Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chandni Jain Gupta , Dermatologist

सिर्फ वजन नहीं, त्‍वचा को भी प्रभाव‍ित करता है थायराइड, डॉक्‍टर से जानें स्‍क‍िन में होने वाले बदलाव

कई बार हम त्‍वचा की ड्राईनेस या हेयर फॉल को केवल एक मामूली स्‍क‍िन प्रॉब्‍लम समझ लेते हैं, लेक‍िन ये थायराइड के लक्षण हो सकते हैं। थायराइड में हार्मोन्‍स के असंतुल‍ित होने के कारण त्‍वचा में बदलाव नजर आ सकते हैं। जानते हैं थायराइड होने पर त्‍वचा में क्‍या चेंज देखने को म‍िल सकता है?

थायराइड की खास बात यह है क‍ि एक डर्मेटोलॉज‍िस्‍ट भी आपकी त्‍वचा को देखकर अंदाजा लगा सकता है क‍ि आपको थायराइड है या नहीं। ऐसा इसल‍िए क्‍योंक‍ि थायराइड का असर वजन, मूड और एनर्जी ही नहीं, बल्‍क‍ि त्‍वचा और बालों को भी प्रभाव‍ित करता है। थायराइड हार्मोन त्‍वचा की कोश‍िकाओं को प्रभाव‍ित करता है। इससे त्‍वचा की बनावट, लोच और नमी में भी बदलाव आ सकता है। यही नहीं बल्‍क‍ि थायराइड हार्मोन त्‍वचा की र‍िपेयर प्रक्र‍िया में अहम भूम‍िका न‍िभाता है, अगर थायराइड हार्मोन में असंतुलन होता है, तो त्‍वचा की हील‍िंग प्रक्र‍िया को भी प्रभाव‍ित कर सकता है। आगे जानते हैं थायराइड होने पर त्‍वचा में कौन से बदलाव देखने को म‍िल सकते हैं? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Chandni Jain, Dermatologist, Cosmetologist And Hair Transplant Surgeon At Elantis Healthcare, New Delhi से बात की।

थायराइड होने पर त्‍वचा में नजर आ सकते हैं ये बदलाव

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Dr. Chandni Jain ने बताया क‍ि थायराइड होने पर जब व्‍यक्‍त‍ि को चोट लगती है, तो जख्‍म को भरने में सामान्‍य से अध‍िक समय लगता है। यह भी थायराइड का एक छ‍ुपा संकेत है। थायराइड में कुछ मरीजों में आंखें बाहर की ओर उभरी हुई द‍िखती हैं, यह भी थायराइड का संकेत हो सकता है। American Academy Of Dermatology Association के मुताब‍िक, थायराइड बीमारी के कई लक्षण त्वचा, बालों और नाखूनों पर दिखाई दे सकते हैं जैसे-

  • त्‍वचा में ड्राईनेस।
  • रैशेज के बगैर त्‍वचा में खुजली होना।
  • त्‍वचा के कुछ-कुछ ह‍िस्‍से में अंदरूनी दाने जैसा उभार महसूस होना।
  • त्‍वचा में रेड स्‍पॉट नजर आना जो आते-जाते रहते हैं।
  • गर्दन में सूजन दि‍खना।
  • चेहरे पर सूजन द‍िखना, खासतौर पर आईल‍िड और होंठों के पास।

त्‍वचा में पीलापन

साल 2010 में Dermato Endocrinology में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुता‍ब‍िक, हाइपोथायराइड मरीजों में कैरोटीन (Carotene) जमा होने के कारण हथेलियों, तलवों और नाक के आसपास की त्वचा में पीला रंग दिखाई दे सकता है।

नाखूनों में नजर आने वाले बदलाव

  • नाखूनों का धीरे-धीरे बढ़ना।
  • नाखूनों का आसानी से टूट जाना।
  • मुड़े हुए नाखून।
  • नाखूनों पर उभरी हुई धारियां नजर आना।
  • उंगली के सिरे में सूजन होना।

बालों में नजर आने वाले बदलाव

  • भौंहों के बाहरी किनारों पर बालों का कम होना।
  • बेजान, रूखे और कमजोर बाल जो आसानी से टूट जाते हैं।
  • बालों का पतला होना या गंजेपन के पैच दिखना।
  • बालों का बहुत धीरे-धीरे बढ़ना।
  • सिर की त्वचा का रूखा होना।
  • स्‍कैल्‍प में खुजली और डैंड्रफ होना।
  • पैरों, हाथों और शरीर के दूसरे हिस्सों पर बालों का कम होना।

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हाइपोथायराइड और हाइपरथायराइड होने पर त्‍वचा में क्‍या बदलाव आते हैं?

