Sun Oct 18, 2026 | 03:42 AM IST

Medically Reviewed by Dr. Aravinda S N , Lead Consultant – Internal Medicine

देर रात खाने से आपकी नींद पर क्या असर पड़ता है? डॉक्टर से जानें

देर रात खाना खाने की आदत नींद और पाचन क्रिया को प्रभावित कर सकती है, जिससे एसिड रिफ्लक्स और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। अच्छी नींद और बेहतर पाचन के लिए सोने से 2-3 घंटे पहले हल्का खाना खाने और कैफीन व हैवी खाने से बचने की सलाह दी जाती है।
देर रात खाने से आपकी नींद पर क्या असर पड़ता है? डॉक्टर से जानेंदेर रात खाने से आपकी नींद पर क्या असर पड़ता है? डॉक्टर से जानें

आज के समय में देर रात तक जागना और रात में देर से खाना खाना एक ट्रेंड बन चुका है। ज्यादातर लोग रात को देर से खाना खाते हैं और कई बार कुछ लोगों को देर रात भूख लगती है। ऐसे में कई लोग घर में रखे प्रोसेस्ड या अनहेल्दी फूड्स को खा लेते हैं। जिसके कारण नींद पर भी बुरा असर होता है और शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता है। आइए Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bangalore से जानें देर रात खाने से नींद पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में।

देर रात खाना खाने से आपकी नींद पर असर

डॉ. अरविंद के अनुसार, देर रात खाना खाने से हर किसी की नींद खराब नहीं होती है, लेकिन सोने से ठीक पहले बहुत ज्यादा, हैवी या ज्यादा प्रोसेस्ड खाना खाने से आराम से सोना मुश्किल हो सकता है। इस स्थिति में खाने का समय, मात्रा और प्रकार मायने रखते हैं।

रात को देर से खाना खाने से व्यक्ति को एसिड रिफ्लक्स, पाचन प्रक्रिया के प्रभावित होने, नींद न आने, ब्लड शुगर के अनियंत्रित होने और नींद बार-बार खुलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 

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1. एसिड रिफ्लक्स की समस्या

रात को देर से खाना खाने से होने वाली परेशानियों में सबसे आम समस्याओं में से एक है एसिड रिफ्लक्स। जब आप खाना खाने के तुरंत बाद लेट जाते हैं, तो पेट की चीजें वापस फूड पाइप की तरफ आ सकती हैं। इसके कारण व्यक्ति को कई समस्याएं होती है। जैसे-

  • सीने में जलन।
  • खट्टा स्वाद या खट्टी डकारें।
  • गले में खराश।
  • मुंह कड़वा होना।
  • खांसी होना।

जिन लोगों को रिफ्लक्स की समस्या होती है, उनमें फैटी, ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और बहुत ज्यादा खाना खाने से यह परेशानी बढ़ सकती है। सोने से कुछ घंटे पहले रात का खाना खत्म करना और खाने के तुरंत बाद लेटने से बचना इस समस्या में मददगार हो सकता है।

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2. पाचन प्रक्रिया होती है प्रभावित

देर रात खाना खाने से नींद की क्वालिटी और पाचन पर भी असर पड़ सकता है। जब शरीर सोने की तैयारी कर रहा होता है, तब हैवी खाना खाने से पाचन की प्रक्रिया एक्टिव हो जाती है। जिससे कई परेशानियां महसूस हो सकती हैं, जो नींद की क्वालिटी को प्रभावित करती हैं।

  • पेट फूलना या ब्लोटिंग।
  • पेट में बेचैनी।
  • पेट में भारीपन महसूस होना।

3. कैफीन युक्त ड्रिंक नींद को करती हैं प्रभावित

कैफीन वाली चीजें और ड्रिंक्स, जैसे कॉफी, चाय, कोला और चॉकलेट, देर से लेने पर नींद में ज्यादा रूकावट डाल सकते हैं, क्योंकि कैफीन शरीर में कई घंटों तक असरदार रह सकता है।

4. ब्लड शुगर हो सकता है अनियंत्रित

मीठे स्नैक्स और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से ब्लड ग्लूकोज लेवल अनियंत्रित हो सकता है, हालांकि इसका असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग होता है। ऐसे में देर रात रिफाइंड कार्ब्स और मीठे स्नैक्स का सेवन करने से बचना चाहिए।

5. नींद की क्वालिटी होती है प्रभावित

रात को देर से अल्कोहल जैसी ड्रिंक्स का सेवन करने से शुरू में तो नींद आ सकती है, लेकिन बाद में रात में नींद बार-बार टूट सकती है और नींद की क्वालिटी पर बुरा असर पड़ता है। इसके कारण व्यक्ति को अलग दिन काम पर फोकस करने में परेशानी हो सकती है।

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क्या कहती है स्टडी?

