PCOS को कंट्रोल करने के लिए महिलाओं को अपनी डाइट का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। हेल्दी डाइट उनके शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों को ठीक करने में मदद कर सकती हैं। खासकर सुबह के समय महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करने में कुछ ड्रिंक्स काफी फायदेमंद माने जाते हैं। जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन का कहना है कि PCOS में सुबह के समय महिलाओं के हार्मोन ज्यादा असंतुलित होते हैं, जिससे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि, आप अपनी सुबह की शुरुआत ग्रीन टी, मेथी पानी, एलोवेरा जूस आदि के साथ कर सकते हैं।
PCOS में सुबह खाली पेट क्या पिएं?
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन ने बताया कि,PCOS के लक्षणों को सीमित करने और PCOS को कंट्रोल में रखने के लिए आप खाली पेट इन ड्रिंक्स का सेवन कर सकते हैं-
1. मेथी का पानी
2015 में International Journal of Medical Sciences में प्रकाशित 50 महिलाओं पर की गई माइक्रोस्टडी में बताया गया है कि जिन्हें 90 दिनों तक लगातार मेथी दाने के अर्क दिए गए। मेथी दाने का अर्क लेने के बाद लगभग 46% महिलाओं में सिस्ट का आकार छोटा हुआ, जबकि 36% महिलाओं में सिस्ट पूरी तरह से घुल गए। इलाज पूरा होने के बाद 71% महिलाओं के पीरियड साइकिल फिर से नॉर्मल हो गई और 12% महिलाएं प्रेग्नेंट भी हुईं। मेथी दाने के आर्क से PCOS से पीड़ित महिलाओं के अंडाशय के आकार और अंडाशय में मौजूद सिस्ट, दोनों में ही काफी कमी देखी गई है। यह स्टडी बहुत छोटे पैमाने पर की गई है, जिसके कारण मेथी के पानी के ज्यादा प्रभाव के बारे में खास प्रमाण नहीं मिलते हैं।
मेथी दाने का पानी कैसे पिएं?
मेथी दाने का पानी रोजाना पीने से PCOS से जुड़े लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। इसलिए, इस पानी को पीने के लिए रात में 1 चम्मच मेथी दाना को एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उस पानी को छानकर खाली पेट पिएं और अगर आप चाहें तो मेथी दाने को चबाकर खा सकते हैं।
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किसे नहीं पीना चाहिए मेथी का पानी?
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, अगर आपका ब्लड प्रेशर शुगर कम रहता है या आप डायबिटीज की दवा लेते हैं तो आपको मेथी का पानी पीने से बचना चाहिए। National Center For Complementary And Integrative Health के अनुसार, ज्यादा मात्रा में मेथी लेने पर ब्लड शुगर का स्तर खतरनाक रूप से कम हो सकता है। कुछ लोगों में मेथी से एलर्जी के रिएक्शन भी हो सकते हैं। इसके अलावा प्रेग्नेंसी के दौरान भी मेथी का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इसका इस्तेमाल भ्रूण की सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
2. गुनगुना नींबू पानी
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन ने बताया कि, गुनगुने नींबू पानी पीने से शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिलती है, वजन कम होता है, मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। 2024 में Natural Resources for Human Health में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, नींबू एक्ने-फ्री स्किन और त्वचा को साफ बनाए रखने में मदद करता है। इसके साथ ही पीरियड साइकिल को नियमित रखने और वजन को मैनेज करने में मदद करता है।
नींबू पानी कैसे पिएं?
सुबह खाली पेट गुनगुना नींबू पानी पीने के लिए आधे कटे नींबू को एक गिलास गुनगुने पानी में निचोड़ लें। आप चाहें तो इसमें अपने स्वाद के लिए शहद भी मिला सकते हैं। सुबह खाली पेट इस पानी को घूंट-घूंट करके पी सकते हैं।
किसे नहीं पीना चाहिए नींबू पानी?
