Mayo Clinic के अनुसार, मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीयोटिक लिवर डिजीज (MASLD), जिसे पहले 'नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज' (NAFLD) कहा जाता था, लिवर से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। इसमें लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है। यह उन लोगों को अधिक प्रभावित करता है जो मोटापे, टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। नॉन-अल्कोहलिक के अलावा, अगर शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने लगे, तो क्या इसके असर से फैटी लिवर हो सकता है? दरअसल, जब किडनी वेस्ट प्रोडक्ट्स जैसे यूरिक एसिड को निकालने में सक्षम नहीं होती, तो यूरिक एसिड लिवर को भी प्रभावित करने लगता है। इस बारे में हमने VNA Hospital के यूरोलॉजी, सेक्सोलॉजी और इनफर्टिलिटी विभाग के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. विनीत मल्होत्रा से जाना, तो उन्होंने बताया कि यूरिक एसिड बढ़ने से फैटी लिवर का रिस्क बहुत ज्यादा बढ़ सकता है, लेकिन लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव करके इस रिस्क को कम किया जा सकता है।
यूरिक एसिड और फैटी लिवर का कनेक्शन
Frontiers in Endocrinology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, MASLD दुनिया की सबसे आम लिवर की बीमारी है और अगर शरीर में प्यूरिन का टूटना ज्यादा बढ़ जाए, तो यूरिक एसिड बढ़ने लगता है। इससे न सिर्फ डायबिटीज, अर्थराइटिस और हार्ट की बीमारियां बढ़ने का रिस्क बढ़ जाता है, बल्कि स्टडी के मुताबिक यूरिक एसिड में हर 1 mg/dL की बढ़ोतरी NAFLD के रिस्क को 21% तक बढ़ा सकती है। इस स्टडी में यूरिक एसिड को जेंडर, उम्र और लाइफस्टाइल के साथ जोड़कर देखा गया है। इस रिसर्च से यह सामने आया है कि जिन लोगों का यूरिक एसिड बढ़ा हुआ था, उनमें सीधे तौर पर खराब कोलेस्ट्रॉल, मोटापे और फैटी लिवर की समस्या का रिस्क ज्यादा पाया गया। इस बारे में डॉ. विनीत कहते हैं कि यूरिक एसिड बढ़ने के कारण शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है, जो लिवर में सूजन बढ़ा सकता है। इसके अलावा, यूरिक एसिड बढ़ने से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है और यह लिवर में फैट को बढ़ा सकता है। 
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हाई यूरिक एसिड कैसे फैटी लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है?
Frontiers in Endocrinology में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, यूरिक एसिड बढ़ने के चार कारण फैटी लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। रिसर्च में बताया गया है कि 50 से 70 फीसदी डायबिटीज रोगियों को फैटी लिवर (NAFLD) की समस्या हो सकती है।
- ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस - जब यूरिक एसिड बढ़ता है, तो यह लिवर के टिश्यू में रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) को बढ़ा सकता है, जो लिवर के टिश्यू को नुकसान पहुंचाता है और सूजन बढ़ा सकता है।
- सूजन - जब शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के कारण सूजन बढ़ती है, तो लिवर में NLRP3 इन्फ्लामसोम एक्टिव हो सकता है, जिससे लिवर के टिश्यू में क्रोनिक इन्फ्लेमेशन होने लगता है।
- लिपिड मेटाबॉलिज्म में बदलाव - जब यूरिक एसिड लिवर में फैट बनने की प्रोसेस को तेज करता है, तो फैट को कम करने का प्रोसेस धीमा हो जाता है। इससे लिवर पर फैट तेजी से जमा होने लगता है।
- इंसुलिन रेजिस्टेंस - जब शरीर में यूरिक एसिड बढ़ता है, तो इंसुलिन का असर कम होने लगता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस बनने के कारण लिवर में फैट जमा होने लगता है और फैटी लिवर की समस्या बढ़ जाती है।
क्या ज्यादा मीठा खाने से हाई यूरिक एसिड और फैटी लिवर हो सकता है?
