Wed Sep 30, 2026 | 09:39 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

अन‍ियम‍ित पीरियड्स, हार्मोनल असंतुल‍न दूर कर सकते हैं ये 7 मसाले, आयुर्वेद‍िक डॉक्‍टर से जानें फायदे

अनियमित पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन में उपयोगी छोटी इलायची, सोंठ, काली मिर्च, जीरा, धनिया, आंवला, हरड़, बड़ी इलायची और लौंग जैसे मसालों के बारे में आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानें।
अन‍ियम‍ित पीरियड्स, हार्मोनल असंतुल‍न दूर कर सकते हैं ये 7 मसाले, आयुर्वेद‍िक डॉक्‍टर से जानें फायदेअन‍ियम‍ित पीरियड्स, हार्मोनल असंतुल‍न दूर कर सकते हैं ये 7 मसाले, आयुर्वेद‍िक डॉक्‍टर से जानें फायदे

अन‍ियम‍ित पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन महिलाओं में होने वाली कॉमन समस्‍याएं बनती जा रही हैं। भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले कुछ मसालों को आयुर्वेद में शरीर के दोषों और पाचन से जुड़े संतुलन के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। इनमें छोटी इलायची, सोंठ, काली मिर्च, जीरा, धनिया, आंवला, हरड़, बड़ी इलायची और लौंग जैसी चीजें शामिल हैं, लेकिन क्या ये मसाले अनियमित पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन में वास्तव में मदद कर सकते हैं? इनका सेवन किस तरह किया जा सकता है और आयुर्वेद में इनके बारे में क्या बताया गया है? इस बारे में आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानें। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

अनियमित पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन के मुख्य कारण

अनियमित पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन के कई कारण हो सकते हैं जैसे-

  • PMOS, थायराइड की समस्या, प्रोलैक्टिन हार्मोन का बढ़ना, शरीर के वजन में अचानक बदलाव, लंबे समय तक स्‍ट्रेस, नींद की कमी और बहुत ज्यादा या बहुत कम एक्‍सरसाइज इसके मुख्‍य कारण माने जाते हैं।
  • गर्भावस्था, स्तनपान और मेनोपॉज के आस-पास होने वाले हार्मोनल बदलाव भी पीरियड्स के चक्र को प्रभावित कर सकते हैं।
  • कुछ दवाएं और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी मासिक चक्र में बदलाव कर सकती हैं। इसलिए बार-बार पीरियड्स अनियमित होने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय जांच कराना जरूरी है।

अन‍ियम‍ित पीरियड्स, हार्मोनल असंतुल‍न में फायदेमंद हैं ये मसाले

1. छोटी इलायची

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आयुर्वेद में छोटी इलायची को त्रिदोष संतुलित करने वाला मसाला माना जाता है। साथ ही, आयुर्वेद के मुताब‍िक, यह शीत वीर्य होती है यानी शरीर को ठंडक पहुंचाती है। यानी शरीर में अपेक्षाकृत शीत प्रभाव वाली माना जाता है। इसलिए पारंपरिक दृष्टि से इसे उन महिलाओं के लिए फायदेमंद माना जाता है जिनमें पित्त से जुड़ा असंतुलन है। छोटी इलायची को डाइट में शाम‍िल करके हार्मोनल हेल्‍थ को सपोर्ट म‍िल सकता है।

साल 2023 में Endocrinology, Diabetes & Metabolism में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍ि‍क, इलायची का सेवन करने से थायराइड हार्मोन काे सपोर्ट म‍िलता है और हार्मोनल असंतुलन को भी कुछ हद तक कम करने में मदद म‍िलती है। हालांक‍ि, यह एक पशु आधार‍ित स्‍टडी है इसल‍िए इसके नतीजे सीम‍ित हैं।

कितनी मात्रा?

1 से 2 छोटी इलायची

कौन परहेज करें?

इलायची से एलर्जी या पेट में परेशानी होने पर इसका सेवन न करें।

यह भी पढ़ें- हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने के लिए क्या सिर्फ डाइट काफी है? डॉक्टर से जानें जवाब

2. सोंठ, काली मिर्च और जीरा

सोंठ यानी सूखी अदरक, काली मिर्च और जीरा को आयुर्वेद में गर्म तासीर वाले मसालों के रूप में देखा जाता है। पारंपरिक रूप से इनका इस्तेमाल पाचन से जुड़ी परेशानियों और शरीर में अग्नि को बेहतर करने के लिए किया जाता रहा है। PMOS में हार्मोनल असंतुलन के साथ इंसुलिन से जुड़ी गड़बड़ी भी देखी जा सकती है। अदरक पर कुछ अध्ययनों में PMOS से जुड़े हार्मोन पर पॉज‍िट‍िव प्रभाव देखे गए हैं।

साल 2024 में Antioxidants में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, अदरक और दालचीनी में मौजूद एक्‍ट‍िव यौगिक PMOS में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम करने के साथ इंसुलिन रेजिस्टेंस और कुछ हार्मोनल बदलावों पर संभावित प्रभाव डाल सकते हैं।

कितनी मात्रा?

इन्हें भोजन में मसाले के रूप में या हल्की चाय में 5 से 10 ग्राम मात्रा में शामिल किया जा सकता है।

कौन परहेज करें?