Northwestern Medicine के अनुसार, नींबू पानी हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं होता है। इसलिए, जिन लोगों के दांत सेंसिटिव हैं, उन्हें इससे बचना चाहिए, क्योंकि इसका एसिड दांतों की बाहरी परत को कमजोर कर सकते हैं। इसके साथ ही पेट में अल्सर, एसिड रिफ्लक्स या गैस्ट्राइटिस की समस्या में भी नींबू पानी पीने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे सीने में जलन और पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही अगर आप डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारियों की दवाएं लेते हैं तो भी नींबू पानी सीमित मात्रा में पिएं या डॉक्टर की सलाह पर ही लें।
3. एलोवेरा जूस
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन का कहना है कि, PCOS में एलोवेरा जूस पीना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इस जूस को सुबह खाली पेट पीने से इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारने और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। यह शरीर से टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और हार्मोनल असंतुलन को भी ठीक करता है। South Eastern European Journal of Public Health (2024) में प्रकाशित स्टडी के अनुसार प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम के लक्षणों को कम करने में एलोवेरा जूस काफी प्रभावी माना जाता है। हालांकि, अभी इस पर ज्यादा रिसर्च और स्टडी की जरूरत है।
एलोवेरा जूस कैसे पिएं?
PCOS को कंट्रोल करने के लिए आप सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस का सेवन कर सकते हैं। सुबह 20 से 30 ml एलोवेरा जूस को एक गिलास पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट पिएं।
किसे नहीं पीना चाहिए एलोवेरा जूस?
Mayo Clinic के अनुसार, प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं, 12 साल से कम उम्र के बच्चों और किडनी के मरीजों को एलोवेरा जूस नहीं पीना चाहिए। इसके ज्यादा सेवन से किडनी फेलियर का जोखिम बढ़ सकता है। साथ ही, जिन्हें पेट में ऐंठन या दस्त की समस्या है, उन्हें भी इस जूस को पीने से बचना चाहिए।
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4. दालचीनी पानी
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के मुताबिक, दालचीनी का पानी PCOS से पीड़ित महिलाओं के लिए फायदेमंद होता है, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने, सूजन को कम करने और वजन कम करने में मदद मिलती है। European Journal of Obstetrics & Gynecology and Reproductive Biology (2024) में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, "PCOS से पीड़ित महिलाओं में दालचीनी के सेवन से शरीर का वजन कम करने, ब्लड शुगर, कुल कोलेस्ट्रॉल, LDL और इंसुलिन रेजिस्टेंस पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिले हैं। इसके साथ ही दालचीनी का सेवन दिल से जुड़े जोखिमों को भी कम करने में मदद करताहै।
दालचीनी का पानी कैसे पिएं?
PCOS के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए दालचीनी पानी पीना फायदेमंद होता है और इसे पीने के लिए आप एक गिलास पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर डालकर उबाल लें और फिर इस पानी को हल्का गुनगुना करके चाय की तरह पिएं।
किसे नहीं पीना चाहिए दालचीनी का पानी?
2022 में Frontiers in Pharmacology में प्रकाशित मेटा-एनालिसिस और सिस्टेमेटिक रिव्यू में बताया गया है कि दालचीनी में कौमारिन नाम का तत्व होता है, जो लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है और कैंसर का कारण बन बन सकताा है। अगर दालचीनी का सेवन ज्यादा मात्रा में किया जाए तो यह लिवर के लिए जहरीला साबित हो सकता है। इसलिए, लिवर की समस्या में दालचीनी का सेवन करने से बचें।
5. जीरा पानी
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन की मानें तो जीरा पानी PCOS के कारण महिलाओं में नजर आने वाले लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद करता है। जीरा इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम कर ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है और मेटाबॉलिज्म में सुधार करता है। 2023 में Evidence-Based Complementary and Alternative Medicine में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, जीरा का सेवन PCOS के लक्षणों को कम करने में फायदेमंद होता है। इसके साथ यह मोटापे और हाइपोग्लाइसेमिक प्रभावों को भी कम करता है।
जीरा पानी कैसे पिएं?