Journal of Hepatology 2018, के अनुसार, शुगर और हाई-फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप का ज्यादा इस्तेमाल करना दुनिया भर में बढ़ते फैटी लिवर (NAFLD) के मामलों का एक प्रमुख कारण है। अध्ययन के अनुसार, फ्रुक्टोज लिवर में फैट को बर्न करने वाली प्रक्रिया को धीमा कर देता है और लिवर में नए फैट बनाने के प्रोसेस को तेज कर देता है। इस वजह से शुगर का ज्यादा इस्तेमाल लिवर में फैट बढ़ा देता है। जब लिवर शुगर को पचाने का काम करता है, तो फ्रुक्टोज को तोड़ने के लिए शरीर की एनर्जी इस्तेमाल होती है और इस प्रोसेस के दौरान शरीर यूरिक एसिड बनाता है। यही यूरिक एसिड लिवर में फैट जमा करने और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा करने के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
डॉ. विनीत मल्होत्रा यूरिक एसिड और फैटी लिवर के कनेक्शन को समझाते हुए कहते हैं, “सबसे पहले जानना चाहिए कि फ्रुक्टोज ऐसा कार्बोहाइड्रेट है, जिसे पचाने के दौरान यूरिक एसिड बढ़ सकता है। आमतौर पर शहद और फलों में यह नेचुरल रूप से होता है, लेकिन कोल्ड ड्रिंक्स, सोडे वाले ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड फूड में हाई फ्रुक्टोज होता है, जो शरीर में कई तरीके से नुकसान पहुंचा सकता है। फ्रुक्टोज शरीर में लेप्टिन हार्मोन के प्रति शरीर में रेजिस्टेंस बढ़ा सकता है। लेप्टिन हार्मोन शरीर को पेट भरा होने का संकेत देता है, लेकिन फ्रुक्टोज की मात्रा बढ़ने से दिमाग सिग्नल ही नहीं दे पाता कि पेट भर गया है। इससे वजन बढ़ने लगता है, जो फैटी लिवर का कारण बन सकता है। इसके अलावा, यूरिक एसिड और फ्रुक्टोज मिलकर लिवर के टिश्यू के अंदर माइटोकॉन्ड्रियल स्ट्रेस बढ़ा सकते हैं, जिससे नया फैट बनने लगता है। इससे लिवर पर अतिरिक्त फैट जमा होने लगता है। अगर समय पर इलाज न हो, तो इसका परमानेंट नुकसान हो सकता है और इसमें लिवर भी शामिल है।”
हाई यूरिक एसिड से कौन से लक्षण फैटी लिवर बताते हैं?
डॉ.विनीत कहते हैं कि हाई यूरिक एसिड होने पर फैटी लिवर के मामले देखने को मिल सकते हैं। जब यूरिक एसिड बढ़ता है, तो पेट जल्दी भरा हुआ महसूस होना, पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द, थकान और स्किन में छोटे-छोटे वास्कुलर स्पॉट्स (छोटे लाल धब्बे) या बदलाव दिख सकते हैं। यूरिक एसिड का लेवल बढ़ने पर लिवर फंक्शन पर भी असर पड़ सकता है।

हाई यूरिक एसिड और फैटी लिवर से कैसे बचें?
डॉ. विनीत ने कहा, “ कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि हाई यूरिक एसिड के कारण फैटी लिवर की समस्या हो सकती है, इसलिए यूरिक एसिड के बढ़ते लेवल को कम करने के लिए डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी है। अगर फैटी लिवर की भी बात करें, तो भी जीवनशैली में बदलाव करके इसे सुधारा जा सकता है।”
- सॉफ्ट ड्रिंक्स, सोडे वाले ड्रिंक्स या पैकेज्ड जूस में हाई-फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप होता है, जो यूरिक एसिड और लिवर में फैट बढ़ाता है। इसलिए इन चीजों से परहेज करना चाहिए।
- रेड मीट, कलेजी और सीफूड में प्यूरिन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो यूरिक एसिड को बढ़ाते हैं। इसलिए ऐसे खाने से बचना चाहिए।
- लोगों को अपनी डाइट में ओट्स, दलिया, हरी पत्तेदार सब्जियां और ताजे फल शामिल करने चाहिए। फाइबर डाइजेशन और मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर करने में मदद कर सकता है, जिससे लिवर फंक्शन को सपोर्ट करने में मदद मिल सकती है।
- लिवर को ठीक से काम करने और यूरिक एसिड को मैनेज करने के लिए नींबू, संतरा और आंवला डाइट में लेना चाहिए।
- दिनभर प्रचुर मात्रा में पानी पीना चाहिए। दिन में कम से कम 2.5 से 3.5 लीटर पानी पीना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन यह व्यक्ति की कंडीशन पर भी निर्भर करता है।
- शराब और स्मोकिंग से परहेज करना चाहिए।
- वजन घटाने के लिए किसी भी तरह का क्रैश डाइट न करें, बल्कि धीरे-धीरे वजन घटाएं।
- रोजाना एक्सरसाइज जरूर करें। दिन में कम से कम 30 मिनट मॉडरेट एक्सरसाइज करनी चाहिए।
- जिन लोगों को किडनी या फैटी लिवर की दिक्कत है, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही दवाइयां लेनी चाहिए।
डॉक्टर से कब मिलें?
