Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Medically Reviewed by Rhitika Sharma , Nutrition and Dietetics

यूरिक एसिड बढ़ने पर क्या खाएं और क्या नहीं? न्यूट्रिशनिस्ट से जानें पूरी डाइट

अगर आपका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है, तो आपको अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखना चाहिए। न्यूट्रिशनिस्ट से जानें हाई यूरिक एसिड में कौन से फल, दालें और फूड्स खाने चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए?

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प्यूरीन रासायनिक यौगिक है जो शरीर के सभी टिश्यू में होता है। जब शरीर प्यूरीन को तोड़ता है, तो वेस्ट प्रोडक्ट्स बनता है, जिसे यूरिक एसिड कहा जाता है। यूरिक एसिड ब्लड के जरिए किडनी तक पहुंचता है। किडनी इसे छानकर पेशाब के जरिए बाहर निकाल देती है। यूरिक एसिड प्यूरीन न्यूक्लियोटाइड्स के टूटने के दौरान बनता है। इसे शरीर का वेस्ट प्रोडक्ट कहा जाता है, जिसे ब्लड किडनी में पहुंचाता है। किडनी इसे सोडियम यूरेट के रूप में पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकाल देती है। Antioxidants Effects in Health, 2022 के अनुसार, महिलाओं में 2.5–6 mg/dL और पुरुषों में यह 3.4-7 mg/dL तक यूरिक एसिड लेवल सामान्य माना जाता है। जब ब्लड में यूरिक एसिड बढ़ जाता है, उस कंडीशन को हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है। यूरिक एसिड में बनने वाले प्यूरीन कई तरह के खाने पीने की चीजों से बनता है और इसलिए न्यूट्रिशनिस्ट कुछ दालें, नॉनवेज की चीजें, शराब से परहेज करने की सलाह देते हैं। इस बारे में हमने सर्वोदय अस्पताल की सीनियर डाइटिशियन ऋतिका शर्मा से बात की। उन्होंने विस्तार से बताया कि यूरिक एसिड बढ़ने वाले मरीजों को डाइट में क्या शामिल करना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए।

यूरिक एसिड के कारण कौन-सी बीमारियां हो सकती हैं?

Cleveland Clinic के अनुसार, रेड मीट, लिवर जैसे ऑर्गन खाना, सी-फूड और कुछ दवाइयों के कारण यूरिक एसिड बढ़ जाता है। अगर बढ़े हुए यूरिक एसिड का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह हड्डियों, जॉइंट्स और लिगामेंट्स को हमेशा के लिए डैमेज कर सकता है। ब्लड में सामान्य से ज्यादा यूरिक होने के कारण अर्थराइटिस, पैरों और टखनों में सूजन, किडनी, हार्ट, डायबिटीज, फैटी लिवर और हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत हो सकती है। इसलिए यूरिक एसिड को नॉर्मल करने के लिए खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है।

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यूरिक एसिड में डाइट क्यों महत्वपूर्ण है?

यूरिक एसिड में खानपान की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी संदर्भ में साल 2021 में American Journal of Health Research में एक स्टडी प्रकाशित की गई, जो जापान में हुई थी। इस स्टडी में पाया गया कि 1960 के दशक में जापान में वेस्टर्न डाइट के कारण गाउट के मामले बढ़ते जा रहे थे। शोधकर्ता ने सरकारी सर्वे (1946–2017 के राष्ट्रीय पोषण सर्वे और 1986-2016 के हेल्थ सर्वे) के आंकड़ों से यह देखा कि लोगों की खाने की आदतें बदलने के साथ‑साथ गाउट के मरीज कैसे बढ़े। जब नतीजे चेक किए गए, तो उस आधार पर सलाह दी गई कि गाउट और यूरिक एसिड से बचने के लिए रेड मीट, ऑर्गन मीट (जैसे लिवर, किडनी), बहुत मीठी चीजें, चीनी वाली ड्रिंक्स, ज्यादा तेल‑घी, नमकीन मसाले और शराब को सीमित रखना चाहिए। इसके उलट, फाइबर वाले अनाज, दालें, मेवे, फल‑सब्जियां, अंडे और खास तौर पर दूध व कम‑फैट डेयरी प्रोडक्ट्स (जैसे टोंड दूध, दही, पनीर) और कॉफी को रोजमर्रा के खाने में शामिल करना गाउट की रोकथाम में फायदेमंद माना गया है।

यूरिक एसिड बढ़ने पर क्या खाना चाहिए?

