Wed Oct 14, 2026 | 06:09 AM IST

Medically Reviewed by Dr Sarada Pasangulapati , Consultant Medical Gastroenterologist & Hepatologist

क्या देर रात खाना खाने से फैटी लिवर का खतरा बढ़ता है? जानें डॉक्टर की राय

देर रात खाना खाने से शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित हो सकता है, जिससे फैटी लिवर का जोखिम बढ़ सकता है, खासकर अगर व्यक्ति सही डाइट नहीं लेता हो।
क्या देर रात खाना खाने से फैटी लिवर का खतरा बढ़ता है? जानें डॉक्टर की रायक्या देर रात खाना खाने से फैटी लिवर का खतरा बढ़ता है? जानें डॉक्टर की राय

फैटी लिवर आज के समय में तेजी से बढ़ने वाली लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों में से एक है। पहले इसे केवल ज्यादा शराब पीने वालों की समस्या माना जाता था, लेकिन अब बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं जो शराब का सेवन नहीं करते। खराब खानपान, मोटापा, डायबिटीज, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और अनियमित लाइफस्टाइल इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। इन्हीं आदतों में एक है देर रात खाना खाना, जिसे लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या यह आदत भी फैटी लिवर का कारण बन सकती है? इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने, यशोदा हॉस्पिटल हैदराबाद की कंसल्टेंट मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट, डॉ. सारदा पासंगुलपति से बात की।

क्या देर रात का खाना फैटी लिवर का कारण बन सकता है?

डॉ. सारदा पासंगुलपति के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति रोजाना देर रात भारी भोजन करता है और उसके तुरंत बाद सो जाता है, तो शरीर भोजन को सही तरीके से प्रोसेस नहीं कर पाता। इससे एक्स्ट्रा कैलोरी फैट के रूप में जमा होने लगती है, जिसका असर लिवर पर भी पड़ सकता है। हालांकि केवल देर से खाना ही फैटी लिवर का एकमात्र कारण नहीं है, लेकिन यह अन्य जोखिम कारकों के साथ मिलकर समस्या को बढ़ा सकता है। यदि यह आदत लंबे समय तक बनी रहे और इसके साथ ज्यादा कैलोरी, जंक फूड तथा शुगर ड्रिंक्स का सेवन भी हो, तो लिवर में फैट जमा होने का खतरा बढ़ सकता है।

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डॉक्टर की सलाह

डॉ. सारदा पासंगुलपति सलाह देती हैं कि रात का भोजन सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले कर लेना चाहिए। भोजन हल्का, बैलेंस और कम तेल-मसाले वाला होना चाहिए। नियमित एक्सरसाइज, वजन कंट्रोल रखना, शुगर ड्रिंक्स और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना भी जरूरी है। साथ ही पर्याप्त नींद और नियमित समय पर भोजन करने की आदत शरीर की बायोलॉजिकल घड़ी को संतुलित रखने में मदद करती है, जिससे लिवर बेहतर तरीके से काम करता है।

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निष्कर्ष

देर रात खाना खाना अकेले फैटी लिवर का कारण नहीं है, लेकिन यदि यह आदत लंबे समय तक बनी रहे और इसके साथ अनहेल्दी डाइट, मोटापा, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और डायबिटीज जैसी समस्याएं भी हों, तो फैटी लिवर का खतरा बढ़ सकता है। डॉ. सारदा पासंगुलपति के अनुसार, लिवर को हेल्दी रखने के लिए समय पर भोजन करना, बैलेंस डाइट लेना, नियमित एक्सरसाइज करना और हेल्दी वजन बनाए रखना सबसे प्रभावी उपाय हैं। यदि आपको फैटी लिवर का जोखिम है या लिवर से जुड़ी कोई समस्या महसूस हो रही है, तो खुद से इलाज करने के बजाय गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या फिजिशियन से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

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FAQ

  • फैटी लिवर का कारण क्या है?

    मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस, टाइप-2 डायबिटीज, हाई ट्राइग्लिसराइड्स, अनहेल्दी फूड और फिजिकल एक्टिविटी की कमी इसके कारण हैं।
  • रात का खाना कितने बजे तक खा लेना चाहिए?

    डॉक्टर के अनुसार, सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले रात का भोजन कर लेना बेहतर माना जाता है।
  • क्या फैटी लिवर शुरुआती अवस्था में ठीक हो सकता है?

    शुरुआती स्टेज में बैलेंस डाइट, नियमित एक्सरसाइज और वजन कम करके फैटी लिवर को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 29, 2026 15:09 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 29, 2026 15:09 IST

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