हाइपरथायराइड (Hyperthyroidism)

हाइपरथायराइड में थायराइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाती है। इस स्‍थ‍ित‍ि में व्‍यक्‍त‍ि का वजन घट सकता है। हाइपरथायराइड में हेयर थि‍न‍िंग की समस्‍या हो सकती है।

हाइपोथायराइड (Hypothyroidism)

हाइपोथायराइड में थायराइड ग्रंथि जरूरत से कम हार्मोन बनाती है। इस स्‍थ‍िति‍ में व्‍यक्‍त‍ि का वजन बढ़ सकता है। हाइपोथायराइड में स्‍क‍िन ड्राईनेस और हेयर फॉल की समस्‍या हो सकती है।

क्‍या कहती है स्‍टडी?

साल 2023 में Frontiers In Endocrinology में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, टी3 और टी4 थायराइड हार्मोन त्‍वचा की सामान्‍य कार्यप्रणाली बनाए रखने में अहम भूम‍िका न‍िभाते हैं। स्‍टडी में बताया गया है क‍ि हाइपरथायराइड और हाइपोथायराइड में भी त्‍वचा पर थायराइड हार्मोन का असर नजर आता है। त्‍वचा में बदलाव को थायराइड का शुरुआती संकेत समझें। अगर ब‍िना कारण त्‍वचा में ड्राईनेस द‍िखे, हेयर फॉल हो, त्‍वचा में सूजन नजर आए, तो लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाह‍िए।

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थायराइड टेस्‍ट कब कराएं?

  • त्‍वचा ज्‍यादा ड्राई हो जाए या रैशेज नजर आएं।
  • अध‍िक मात्रा में बाल झड़ रहे हों।
  • बिना कारण वजन बढ़ या घट रहा हो।
  • ज्यादा थकान महसूस हो।
  • इन लक्षणों के नजर आने पर डॉक्‍टर की सलाह पर TSH, टी3 और टी4 टेस्‍ट कराएं।

थायराइड में स्‍क‍िन को स्‍वस्‍थ कैसे रखें?

  • हाइपरथायराइड में शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होने के कारण ज्यादा पसीना आ सकता है। ज्‍यादा पसीना आने से त्‍वचा में इंफेक्‍शन का खतरा बढ़ सकता है इसल‍िए द‍िन में कम से कम दो बार चेहरे को साफ करें।
  • त्‍वचा को ड्राईनेस से बचाने के ल‍िए स्‍क‍िन टाइप के मुताब‍िक, मॉइश्चराइजर अप्‍लाई करें।
  • थायराइड में हार्मोनल बदलाव के कारण एक्‍ने हो सकते हैं इसल‍िए त्‍वचा को साफ रखें। मेकअप अप्‍लाई करने के बाद रात में चेहरे को फेसवॉश और पानी से साफ करना न भूलें।
  • हाइपोथायराइड में त्वचा की तेल और नमी बनाए रखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे त्वचा सूखी हो सकती है। स्‍क‍िन ड्राईनेस से बचने के ल‍िए माइल्‍ड फेसवॉश और डॉक्‍टर की सलाह पर हयालूरोनिक एसिड युक्‍त प्रोडक्‍ट्स का इस्‍तेमाल कर सकते हैं ताक‍ि त्‍वचा को नमी म‍िल सके।

न‍िष्‍कर्ष:

थायराइड हार्मोन के असंतुल‍ित होने से त्‍वचा में ड्राईनेस, खुजली, रेड स्‍पॉट, पीलापन, सूजन जैसे लक्षण द‍िख सकते हैं। थायराइड में नाखूनों में भी बदलाव देखने को म‍िल सकता है जैसे ग्रोथ स्‍लो होना, नाखूनों का जल्‍दी टूटना, मुड़े हुए नाखून, नाखूनों पर धार‍ियां नजर आना वगैरह। इसके अलावा थायराइड का असर बालों पर भी देखने को म‍िलता है। कुछ लोगों में स्‍कैल्‍प में खुजली, डैंड्रफ, स्‍कैल्‍प में ड्राईनेस, पतले बाल, हेयर फॉल जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। त्‍वचा और बालों में ये बदलाव नजर आने पर डॉक्‍टर की सलाह से टी3, टी4, टीएसएच टेस्‍ट करा सकते हैं।

FAQ

  • क्‍या थायराइड की वजह से त्‍वचा के रंग में बदलाव आता है?

    हां, कुछ लोगों में थायराइड की वजह से त्‍वचा के रंग में बदलाव देखने को म‍िलता है। हाइपोथायराइड में त्‍वचा पीली नजर आ सकती है।
  • थायराइड का इलाज कराने से स्‍क‍िन हेल्‍थ बेहतर होती है?

    हां, अगर थायराइड का इलाज कराएंगे, तो हार्मोन्‍स का असंतुल‍न कंट्रोल होगा और त्‍वचा में धीरे-धीरे सुधार देखने को म‍िल सकता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 30, 2026 18:50 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
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