Sun Sep 13, 2026 | 12:46 AM IST

Medically Reviewed by Dr. Aravinda S N , Lead Consultant – Internal Medicine

रात में देर से खाना खाने की आदत शरीर पर क्या असर डालती है? डॉक्टर से जानें

आज की व्यस्त जीवनशैली में देर रात खाना खाने की आदत पाचन, नींद और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। यह आदत हर व्यक्ति पर अलग असर डालती है, इसलिए संतुलित भोजन और नियमित दिनचर्या जरूरी है।

आज की व्यस्त जीवनशैली में खाने का समय अक्सर हमारी दिनचर्या के अनुसार बदलता रहता है। काम, पढ़ाई, यात्रा, देर तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल और बदलती नींद की आदतों के कारण कई लोग रात में देर से खाना खाते हैं। कुछ लोगों के लिए देर से खाना रोज की आदत बन जाता है, जबकि कुछ लोग रात में भूख लगने पर कुछ खा लेते हैं।

खाने का समय हमारे शरीर की दिनचर्या से जुड़ा हुआ है। भोजन के बाद शरीर उसे पचाने का काम करता है और इसके लिए शरीर को कुछ समय की जरूरत होती है। ऐसे में खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर चले जाना कुछ लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता, क्योंकि खान-पान, भोजन की मात्रा, शारीरिक गतिविधि और नींद की आदतें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आइए इस बारे में Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।

खाने के तुरंत बाद लेटने से क्या होता है?

जब हम खाना खाते हैं तो पाचन की प्रक्रिया शुरू होती है। अगर भोजन करने के तुरंत बाद लेट जाएं, तो कुछ लोगों को पेट से जुड़ी असहजता महसूस हो सकती है। खासकर बहुत ज्यादा, तला-भुना, मसालेदार या भारी भोजन करने के बाद यह परेशानी अधिक महसूस हो सकती है।

कुछ लोगों को सीने में जलन, खट्टी डकार, पेट फूलना या पेट में भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों को पहले से एसिड रिफ्लक्स या गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स की समस्या रहती है, उनमें खाना खाने के बाद जल्दी लेटने से लक्षण अधिक परेशान कर सकते हैं।

what effect does the habit of eating late at night have on the body 01

देर रात का खाना और नींद

रात में खाया गया भोजन केवल पाचन को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि नींद पर भी असर डाल सकता है। यदि भोजन बहुत भारी हो या उससे पेट में असहजता पैदा हो, तो सोने में परेशानी हो सकती है। पेट में भारीपन या सीने में जलन के कारण नींद बार-बार टूट भी सकती है।

इसके अलावा, देर रात खाने के साथ चाय, कॉफी या अन्य कैफीन वाले पेय लेने की आदत भी नींद के लिए ठीक नहीं हो सकती। कैफीन कुछ लोगों में जागने की स्थिति को बढ़ा सकता है, जिससे सोने का समय आगे बढ़ सकता है।

क्या देर रात खाना मेटाबॉलिक हेल्थ को प्रभावित करता है?

देर रात खाना और शरीर के मेटाबॉलिज्म के बीच संबंध को लेकर चर्चा होती रही है। नियमित रूप से दिन की बड़ी मात्रा में कैलोरी रात में लेने की आदत कुछ परिस्थितियों में मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के लिए कम अनुकूल हो सकती है।

हालांकि, केवल घड़ी में समय देखकर यह कहना सही नहीं होगा कि किसी खास समय के बाद खाया गया हर भोजन नुकसानदायक है। व्यक्ति की कुल कैलोरी जरूरत, भोजन की गुणवत्ता, शारीरिक गतिविधि, नींद का समय और पूरी दिनचर्या को साथ में देखना जरूरी है।

अगर कोई व्यक्ति देर रात खाना खाता है, लेकिन उसकी पूरी दिनचर्या संतुलित है, तो स्थिति उस व्यक्ति से अलग हो सकती है जो नियमित रूप से बहुत अधिक भोजन करता है, शारीरिक गतिविधि कम करता है और नींद भी पूरी नहीं लेता।

भारी भोजन की जगह संतुलित विकल्प

अगर रात में सच में भूख लग रही है, तो केवल भूख को नजरअंदाज करके सोने की कोशिश करना हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है। ऐसी स्थिति में बहुत ज्यादा या भारी भोजन करने के बजाय हल्का और संतुलित विकल्प लिया जा सकता है।

भोजन की मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है। रात में बहुत अधिक खाना पेट पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है और सोने के समय असहजता पैदा कर सकता है। इसलिए जरूरत के अनुसार भोजन करना बेहतर तरीका हो सकता है।

भोजन और नींद के समय में रखें संतुलन

स्वस्थ दिनचर्या के लिए केवल खाने की चीजों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। भोजन और सोने के समय में भी नियमितता रखने की कोशिश करनी चाहिए। रोज अलग-अलग समय पर खाना और सोना शरीर की दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है।

जहां संभव हो, रात के भोजन और सोने के बीच पर्याप्त अंतर रखना उपयोगी हो सकता है। भोजन के बाद कुछ समय तक सामान्य गतिविधियों में रहना और तुरंत बिस्तर पर जाने से बचना कुछ लोगों में पाचन संबंधी परेशानी कम करने में मदद कर सकता है।

हर व्यक्ति पर असर एक जैसा नहीं होता

देर रात खाना सभी लोगों के लिए एक जैसा प्रभाव नहीं डालता। किसी व्यक्ति को रात में थोड़ा खाना खाने के बाद कोई परेशानी नहीं होती, जबकि दूसरे व्यक्ति को उसी स्थिति में एसिडिटी या नींद से जुड़ी समस्या हो सकती है।

इसलिए अपनी दिनचर्या और शरीर की प्रतिक्रिया को समझना महत्वपूर्ण है। यदि रात में खाना खाने के बाद बार-बार सीने में जलन, खट्टी डकार, पेट में दर्द या नींद में परेशानी होती है, तो इसे लगातार नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

निष्कर्ष

रात में देर से खाना अपने आप में हर व्यक्ति के लिए हानिकारक नहीं कहा जा सकता। असली बात यह है कि भोजन कितना है, किस तरह का है, व्यक्ति की कुल डाइट कैसी है, दिनभर कितनी शारीरिक गतिविधि होती है और नींद का समय कैसा है।

बहुत भारी भोजन करके तुरंत सोने से कुछ लोगों को पाचन और नींद से जुड़ी परेशानी हो सकती है। वहीं, रात में वास्तविक भूख लगने पर जरूरत के अनुसार छोटा और संतुलित भोजन लेना अलग स्थिति है। इसलिए किसी एक निश्चित समय को भोजन के लिए पूरी तरह अच्छा या बुरा मानने के बजाय संतुलित खान-पान, नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है।

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FAQ

  • रात को किस समय खाना खाना चाहिए?

    शाम को 7 से 8 बजे के बीच खाना खा लेना चाहिए। रात के खाने के साथ इस बात का ध्यान भी रखना चाहिए कि आपने रात को सोने से 2-3 घंटे पहले खाना खाया हो।
  • देर रात खाना खाने के क्या नुकसान हैं?

    रात देर से खाना खाने से व्यक्ति को पाचन के खराब होने, वजन बढ़ने, नींद से जुड़ी समस्या होने, ब्लड शुगर के असंतुलित होने, मेटाबॉलिज्म के स्लो होने और लिवर के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की समस्या हो सकती है।

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 12, 2026 23:50 IST

    Published By : Priyanka Sharma
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