Sun Oct 18, 2026 | 02:55 AM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

यूरिक एसिड बढ़ने पर दाल खानी चाहिए या नहीं? जानें कौन सी दाल कर सकती है नुकसान

यूरिक एसिड बढ़ने पर दाल पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं होता है। यहां डॉक्टर से जानिए, कौन-सी दाल बेहतर विकल्प हो सकती है, कौन सी नुकसानदायक और कितनी मात्रा में करें सेवन।
यूरिक एसिड बढ़ने पर दाल खानी चाहिए या नहीं? जानें कौन सी दाल कर सकती है नुकसानयूरिक एसिड बढ़ने पर दाल खानी चाहिए या नहीं? जानें कौन सी दाल कर सकती है नुकसान

यूरिक एसिड बढ़ने पर दाल खानी चाहिए या नहीं? अगर आपके मन में भी यह सवाल है तो आपको अपनी थाली से दाल हटाने से पहले कुछ जरूरी बातें जान लेनी चाहिए। मेट्रो हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, नोएडा के इंटरनल मेडिसिन और मेटाबोलिक डिसऑर्डर विभाग के डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, यूरिक एसिड बढ़ने पर अक्सर लोग प्यूरीन वाले फूड्स से बचने लगते हैं और इसी वजह से मूंग, मसूर, अरहर, चना या दूसरी दालों को लेकर भी डर बना रहता है लेकिन यूरिक एसिड बढ़ने और गाउट होने की स्थिति हर व्यक्ति में एक जैसी नहीं होती। कुछ लोगों में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ होने के बावजूद कोई लक्षण नहीं होते, जबकि कुछ लोगों को पैरों के अंगूठे या दूसरे जोड़ों में अचानक तेज दर्द, लालिमा और सूजन की समस्या हो सकती है। इसलिए केवल रिपोर्ट में यूरिक एसिड बढ़ा देखकर सभी दालों को बंद कर देना सही तरीका नहीं है।

यूरिक एसिड बढ़ने पर दाल खानी चाहिए या नहीं?

डॉ. अक्षय चुघ बताते हैं कि दालों में प्यूरीन की मात्रा होती है, लेकिन मांस और कुछ समुद्री फूड्स की तुलना में इनके प्यूरीन का शरीर पर असर अलग हो सकता है। बीन्स और दालों को पूरी तरह डाइट से हटाने की जरूरत नहीं है।

  • बल्कि ये प्रोटीन और फाइबर के अच्छे सोर्स हैं और मांस की जगह इन्हें लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
  • इसलिए हाई यूरिक एसिड पर दाल को पूरी तरह बंद करने के बजाय उसकी मात्रा, व्यक्ति की स्थिति और शरीर के रिएक्शन पर ध्यान देना जरूरी है।
  • खासकर अगर किसी दाल को खाने के बाद बार-बार गाउट के लक्षण बढ़ते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

यूरिक एसिड बढ़ने पर कौन सी दालें खाएं और कौन सी नहीं?

सवाल जानकारी
कौन सी दालें खा सकते हैं?
  • मूंग दाल, मसूर दाल और अरहर दाल को संतुलित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है।
  • बीन्स और दालों को प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के रूप में डाइट में शामिल कर सकते हैं।
क्या कोई दाल सीधे नुकसान करती है?
  • ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है कि मसूर, मूंग या अरहर जैसी कोई भी आम दाल हर मरीज में यूरिक एसिड बढ़ाती हो।
  • राजमा और चना भी पूरी तरह से बंद करने की जरूरत नहीं है लेकिन इनका सेवन रोजाना करने से बचें।
  • कुछ फलियों में प्यूरीन की मात्रा थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन पौधों से मिलने वाले प्यूरीन का असर मांस या सीफूड के प्यूरीन जैसा नुकसानदायक नहीं होता है।
  • इसलिए सिर्फ प्यूरीन के डर से किसी भी दाल को पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है लेकिन अगर आपको हाई यूरिक एसिड की समस्या है तो डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही दालों का सेवन करें।
किन चीजों से सच में परहेज करना चाहिए?
  • असली चिंता उन चीजों से होनी जो गाउट का जोखिम तेजी से बढ़ाती हैं।
  • ऑर्गन मीट, कुछ खास समुद्री सीफूड, शराब और ज्यादा चीनी वाली मीठी चीजें।
किन बातों का ध्यान रखें?
  • एक साथ बहुत ज्यादा मात्रा में दाल या फलियां खाने से बचें।
  • हमेशा छोटी या सामान्य मात्रा से शुरुआत करें ताकि पाचन और शरीर पर उसका असर सही रहे।
  • यदि आपको पहले से गाउट के अटैक आते हैं, तो अपनी डाइट हमेशा अपने डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह से ही तय करें।