जीरा पानी पीने से PCOS के लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए, आप इस पानी को पीने के 1 चम्मच जीरा रातभर पानी में भिगोकर रखें। इसके बाद सुबह इस पानी को उबालकर छान लें और गुनगुना पिएं।
किसे नहीं पीना चाहिए जीरा पानी?
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, जीरा खाना आमतौर पर सुरक्षित होता है, लेकिन इसका ज्यादा मात्रा में सेवन आपके खून को पतला कर सकता है, जिससे चोट लगने पर ब्लीडिंग का जोखिम बढ़ जाता है। यह शुगर लेवल को भी कम कर सकता है। अगर आपकी कोई सर्जरी होने वाली है तो इसे दो हफ्ते पहले ही लेना बंद कर देना चाहिए। साथ ही प्रेग्नेंट महिलाओं को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

6. स्पीयरमिंट टी
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन ने बताया कि, PCOS में एंड्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो महिलाओं के चेहरे और शरीर पर अनचाहे बालों की समस्या को बढ़ा देता है। इस समस्या को कम करने में पुदीने की चाय (Spearmint Tea) फायदेमंद होती है। 2010 में Phytotherapy Research में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, पुदीने की चाय पीने से महिलाओं के शरीर में PCOS के कारण शरीर में बढ़े एंड्रोजन हार्मोन को कम करने के गुण होते हैं। 30 दिनों तक 42 महिलाओं को दिन में दो बार पुदीने की चाय दी गई। इसके बाद इन महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर काफी कम हो गया। LH और FSH हार्मोन के स्तर में भी सुधार हुआ और बालों से जुड़ी समस्याएं कम हुई।
पुदीने की चाय कैसे पिएं?
पुदीने की चाय बनाने के लिए एक कप गर्म पानी में 1 चम्मच पुदीने की पत्तियों या एक टी-बैग को डालें। इसे 5 से 10 मिनट तक ढककर रखें और फिर छान धीरे-धीरे पिएं।
पुदीने की चाय किसे नहीं पीनी चाहिए?
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन का कहना है कि, कुछ लोगों को पुदीने से एलर्जी हो सकती है, इसलिए उन्हें इसके सेवन से बचना चाहिए। यह सीने में जलन और एसिड रिफ्लक्स की समस्या को भी बढ़ा सकता है, क्योंकि यह पेट की मांसपेशियों को ढीला कर देता है। इस कारण एसिडिटी की समस्या से पीड़ित लोगों को इसके ज्यादा सेवन से बचना चाहिए। साथ ही लिवर या किडनी के मरीजों और प्रेग्नेंट महिलाओं को भी इसे ज्यादा मात्रा में लेने से परहेज करना चाहिए।
7. ग्रीन टी
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, ग्रीन टी पीने से PCOS में वजन कम करने, इंसुलिन रेसिस्टेंस में सुधार करने और एंड्रोजन को कम करने में मदद मिल सकती है। 2021 में Reproductive Biology and Endocrinology में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट का सेवन PCOS में काफी फायदेमंद हो सकता है। यह ओवरी के काम को बेहतर बनाने के साथ-साथ वजन, शुगर लेवल और बढ़े हुए पुरुष हार्मोन्स को कम करने में मदद कर सकता है।
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ग्रीन टी कब पीना चाहिए?
ग्रीन टी को सुबह के नाश्ते या दोपहर के खाने के एक या दो घंटे बाद पीना सबसे अच्छा माना जाता है। वर्कआउट से आधा घंटा पहले भी इस टी को पीना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, इसे खाली पेट पीने से बचना चाहिए।
ग्रीन टी किसे नहीं पीना चाहिए?
National Center For Complementary And Integrative Health के अनुसार, अगर आप ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारियों आदि तरह की अगर आप कोई दवा ले रहे हैं तो ग्रीन टी पीने से बचें, क्योंकि ये दवाओं के असर को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, प्रेग्नेंसी के दौरान भी ग्रीन टी सीमित मात्रा में पीने से बचना चाहिए।
क्या ये ड्रिंक्स PCOS की दवा या इलाज की जगह ले सकती हैं?