सीनियर डाइटिशियन ऋतिका कहती हैं, “जब हम यूरिक एसिड में डाइट की बात करते हैं, तो कोई भी फूड पूरी तरह से प्यूरीन फ्री नहीं होता। हर फूड में कुछ न कुछ मात्रा में प्यूरीन होता है। इसलिए इस बात का ध्यान रखा जाता है कि जब यूरिक एसिड बढ़ता है, तो मरीज की डाइट बहुत मायने रखती है। इसलिए मरीजों को अपने रोजाना के खाने में कुछ फूड आइटम्स जोड़ने चाहिए तो कुछ फूड से परहेज करना चाहिए। डाइट में बदलाव करके ही मरीजों को काफी आराम मिल सकता है।”

यूरिक एसिड बढ़ने पर कौन सी दालें खानी चाहिए?

ऋतिका शर्मा कहती हैं, “यूरिक एसिड बढ़ने पर पकी हुई 40 से 50 ग्राम दाल का छोटा पोर्शन ही खाना चाहिए। दाल को अच्छी तरह उबालकर उसका झाग निकाल देना चाहिए। मूंग दाल (हरी और पीली) में प्यूरीन कम होता है। इसलिए इसे ज्यादा यूरिक एसिड वाले मरीजों को डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, मसूर दाल भी ली जा सकती है।”

यूरिक एसिड बढ़ने पर डेयरी प्रोडक्ट्स खाना कितना सेफ है?

ऋतिका शर्मा कहती हैं कि यूरिक एसिड बढ़ने से गाउट की समस्या होना आम है। अर्थराइटिस फाउंडेशन के अनुसार, ऐसे मरीजों को लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स लेना काफी फायदेमंद होता है। इसके मुताबिक, जिन लोगों को लैक्टोज से समस्या है या फिर डेयरी प्रोडक्ट्स से दिक्कत है, तो उन्हें लैक्टोज फ्री या A2 दूध पीना चाहिए। दही बढ़ते यूरिक एसिड में फायदेमंद है। इसके अलावा, नट्स का दूध भी लिया जा सकता है।

बढ़े यूरिक एसिड रोगियों को कौन-से फल खाने चाहिए?

सीनियर डाइटिशियन ऋतिका ने यूरिक एसिड ज्यादा वाले मरीजों को ये फल अपनी डाइट में जरूर शामिल करने चाहिए।

  1. सेब - सेब में मैलिक एसिड (malic acid) होता है, जो यूरिक एसिड को न्यूट्रलाइज करता है। जिन लोगों को यूरिक एसिड ज्यादा होने की समस्या है, उन्हें खाने के बाद रोजाना एक सेब खाना फायदेमंद हो सकता है।
  2. विटामिन C से युक्त फल - अमरूद, कीवी, संतरा और मौसंबी में विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है, जो यूरिक एसिड को पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है।
  3. नाशपाती - इसमें यूरिक एसिड को कम करने के गुण होते हैं, जो यूरिक एसिड को कम करने में फायदेमंद है।
  4. केला - जिन मरीजों में यूरिक एसिड बहुत ज्यादा होता है, उनके लिए केला खाना अच्छा रहता है।

यूरिक एसिड में पानी का महत्व

2017 में प्रकाशित Journal of Advanced Research के अनुसार, यूरिक एसिड को किडनी छानती है और छाने हुए यूरिक एसिड का 90 फीसदी हिस्सा वापस ब्लड वेसेल्स में ऑब्जॉर्व हो जाता है। बाकी हिस्सा पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है। अगर किडनी में यूरिक एसिड जमा हो जाता है, तो पथरी बनने का रिस्क बन सकता है। इसलिए पानी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है।

