Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

पीरियड्स से पहले मुंहासे अचानक क्यों निकल आते हैं? डॉक्टर से जानें इसके कारण

पीरियड्स से पहले पिंपल, एक्ने होना का मुख्य कारण है एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में गिरावट आना। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि इन्हें मैनेज नहीं किया जा सकता है। नियमित रूप से साफ-सफाई और सही डाइट की मदद से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

आपने अक्सर नोटिस किया होगा कि पीरियड्स से ठीक पहले चेहरे पर पिंपल या दाने हो जाते हैं। महिलाएं इस तरह के पिंपल की ओर ज्यादा ध्यान नहीं देती हैं, क्योंकि पीरियड्स खत्म होते ही ये पिंपल भी अपने आप ठीक हो जाते हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर पीरियड्स के ठीक पहले पिंपल या एक्ने क्यों हो जाते हैं और इसके पीछे क्या कारण जिम्मेदार हैं? आइए, जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट क्या बताते हैं?

राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा के अनुसार, पीरियड्स के ठीक पहले पिंपल होने की ठोस वजह है, हार्मोनल बदलाव। हालांकि, यह कोई ऐसी समस्या नहीं है, जिसे मैनेज नहीं किया जा सकता है। हां, इस बात का भी ध्यान रखें कि कई बार पिंपल आपकी जीवनशैली और खराब खान-पान का भी नतीजा होती है। इसलिए, पीरियड्स के ठीक पहले हो रहे पिंपल को सिर्फ हार्मोन से जोड़कर देखना सही नहीं होगा। इसके पीछे असली कारण जानकर आप समस्या का समाधान कर सकते हैं।

The Journal of Clinical and Aesthetic Dermatology के अनुसार पीरियड्स में सिर्फ मूड स्विंग या पीरियड क्रैम्प्स होना ही नॉर्मल नहीं है। इसके साथ-साथ मुंहासे की समस्या भी होती है। तथ्य यह है कि करीब 65 प्रतिशत महिलाएं पीरियड्स के दौरान पिंपल होने की शिकायत करती देखी जाती हैं। जिन महिलाओं को पहले से ही पिंपल की दिक्कत है, उनकी कंडीशन और बिगड़ जाती है।

पीरियड्स से पहले मुंहासे होने के कारण- Causes Of Pimple During Periods

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एस्ट्रोजन के स्तर में गिरावट: डॉ. करुणा मल्होत्रा के अनुसार, "पीरियड्स के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर तेजी से गिर जाता है। इसके साथ-साथ प्रोजेस्टेरोन और एंड्रोजन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। नतीजतन, शरीर में कई तरह की समस्याएं शुरू हो जाती हैं, जिनमें से एक पिंपल होना भी है। जानकारी के लिए बता दें एस्ट्रोजन हार्मोन स्किन को हाइड्रेटेड रखता है और प्राकृतिक सीबम प्रोडक्शन को भी नियंत्रित करता है।"

टेस्टोस्टेरोन के स्तर में वृद्धिः जैसा कि कुछ देर पहले ही बताया है कि पीरियड्स के दौरान प्रोजेस्टेरोन और एंड्रोजन हार्मोन के स्तर में बढ़ोतरी होती है। टेस्टोस्टेरोन भी एक तरह का एंड्रोजन हार्मोन ही है। इसे मेल हार्मोन भी कहा जाता है। इसकी हार्मोन की मात्रा पुरुषों में अधिक पाई जाती है, क्योंकि यह मेल ट्रेट्स को बैलेंस करता है। टेस्टोस्टेरोन के बढ़ने से त्वचा में ऑयल प्रोडक्शन बढ़ जाता है, जिससे रोमछिद्र अधिक तैलीय हो जाते हैं और पिंपल बढ़ने लगते हैं

रोमछिद्र का बंद होनाः पीरियड्स के दौरान सिर्फ ऑयल प्रोडक्शन ही नहीं बढ़ता है, बल्कि इसकी वजह से त्वचा अधिक तैलीय हो जाती है, जो कि स्किन पोर्स को बंद कर देती है। ऐसे में त्वचा में धूल-मिट्टी गंदगी आदि के जमने का जोखिम भी अधिक होता है। नीतजतन, पीरियड्स के ठीक पहले चेहरे पर पिंपल आदि निकलने लगते हैं।

त्वचा में सूजन का बढ़नाः डॉ. करुणा मल्होत्रा स्पष्ट करती हैं, "अगर त्वचा में ऑयल प्रोडक्शन बढ़ता है, तो इसकी वजह से न सिर्फ स्किन पोर्स ब्लाॅक होते हैं, बल्कि त्वचा की सफाई न हो, तो इन्फ्लेमेशन का रिस्क भी बढ़ जाता है। इसका मतलब है कि त्वचा में सूजन आ जाती है। यह भी पिंपल का एक बड़ा कारण होता है।"

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पीरियड्स के दौरान पिंपल को कैसे मैनेज करें?

