Mon Oct 12, 2026 | 09:45 PM IST

Medically Reviewed by Dr Tanima Singhal , Pregnancy Educator & Lactation Consultant

क्‍या केवल डाइट में बदलाव करके ठीक हो सकते हैं अनियमित पीरियड्स? डॉक्‍टर से जानें

अन‍ियमि‍त पीर‍ियड्स के पीछे स्ट्रेस, PMOS, ज्‍यादा वजन, थायराइड जैसे कारण हो सकते हैं, लेक‍िन क्‍या केवल डाइट में बदलाव करके इसे ठीक क‍ि‍या जा सकता है? डॉक्‍टर से जानते हैं सही जवाब।
क्‍या केवल डाइट में बदलाव करके ठीक हो सकते हैं अनियमित पीरियड्स? डॉक्‍टर से जानेंक्‍या केवल डाइट में बदलाव करके ठीक हो सकते हैं अनियमित पीरियड्स? डॉक्‍टर से जानें

एक नॉर्मल पीर‍ियड साइक‍िल की बात करें, तो हर 28 से 35 द‍िनों में एक बार ब्‍लीड‍िंग होती है। यह एक नॉर्मल मेंस्ट्रुअल साइक‍िल है। हालांक‍ि, पीर‍ियड साइक‍िल सभी मह‍िलाओं में सामान्‍य नहीं होती। कुछ मह‍िलाओं में पीर‍ियड्स अन‍ियम‍ित होते हैं यानी 28 से 35 द‍िनों में मेंस्ट्रुअल साइक‍िल आने के बजाय 40 द‍िन में आती है, कुछ केस में दो महीने में एक बार आती है, तो कुछ मामलों में छह महीने में एक बार भी आती है। वहीं कुछ में पीर‍ियड्स हर 15 द‍िनों में आ जाते हैं। इसे अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स की समस्‍या कहते हैं। अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स के ल‍िए इंटरनेट पर कई डाइट ट‍िप्‍स मौजूद हैं। इन्‍हें देखकर मह‍िलाएं सोचती हैं क‍ि केवल डाइट से पीर‍ियड्स को रेगुलर क‍िया जा सकता है, लेक‍िन क्‍या यह सच में संभव है? क्‍या वाकई केवल डाइट से अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स की समस्‍या को दूर क‍िया जा सकता है? इस सवाल का जवाब जानने के ल‍िए हमने Dr. Tanima Singhal, Prenatal Care Expert, Gynaecologist & Lactation Expert, Ma-Si Care Clinic, Lucknow से बात की।

अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स की समस्‍या क्‍यों होती है?

Gynaecologist Dr. Tanima Singhal ने कहा ''अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स की स्‍थ‍ित‍ि में हार्मोन्‍स का संतुलन ब‍िगड़ जाता है। सामान्‍य स्‍थ‍ित‍ि में ब्रेन ओवरीज को एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्‍स र‍िलीज करने का संकेत देता है, लेक‍िन जब पीर‍ियड्स अन‍ियम‍ित हो जाते हैं, तो ओवरीज को हार्मोनल असंतुलन के कारण ब्रेन का संकेत नहीं म‍िल पाता है और पीर‍ियड्स देर से शुरू होते हैं।''

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मोटापा, थायराइड, स्‍ट्रेस जैसे कारण हैं अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स की वजह

  • जब वजन ज्‍यादा होता है, तो पीर‍ियड्स अन‍ि‍यम‍ित हो सकते हैं। मोटापा इसका एक मुख्‍य कारण है।
  • हाई लेवल या लो लेवल थायराइड में भी अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स की समस्‍या हो सकती है।
  • वर्क स्‍ट्रेस या एग्‍जाम स्‍ट्रेस के कारण भी हार्माेनल संतुल‍न प्रभाव‍ित होता है और पीर‍ियड्स असंतुल‍ित हो जाते हैं।
  • नींद की कमी और अनहेल्‍दी लाइफस्‍टाइल से हार्मोन्‍स ड‍िस्‍टर्ब हो जाते हैं और पीर‍ियड्स समय पर नहीं आते हैं।
  • पीर‍ियड्स अन‍ि‍यम‍ित होने पर डॉक्‍टर से संपर्क करें, यह प्रेग्‍नेंसी का संकेत भी हो सकता है।

अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स की समस्‍या केवल डाइट से ठीक हो जाती है?

