Wed Sep 16, 2026 | 07:59 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

पीरियड्स के दौरान चाय-कॉफी ज्यादा पीने से क्या होता है? एक्सपर्ट से जानें

पीरियड्स में अक्सर हार्मोनल असंतुलन इतना ज्यादा होता है कि लोग ज्यादा चाय और कॉफी पीने लगते हैं। हालांकि, इससे आपकी एंग्जयाटी और बढ़ सकती है और सेहत से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

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पीरियड्स में महिलाओं की स्थिति ऐसे भी काफी परेशान करने वाली होती है और समझ नहीं आता कि क्या खाएं और क्या नहीं? ऐसे में कई बार ज्यादा चाय और कॉफी पीने की क्रेविंग बढ़ जाती है जो कि इस दौरान शरीर में महसूस होने वाले लक्षणों को बढ़ा सकते हैं जैसे एंग्जायटी और मूड स्विंग्स। इसके अलावा भी पीरियड्स में चाय कॉफी पीने के कई नुकसान हैं जिसके बारे में डाइट एक्सपर्ट Angelcare-A Nutrition and Wellness Centre की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानते हैं।

पीरियड्स के दौरान चाय-कॉफी ज्यादा पीने से क्या होता है?

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि पीरियड्स के दौरान चाय-कॉफी ज्यादा परेशान करने वाला हो सकता है। दरअसल, चाय और कॉफी पीने से शरीर की ब्लोटिंग बढ़ सकती है और लग सकता है कि आपको बार-बार पेट दर्द और पेट में मरोड़ की समस्या हो रही है। इसके अलावा ज्यादा चाय और कॉफी पीने से इन्हें लेने की क्रेविंग और बढ़ सकती है। इसके अलावा आपका हार्मोनल हेल्थ और भी बिगड़ सकता है। इतना ही नहीं, पीरियड्स में चाय और कॉफी पीने से शरीर में अन्य नुकसान भी महसूस हो सकते हैं जैसे-

1. पीरियड्स में क्रैंप्स बढ़ जाते हैं

पीरियड्स में चाय कॉफी पीने से इस दौरान क्रैंप्स की समस्या बढ़ सकती है। दरअसल, कैफीन ब्लड वेसेल्स में रुकावट पैदा करता है जिससे खिंचाव की स्थिति आ जाती है और यूटरस में दर्द बढ़ता है जिससे पीरियड्स में क्रैंप्स की समस्या हो सकती है। इसके अलावा ये क्रैंप्स और इंटेंस कर देते हैं जिससे आपकी हालत और खराब हो सकती है।

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2. ब्लोटिंग बढ़ा देते हैं चाय और कॉफी

आपको जानकर हैरानी हो सकती है लेकिन पीरियड्स में चाय और कॉफी पीना ब्लोटिंग की समस्या बढ़ा सकता है। कैफीन ड्यूरेटिक की तरह काम करता और तरह पदार्थों के बहाव को बढ़ा देता है। इसके अलावा ये शरीर में शरीर में सूजन पैदा करता है जिससे न होकर भी आपको पीरियड्स के दौरान ब्लोटिंग की दिक्कत महसूस हो सकती है।

3. डाइजेशन की समस्याओं को बढ़ाते हैं

पीरियड्स में चाय और कॉफी पीना आपके डाइजेशन को प्रभावित कर सकता है। चाय और कॉफी में मिलने वाले एक्टिव इंग्रीडिएंट्स आपके पेट की लाइनिंग को परेशान कर सकते हैं। इसके अलावा ये पेट में एसिड प्रोडक्शन को बढ़ावा देते हैं जिससे एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ जाती है और इस दौरान एसिडिटी होने लगती है। साथ ही आप बार-बार सीने में जलन की समस्या महसूस कर सकती हैं।