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि, जीरा, दालचीनी और एलोवेरा जैसी ड्रिंक्स PCOS को मैनेज करने में फायदेमंद हो सकती हैं, लेकिन ये कभी भी दवाओं या इलाज की जगह नहीं ले सकती हैं। PCOS एक हार्मोनल समस्या है, जिसे कंट्रोल करने के लिए सही दवाओं और डॉक्टर की निगरानी भी बहुत जरूरी हैं। घरेलू नुस्खे सिर्फ हेल्दी लाइफस्टाइल का हिस्सा हो सकते हैं, इनका दवाओं के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने से मरीज की स्थिति बिगड़ सकती है।
डॉक्टर से कब मिलें?
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन ने बताया कि, घरेलू उपाय और हेल्दी ड्रिंक्स की मदद से PCOS के लक्षणों को मैनेज करने में मदद मिल सकती है, लेकिन कुछ स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है। अगर आपको पीरियड्स लंबे समय तक अनियमित रहते हैं, वजन बहुत तेजी से बढ़ने लगे, चेहरे या शरीर पर ज्यादा बाल आएं, एक्ने बहुत ज्यादा होने लगे और कंसीव करने में मुश्किल होने लगे तो अपनी डाइट में किसी भी तरह के नए बदलाव को करने से पहले डॉक्टर से कंसल्ट जरूर कर लें।
निष्कर्ष
PCOS को सही खानपान और हेल्दी लाइफस्टाइल की मदद से कंट्रोल किया जा सकता है। ऐसे में आप सुबह खाली पेट मेथी का पानी, नींबू पानी, दालचीनी का पानी और एलोवेरा जूस जैसी ड्रिंक्स को शामिल कर सकते हैं, जो PCOS के लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। इन ड्रिंक्स को पीने से शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिलती है, साथ ही हार्मोन संतुलन और वजन कंट्रोल करने में भी मदद करते हैं। हालांकि, सिर्फ ड्रिंक्स पर निर्भर रहना PCOS को कंट्रोल करने में प्रभावी नहीं होता है, इसके साथ हेल्दी डाइट, लाइफस्टाइल और शारीरिक गतिविधियां करना बहुत जरूरी है।
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FAQ
पीसीओएस से अपनी सुबह की शुरुआत कैसे करें?
PCOS को मैनेज करने के लिए सुबह की शुरुआत गुनगुने पानी, मेथी दाने और डिटॉक्स ड्रिंक्स के साथ करें। रोजाना 20 से 25 मिनट हल्के एक्सरसाइज करें, हाई प्रोटीन और फाइबर से भरपूर फूड्स का सेवन करें।पीसीओएस में कौन से भोजन से बचना चाहिए?
पीसीओएस को मैनेज करने के लिए प्रोसेस्ड फूड्स, रिफाइंड कार्ब्स, शुगरी ड्रिंक्स, तले हुए स्नैक्स और बहुत ज्यादा चीनी वाले फल और मीठी चीजों से बचना चाहिए। इन फूड्स का सेवन PCOS से पीड़ित महिलाओं में सूजन, वजन बढ़ना और इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाता है।सुबह सबसे पहले खाली पेट क्या खाना चाहिए?
PCOS में सुबह खाली पेट भीगे हुए बादाम और अखरोट का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। इन चीजों का सेवन सुबह खाली पेट करने से ब्लड शुगर लेवल स्थिर करने में मदद करता है और हार्मोनल असंतुलन में सुधार करने में मदद मिलती है।पीसीओएस के लिए सोने से पहले क्या पीना चाहिए?
PCOS में हार्मोनल संतुलन और अच्छी नींद के लिए रात में दालचीनी की चाय, मेथी का पानी या हल्का गर्म दूध पी सकते हैं। ये चीजें पेट की सूजन को कम करने, इंसुलिन रेजिस्टेंस को कंट्रोल करने और वजन को मैनेज करने में मदद करता है।
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Apr 10, 2026 12:27 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Apr 10, 2026 12:27 IST
Modified By : Katyayani TiwariApr 10, 2026 12:27 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Archana Jain