की सलाह दी जाती है।पीरियड्स मिस होने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
अगर पीरियड्स बार-बार मिस हो रहा है, लंबे समय से अनियमित है या पहले नियमित होने के बाद अचानक रुक गए हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। लगातार तीन महीने तक पीरियड न आए और प्रेग्नेंसी न हो, तो जांच जरूरी है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 29, 2026 11:12 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Chetna Jain
