Sat Oct 10, 2026 | 01:39 AM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

देर रात स्नैक्स खाना पड़ सकता है भारी, बढ़ता है इन 5 बीमारियों का खतरा

क्‍या आप भी आधी रात को स्नैक्स खाते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाएं। ऐसा करने से मन को तो संतोष म‍िलता है, लेक‍िन कई बीमार‍ियों का खतरा बढ़ सकता है। जानें ऐसी 5 बीमार‍ियों के बारे में।
देर रात स्नैक्स खाना पड़ सकता है भारी, बढ़ता है इन 5 बीमारियों का खतरादेर रात स्नैक्स खाना पड़ सकता है भारी, बढ़ता है इन 5 बीमारियों का खतरा

कई लोग रात को देर तक जगते हैं और स्नैक्स जैसे प‍िज्‍जा, बर्गर, च‍िप्‍स, कोल्‍ड ड्र‍िंक जैसी चीजों का सेवन करते हैं। यह आदत कभी-कभार फॉलो करना या क‍िसी मजबूती के कारण देर रात खाने से नुकसान नहीं होता, लेक‍िन अगर आप बार-बार देर से स्नैक्स खाते हैं, तो इससे सेहत खराब हो सकती है और व्‍यक्‍त‍ि बीमार‍ियों का श‍िकार हो सकता है। जानें ऐसी 5 बीमार‍ियों के बारे में जो देर रात स्नैक्स खाने के कारण हो सकती हैं। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. मोटापा बढ़ सकता है

habit-of-snacking-side-effectshabit-of-snacking-side-effects

देर रात खाने से वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है और व्‍यक्‍त‍ि मोटापे का श‍िकार हो सकता है। पेट भर जाने का संकेत देने वाला हार्मोन लेप्‍ट‍िन रात को ज्‍यादा एक्‍ट‍िव नहींं होता है और इस कारण जब आप देर रात को खाते हैं, तो द‍िमाग को पेट भर जाने का संकेत नहीं म‍िलता और व्‍यक्‍त‍ि ज्‍यादा खा लेता है और मोटापा का खतरा बढ़ सकता है। साल 2022 में Cell Metabolism नामक जर्नल में प्रकाशि‍त एक स्‍टडी के मुताब‍िक, देर रात स्नैक्स खाने से शरीर की जैव‍िक घड़ी ब‍िगड़ जाती है ज‍िससे व्‍यक्‍त‍ि मोटापे का श‍िकार हो सकता है। स्‍टडी में बताया गया क‍ि खाने के समय से 4 घंंटे लेट खाने से भी सेहत पर बुरा असर होता है इसल‍िए इस लेट नाइट स्नैकि‍ंग की आदत से बचना चाह‍िए।

यह भी पढ़ें- क्या लगातार स्नैकिंग करने से मेटाबॉलिज्म पर असर पड़ता है? एक्सपर्ट से जानें

2. हार्ट अटैक का खतरा

देर रात स्नैक्स खाने की आदत से शरीर में फैट की मात्रा बढ़ने लगती है। इससे ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल बढ़ सकता है और हार्ट ड‍िजीज का खतरा बढ़ जाता है। देर रात खाने से व्‍यक्‍त‍ि हाई बीपी का श‍िकार भी हो सकता है और भव‍िष्‍य में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।

यह भी पढ़ें- हर माता-पिता को बच्चों के पोषण से जुड़ी ये 3 बातें जरूर जाननी चाहिए, ताकि बेहतर हो ग्रोथ

3. एस‍िड रिफ्लक्स की समस्‍या हो सकती है

देर रात स्नैक्स खाकर व्‍यक्‍त‍ि तुरंत लेट जाता है या आराम करता है। इस आदत से गट हेल्‍थ खराब हो सकती है। हमारे शरीर को खाना पचाने के ल‍िए खाने और सोने के बीच कुछ घंंटों का गैप चाह‍िए होता है और जब यह गैप नहीं हो पाता है, तो पाचन समस्‍याएं जैसे एस‍िड रिफ्लक्स या हार्टबर्न जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

यह भी पढ़ें- हेल्दी स्नैक्स भी वजन बढ़ा सकते हैं, एक्सपर्ट बता रहे हैं कैसे

4. देर रात स्नैक्स खाने से डायब‍ि‍टीज का खतरा बढ़ सकता है

अगर आप देर रात खाते हैं, तो इससे टाइप 2 डायब‍िटीज का खतरा बढ़ सकता है। शरीर की जैव‍िक घड़ी ब‍िगड़ने से इंसुल‍िन सेंस‍िट‍िव‍िटी बढ़ सकती है और लंंबे समय तक शुगर स्‍पाइक्‍स से व्‍यक्‍त‍ि डायब‍िटीज का श‍िकार हो सकता है।

यह भी पढ़ें- आपकी ओवरईटिंग का कारण कहीं फोन तो नहीं? डॉक्टर से जानें अनजाने में हो रही इस गलती का अंजाम

5. हार्मोनल समस्‍याओंं का खतरा

देर रात स्नैक्स खाने से हार्मोनल समस्‍याओं का खतरा बढ़ सकता है। रात में शरीर मेलाटोन‍िन हार्मोन र‍िलीज करता है, जो क‍ि लेप्‍ट‍िन और घ्रेल‍िन हार्मोन को प्रभाव‍ित करता है। घ्रेल‍िन हार्मोन द‍िमाग को भूख का संकेत देता है और ल‍ेप्‍ट‍िन द‍िमाग को पेट भर जाने का संंकेत देता है, लेक‍िन देर रात खाने से ये हार्मोन्‍स उल्‍टी द‍िशा में काम करते हैं यानी भूख बढ़ाने वाला हार्मोन बढ़ सकता है और पेट भरने का संकेत देने वाले हार्मोन का स्‍तर घट सकता है ज‍िससे हार्मोनल समस्‍याएं जैसे थायराइड और पीएमओएस का खतरा रहता है।

न‍िष्‍कर्ष:

देर रात स्नैक्स खाने की आदत मोटापा, हार्ट अटैक, एस‍िड रिफ्लक्स, डायब‍ि‍टीज और हार्मोनल समस्‍याओं का कारण बन सकती है। इसल‍िए बेहतर सेहत के ल‍िए इस आदत से बचना चाह‍िए।

FAQ

  • ड‍िनर और सोने के बीच क‍ितनी देर का गैप होना चाह‍िए?

    ड‍िनर करने और सोने के बीच कम से कम 3 से 4 घंटे का गैप होना चाह‍िए। इतनी देर में पेट में खाना पचने की प्रक्र‍िया को समय म‍िल जाता है और पाचन समस्‍याओं का खतरा कम होता है। 
  • दो मील्‍स के बीच क‍ितना गैप होना चाह‍िए?

    दो मील्‍स के बीच 4 से 6 घंटे का गैप होना चाह‍िए। इससे एस‍िड‍िटी से बचने और एनर्जी लेवल को बनाए रखने में मदद म‍ि‍लती है। 

Read Next

→ डाइट में शामिल करें ये देसी फाइबर रिच फूड्स, डाइजेशन रहेगा ऑन ट्रैक

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jun 30, 2026 23:16 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 30, 2026 23:16 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha