यूरिक एसिड बढ़ने पर दाल खानी चाहिए या नहीं? अगर आपके मन में भी यह सवाल है तो आपको अपनी थाली से दाल हटाने से पहले कुछ जरूरी बातें जान लेनी चाहिए। मेट्रो हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, नोएडा के इंटरनल मेडिसिन और मेटाबोलिक डिसऑर्डर विभाग के डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, यूरिक एसिड बढ़ने पर अक्सर लोग प्यूरीन वाले फूड्स से बचने लगते हैं और इसी वजह से मूंग, मसूर, अरहर, चना या दूसरी दालों को लेकर भी डर बना रहता है लेकिन यूरिक एसिड बढ़ने और गाउट होने की स्थिति हर व्यक्ति में एक जैसी नहीं होती। कुछ लोगों में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ होने के बावजूद कोई लक्षण नहीं होते, जबकि कुछ लोगों को पैरों के अंगूठे या दूसरे जोड़ों में अचानक तेज दर्द, लालिमा और सूजन की समस्या हो सकती है। इसलिए केवल रिपोर्ट में यूरिक एसिड बढ़ा देखकर सभी दालों को बंद कर देना सही तरीका नहीं है।
यूरिक एसिड बढ़ने पर दाल खानी चाहिए या नहीं?
डॉ. अक्षय चुघ बताते हैं कि दालों में प्यूरीन की मात्रा होती है, लेकिन मांस और कुछ समुद्री फूड्स की तुलना में इनके प्यूरीन का शरीर पर असर अलग हो सकता है। बीन्स और दालों को पूरी तरह डाइट से हटाने की जरूरत नहीं है।
- बल्कि ये प्रोटीन और फाइबर के अच्छे सोर्स हैं और मांस की जगह इन्हें लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
- इसलिए हाई यूरिक एसिड पर दाल को पूरी तरह बंद करने के बजाय उसकी मात्रा, व्यक्ति की स्थिति और शरीर के रिएक्शन पर ध्यान देना जरूरी है।
- खासकर अगर किसी दाल को खाने के बाद बार-बार गाउट के लक्षण बढ़ते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
यूरिक एसिड बढ़ने पर कौन सी दालें खाएं और कौन सी नहीं?
| सवाल | जानकारी |
| कौन सी दालें खा सकते हैं? |
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| क्या कोई दाल सीधे नुकसान करती है? |
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| किन चीजों से सच में परहेज करना चाहिए? |
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| किन बातों का ध्यान रखें? |
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साल 2019 में Nutrients जर्नल में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, मटर, बीन्स, दाल, पालक, मशरूम और फूलगोभी जैसे ज्यादा प्यूरीन वाले पौधे-आधारित फूड्स का सेवन करने से गाउट (यूरिक एसिड) का खतरा नहीं बढ़ता है। वास्तव में, स्टडी में यह पाया गया कि जिन पुरुषों ने सबसे ज्यादा मात्रा में वेजिटेबल-प्रोटीन का सेवन किया, उनमें सबसे कम सेवन करने वालों की तुलना में गाउट विकसित होने का जोखिम 27% कम था।
इससे स्पष्ट होता है कि पौधों से मिलने वाले प्रोटीन और प्यूरीन का असर मांस या सीफूड के विपरीत सुरक्षित होता है। इसलिए, यूरिक एसिड के मरीज बिना डरे हेल्दी शाकाहारी प्रोटीन का फायदा उठा सकते हैं।

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दाल खाते समय किन बातों का रखें ध्यान?
डॉ. अक्षय चुघ सलाह देते हैं कि हाई यूरिक एसिड है तो दाल खाते समय मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। दाल को बहुत ज्यादा घी, मक्खन या तले हुए तड़के के साथ खाने के बजाय हल्के तरीके से बनाना बेहतर है। साथ ही पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि शरीर से यूरिक एसिड बाहर निकालने में किडनी की अहम भूमिका होती है। इसके अलावा वजन को कंट्रोल में रखना, शुगर ड्रिंक्स और ज्यादा फ्रक्टोज वाले फूड्स को सीमित करना तथा शराब से बचना गाउट मैनेजमेंट में जरूरी हो सकता है।
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निष्कर्ष
यूरिक एसिड बढ़ने पर दाल को पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती। मूंग, मसूर, अरहर जैसी दालें संतुलित मात्रा में ली जा सकती हैं। हालांकि, अगर दाल या किसी अन्य भोजन के बाद गाउट का दर्द और सूजन बढ़ती है, तो पर्सनल डाइट के लिए डॉक्टर से सलाह लें। केवल डाइट के भरोसे बहुत ज्यादा यूरिक एसिड को कंट्रोल करने की कोशिश न करें, जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की दी हुई दवा और नियमित जांच भी जरूरी होती है।
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FAQ
क्या चना खाने से यूरिक एसिड बढ़ सकता है?
चना भी प्यूरीन वाला फूड है, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि इसे खाने से हर व्यक्ति में यूरिक एसिड बढ़ेगा। अगर किसी को चना खाने के बाद गाउट के लक्षण बढ़ते दिखते हैं तो उन्हें डॉक्टर की सलाह अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए।क्या राजमा यूरिक एसिड के मरीज खा सकते हैं?
राजमा में प्यूरीन मौजूद होता है, लेकिन फलियों को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं माना जाता। मात्रा और व्यक्ति की हेल्थ कंडीशन के अनुसार इसका सेवन किया जा सकता है।क्या ज्यादा प्रोटीन खाने से यूरिक एसिड बढ़ता है?
प्रोटीन के सोर्स का फर्क पड़ता है। गाउट में लाल मांस, ऑर्गन मीट और कुछ सीफूड को सीमित करने की सलाह दी जाती है, जबकि बीन्स और दाल जैसे पौधों से मिलने वाले प्रोटीन विकल्प डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।
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Sep 10, 2026 18:52 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh