महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स का संतुलन उनके पीरियड्स को ठीक रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। हमारे गले में मौजूद छोटी सी तितली के आकार का थायराइड ग्लैंड शरीर के हार्मोन्स को कंट्रोल करती है। जब थायराइड ग्लैंड ठीक तरह से काम नहीं करती है और कम या ज्यादा हार्मोन्स बनाने लगती है तो शरीर का पूरा सिस्टम बिगड़ जाता है। इसका सबसे पहला असर पीरियड्स पर पड़ता है। इस कारण महिलाओं को कभी समय पर पीरियड्स नहीं आते तो कभी बहुत कम या बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होने लगती है। ऐसे में आइए इस लेख में Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida से जानते हैं कि थायराइड और अनियमित पीरियड्स में क्या कनेक्शन है?
थायराइड महिला के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?
Dr. Anju Suryapani ने बताया कि थायराइड हमारे गले के निचले हिस्से में स्थित एक एंडोक्राइन ग्लैंड है। यह मुख्य रूप से दो हार्मोन्स बनाती है- T3 और T4। इन हार्मोन्स का काम शरीर के मेटाबॉलिज्म को सही तरह से चलाना है। हालांकि, महिलाओं के शरीर में थायराइड हार्मोन का काम सिर्फ मेटाबॉलिज्म तक सीमित नहीं है। थायराइड हार्मोन सीधे तौर पर महिलाओं के प्रजनन तंत्र और ओवरीज को प्रभावित करता है।
थायराइड और अनियमित पीरियड्स में कनेक्शन
Dr. Anju Suryapani कहती हैं कि जब थायराइड हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है, तो ओवरीज से एग बनने और रिलीज होने की प्रक्रिया में रुकावट आने लगती है। जब ओव्यूलेशन सही समय पर नहीं होगा, तो पीरियड्स साइकिल भी प्रभावित होती है।
साल 2024 में Cureus Journal of Medical Science में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, थायराइड ग्लैंड से निकलने वाले हार्मोन महिलाओं के पीरियड्स को सही समय पर लाने और कंट्रोल रखने का काम करते हैं। जब शरीर में थायराइड का संतुलन बिगड़ता है, तो पीरियड्स में अलग-अलग समस्याएं आने लगती हैं, जैसे TSH हार्मोन का स्तर बढ़ने पर पीरियड्स देर से या बहुत कम बार आना। TSH लेवल जितना ज्यादा बढ़ता है गड़बड़ी उतनी ही ज्यादा हो जाती है, FT4 हार्मोन का स्तर कम होने पर पीरियड्स में बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होती है और TPOAb एंटीबॉडी बढ़ने पर पीरियड्स पूरी तरह बंद हो सकते हैं।
इस स्टडी में यह भी पाया गया है कि अनियमित पीरियड्स वाली 25% महिलाओं में सबक्लिनिकल और 15% में क्लिनिकल हाइपोथायरायडिज्म था, लेकिन थायराइड की सही दवा लेने से ब्लीडिंग कंट्रोल होती है और पीरियड्स का साइकिल फिर से नॉर्मल हो जाता है।
इसे भी पढ़ें: अचानक वजन बढ़ने का कारण सिर्फ थायराइड नहीं, ये 7 बीमारियां भी हो सकती हैं जिम्मेदार
थायराइड के प्रकार और उनका पीरियड्स पर असर
Dr. Anju Suryapani बताती हैं कि थायराइड गड़बड़ी दो तरह की होती है और दोनों का पीरियड्स पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है-
1. हाइपोथायरायडिज्म
जब थायराइड ग्लैंड पर्याप्त मात्रा में T3 और T4 हार्मोन नहीं बना पाती, तो शरीर धीमा काम करने लगता है। महिलाओं में यह समस्या सबसे ज्यादा देखी जाती है।इस स्थिति में महिलाओं को पीरियड्स देर से आते हैं। जब पीरियड्स आते हैं तो ब्लीडिंग बहुत भारी होती है और कई दिनों तक चलती है।
हाइपोथायरायडिज्म के कारण शरीर में TSH का लेवल बढ़ने से पिट्यूटरी ग्लैंड प्रोलैक्टिन हार्मोन का प्रोडक्शन बढ़ा देती है। बढ़ा हुआ प्रोलैक्टिन एग बनने की प्रक्रिया को रोक देता है, जिससे ओव्यूलेशन नहीं होता और पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं।
2. हाइपरथायरायडिज्म
जब थायराइड ग्लैंड जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है तो शरीर का मेटाबॉलिज्म बहुत तेज हो जाता है। इस स्थिति में पीरियड्स बहुत कम आते हैं, ब्लीडिंग सिर्फ 1 से 2 दिन रहती है या कई महीनों तक पीरियड्स पूरी तरह गायब हो जाते हैं।
Connection-between-thyroid-and-irregular-period
थायराइड के कारण होने वाले अन्य लक्षण
Dr. Anju Suryapani बताती हैं कि अगर आपके पीरियड्स अनियमित हैं और साथ में ये लक्षण दिख रहे हैं तो यह इस बात का संकेत है कि आपको थायराइड की जांच करानी चाहिए-
- बिना कारण वजन बढ़ना या तेजी से वजन कम होना
- ज्यादा थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस होना
- बालों का ज्यादा झड़ना और स्किन का ड्राई होना
- बहुत ज्यादा ठंड या बहुत ज्यादा गर्मी लगना
- मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन या डिप्रेशन
- कब्ज की समस्या लगातार बने रहना
क्या थायराइड से प्रेग्नेंसी में रुकावट आती है?
