जब भी महिलाओं में पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं की बात आती है, तो सबसे पहले क्रैम्प्स और मूड स्विंग का जिक्र होता है। हालांकि, पीरियड्स के दौरान ब्लोटिंग की समस्या भी बहुत आम है, जो कई महिलाओं को परेशान करती है। पीरियड्स शुरू होने के 2 से 3 दिन पहले ही पेट में भारीपन और सूजन महसूस होने लगती है। Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant- Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida का कहना है कि पीरियड्स के दौरान ब्लोटिंग की समस्या बहुत आम है और लगभग 70% से 80% महिलाएं पीरियड साइकिल में इस समस्या को महसूस करती हैं। यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, बल्कि उनके शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों की एक प्रतिक्रिया है।
पीरियड्स में ब्लोटिंग क्यों होती है?
Mayo Clinic के अनुसार, पीरियड्स शुरू होने से पहले शरीर में हार्मोन के लेवल में होने वाले बदलावों के कारण शरीर में पानी जमा होने लगता है, जो ब्लोटिंग का कारण बन सकता है। इसके अलावा, इस समस्या में आपका खान-पान भी अहम भूमिका निभा सकता है।
Dr. Anju Suryapani के अनुसार, पीरियड्स के दौरान या उससे ठीक पहले ब्लोटिंग होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल है:
1. एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का उतार-चढ़ाव
पीरियड्स शुरू होने से लगभग एक हफ्ता पहले महिला के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स का लेवल तेजी से बदलता है। जब एस्ट्रोजन का लेवल बढ़ता है तो शरीर में वाटर रिटेंशन होने लगता है, यानी सेल्स और टिश्यू पानी को सोखकर रोकने लगते हैं। वहीं, प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल बढ़ने से पाचन तंत्र धीमा हो जाता है। पाचन क्रिया धीमी होने के कारण खाना धीरे-धीरे पचता है, जिससे पेट में गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग की समस्या होने लगती है।
2. वाटर रिटेंशन
वाटर रिटेंशन यानी शरीर में पानी का जमाव ब्लोटिंग होने के सबसे बड़ी वजहों में से एक है। इस दौरान पानी सिर्फ पेट में ही नहीं, बल्कि ब्रेस्ट, हाथों और पैरों में भी जमा होने लगता है, जिससे पूरे शरीर में हल्की सूजन या भारीपन महसूस होता है।
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3. नमक का सेवन
पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा जंक फूड्स या नमकीन चीजों का सेवन शरीर में ब्लोटिंग की समस्या को बढ़ा सकता है। ज्यादा नमक का सेवन करने से सोडियम शरीर में पानी को और ज्यादा रोकने लगता है।
4. शारीरिक गतिविधियों की कमी
पीरियड्स के दौरान या उसके पहले दर्द या आलस के कारण लगातार बैठे या लेटे रहने से पाचन और धीमा हो जाता है। पीरियड्स से पहले और दौरान हल्की शारीरिक गतिविधियां भी नहीं करने के कारण भी ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है।
ब्लोटिंग से बचाव और राहत के उपाय
Dr. Anju Suryapani कहती हैं कि अगर आप हर महीने पीरियड्स के दौरान ब्लोटिंग की समस्या से परेशान रहते हैं तो राहत पाने के लिए अपने पीरियड्स शुरू होने के 4 से 5 दिन पहले इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।
1. भरपूर मात्रा में पानी पिएं
पीरियड्स के दौरान ब्लोटिंग की समस्या से राहत पाने के लिए जरूरी है कि आप भरपूर मात्रा में पानी पिएं। Dr. Anju Suryapani का कहना है कि आप जितना ज्यादा पानी पीएंगी, शरीर उतना ही जमा हुए अतिरिक्त पानी और सोडियम को बाहर निकालेगा। रोजाना कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी पिएं। गुनगुना पानी पीना पाचन तंत्र के लिए बेहतर माना जाता है।
2. नमक और प्रोसेस्ड फूड पर रोक लगाएं
सोडियम शरीर में पानी को रोकने का काम कर सकता है। इसलिए, पीरियड्स से 5 दिन पहले और पीरियड्स के दौरान खाने पर ऊपर से नमक छिड़ककर खाने, चिप्स, नमकीन, अचार, सॉस और पैक्ड सूप जैसी चीजों से पूरी तरह परहेज करने की कोशिश करें। खाने में नमक का सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें।
3. पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर डाइट लें
अपनी डाइट में पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स शामिल करें। पोटैशियम आपके शरीर में सोडियम के लेवल को संतुलित करता है और वाटर रिटेंशन को कम करता है। इसलिए, आप अपनी डाइट में केला, नारियल पानी, खीरा, पालक, शकरकंद और एवोकाडो शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा मैग्नीशियम से भरपूर डार्क चॉकलेट, बादाम और कद्दू के बीज शामिल कर सकते हैं।
4. चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स से दूरी
बहुत सी महिलाएं पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से राहत पाने के लिए बार-बार चाय या कॉफी का सहारा लेती हैं। ज्यादा कैफीन या सोडा ड्रिंक्स पेट में गैस की समस्या को बढ़ा सकते हैं। इसलिए, चाय या कॉफी की जगह आप अदरक की चाय, सौंफ का पानी या पुदीने की चाय पी सकती हैं। ये ड्रिंक्स आपके पेट की मांसपेशियों को आराम देने और ब्लोटिंग की समस्या को दूर करने में मदद कर सकती हैं।
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5. हल्की एक्सरसाइज या वॉक करें
पीरियड्स के दौरान बहुत कठिन वर्कआउट करने की जरूरत नहीं होती है, लेकिन सारा दिन आराम करने से ब्लोटिंग की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए, आप रोजाना 20 से 30 मिनट हल्की वॉक करें। भुजंगासन, बालासन और पवनमुक्तासन जैसे योगासन कर सकते हैं, जो पेट की गैस को बाहर निकालने और पाचन को बेहतर रखने में बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
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कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
पीरियड्स में ब्लोटिंग होना आम बात है। हालांकि, अगर पीरियड्स खत्म होने के बाद भी ब्लोटिंग की समस्या बंद न हो, पेट में बहुत तेज दर्द हो, ब्लोटिंग के साथ लगातार उल्टी, दस्त या बुखार आ रहा हो तो इन समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह एंडोमेट्रियोसिस, PCOS या फाइब्रॉएड जैसी स्थिति का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से मिलने की जरूरत है।
निष्कर्ष
पीरियड महिलाओं के शरीर का एक नेचुरल साइकिल है। पीरियड्स के दौरान ब्लोटिंग होने की समस्या के कारण बहुत ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। बस आप अपने खान-पान और लाइफस्टाइल में हेल्दी बदलाव करें। इसके लिए नमक का सेवन कम करें, पानी की मात्रा बढ़ाएं और हल्की वॉक करें।
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FAQ
पीरियड्स में ज्यादा दर्द होने पर क्या करना चाहिए?
पीरियड्स के दौरान ज्यादा दर्द होने पर गुनगुना पानी पिएं, पेट की हल्की मालिश करें, हल्की वॉक करें और पेट के निचले हिस्से और पीठ पर हीटिंग पैड से सिकाई करें।पीरियड का दर्द कितना खतरनाक होता है?
पीरियड का नॉर्मल दर्द हल्का होता है, लेकिन अगर दर्द बहुत ज्यादा और असहनीय है तो यह किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
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Sep 05, 2026 21:15 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Anju Suryapani