इस जर्नल में कहा गया है कि किडनी के जरिए 70 फीसदी यूरिक एसिड पेशाब के जरिए बाहर निकलता है और बाकी 30 फीसदी यूरिक एसिड को पेट की आंतों में भेज दिया जाता है, जिसे बैक्टीरिया मल के रूप में बाहर निकाल देते हैं। ऐसे में पानी बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है। प्रचुर मात्रा में पानी पीने से यूरिक एसिड पतला हो जाता है और किडनी को आसानी से बाहर निकालने में मदद मिलती है। पानी पीने से पेशाब का pH बैलेंस होता है, क्योंकि अगर पेशाब एसिडिक होता है, तो यूरिक एसिड बाहर नहीं निकलता, बल्कि वहीं जमा होने लगता है। ऋतिका कहती हैं कि यूरिक एसिड को कम करने के लिए सामान्य तौर पर कम-से-कम दो लीटर पानी दिनभर पीना चाहिए। वैसे अगर किसी को बीमारी हो या किसी भी तरह की दिक्कत हो, तो डॉक्टर या डाइटिशियन से जरूर सलाह लेनी चाहिए।

यूरिक एसिड बढ़ने पर कौन-सी सब्जियां खानी चाहिए?

ऋतिका शर्मा ने यूरिक एसिड कम करने के लिए ये सब्जियां खाने की सलाह दी है।

  1. टमाटर - इसमें क्षारीय गुण होते हैं, जो ब्लड फ्लो में जाकर यूरिक एसिड को कम करने में मदद करते हैं।
  2. खीरा - यूरिक एसिड को कम करने में मददगार है।
  3. आलू और मक्का - इन्हें स्टीम करके खाना यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित रखने में मददगार हो सकता है।
  4. हरी पत्तेदार सब्जियां और शिमला मिर्च - इसमें हाई फाइबर होता है, जो यूरिक एसिड को कम करने में फायदेमंद है।
  5. गाजर - इसमें हाई फाइबर होता है, जो यूरिक एसिड को सोखने में मदद करता है।

अन्य चीजें कौन सी खाई जा सकती है?

Nutrients स्टडी के अनुसार, मूंगफली, अखरोट और बादाम में प्यूरीन की मात्रा 50 mg से कम होती है। इसके अलावा, ओट्स, अलसी के बीज में 50 से 100 mg के बीच होती है। Nutrition Research and Practice 2025 में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, अगर किसी को यूरिक एसिड की वजह से गाउट की समस्या है, तो कॉफी काफी हद तक फायदेमंद साबित हो सकती है। कॉफी शरीर में इंसुलिन के लेवल को सुधारने में मदद करती है और इंसुलिन यूरिक एसिड को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, कॉफी में मौजूद फिनोल और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो यूरिक एसिड बनाने के प्रोसेस को धीमा कर सकते हैं। इसलिए कई मरीजों को सीमित मात्रा में कॉफी पीने की सलाह दी जाती है।

यूरिक एसिड बढ़ने पर मरीजों को क्या नहीं खाना चाहिए?

सीनियर डाइटिशियन ऋतिका शर्मा कहती हैं कि यूरिक एसिड बढ़ने पर मरीजों को कुछ चीजों को खाने से परहेज करना चाहिए या फिर बहुत ही सीमित मात्रा में खाना चाहिए ताकि यूरिक एसिड न बढ़ें। 

यूरिक एसिड बढ़ने पर मरीजों को कौन सी दालें कम खानी चाहिए?

सीनियर डाइटिशियन ऋतिका ने बताया कि इन दालों में प्यूरीन की मात्रा ज्यादा से लेकर मॉडरेट तक हो सकती है, जो यूरिक एसिड को बढ़ा सकता है। इसलिए इन दालों को अपनी डाइट में कम रखना चाहिए।

  1. सफेद चना
  2. चना दाल
  3. उड़द दाल
  4. तूर (अरहर दाल)
  5. राजमां
  6. मटर
  7. सोयाबीन

कौन-सी सब्जियों से परहेज करना चाहिए?

सीनियर डाइटिशियन ऋतिका शर्मा ने यूरिक एसिड बढ़ने से बचने के लिए इन सब्जियों से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इसमें प्यूरीन काफी मात्रा में होता है।

  1. मशरूम
  2. पालक
  3. बंदगोभी
  4. मटर
  5. शतावरी

कौन-से फलों से परहेज करना चाहिए?