Dr. Anju Suryapani बताती हैं कि अनियंत्रित थायराइड सीधे तौर पर आपकी फर्टिलिटी को प्रभावित करता है।
- एनोव्यूलेशन- थायराइड असंतुलन के कारण महिलाओं की ओवरी से हर महीने अंडा रिलीज नहीं हो पाता। ऐसे में जब अंडा ही नहीं बनेगा, तो नेचुरल तरीके से कंसीव करना नामुमकिन हो जाता है।
- मिसकैरेज का खतरा- अगर थायराइड से पीड़ित महिला कंसीव कर भी लेती है, तो शुरुआती 3 महीनों में मिसकैरेज का खतरा बहुत ज्यादा बना रहता है।
- PCOS और थायराइड का कनेक्शन- अक्सर देखा गया है कि PCOS से पीड़ित महिलाओं में थायराइड की समस्या भी साथ में पाई जाती है, जिससे स्थिति और ज्यादा गंभीर हो जाती है।
इसे भी पढ़ें: थायराइड में सुबह उठकर सबसे पहले क्या करें? नाश्ते से पहले इन आदतों का रखें खास ध्यान
थायराइड होने पर पीरियड कैसे नियमित रखें?
Dr. Anju Suryapani के अनुसार, थायराइड के कारण होने वाले अनियमित पीरियड्स का इलाज बहुत ही आसान है। इसके लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है-
- सही ब्लड टेस्ट- सबसे पहले खाली पेट अपना TSH, Free T3 और Free T4 टेस्ट करवाएं।
- हार्मोन रीप्लेसमेंट थेरेपी- अगर आपको हाइपोथायरायडिज्म है, तो डॉक्टर आपको सुबह खाली पेट थायरोक्सिन की एक छोटी सी गोली लेने की सलाह देते हैं। जैसे ही आपके शरीर में थायराइड हार्मोन का लेवल नॉर्मल होता है, आपके पीरियड्स अपने आप समय पर आने लगते हैं और फर्टिलिटी नॉर्मल हो जाती है।
- खान-पान में बदलाव- प्रोसेस्ड फूड, चीनी और ज्यादा मैदे के सेवन से परहेज करें। रोजाना की डाइट में आयोडीन, सेलेनियम और जिंक से भरपूर फूड्स शामिल करें।
- लाइफस्टाइल में सुधार- रोजाना 30 मिनट की हल्की एक्सरसाइज या योग करें, ताकि हार्मोन को संतुलित रखा जा सके।
- तनाव कम लें- तनाव के कारण भी थायराइड हार्मोन प्रभावित होता है, इसलिए स्ट्रेस को मैनेज करने के लिए मेडिटेशन करें।
निष्कर्ष
अगर आपके पीरियड्स पिछले 2-3 साइकिल से अनियमित चल रही हैं तो इसे सिर्फ लाइफस्टाइल की गड़बड़ी समझकर नजरअंदाज न करें। पीरियड्स लाने के लिए सिर्फ घरेलू नुस्खों या पीरियड्स लाने की दवाइयों को लेने के बजाय डॉक्टर से कंसल्ट करें। थायराइड टेस्ट और डॉक्टर द्वारा तय की गई सही दवा की खुराक से पीरियड्स बिल्कुल नियमित हो सकते हैं।
Image Credit: Freepik
FAQ
थायराइड की समस्या के कारण पीरियड कितने दिन लेट हो सकते हैं?
थायराइड असंतुलन के कारण पीरियड कुछ दिनों से लेकर कई हफ्तों तक लेट हो सकते हैं या पूरी तरह रुक भी सकते हैं, क्योंकि इसका कोई एक तय दिन नहीं होता है।थायराइड के कारण अनियमित पीरियड्स कैसे ठीक करें?
थायराइड के कारण होने वाले अनियमित पीरियड्स को ठीक करने का सबसे असरदार तरीका थायराइड हार्मोन के लेवल को कंट्रोल करना है। जब आपका थायराइड लेवल ठीक हो जाता है तो पीरियड्स अपने आप नियमित होने लगते हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 24, 2026 15:02 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Anju Suryapani