साल 2021 में British Journal of Nutrition में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, सोने से एक घंटे से भी कम समय पहले खाने या ड्रिंक्स का सेवन करने से रात में नींद के बार-बार टूटने का खतरा 2.26 गुना तक बढ़ जाता है, साथ ही ज्यादा लंबी नींद (>9 घंटे) होने की संभावना 1.79 गुना बढ़ जाती है। रिसर्च के अनुसार, देर रात खाने के कारण जब नींद की गुणवत्ता खराब होती है, तो शरीर उसकी भरपाई करने के लिए ज्यादा समय तक सोने की कोशिश करता है। वहीं, खाने और सोने के समय के बीच अंतर जितना ज्यादा होता है, नींद के बीच में जागने और बहुत छोटी या ज्यादा लंबी नींद होने का खतरा उतना ही कम हो जाता है।

क्या रात को भूखे पेट सोना सही है?

डॉ. अरविंद का कहना है, इसका मतलब यह नहीं है कि लोगों को रात में भूखे पेट सोना चाहिए। अगर किसी को सोने से पहले सच में भूख लगती है, तो हैवी खाने के बजाय थोड़ा और संतुलित स्नैक लेना ज्यादा आरामदायक हो सकता है। इसके लिए हेल्दी स्नैक्स को चुनें। जैसे-

  • थोड़ी मात्रा में दही।
  • मुट्ठी भर नट्स।
  • हल्के फल।
  • प्रोटीन का कॉम्बिनेशन जैसे ऑप्शन।

ये स्नैक्स हैवी नहीं लगते हैं और अच्छी नींद के लिए सहायक हो सकते हैं।

बेहतर नींद और पाचन के लिए क्या करें?

डॉ. अरविंद बताते हैं, पाचन दुरुस्त रखने और अच्छी नींद के लिए कुछ बातों का खास ध्यान रखा जा सकता है।

  • सोने से लगभग 2-3 घंटे पहले रात का खाना खाने की कोशिश करें, खासकर अगर आपको रिफ्लक्स या अपच की समस्या है।
  • रात के खाने की मात्रा कम रखना और हल्का खाना खाने की कोशिश करें।
  • देर रात कैफीन, अल्कोहल और बहुत ज्यादा मसालेदार या फैटी खाने से बचने की कोशिश करें।
  • खाना खाने के तुरंत बाद न लेटें, थोड़ी देर टहलें जरूर, जो सेहत के लिए फायदेमंद है।

निष्कर्ष

कभी-कभार देर रात खाना खाने से नींद खराब होने की संभावना कम होती है, लेकिन सोने से ठीक पहले हैवी खाना खाने की आदत नींद की क्वालिटी को खराब कर सकती है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से ही रिफ्लक्स, पेट फूलने या पाचन से जुड़ी समस्याएं हैं। ध्यान रहे, अधिक परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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FAQ

  • अच्छी नींद के लिए क्या करें?

    अच्छी नींद के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, हेल्दी खाना खाने, सोने और रात के खाने के बीच 2-3 घंटों का अंतर रखें, स्क्रीन टाइम कम करें, हल्का डिनर करें और रात को कैफीन युक्त ड्रिंक्स का सेवन करने से बचें।
  • रात को हैवी खाना खाने से क्या होता है?

    देर रात ज्यादा हैवी और अधिक मसालेदार खाना खाने से व्यक्ति के पाचन तंत्र के कमजोर होने, एसिडिटी, वजन बढ़ने, सीने में जलन, नींद न आने, रात में बार-बार नींद खुलने और ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल एंव लिवर जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 30, 2026 23:55 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
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