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Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने कहा, ''नहीं केवल डाइट से अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स ठीक नहीं हो सकते हैं, हालांक‍ि हेल्‍दी डाइट से अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स को ठीक करने में मदद म‍िल सकती है। कई मामलों में डाइट में बदलाव करने से सुधार हो सकता है, लेक‍िन अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स का इलाज इसके कारण पर न‍िर्भर करता है। अत्यधिक व्यायाम, बहुत तेजी से वजन कम होना या बहुत कम वजन होना भी कुछ महिलाओं में पीरियड्स अनियमित होने का कारण बन सकता है।''

क्‍या कहती है स्‍टडी?

साल 2024 में The Journal Of International Medical Research में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, डाइटरी आदतें, मह‍िलाओं के मास‍िक धर्म स्‍वास्‍थ्‍य को प्रभाव‍ित करने वाले कारकों में से एक हो सकता है। स्‍टडी में बताया गया है क‍ि असंतुलित खानपान और पोषण से जुड़ी कुछ कमि‍यां, पीरियड्स से संबंध‍ित समस्याओं के जोखिम से संबंधित हो सकती हैं जैसे पीर‍ियड्स में ज्‍यादा ब्‍लीडि‍ंग या तेज दर्द होना, पीर‍ियड्स साइकल में गड़बड़ी होना वगैरह।

डाइट में व‍िव‍िधता की कमी नहीं होनी चाह‍िए

साल 2026 में The Journal Of Nutrition में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, ज‍िन लड़कियों की डाइट में व‍िव‍िधता की कमी थी, उनमें पीर‍ियड्स संबंध‍ित समस्‍याएं ज्‍यादा देखने को म‍िलीं। Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि अगर डाइट में आयरन की कमी होगी, तो पीर‍ियड्स में थकान या कमजोरी ज्‍यादा हो सकती है। इसी तरह व‍िटाम‍िन्‍स या म‍िनरल्‍स की कमी होने से हार्मोनल फंक्‍शन प्रभाव‍ित हो सकता है। डाइट में व‍िव‍िधता को बरकरार रखने के ल‍िए हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, अंडे, फल, नट्स, बीज, साबुत अनाज, व‍िटाम‍िन सी र‍िच फूड्स को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं।

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पोषक तत्‍वों की कमी और पीर‍ियड्स का संबंध

  • कुछ मह‍िलाओं में ब्‍लीड‍िंग ज्‍यादा होने के कारण आयरन की कमी हो सकती है ज‍िससे थकान और कमजोरी महसूस होती है इसल‍िए आयरन की कमी से बचना चाह‍िए।
  • प्रजनन स्‍वास्‍थ्‍य के ल‍िए फोलेट और व‍िटाम‍िन डी भी जरूरी हैं। फोलेट, विटामिन D और अन्य आवश्यक पोषक तत्व प्रजनन स्वास्थ्य, हार्मोनल संतुलन और शरीर के सामान्य कार्यों के लिए महत्वपूर्ण हैं। यदि इनमें कमी हो, तो डॉक्टर की सलाह अनुसार पूर्ति करनी चाहिए।
  • पीर‍ियड्स में ओमेगा और प्रोटीन की कमी से भी बचना चाह‍िए क्‍योंक‍ि ये हार्मोन्स को सपोर्ट करते हैं जिससे अन‍ियम‍ित पीरि‍यड्स की समस्‍या दूर हो सकती है।

अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स को कैसे ठीक करें?