क्रम  क्या करें? विशेषता
1.  साफ-सफाई का ध्यान रखें अगर आप उन महिलाओं व लड़कियों में हैं, जिन्हें प्रत्येक बार पीरियड्स के दौरान पिंपल हो जाते हैं, तो अपनी स्किन की क्लिनिंग पर विशेष जोर दें। ध्यान रखें कि दिन में दो बार चेहरा जरूर वाॅश करें।
2. क्रीम लगाएं डॉक्टर की सलाह पर ऐसे क्रीम का उपयोग करें, जिसे सीधे प्रभावित हिस्से में लगाया जा सके। इससे बैक्टीरिया मरते हैं और दोबारा पिंपल होने का जोखिम कम होता है।
3. गर्म सिकाई करें पिंपल हो जाए, तो उसे खुरचने की गलती न करें। इसके बजाय, प्रभावित हिस्से पर गर्म सिकाई करें। इससे सूजन कम होती है और पिंपल की सूजन में भी कमी आती है।
4. सही डाइट लें

पीरियड्स के दौरान होने वाले पिंपल से छुटकारा पाने के लिए आपको सही डाइट भी फॉलो करनी चाहिए। इन दिनों लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली डाइट फॉलो करें। इसके अलावा, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटी ऑक्सीडेंट्स युक्त चीजों का सेवन अधिक करें।

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कब जाएं डॉक्टर के पास?

डॉ. करुणा मल्होत्रा बताती हैं, "पीरियड्स के ठीक पहले मुंहासे के रूप में एक-दो दाने निकलें, तो इसको लेकर ज्यादा परेशान न हों। हां, अगर आपको बहुत ज्यादा पिंपल होते हैं, उनमें दर्द होता है और मवाद भी भर जाता है, तो इस स्थिति को इग्नोर न करें। इसके अलावा, यह भी नोटिस करें कि क्या पीरियड्स के तीन दिनों बाद ये पिंपल अपने आप ठीक हो रहे हैं या नहीं? गर ऐसा न हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और अपना ट्रीटमेंट करवाएं।"

निष्कर्ष

पीरियड्स के ठीक पहले पिंपल होना कोई गंभीर समस्या नहीं है, इसलिए इसको लेकर ज्यादा परेशान नहीं होना चाहिए। आपको सिर्फ अपनी स्किन की समय-समय पर क्लिनिंग करनी चाहिए। हां, अगर पिंपल पीरियड्स खत्म होने के बाद भी ठीक नहीं होते हैं, उनमें सूजन और दर्द बढ़ता जाता है, तो बेहतर है कि आप समय रहते डॉक्टर के पास जाएं और अपना ट्रीटमेंट करवाएं।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या चेहरे के निचले हिस्से पर ही पीरियड्स वाले पिंपल्स ज्यादा होते हैं?

    हां, चेहरे के निचले हिस्से पर ही पीरियड्स वाले पिंपल्स ज्यादा होते हैं। मुख्य रूप से ठोड़ी और जॉलाइन के आस-पास ये पिंपल अधिक नजर आए हैं। इस हिस्से में मौजूद सीबेशियस ग्लैंड एंड्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के उतार-चढ़ाव पर तेजी से प्रतिक्रिया करती हैं।
  • पीरियड्स के पिंपल्स को ठीक करने के लिए कौन-कौन से स्किनकेयर इंग्रीडिएंट्स प्रभावी है?

    विशेषज्ञ की मानें तो सैलिसिलिक एसिड इसके लिए ज्यादा फायदेमंद है, क्योंकि ये बंद छिद्रों को साफ करता है। बेंजोइल पेरोक्साइड, मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारता है और नियासिनामाइड, सूजन तथा लालिमा को कम करता है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 04, 2026 19:15 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra

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