कभी-कभी व्यक्ति काम में बिजी रहता है और अचानक से आंखों से पानी आने लगता है, लेकिन कई लोगों की आंखों में पानी इतना ज्यादा आता है कि आंखें पोंछनी पड़ती है। इसको अक्सर लोग लैपटॉप या स्क्रीन का अधिक इस्तेमाल और धूल-मिट्टी जैसे कारणों को आम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये कई अन्य समस्याओं के कारण भी हो सकता है। ऐसे में आइए Dr. Purendra Bhasin, Ophthalmologist, Ratan Jyoti Netralaya Ophthalmic Institute & Research Centre, Gwalior से जानें।
अचानक आंखों से पानी क्यों आता है?
डॉ. पुरेंद्र भसीन के अनुसार, आंख की बाहरी सतह पर कोई गड़बड़ी, जलन या रुकावट होती है, तो हमारी आंसू ग्रंथियां (Tear Glands) खुद को बचाने के लिए ज्यादा मात्रा में पानी बनाना शुरू कर देती हैं। इसे मेडिकल भाषा में 'एपिफोरा' (Epiphora) भी कहा जाता है। आंखों में अचानक पानी आना सिर्फ एक नॉर्मल लक्षण नहीं है, बल्कि यह आंख के किसी अंदरूनी बिमारी या इंफेक्शन का संकेत हो सकता है।
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1. एलर्जी और आंखों में सेंसिटिविटी (Allergies)
अचानक आंखों में पानी आने का सबसे आम कारण एलर्जी है। जब वातावरण में मौजूद धूल-मिट्टी, परागकण (pollen), पालतू जानवरों के बाल या कोई खास खुशबू आंखों के संपर्क में आती है, तो हमारी आंखें उसके प्रति तुरंत प्रतिक्रिया करती हैं।
इसे एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस (Allergic Conjunctivitis) भी कहते हैं। इस स्थिति में आंखों में अचानक तेज खुजली होती है, आंखें लाल हो जाती हैं और बचाव के तौर पर आंसू ग्रंथियों से लगातार पानी निकलने लगता है।
2. ब्लेफेराइटिस यानी पलकों की सूजन (Blepharitis)
ब्लेफेराइटिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हमारी पलकों के किनारों पर सूजन आ जाती है। आमतौर पर यह पलकों की जड़ों में मौजूद तेल की ग्रंथियों (Meibomian Glands) के बंद होने या उनमें बैक्टीरिया का इंफेक्शन होने के कारण होता है।
जब ये तेल ग्रंथियां ठीक से काम नहीं करतीं, तो आंसुओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इससे व्यक्ति को आंखों में जलन, पपड़ी जमना और भारीपन महसूस होता है। आंखें इस जलन से राहत पाने के लिए ज्यादा पानी बनाने लगती हैं।
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3. अश्रु नलिकाओं का बंद होना
हमारी आंखों में बनने वाले आंसू पलकों के अंदर कोने में मौजूद छोटी-छोटी नलियों के जरिए बह जाते हैं। इसे टियर डक्ट्स (Tear Ducts) कहा जाता है।
अगर किसी इंफेक्शन, सूजन या उम्र बढ़ने के कारण ये अश्रु यानी आंसू नलिकाएं बंद हो जाती हैं, तो आंसू नेचुरल रूप से बाहर नहीं निकल पाते है। ऐसी स्थिति में आंसू आंख की सतह पर ही जमा होने लगते हैं और बिना किसी कारण के अचानक गालों पर बहने लगते हैं।
4. ड्राई आई सिंड्रोम
जब आंखों में नेचुरल रूप से सही गुणवत्ता वाले आंसू नहीं बनते, तो आंखों की सतह ड्राई हो जाती है। जब आंख ज्यादा ड्राई हो जाती है, तो दिमाग को सिग्नल मिलता है कि आंख में नमी की कमी है। इसके कारण अश्रु तंत्र तुरंत प्रतिक्रिया करता है और एक साथ बहुत सारा पानी (Reflex Tears) छोड़ देता है।
5. गुहेरी या स्टाई (Styes)
पलकों के किनारे पर एक छोटी, लाल और दर्दनाक फुंसी हो जाती है, जिसे आम भाषा में गुहेरी कहा जाता है। यह पलकों की तेल ग्रंथियों में बैक्टीरिया के इंफेक्शन की वजह से बनती है।
स्टाई होने पर आंख में कुछ चुभने जैसा अहसास होता है, पलक में सूजन आ जाती है और दर्द होता है। इस अंदरूनी दर्द और चुभन के कारण आंख से लगातार और अचानक पानी आने लगता है।
6. आंख में चोट या खरोंच
अगर आंख में गलती से कोई खरोंच लग जाए, नाखून लग जाए या कोई छोटा सा कण जोर से टकरा जाए, तो कॉर्निया (Cornea) को नुकसान पहुंचता है। कॉर्निया बहुत सेंसिटिव होती है। आंख की सतह पर छोटी सी चोट लगते ही आंख अपने बचाव के लिए बहुत सारा पानी बनाने लगती है, ताकि अगर कोई बाहरी कण अंदर हो, तो वह आंसुओं के साथ बाहर निकल जाए।
