पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक समस्या है, जो शरीर में हार्मोन्स के असंतुलित होने और ओवरी में गांठें बनने के कारण होती है। इस स्थिति में महिलाओं को पीरियड्स के अनियमित होने, शरीर में या चेहरे पर ज्यादा बाल आने, चेहरे पर मुंहासे होने, वजन कम करने में परेशानी होने, शरीर में सूजन आने, वजन बढ़ने, इंसुलिन रेजिस्टेंस और इनफर्टिलिटी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। PCOS को कंट्रोल करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने और हेल्दी डाइट लेने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा बहुत से अनहेल्दी फूड्स को खाने से बचने की सलाह भी दी जाती है। PCOS में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इसकी जानकारी के लिए हमने बात की Dr. Gayathri Karthik Nagesh, Program Director - Department of Obstetrics & Gynaecology, Aster CMI Hospital, Bangalore और जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से। इन एक्सपर्ट्स के अनुसार, PCOS में पोषक तत्वों से युक्त फलों, सब्जियों और हेल्दी फैट्स को खाना चाहिए। वहीं, तला-भुना, मसालेदार, अधिक नमक और मीठे फूड्स को खाने से बचना चाहिए। ये फूड्स PCOS की स्थिति को और भी गंभीर बना सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि PCOS में क्या खाएं और क्या न खाएं?
PCOS में डाइट कैसी होनी चाहिए?
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, PCOS की समस्या होने पर महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी कई तरह की परेशानियां होती हैं। इससे राहत के लिए डाइट पर खास ध्यान देना जरूरी हो जाता है। पीसीओएस में महिलाओं को इंसुलिन रेजिस्टेंस, हार्मोन्स के असंतुलित होने और शरीर में विटामिन डी जैसे पोषक तत्वों की कमी की समस्या हो सकती है। Indian Journal Of Medical Research (2015) में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, महिलाओं के शरीर में विटामिन डी की कमी इंसुलिन रेजिस्टेंस और इनफर्टिलिटी जैसी समस्याओं को बढ़ा सकती है। ऐसे में शरीर में हार्मोन्स को बैलेंस करने, इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने और सूजन को कम करने के लिए फाइबर, लीन प्रोटीन, हेल्दी फैट्स, लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर मसालों को डाइट में शामिल करना चाहिए। वहीं, तले-भुने, शुगरी ड्रिंक्स और रिफाइंड कार्ब्स जैसे फूड्स को खाने से बचना चाहिए।
डॉ. गायत्री कार्तिक नागेश के अनुसार, "पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) से पीड़ित महिलाओं के लिए सही डाइट लेने से वजन कम करने और हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसके लिए डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, हेल्दी फैट्स और लीन प्रोटीन को शामिल किया जा सकता है। इनसे ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने और पीसीओएस के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है।"
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PCOS में क्या खाना है फायदेमंद?
साबुत अनाज खाएं
PCOS से राहत के लिए महिलाओं को डाइट में ज्वार, बाजरा, जौ, रागी, ब्राउन राइस और ओट्स जैसे साबुत अनाज को शामिल करना चाहिए। इनमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, साथ ही अच्छी मात्रा में फाइबर होता है, जो शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ने से रोकने, इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या से राहत देने और शरीर को एनर्जी देने में करता है।
Johns Hopkins Medicine के अनुसार, साबुत अनाज, जैसे कि ब्राउन राइस, जौ और ज्वार से बनी ब्रेड और पास्ता पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद कर सकते हैं।
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नट्स और सीड्स खाएं
PCOS से परेशान महिलाओं को हेल्दी फैट्स के लिए डाइट में बादाम, अखरोट, मूंगफली, मखाने, चिया सीड्स, अलसी के बीज, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज जैसे सीड्स और ड्राई फ्रूट्स को शामिल करना चाहिए। इससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने, शरीर को एनर्जी देने और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, ओमेगा-3 फैटी एसिड के लिए डाइट में फैटी फिश को भी शामिल किया जा सकता है।