एसिडिटी, सीने में जलन या ब्लड थिनर लेने वाले लोग सोंठ की अधिक मात्रा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

3. धनिया

धनिया को आयुर्वेद में पाचन और शरीर के संतुलन से जोड़कर देखा जाता है। धन‍िया को हार्मोनल बैलेंस के ल‍िए संतुल‍ित आहार का ह‍िस्‍सा बना सकते हैं। अगर क‍िसी महिला के पीरियड्स लगातार अनियमित हैं, तो केवल धनिया या किसी दूसरे मसाले पर निर्भर रहने के बजाय जांच जरूरी है।

कौन परहेज करें?

धनिया से एलर्जी होने वाले लोग इसका सेवन न करें।

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4. आंवला

आंवला को आयुर्वेद में रसायन और पित्त को संतुलित करने वाले फलों में गिना जाता है। इसमें विटामिन सी और कई एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। अनियमित पीरियड्स में आंवले को पौष्टिक आहार के रूप में लिया जा सकता है। खासकर, अगर अनियमितता PMOS या थायराइड की वजह से है।

क‍ितनी मात्रा?

रोज एक आंवला खा सकते हैं।

कौन परहेज करें?

एसिडिटी या पेट की समस्‍या होने पर अधिक मात्रा में आंवला लेने से बचें।

5. हरड़

हरड़ भी आयुर्वेद में फायदेमंद मसाला बना जाता है। लंबे समय से इस्तेमाल की जाने वाली औषधीय चीज है। हरड़ में एडाप्टोजेनिक (Adaptogenic) और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर को तनाव से लड़ने में मदद करते हैं। PMOS में स्‍ट्रेस एक आम समस्‍या है ज‍िससे नि‍पटने के ल‍िए हरड़ का सेवन फायदेमंद माना जाता है।

कैसे सेवन करें?

हरड़ का चूर्ण बनाकर 5 से 10 ग्राम मात्रा में ले सकते हैं।

कौन परहेज करें?

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं।

6. बड़ी इलायची

बड़ी इलायची को भी पारंपरिक चिकित्सा में पाचन और शरीर के संतुलन से जोड़ा जाता है। हार्मोनल असंतुलन और पीर‍ियड्स में पाचन को बेहतर बनाने के ल‍िए बड़ी इलायची को डाइट में शाम‍िल कर सकते हैं।

7. लौंग

लौंग को पित्त से संबंधित प्रभावों को कम करने में असरदार माना जाता है। एक आम धारणा है लौंग शरीर को बहुत गर्म करती है, लेकिन इसे सीमि‍त मात्रा में डाइट का ह‍िस्‍सा बनाया जा सकता है।

क‍ितनी मात्रा?

1 से 2 लौंग को चाय या खाने में मसाले के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

कौन परहेज करें?

गर्भवती महिलाएं, ब्लड थिनर लेने वाले और ब्‍लीड‍िंग की समस्‍या होने पर।

हार्मोनल असंतुलन में किन चीजों से परहेज करना जरूरी है?

  • हार्मोनल असंतुलन में बहुत ज्यादा चीनी, मीठे पेय, रिफाइंड कार्ब्स, फास्ट फूड और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन कम करें।
  • बार-बार तला हुआ भोजन और ज्‍यादा कैलोरी वाला खाना भी सीमित करें।
  • अल्‍कोहल का सेवन करती हैं, तो उसे बंद कर दें।

इन मसालों को हेल्‍दी डाइट में शाम‍िल कर सकते हैं। अगर आप क‍िसी क्रॉन‍िक बीमारी या अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स जैसी समस्‍या से जूझ रहे हैं, तो केवल मसालों पर न‍िर्भर रहने के बजाय डॉक्‍टर से इलाज कराएं। इन मसालों का सेवन डॉक्‍टर की सलाह पर ही करें।

न‍िष्‍कर्ष:

अनियमित पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन के कई कारण हो सकते हैं जैसे PMOS, थायराइड की समस्या, प्रोलैक्टिन हार्मोन का बढ़ना, शरीर के वजन में अचानक बदलाव, लंबे समय तक स्‍ट्रेस, नींद की कमी और बहुत ज्यादा या बहुत कम एक्‍सरसाइज करना। अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स और हार्मोनल असंतुलन की समस्‍या होने पर छोटी इलायची, सोंठ, काली मिर्च, जीरा, धनिया, आंवला, हरड़, बड़ी इलायची और लौंग जैसी चीजों को डाइट में शाम‍िल कर सकते हैं। हार्मोनल असंतुलन में बहुत ज्यादा चीनी, मीठे पेय, रिफाइंड कार्ब्स, फास्ट फूड और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन कम करें।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या हार्मोनल असंतुलन से वजन कम होना भी संभव है?

    हां। कुछ स्थितियों में ऐसा होता है। ओवरएक्टिव थायराइड होने पर बिना कोशिश के वजन कम हो सकता है।
  • हार्मोनल असंतुलन की जांच कैसे होती है?

    थायराइड, प्रोलैक्टिन या अन्य हार्मोन का ब्‍लड टेस्‍ट जांच और अल्ट्रासाउंड की मदद से हार्मोनल असंतुलन की जांच की जाती है। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

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    Sep 30, 2026 20:43 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
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