Mon Sep 21, 2026 | 08:04 PM IST

Medically Reviewed by Dr M V Jyothsna , Consultant Obstetrician & Gynaecologist

पीरियड्स खत्म होने के बाद भी थकान क्यों रहती है? शरीर के ये संकेत न करें नजरअंदाज

पीरियड्स खत्म होने के बाद भी कमजोरी और थकान बनी रहे तो इसके पीछे शरीर में खून की कमी, आयरन की कमी, नींद या दूसरे कारण हो सकते हैं। यहां डॉक्टर से जानिए, पीरियड्स खत्म होने के बाद भी थकान क्यों रहती है और कब ध्यान देना जरूरी है।
पीरियड्स खत्म होने के बाद भी थकान क्यों रहती है? शरीर के ये संकेत न करें नजरअंदाजपीरियड्स खत्म होने के बाद भी थकान क्यों रहती है? शरीर के ये संकेत न करें नजरअंदाज

पीरियड्स खत्म होने के बाद जब ब्लीडिंग बंद हो जाती है, तो आमतौर पर उम्मीद होती है कि शरीर फिर से पहले जैसा एनर्जेटिक महसूस करेगा लेकिन कई महिलाओं को ऐसा नहीं लगता। पीरियड्स खत्म होने के 2-3 दिन बाद भी शरीर में भारीपन, आलस, कमजोरी या हर समय थका-थका महसूस हो सकता है। यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद की कंसल्टेंट ऑब्स्टेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, हर बार इसकी वजह सिर्फ पीरियड्स के दौरान हुआ ब्लड लॉस नहीं होती है। शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, आयरन की कमी, नींद का पैटर्न बिगड़ना, तनाव, खान-पान में गड़बड़ी या शरीर को पर्याप्त पोषण न मिलना भी इसके पीछे कारण हो सकते हैं।

गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. एम. वी. ज्योत्सना का कहना है कि अगर हर महीने पीरियड्स के बाद इसी तरह की थकान महसूस होती है, तो यह शरीर की ओर से मिलने वाला ऐसा संकेत हो सकता है जिस पर ध्यान देना जरूरी है। खासकर उन महिलाओं को इस समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जिनके पीरियड्स बहुत ज्यादा या लंबे समय तक चलते हैं।

पीरियड्स के बाद थकान क्यों रहती है?

गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, पीरियड्स के दौरान अगर ब्लीडिंग ज्यादा होती है या लगातार कई दिनों तक रहती है, तो शरीर में आयरन की कमी हो सकती है। आयरन हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी होता है, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। इसकी कमी होने पर पीरियड्स खत्म होने के बाद भी कमजोरी और थकान बनी रह सकती है।

  • कुछ महिलाओं में हार्मोनल बदलाव भी पीरियड्स के आस-पास एनर्जी और मूड को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा पीरियड्स के दौरान दर्द, नींद में कमी से भी शरीर को पर्याप्त आराम और पोषण नहीं मिल पाता।
  • अगर हर महीने पीरियड्स में बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होती है और उसके बाद कई दिनों तक कमजोरी महसूस होती है, तो इस पर ध्यान देना जरूरी है। बार-बार ज्यादा ब्लीडिंग होने से आयरन की कमी और एनीमिया का खतरा बढ़ सकता है।
  • थकान के साथ चक्कर आना, सिरदर्द, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज महसूस होना, स्किन का पीला पड़ना या सामान्य काम करने में भी जल्दी थक जाना जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
  • केवल आयरन की गोली अपने मन से शुरू करने के बजाय जांच के बाद कारण पता करना बेहतर होता है।

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साल 2025 में Journal of Orthopedics Research and Rehabilitation में प्रकाशित स्टडी के अनुसार-

  • महिलाओं में पीरियड्स के शुरुआती और Early Luteal Phase के दौरान थकान का लेवल काफी बढ़ जाता है।
  • हालांकि, इस दौरान उनकी फिजिकल एक्टिविटी या मूड में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया। इसका मतलब है कि थकान महसूस होने के बावजूद महिलाएं अपनी दिनचर्या जारी रखती हैं।
  • इसलिए, हेल्थ एक्सपर्ट और फिटनेस ट्रेनर्स को महिलाओं के लिए खेल या एक्सरसाइज का प्लान बनाते समय उनके शरीर में होने वाले इन बदलावों और थकान को जरूर ध्यान में रखना चाहिए, ताकि उनके लिए एक सही और सुरक्षित रूटीन तैयार किया जा सके।

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थकान के साथ ये संकेत भी हो सकते हैं जरूरी

  • गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. एम. वी. ज्योत्सना कहती हैं कि पीरियड्स के बाद थकान के साथ अगर लगातार चिड़चिड़ापन, कमजोरी, नींद में बदलाव, वजन में अचानक बदलाव या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी हो रही है, तो इसके पीछे केवल पीरियड्स को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।
  • कभी-कभी थायराइड से जुड़ी समस्या, विटामिन या पोषक तत्वों की कमी, लंबे समय से चला आ रहा तनाव या नींद की समस्या भी शरीर की एनर्जी को प्रभावित कर सकती है।
  • इसलिए अगर थकान हर महीने दोहराती है या धीरे-धीरे बढ़ रही है, तो इसके पैटर्न पर ध्यान देना जरूरी है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, थकान और उसके साथ मौजूद दूसरे लक्षणों को समझना जरूरी है। अगर पीरियड्स खत्म होने के बाद भी थकान लगातार बनी रहती है, बार-बार होती है या आपकी रोजमर्रा की एक्टिविटी को प्रभावित करने लगी है, तो डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। खासकर बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, चक्कर, बेहोशी जैसा महसूस होना, सांस फूलना, सीने में असहजता या ज्यादा कमजोरी जैसे लक्षण हों तो जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए। डॉक्टर जरूरत के अनुसार, हीमोग्लोबिन, आयरन और अन्य चेकअप की सलाह दे सकते हैं।

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निष्कर्ष

पीरियड्स खत्म होने के बाद थोड़ी थकान कुछ महिलाओं में सामान्य हो सकती है, लेकिन लंबे समय तक कमजोरी रहना शरीर में किसी कमी या स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। खासकर ज्यादा ब्लीडिंग के साथ होने वाली थकान को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है या दूसरे लक्षणों के साथ दिखाई देती है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर उचित जांच कराना बेहतर है।

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FAQ

  • पीरियड्स के बाद एनर्जी बढ़ाने के लिए क्या करें?

    नियमित और बैलेंस भोजन, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और अपनी क्षमता के अनुसार हल्की फिजिकल एक्टिविटी शरीर की एनर्जी बनाए रखने में मदद कर सकती है।
  • क्या पीरियड्स में नींद ज्यादा आना नॉर्मल है?

    कुछ महिलाओं को इस दौरान ज्यादा नींद या आराम की जरूरत महसूस हो सकती है लेकिन अगर ज्यादा नींद रोजाना के काम में बाधा बनने लगे, तो कारण जानना जरूरी है।
  • पीरियड्स के बाद कितने दिन तक कमजोरी रहती है?

    इसका कोई निश्चित समय नहीं होता है, यह ब्लीडिंग, शरीर की पोषण स्थिति, नींद और महिला की सेहत पर निर्भर कर सकता है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 21, 2026 18:33 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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