2024 में Journal Of Natural Remedies में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, PCOS के इलाज के लिए सीड साइकिलिंग एक बेहतरीन तरीका है। इसमें अलसी, कद्दू, तिल और सूरजमुखी के बीजों का सेवन पीरियड साइकिल के अलग-अलग स्टेजों में किया जाता है। ये सीड्स फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स से भरपूर होते हैं, जो हार्मोन्स को संतुलित करने और वजन कम करने में मदद करते हैं।
2010 में European Journal Of Clinical Nutrition में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, पीसीओएस में (बादाम और अखरोट) ड्राई फ्रूट्स के सेवन से प्लाज्मा लिपिड और एंड्रोजन पर लाभकारी असर पड़ता है।
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सब्जियां खाएं
PCOS के कारण महिलाओं को पाचन से जुड़ी समस्या होने और अधिक वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है। ऐसे में राहत के लिए डाइट में ब्रोकली, लौकी, टिंडा, गाजर, पालक, केल, मेथी, शिमला मिर्च, कद्दू, खीरा, टमाटर और क्रुसिफेरस सब्जियों जैसे- फूल गोभी, पत्ता गोभी आदि को शामिल किया जा सकता है। इनसे ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने, भूख को कम करने, पाचन में सुधार करने और वजन कम करने में मदद मिलती है।
2019 में International Journal Of Advanced Research में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, पत्तेदार हरी सब्जियों में सबसे ज्यादा पोषक तत्व होते हैं, जो कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम के साथ विटामिन B, K, C और E भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व PCOS के लक्षणों को मैनेज करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही ब्राइट रंग की सब्जियां भी PCOS को कंट्रोल करने में मदद करती हैं।
फल खाएं
PCOS में महिलाओं को अक्सर कम मीठे फलों को डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है, जिससे शरीर में इंसुलिन के तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है। ऐसे में महिलाएं पपीता, अमरूद, अनार, सेब, ब्लैकबेरी, चेरी, अंगूर और खट्टे फलों (बेरीज, कीवी, संतरा और आंवला) को डाइट में शामिल कर सकती हैं। इनमें अच्छी मात्रा में फाइबर होता है। ऐसे में इनका सेवन करने से पाचन को दुरुस्त करने, शरीर में इंसुलिन के स्तर को तेजी से बढ़ने से रोकने, वजन कम करने और क्रेविंग को कम करने में मदद मिलती है। लेकिन ध्यान रहे, कुछ फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, जैसे- तरबूज, आम, पपीता। ऐसे में पीसीओएस में इन फलों को लेने से बचना चाहिए।
दाल और बीन्स खाएं
पीसीओएस की समस्या से परेशान महिलाएं डाइट में मूंग दाल, उड़द दाल, राजमा, चना और सोयाबीन जैसे बीन्स और दालों को शामिल कर सकती हैं। इनका सेवन करने से क्रेविंग्स को कम करने और इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
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लीन प्रोटीन युक्त फूडस खाएं
पीसीओएस की स्थिति में महिलाएं लीन प्रोटीन से युक्त अंडे और चिकन को भी अपनी डाइट में शामिल करें। इनका सेवन करने से महिलाओं को पीसीओएस के कारण होने वाली क्रेविंग्स को कम करने और इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। इससे स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिल सकती है।
मसालों को शामिल करें
पीसीओएस में शरीर में सूजन आने जैसी कई समस्याएं होती हैं। ऐसे में इनसे राहत के लिए अजवाइन, मेथी के बीज, काली मिर्च, लौंग, दालचीनी और हल्दी जैसे मसालों को डाइट में शामिल किया जा सकता है। इन मसालों में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण होते हैं, जिनसे शरीर की सूजन को कम करने, इंसुलिन के स्तर को कंट्रोल करने और पाचन में सुधार करने में मदद मिलती है।
अनप्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट्स खाएं
पीसीओएस से परेशान महिलाएं डाइट में अनप्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट्स (Unprocessed carbohydrates) यानी कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट (complex carbohydrates) जैसे ओट्स, क्विनोआ और ब्राउन राइस जैसे साबुत अनाज, काले चने, राजमा, शकरकंद और आलू जैसे फूड्स को खा सकती हैं। इनसे पीसीओएस के कारण होने वाली कमजोरी से राहत देने, शरीर को एनर्जेटिक बनाए रखने और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने में मदद मिलती है।
PCOS में क्या न खाएं?