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4. खून की कमी बढ़ा सकते हैं

पीरियड्स में ज्यादा चाय कॉफी पीने से शरीर में खून की कमी हो सकती है। दरअसल, चाय में टैनिन होता है जो कि इस दौरान डाइट से मिलने वाले आयरन के अवशोषण को प्रभावित करता है। इससे होता ये है कि आप जो भी खाते हैं शरीर उनसे मिलने वाले आयरन को अवशोषित नहीं कर पाता है जिससे खून की कमी होती है और पीरियड्स में कमजोरी और चक्कर आने जैसे लक्षण महसूस होते हैं।

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5. ज्यादा थकान महसूस हो सकती है

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि पीरियड्स में महिलाएं ज्यादा थकान होने की शिकायत करती हैं और इसे दूर करने के लिए चाय और कॉफी पीती हैं। जबकि, ज्यादा चाय और कॉफी पीने से ये थकान और बढ़ सकती है। ज्यादा चाय और कॉफी आपकी बॉडी को और स्टिमुलेट कर देती है जिससे स्लीप साइकिल प्रभावित हो सकती और आपकी नींद खराब हो सकती है।

चाय-कॉफी की जगह इन चीजों का करें सेवन

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि पीरियड्स में आपको चाय कॉफी की जगह लेमनग्रास टी और कैमोमाइल टी लें जिनके एंटीऑक्सीडेंट्स इन दिनों आपको बेहतर महसूस करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा आप इस दौरान अपनी डाइट में अजवाइन की चाय, सौंफ की चाय और अदरक की चाय पी सकते हैं। ये पाचन क्रिया को सही करने के साथ गर्भाशय की मांसपेशियों का सिकुड़ना कम करते हैं जिससे पीरियड्स में दर्द कम होता है। इसके अलावा इनके सेवन से मतली और उल्टी जैसी समस्याएं नहीं होती।

पीरियड्स में ग्रीन टी पीना क्यों फायदेमंद है?

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि आप ग्रीन टी ले सकती हैं जो कि पीरियड्स में दर्द को कम करने में मददगार है। BMJ जर्नल प्रकाशित शोध में बताया गया है कि ग्रीन टी COX-2 एंजाइम को रोकता है। ये गर्भाशय में प्रोस्टाग्लैंडीन (prostaglandins) नामक कैमिकल के अधिक बनने के कारण होता है जिससे। ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन COX-2 एंजाइम को रोकते हैं, जिससे प्रोस्टाग्लैंडीन का उत्पादन कम हो जाता है इससे पीरियड्स में पेट दर्द कम होता है।

फॉस्फोलिपेज़ A2 (Phospholipase A2) को रोकना: कैटेचिन फॉस्फोलिपेज़ A2 एंजाइम की गतिविधि को भी धीमा करते हैं। यह एंजाइम एराकिडोनिक एसिड (arachidonic acid) बनाने में शामिल होता है, जो प्रोस्टाग्लैंडीन बनाने के लिए आवश्यक है। इस प्रक्रिया को धीमा करके कैटेचिन दर्द पैदा करने वाले रसायनों के उत्पादन को और कम कर देते हैं।

निष्कर्ष:

अंत में अर्चना जैन कहती हैं कि पीरियड्स में नारियल पानी पीना और नींबू पानी पीना ज्यादा मददगार साबित हो सकता है। ये डाइजेशन से जुड़ी तमाम समस्याओं जैसे ब्लोटिंग कम करने के साथ आपको रिफ्रेशिंग महसूस करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही अगर आपको बहुत ज्यादा चाय और कॉफी पीने का मन भी हो रहा है तो इसे मात्र 2 बार पिएं। इससे ज्यादा चाय और क़ॉफी पीने से बचें।

FAQ

  • पीरियड्स में चाय-कॉफी पीने से पेट दर्द क्यों होता है?

    चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन ब्लड वेसेल्स में रुकावट पैदा कर सकता है, जिससे गर्भाशय में खिंचाव और ऐंठन बढ़ सकती है।
  • पीरियड्स दौरान ब्लोटिंग को कम करने के लिए क्या पीना चाहिए?

    नारियल पानी और नींबू पानी ब्लोटिंग को कम करने में मदद कर सकते हैं क्योंकि ये शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं और पाचन में सुधार करते हैं।

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 16, 2026 18:32 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Archana Jain

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