7. धुएं या हवा में मौजूद जहरीले तत्व
पर्यावरण में मौजूद प्रदूषण, धुआं, केमिकल के संपर्क में आने या प्याज काटते समय निकलने वाले तत्व आंखों के लिए इरिटेंट (जलन पैदा करने वाले) का काम करते हैं। जैसे ही ये जहरीले तत्व आंखों के संपर्क में आते हैं, आंखों का तंत्रिका तंत्र एक्टिव हो जाता है। आंखें खुद को इन हानिकारक रसायनों से साफ करने और धोने के लिए तुरंत पानी छोड़ना शुरू कर देती हैं।
Cleveland Clinic के अनुसार, आंखों से अचानक पानी आने की समस्या को मेडिकल भाषा में एपिफोरा (Epiphora) कहा जाता है, जो मुख्य रूप से आंखों में ज्यादा आंसू बनने या आंसू निकलने वाली नालियों (tear ducts) में रूकावट आने के कारण होती है। इसके सबसे आम कारणों में एलर्जी, ड्राई आई, पलकों की सूजन (blepharitis), गुहोरी (stye) और ब्लॉक टियर डक्ट शामिल हैं। इसके अलावा, धुआं, धूल-मिट्टी, कॉर्निया में खरोंच (corneal abrasion) जैसी बाहरी चोट या जलन, तथा कंजंक्टिवाइटिस (pink eye) व साइनस इंफेक्शन जैसे इंफेक्शन भी आंखों से अचानक आंसू बहने की वजह बन सकते हैं।
आंखों में पानी आने की समस्या से बचाव के उपाय
अगर आपको कभी-कभी अचानक आंखों में पानी आने की समस्या होती है, तो कुछ सावधानियों पर खास का ध्यान देना जरूरी है।
1. आंखों को न रगड़ें
पानी आने या खुजली होने पर कभी भी हाथों से आंखों को जोर से न रगड़ें, इससे कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है।
2. साफ पानी से धोएं
अगर किसी धुएं या धूल के कारण पानी आ रहा है, तो साफ और ठंडे पानी के छींटे मारकर आंखों को धोएं।
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3. सफाई का ध्यान रखें
हाथों को धोएं बिना आंखों को न छुएं और अगर स्टाई या ब्लेफेराइटिस की शिकायत है, तो गर्म कपड़े से हल्की सिकाई करें।
4. सनग्लासेस पहनें
बाहर निकलते समय सनग्लासेस का इस्तेमाल करें ताकि आंखों को धूल, हवा और सीधी धूप से बचाया जा सके।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
अगर व्यक्ति को आंखों से पानी बहने के साथ धुंधला दिखने, आंखों के ज्यादा लाल होना, दर्द होना या मवाद आने जैसी समस्याएं होती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
निष्कर्ष
अचानक आंखों में पानी आना सिर्फ एक नॉर्मल प्रतिक्रिया हो सकती है और किसी अंदरूनी बीमारी का शुरुआती लक्षण भी। यह समस्या एलर्जी और आंखों में सेंसिटिविटी, ब्लेफेराइटिस, अश्रु नलिकाओं का बंद होना, ड्राई आई सिंड्रोम, स्टाई, आंख में चोट या खरोंच, धुएं या हवा में मौजूद जहरीले तत्वों के संपर्क में आने के कारण व्यक्ति को आंखों में पानी आने की समस्या हो सकती है।
अगर आपकी आंखों से लगातार पानी बह रहा है, साथ में धुंधला दिखने, आंखों के ज्यादा लाल होना, दर्द होना या मवाद आने जैसी समस्या हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि किसी भी गंभीर समस्या से समय रहते बचा जा सके।
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FAQ
आंखों से पानी आना किसका लक्षण है?
आंखों से पानी आना इंफेक्शन, आंसू की नली में रुकावट, ड्राई आई सिंड्रोम, कंजंक्टिवाइटिस और पलकों से जुड़ी समस्याओं के लक्षण हो सकता है।आंखों की समस्याओं के क्या लक्षण हैं?
आंखों से जुड़ी समस्या होने पर व्यक्ति को धुंधला दिखने, रेडनेस होने, सिरदर्द आंखों में तनाव, डबल दिखने और आंखों में सूखापन होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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Current Version
Sep 30, 2026 23:59 IST
Modified By : Priyanka Sharma Sep 30, 2026 23:59 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Purendra Bhasin
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