सीनियर डाइटिशियन ऋतिका ने इन फलों को सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी है, ताकि यूरिक एसिड ज्यादा न बढ़े।

  1. आम
  2. तरबूज
  3. ब्लैक बैरीज
  4. अंगूर
  5. आडू
  यूरिक एसिड में क्या खाएं? यूरिक एसिड में क्या न खाएं?
दालें

मूंग दाल (हरी और पीली)
मसूर की दाल

सफेद चना
चना दाल
उड़द दाल
अरहर दाल
राजमां
मटर
सोयाबीन

सब्जियां

गाजर
टमाटर
आलू और मक्का
खीरा
हरी पत्तेदार सब्जियां
शिमला मिर्च

मशरूम
पालक
बंदगोभी
मटर
शतावरी

फल 

सेब
केला
अमरूद
संतरा
मौसंबी
नाशपाती

आम
तरबूज
ब्लैक बैरीज
अंगूर
आडू

डेयरी प्रोडक्ट्स 

लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स
लैक्टोज फ्री दूध
दही
नट्स का दूध

 मलाई वाला दूध 

 अन्य चीजें

मूंगफली
अखरोट
बादाम
कॉफी

कलेजी
स्वीटब्रेड्स
दिमाग
गुर्दा



 क्या नॉन-वेज यूरिक एसिड बढ़ा सकता है?

Asia Pacific Journal of Clinical Nutrition में 2025 में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, सी-फूड खाने वाले लोगों को गाउट होने का रिस्क 1.31 गुना और रेड मीट खाने वालों में 1.29 गुना ज्यादा बढ़ सकता है। Cleveland Clinic के अनुसार, कुछ मीट बढ़े हुए यूरिक एसिड में नहीं खाने चाहिए, क्योंकि इसमें प्यूरीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है।

  1. कलेजी
  2. स्वीटब्रेड्स
  3. दिमाग
  4. गुर्दा

इसके अलावा, हंस, हिरण का मांस और बछड़े का मांस खाने से परहेज करना चाहिए। रेड मीट में बीफ, मेमने का मांस, पोर्क, बेकन और टर्की खाने से परहेज करना चाहिए।
ऋतिका शर्मा कहती हैं, "यूरिक एसिड बढ़ने पर लीन मीट खा सकते हैं, लेकिन इसे रोजाना न खाएं। इसे पकाने का सबसे अच्छा तरीका ग्रिल और उबालकर है। लीन मीट को तलकर नहीं खाना चाहिए और सीमित मात्रा में खाना ज्यादा फायदेमंद है।

क्या अंडों से यूरिक एसिड कम हो सकता है?

ऋतिका कहती हैं कि अंडों को संतुलित मात्रा में लेने से यूरिक एसिड मैनेज करने में मदद मिल सकती है और इससे हाइपरयूरिसीमिया का रिस्क कम हो सकता है। जब भी अंडे खाएं, तो उबालकर खाएं या टोस्ट करके भी खाया जा सकता है। अंडों को फ्राई करने से बचें और ऑमलेट बनाने के लिए प्लांट-बेस्ड तेल जैसे ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। यूरिक एसिड बढ़ने पर मरीजों को डाइटिशियन की सलाह जरूर लेनी चाहिए ताकि यूरिक एसिड के बढ़ते लेवल को कम किया जा सके।

क्या स्मोकिंग से यूरिक एसिड बढ़ सकता है?

साल 2023 में PLOS One में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, स्मोकिंग करने वाले पुरुषों के मुकाबले जो पुरुष सिगरेट और ई-सिगरेट दोनों पीते हैं, उनमें यूरिक एसिड का लेवल काफी ज्यादा बढ़ा हुआ पाया गया है। महिलाओं में स्मोकिंग न करने की तुलना में सिर्फ एक तरह की स्मोकिंग करने वाली महिलाओं का यूरिक एसिड का स्तर काफी ज्यादा पाया गया है। इस रिसर्च में यह भी पाया गया है कि जो लोग रोजाना एक पैक के हिसाब से 20 साल से सिगरेट पीते रहे हैं, उनमें 1.84 गुना यूरिक एसिड बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है।

इस मामले में सीनियर डाइटिशियन ऋतिका शर्मा का कहना है कि स्मोकिंग से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है, जो किडनी के फंक्शन पर असर डालता है। इस वजह से किडनी यूरिक एसिड को बाहर नहीं निकाल पाती और यूरिक एसिड शरीर में जमा होने लगता है। इसलिए जो यूरिक एसिड ज्यादा वाले मरीज डाइट प्लान लेने आते हैं, उन्हें मैं स्मोकिंग के लिए बिल्कुल मना करती हूं।

food items in uric acid by rhitika

क्या शराब से यूरिक एसिड बढ़ सकता है?