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, ऐसे कई फूड्स हैं, जिनका सेवन PCOS में नहीं करना चाहिए क्योंकि ये समस्या को बढ़ा सकते हैं। इन फूड्स के सेवन से हार्मोन्स पर बुरा असर पड़ता है।
डॉ. गायत्री कार्तिक नागेश के अनुसार, पीसीओएस की स्थिति में महिलाओं को मैदा, रिफाइंड कार्ब्स, शुगरी ड्रिंक्स, डेयरी प्रोडक्ट्स और ज्यादा तले-भुने फूड्स को खाने से बचना चाहिए। इनका सेवन करने से इंसुलिन स्पाइक तेजी से होता है, जो पीसीओएस के लक्षणों को बढ़ावा दे सकता है।
2023 के Cureus Journal Of Medical Science के नैरेटिव रिव्यू के अनुसार, वेस्टर्न डाइट के पैटर्न, हाई फैट्स और कम फाइबर वाले फूड्स का अधिक सेवन करने से पीसीओएस में होने वाली समस्याएं बढ़ती हैं। इस अध्ययन में बताया गया है कि हाई ग्लाइसेमिक लोड (GL) और हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स भी पीसीओएस में समस्या को बढ़ाते हैं। पीसीओएस का प्रभाव शरीर में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के अवशोषण को प्रभावित करता है, जिसमें विटामिन डी और बी9 शामिल है।
रिफाइंड कार्ब्स को खाने से बचें
पीसीओएस में बेकरी आइटम्स, व्हाइट ब्रेड, केक और पेस्ट्री जैसे रिफाइंड कार्ब्स का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है। इनका अधिक सेवन करने से इंसुलिन रेजिस्टेंस, क्रेविंग्स, दर्द और सूजन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
शुगरी ड्रिंक्स और फूड्स न खाएं
पीसीओएस में महिलाओं को जूस और सोडा जैसी फ्रुक्टोज युक्त शुगरी ड्रिंक्स, मिठाइयां और अधिक मीठे फूड्स को खाने से बचना चाहिए। PCOS में ज्यादा मीठा खाने के कारण शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होने और अधिक सूजन आने की समस्या बढ़ सकती है। इस दौरान नेचुरल मीठे फूड्स जैसे सेब, ब्लैकबेरी, चेरी, नाशपाती को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
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तला-भुना खाने से बचें
पीसीओएस में महिलाओं को समोसे, पकौड़े, फ्राइज और अन्य अधिक तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से भी बचने की सलाह दी जाती है। अधिक तले-भुने फूड्स को खाने से महिलाओं को शरीर में सूजन के बढ़ने की समस्या हो सकती है।
प्रोसेस्ड फूड्स न खाएं
पीसीओएस में महिलाओं को बिस्कुट और केक जैसे प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड्स, पैकेटबंद स्नैक्स और व्हाइट ब्रेड, पिज्जा, बर्गर आदि खाने से बचना चाहिए। इनका सेवन करने से शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ सकता है और पीसीओएस के लक्षण बिगड़ सकते हैं।
PCOS के लिए डाइट चार्ट
पीसीओएस की स्थिति में बैलेंस डाइट लेना जरूरी होता है। ऐसे में इसके लिए डाइट चार्ट को फॉलो किया जा सकता है।
| कब खाएं | क्या खाएं और कितना खाएं |
| सुबह खाली पेट | गुनगुना पानी + 5-6 भीगे हुए बादाम |
| नाश्ता | ओट्स / वेजिटेबल पोहा / 2 उबले अंडे + होल ग्रेन टोस्ट |
| मिड मिल (दोपहर के स्नैक्स) | 1 फल (सेब/अमरूद) या छाछ |
| लंच | 2 रोटी या ब्राउन राइस + दाल + सब्जियां + सलाद |
| शाम का नाश्ता | ग्रीन टी + भुने हुए चने / मुट्ठीभर मेवे |
| डिनर (हल्का भोजन) | सूप + सलाद या ग्रिल्ड पनीर/चिकन |
| सोने से पहले (वैकल्पिक) | हल्दी वाला दूध या गुनगुना पानी |
PCOS में क्या पिएं?
