Wed Oct 7, 2026 | 11:59 AM IST

Medically Reviewed by Dr. Aravinda S N , Lead Consultant – Internal Medicine

रात में देर से खाना खाने की आदत शरीर पर क्या असर डालती है? डॉक्टर से जानें

देर रात खाना खाने की आदत पाचन, नींद और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है, जिससे एसिडिटी, ब्लोटिंग और नींद में बाधा आने जैसी समस्याएं होती हैं। हेल्दी रहने के लिए रात को हल्का खाना खाएं और सोने से 2-3 घंटे पहले खाएं, साथ ही खाने के बाद थोड़ी वॉक करें।
रात में देर से खाना खाने की आदत शरीर पर क्या असर डालती है? डॉक्टर से जानेंरात में देर से खाना खाने की आदत शरीर पर क्या असर डालती है? डॉक्टर से जानें

आज के समय में बिजी लाइफस्टाइल के कारण खाने का समय अक्सर बदलता रहता है। काम, पढ़ाई, ट्रैवल, देर तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल और बदलती नींद की आदतों के कारण कई लोग रात में देर से खाना खाते हैं। कुछ लोगों के लिए देर से खाना रोज की आदत बन जाता है, जबकि कुछ लोग रात में भूख लगने पर कुछ खा लेते हैं, खासकर ठीक सोने से पहले। इस दौरान ज्यादा या हैवी खाना खाने से व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिसके कारण लोगों को सोने और पाचन प्रक्रिया में परेशानी होने जैसी समस्याएं होती हैं। आइए Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bengaluru से इन समस्याओं के बारे में विस्तार से जानें।

देर रात खाना खाने से क्या असर होता है?

डॉ. अरविंद एस एन का कहना है, देर रात खाना, खासकर सोने से ठीक पहले भारी या ज्यादा खाना खाने से पाचन, नींद और मेटाबोलिक हेल्थ पर असर पड़ सकता है। इसके कारण स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां बढ़ने लगती हैं, खासकर खाना खाने के तुरंत बाद लेटने पर।

खाना खाने के बाद लेटने से बढ़ती है परेशानी

खाना खाने के तुरंत बाद लेटने से एसिडिटी, सीने में जलन, खट्टी डकार, पेट फूलना यानी ब्लोटिंग या बेचैनी हो सकती है, खासकर मसालेदार, ज्यादा तला-भुना, फैटी या ज्यादा खाना खाने के बाद परेशानियां बढ़ सकती है। जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स या गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स की समस्या होती है, उनमें ये लक्षण ज्यादा बार दिख सकते हैं, खासकर लेटने के बाद।

इसे भी पढ़ें: देर रात तक जागने का दिल पर पड़ सकता है बुरा असर, डॉक्टर से समझें कनेक्शन

पड़ता है नींद पर असर

देर रात खाना खाने से नींद में भी खलल पड़ सकता है, खासकर तब जब खाने से पेट में कोई परेशानी हो या खाने के साथ कैफीन या दूसरी एक्टिव करने वाली चीजें ली गई हों। इनके कारण व्यक्ति ठीक से नींद नहीं ले पाता है। खराब नींद के कारण स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं।

what effect does the habit of eating late at night have on the body 01 (2)what effect does the habit of eating late at night have on the body 01 (2)

मेटाबॉलिज्म रहता है प्रभावित

पाचन के अलावा, रोजाना की कैलोरी का एक बड़ा हिस्सा देर रात लेना मेटाबोलिक हेल्थ के लिए अच्छा नहीं होता है, खासकर तब जब इसके साथ नींद का अनियमित पैटर्न, वजन बढ़ना या सुस्त लाइफस्टाइल जैसी बातें भी जुड़ी हों। इसके कारण परेशानियां बढ़ सकती हैं।

रात के समय खाने से जुड़ी किन बातों पर ध्यान देना जरूरी है?

डॉ. अरविंद आगे बताते हैं, समस्या सिर्फ यह नहीं है कि एक खास समय के बाद खाया गया खाना अपने-आप नुकसानदायक हो जाता है। आप क्या खाते हैं, कितना खाते हैं, आपकी कुल कैलोरी की मात्रा, एक्टिविटी का स्तर और सोने का समय, ये सभी बातें मायने रखती हैं।

क्या कहती है स्टडी?

साल 2015 में Nutrients Journal में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, रात को भारी खाना खाने से मोटापा और बीमारियां बढ़ती हैं, लेकिन सोने से पहले 150 कैलोरी का प्रोटीन शेक पीने से मांसपेशियों और मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है।

इसे भी पढ़ें: क्या रात में सोते समय दिल की धड़कन तेज हो जाती है? डॉक्टर से जानें इसका कारण और कब है खतरे की घंटी

रात को परेशानी से बचने के लिए सही तरीका है जरूरी

डॉ. अरविंद का कहना है, अगर किसी को रात में सचमुच भूख लगी हो, तो बहुत ज्यादा भूखे पेट सोने के बजाय थोड़ा, संतुलित खाना या स्नैक लेना बेहतर हो सकता है। आमतौर पर, खाने और सोने का समय एक जैसा बनाए रखना ज्यादा हेल्दी तरीका है। रात को खाने से जुड़ी कुछ बातों पर ध्यान दिया जा सकता है।

  • रात के समय हल्का और बैलेंस खाना खाएं।
  • रात को खाने और सोने के बीच 2-3 घंटों का अंतर रखें।
  • खाना खाने के बाद 10 मिनट की वॉक करें।
  • पाचन से जुड़ी या एसिड रिफ्लक्स जैसी स्थितियों में देर रात खाना खाने से बचें।

निष्कर्ष

देर रात खाना खाने से व्यक्ति को स्वास्थ्य से जुड़ी कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। खाना खाने के तुरंत बाद लेटने से नींद में बाधा आने, मेटाबॉलिज्म के स्लो होने, एसिडिटी, जलन, खट्टी डकार और ब्लोटिंग होने की समस्या हो सकती हैं।

हालाकिं यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि खाना कितना है, किस तरह का है, दिनभर में कितनी एक्टिविटी होती है और व्यक्ति की कुल डाइट कितनी है। इन समस्याओं से बचने के लिए देर रात खाना खाने से बचें, सोने से 2-3 घंटों खाना खाएं और खाना खाने के बाद वॉक करें। ध्यान रहे, स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने की कोशिश करें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • रात को किस समय खाना खाना चाहिए?

    शाम को 7 से 8 बजे के बीच खाना खा लेना चाहिए। रात के खाने के साथ इस बात का ध्यान भी रखना चाहिए कि आपने रात को सोने से 2-3 घंटे पहले खाना खाया हो।
  • देर रात खाना खाने के क्या नुकसान हैं?

    रात देर से खाना खाने से व्यक्ति को पाचन के खराब होने, वजन बढ़ने, नींद से जुड़ी समस्या होने, ब्लड शुगर के असंतुलित होने, मेटाबॉलिज्म के स्लो होने और लिवर के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की समस्या हो सकती है।

Read Next

→ बार-बार डकार आने की वजह क्या है? डॉक्टर से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 12, 2026 23:50 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Sep 12, 2026 23:50 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr. Aravinda S N