  • साल 2024 में BMC Women’s Health में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी में बताया गया क‍ि ज‍िन मह‍िलाओं में प्रोटीन, विटामिन के, विटामिन बी3, विटामिन बी5 और सोडियम की कमी थी, उनमें पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं ज्‍यादा देखी गईं। इन समस्‍याओं में ज्यादा ब्लीडिंग, पीरियड्स में दर्द और मासिक धर्म चक्र की अनियमितता शाम‍िल थी।
  • पीएमओएस (PMOS) के कारण पीर‍ियड्स रेगुलर नहीं है, तो डॉक्‍टर वेट लॉस और इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने की सलाह देते हैं। इसके अलावा हार्मोन्‍स को सपोर्ट करने वाली दवाएं दी जाती हैं। कुछ मामलों में गर्भनिरोधक गोलियां दी जाती हैं क्‍योंकि ये हार्मोन्‍स को कंट्रोल करती हैं।
  • थायराइड हार्मोन की कमी या अधिकता के अनुसार दवाएं दी जाती हैं। यह भी अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स का एक कारण है।
  • हार्मोन असंतुलन होने पर हार्मोन टेस्ट के आधार पर इलाज किया जा सकता है। कुछ मामलों में प्रोजेस्टेरोन या अन्य हार्मोनल इलाज की जरूरत पड़ सकती है।
  • स्‍ट्रेस घटाने, पर्याप्त नींद लेना और नियमित फ‍िजि‍कल एक्‍ट‍िव‍िटी, हार्मोनल बैलेंस में मदद कर सकती है।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • अगर तीन महीने से ज्‍यादा समय तक पीर‍ियड्स न आएं।
  • हर महीने पीर‍ियड साइक‍िल अन‍ियम‍ित हो।
  • बहुत ज्‍यादा ब्‍लीड‍िंग या दर्द हो।
  • पीरियड्स के साथ अचानक वजन बढ़ना, चेहरे पर ज्यादा बाल, मुंहासे या बाल झड़ना शुरू हो जाए, तो भी डॉक्‍टर से संपर्क करें।
  • यदि गर्भधारण की योजना होने के बावजूद लंबे समय तक पीरियड्स अनियमित रहें, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।

न‍िष्‍कर्ष:

केवल डाइट में बदलाव करके अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स की समस्‍या को दूर नहीं क‍िया जा सकता है। अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स के पीछे अगर पोषक तत्‍वों की कमी है, वजन ज्‍यादा है या लो कैलोरी इंटेक है, तो डाइट में बदलाव करना फायदेमंद हो सकता है। हेल्‍दी डाइट लेने से अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स को रेगुलर करने में मदद म‍िलती है, लेक‍िन यह इलाज नहीं है। पीएमओएस के मामलों में हार्मोनल दवाओं की मदद ली जाती है और लाइफस्‍टाइल में बदलाव जैसे स्‍ट्रेस घटाना, एक्‍सरसाइज वगैरह से मदद म‍िल सकती है। साथ ही डाइट में प्रोटीन, कैल्‍श‍ियम, व‍िटाम‍िन सी, व‍िटाम‍िन बी, व‍िटाम‍िन डी र‍िच फूड्स को शाम‍िल करना चाह‍िए, इससे हार्मोनल हेल्‍थ को सपोर्ट म‍िलता है।

FAQ

  • अनियमित पीरियड्स का कारण जानने के ल‍िए कौन से टेस्‍ट होते हैं?

    थायराइड टेस्‍ट, TSH, FH, LH, एस्ट्रोजेन, प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोनल टेस्‍ट, अल्‍ट्रासाउंड, ब्‍लड शुगर टेस्‍ट, प्रेग्नेंसी टेस्ट वगैरह से पीर‍ियड्स के रेगुलर न होने का कारण पता चल सकता है।
  • क्या ज्यादा ब्लीडिंग भी अनियमित पीरियड्स का संकेत है?

    हां, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना या लंबे समय तक ब्लीडिंग या बार-बार पीरियड्स आना भी अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स और हार्मोनल समस्‍या का संकेत है ज‍िसकी जांच करानी चाह‍िए।

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    Jul 28, 2026 18:05 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jul 28, 2026 18:05 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Tanima Singhal