पीसीओएस की स्थिति में मेथी दाने का पानी, दालचीनी का पानी, जीरे का पानी, नींबू पानी, गुनगुना पानी और रात को सोने से पहले सीमित मात्रा में लो फैट दूध के साथ हल्दी का सेवन किया जा सकता है। इनका सेवन करने से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या में सुधार करने, वजन कम करने और हार्मोन्स को बैलेंस करने में मदद मिल सकती है।
डॉक्टर से कब मिलें?
PCOS को सिर्फ लाइफस्टाइल से मैनेज करना हमेशा संभव नहीं हो पाता है। इसलिए अगर आपके शरीर में PCOS से जुड़ी समस्याएं जैसे पीरियड्स का अनियमित होना, ज्यादा ब्लीडिंग होना, चेहरे पर अनचाहे बाल, एक्ने आना, वजन का तेजी से बढ़ना या कंसीव करने में परेशानी होती है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
PCOS एक ऐसी बीमारी है, जिसे लाइफस्टाइल और सही डाइट की मदद से कंट्रोल किया जा सकता है। PCOS में हार्मोनल असंतुलन की समस्या को कंट्रोल करने के लिए जरूरी है कि आप डाइट में साबुत अनाज, सब्जियों, फलों, सीड्स, नट्स, दालें, बीन्स, मसालों और अनप्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट्स जैसे फूड्स को शामिल करें और रिफाइंड कार्ब्स, शुगरी ड्रिंक्स, शुगरी फूड्स, डेयरी प्रोडक्ट्स, तले-भुने, प्रोसेस्ड शुगर और मैदा युक्त फूड्स को खाने से बचें। इसके अलावा, दिन में कम से कम 30 से 45 मिनट एक्सरसाइज करें और स्ट्रेस को कम करने की कोशिश करें।
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FAQ
PCOS ठीक करने के लिए क्या खाएं?
पीसीओएस से राहत के लिए महिलाएं डाइट में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स जैसे पोषक तत्वों से युक्त साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियों, फलों और दालों को शामिल करें। इसके अलावा, लहसुन, अदरक, हल्दी जैसे सूजन को कम करने वाले फूड्स को भी डाइट में शामिल करें। इनसे स्वास्थ्य में सुधार करने और पीसीओएस के कारण होने वाली परेशानियों से राहत देने में मदद मिलती है।PCOS में दूध पी सकते हैं या नहीं?
पीसीओएस की स्थिति में दूध का सेवन सीमित मात्रा में किया जा सकता है, लेकिन पीसीओएस की गंभीर स्थिति में डॉक्टर से सलाह के साथ ही दूध का सेवन करें।PCOS में चावल खा सकते हैं?
पीसीओएस की स्थिति में सीमित मात्रा में चावल को सही तरीके से खाया जा सकता है। इस स्थिति में सफेद चावल के बजाए रेड और ब्राउन राइस को डाइट में शामिल किया जा सकता है। ध्यान रहे, चावल को प्रोटीन युक्त दाल और सब्जियों के साथ ही खाएं।पीसीओएस किस विटामिन की कमी से होता है?
महिलाओं के शरीर में विटामिन डी, विटामिन बी12 और बी9 की कमी होने पर पीसीओएस की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इससे बचने के लिए हेल्दी और इन पोषक तत्वों से युक्त डाइट लें, साथ ही, डॉक्टर से सलाह लें, जिससे पीसीओएस की समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है।पीसीओएस में कौन से फल नहीं खाने चाहिए?
पीसीओएस की समस्या होने पर महिलाओं को हेल्दी डाइट लेने की सलाह दी जाती है। इसके साथ-साथ कुछ महिलाओं को केला, आम, अंगूर, कटहल और चीकू जैसे फलों का सेवन करने से बचना चाहिए। इन फलों का सेवन करने से इंसुलिन के लेवल के बढ़ने की समस्या हो सकती है, जो पीसीओएस की समस्या को बढ़ावा दे सकती है।
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Apr 07, 2026 21:40 IST
Modified By : Priyanka Sharma Apr 07, 2026 21:40 IST
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Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Archana Jain