Frontiers में प्रकाशित जर्नल के मुताबिक, शराब पीने से हाइपरयूरिसीमिया (Hyperuricemia) और गाउट (Gout) होने का रिस्क बढ़ता है। इस जर्नल में नवंबर 2024 तक के डेटा पर रिपोर्ट तैयार की गई है। इस जर्नल में शराब न पीने वालों के मुकाबले हाइपरयूरिसीमिया और गाउट का खतरा 69% ज्यादा होता है। जो लोग लगातार शराब पीते हैं, उनमें बीमारी का रिस्क उतना ही बढ़ता जाता है। लगातार शराब पीने से न सिर्फ गाउट और हाइपरयूरिसीमिया का रिस्क होता है, बल्कि डायबिटीज, किडनी की समस्याएं और हार्ट की बीमारियां होने का जोखिम होता है। इससे मृत्यु दर का रिस्क बढ़ जाता है।
ऋतिका शर्मा कहती हैं, “बढ़े यूरिक एसिड में शराब पीने से न सिर्फ जोड़ों में सूजन और गाउट की समस्या होती है, बल्कि क्रोनिक किडनी की बीमारी भी हो सकती है। इसलिए मरीजों को शराब से पूरी तरह से परहेज करना चाहिए ताकि यूरिक एसिड के लेवल को कम किया जा सके।

डॉक्टर से कब मिलें?

Cleveland Clinic के अनुसार, अगर किसी मरीज का यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है, तो उसे तब तक पता नहीं चलता, जब तक गाउट या किडनी स्टोन की समस्या न हो जाए। यूरिक एसिड बढ़ने पर मरीजों को अचानक से जोड़ों में दर्द होने लगता है। जिन जोड़ों में दर्द होता है, वहां लालिमा या सूजन दिखाई देने लगती है। जोड़ों को हिलाने-डुलाने में दिक्कत होने लगती है।
इसके अलावा, यूरिक एसिड जमा होकर किडनी में स्टोन बनाने लगता है। किडनी स्टोन के कारण बुखार, उल्टी, पीठ या पसलियों में दर्द होने लगता है। कई मरीजों को पेशाब में खून आने लगता है। पेशाब में दुर्गंध आने लगे, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

यूरिक एसिड ऐसी कंडीशन है, जिसका इलाज संभव है। एक्सपर्ट और डॉक्टर की सलाह लेकर डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करने चाहिए। मांस, चिकन, मछली, रिफाइंड फूड्स और शराब जैसी चीजों से परहेज करना चाहिए। शाकाहारी लोगों को अरहर दाल, मटर, बंदगोभी, राजमा, सोयाबीन और सफेद चने से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा, किडनी से यूरिक एसिड निकालने के लिए पानी पीना बहुत महत्वपूर्ण है। अगर पैरों में सूजन या अर्थराइटिस जैसी समस्या हो, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

FAQ

  • यूरिक एसिड का दर्द कहां-कहां होता है?

    यूरिक एसिड का दर्द जोड़ों, पैर के अंगूठे, टखने, घुटने, एड़ी, कलाई, उंगलियों और कोहनी में होता है। अगर किडनी में स्टोन बन गया, तो दर्द कमर या पीठ में होता है और यह दर्द सहन करना मुश्किल हो जाता है।
  • यूरिक एसिड किसकी कमी से होता है?

    यूरिक एसिड बढ़ने का कारण पानी की कमी, खराब लाइफस्टाइल और प्यूरीन वाले फूड्स ज्यादा खाने से होता है। ज्यादा यूरिक एसिड होने पर किडनी इसे पूरी तरह से छान नहीं पाती और इस वजह से गाउट और किडनी स्टोन हो सकता है। यह किसी एक न्यूट्रिशन की कमी से नहीं होता।
  • क्या आंवला यूरिक एसिड को कम करता है?

    आंवला में विटामिन C होता है, जो यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में मदद करता है। जिन लोगों को यूरिक एसिड ज्यादा होने की समस्या होती है, वे रोजाना ताजा आंवला खा सकते हैं।
  • क्या नारियल पानी यूरिक एसिड को बाहर निकाल सकता है?

    नारियल पानी पीने से पेशाब का प्रवाह बढ़ता है, जिससे कार्बोनेट, फॉस्फेट और यूरिक एसिड जैसे केमिकल्स को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है। इससे किडनी स्टोन बनने का रिस्क कम हो सकता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Modified By : Aneesh Rawat
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    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Rhitika Sharma

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