अगर किसी मरीज को हाई यूरिक एसिड के साथ फैटी लिवर की दिक्कत हो, तो उन्हें डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए।
- अगर ब्लड टेस्ट में यूरिक एसिड का स्तर पुरुषों में 7.0 mg/dL और महिलाओं में 6.0 mg/dL से ज्यादा आता है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
- अगर किसी को अचानक जोड़ों में दर्द होने लगे या फिर पैर के अंगूठे, टखने या घुटने में अचानक तेज दर्द और सूजन हो।
- अगर किसी मरीज को पसलियों के ठीक नीचे दाहिनी ओर लगातार भारीपन या हल्का दर्द महसूस होता है, तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
- अगर पेशाब गहरे रंग का होने लगा या बार-बार पेशाब आने लगे, तो मरीज को चेकअप जरूर कराना चाहिए।
- स्किन में पीलापन दिखे या पीलिया महसूस हो, तो लिवर फंक्शन में दिक्कत हो सकती है।
निष्कर्ष
यूरिक एसिड बढ़ने से सिर्फ जोड़ों को ही नुकसान नहीं पहुंचता, बल्कि इससे फैटी लिवर का रिस्क भी बढ़ सकता है। अगर किसी को स्किन या आंखों में पीलापन दिखे या फिर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द हो, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। डॉक्टर मरीज को कसरत करने और वजन कम करने की सलाह देते हैं। इसके अलावा, खाने में मीठे, सोडे वाले ड्रिंक्स, पैकेज्ड फूड और बाहर के खाने से परहेज करना चाहिए। अगर किसी को डायबिटीज, हाई बीपी की समस्या हो, तो रेगुलर डॉक्टर से चेकअप कराते रहें। अगर यूरिक एसिड ज्यादा हो, तो डॉक्टर की सलाह पर eGFR और किडनी से जुड़े टेस्ट कराए जा सकते हैं।
FAQ
क्या फैटी लिवर को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है?
अगर फैटी लिवर ग्रेड 1 और ग्रेड 2 है, तो इसे डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और वजन घटाने से इसमें काफी हद तक सुधार किया जा सकता है।क्या शाकाहारियों को भी हाई यूरिक एसिड की समस्या हो सकती है?
हां, शाकाहारी लोगों का भी यूरिक एसिड बढ़ सकता है। जो लोग बहुत ज्यादा कोल्ड ड्रिंक्स, शराब और कुछ दालों या सब्जियों जैसे मशरूम, पालक ज्यादा खाते हैं, उनमें हाई यूरिक एसिड हो सकता है।eGFR कम होने का क्या मतलब है? क्या यह किडनी फेलियर है?
अगर eGFR कम है, तो इसका मतलब है कि किडनी की छानने की क्षमता कम हो गई है। यह हमेशा किडनी फेलियर नहीं होता। कभी-कभी डिहाइड्रेशन या कुछ दवाइयों के कारण भी eGFR कम हो सकता है।क्या यूरिक एसिड कम करने से फैटी लिवर में सुधार होता है?
अगर यूरिक एसिड कम हो जाता है, तो फैटी लिवर की समस्या कम हो सकती है क्योंकि इससे लिवर में फैट जमा होने का प्रोसेस धीमा हो सकता है।क्या फल खाने से यूरिक एसिड बढ़ता है?
कुछ फलों में नेचुरल फ्रुक्टोज होता है, लेकिन उनमें फाइबर और विटामिन-सी भी होता है, जो यूरिक एसिड को बैलेंस करने में मदद कर सकते हैं।
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Apr 13, 2026 18:18 IST
Modified By : Aneesh Rawat Apr 13, 2026 18:18 IST
Modified By : Aneesh RawatApr 13, 2026 18:18 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineet Malhotra