साल 2019 में Nutrients जर्नल में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, मटर, बीन्स, दाल, पालक, मशरूम और फूलगोभी जैसे ज्यादा प्यूरीन वाले पौधे-आधारित फूड्स का सेवन करने से गाउट (यूरिक एसिड) का खतरा नहीं बढ़ता है। वास्तव में, स्टडी में यह पाया गया कि जिन पुरुषों ने सबसे ज्यादा मात्रा में वेजिटेबल-प्रोटीन का सेवन किया, उनमें सबसे कम सेवन करने वालों की तुलना में गाउट विकसित होने का जोखिम 27% कम था।

इससे स्पष्ट होता है कि पौधों से मिलने वाले प्रोटीन और प्यूरीन का असर मांस या सीफूड के विपरीत सुरक्षित होता है। इसलिए, यूरिक एसिड के मरीज बिना डरे हेल्दी शाकाहारी प्रोटीन का फायदा उठा सकते हैं।

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दाल खाते समय किन बातों का रखें ध्यान?

डॉ. अक्षय चुघ सलाह देते हैं कि हाई यूरिक एसिड है तो दाल खाते समय मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। दाल को बहुत ज्यादा घी, मक्खन या तले हुए तड़के के साथ खाने के बजाय हल्के तरीके से बनाना बेहतर है। साथ ही पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि शरीर से यूरिक एसिड बाहर निकालने में किडनी की अहम भूमिका होती है। इसके अलावा वजन को कंट्रोल में रखना, शुगर ड्रिंक्स और ज्यादा फ्रक्टोज वाले फूड्स को सीमित करना तथा शराब से बचना गाउट मैनेजमेंट में जरूरी हो सकता है।

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निष्कर्ष

यूरिक एसिड बढ़ने पर दाल को पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती। मूंग, मसूर, अरहर जैसी दालें संतुलित मात्रा में ली जा सकती हैं। हालांकि, अगर दाल या किसी अन्य भोजन के बाद गाउट का दर्द और सूजन बढ़ती है, तो पर्सनल डाइट के लिए डॉक्टर से सलाह लें। केवल डाइट के भरोसे बहुत ज्यादा यूरिक एसिड को कंट्रोल करने की कोशिश न करें, जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की दी हुई दवा और नियमित जांच भी जरूरी होती है।

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FAQ

  • क्या चना खाने से यूरिक एसिड बढ़ सकता है?

    चना भी प्यूरीन वाला फूड है, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि इसे खाने से हर व्यक्ति में यूरिक एसिड बढ़ेगा। अगर किसी को चना खाने के बाद गाउट के लक्षण बढ़ते दिखते हैं तो उन्हें डॉक्टर की सलाह अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए।
  • क्या राजमा यूरिक एसिड के मरीज खा सकते हैं?

    राजमा में प्यूरीन मौजूद होता है, लेकिन फलियों को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं माना जाता। मात्रा और व्यक्ति की हेल्थ कंडीशन के अनुसार इसका सेवन किया जा सकता है।
  • क्या ज्यादा प्रोटीन खाने से यूरिक एसिड बढ़ता है?

    प्रोटीन के सोर्स का फर्क पड़ता है। गाउट में लाल मांस, ऑर्गन मीट और कुछ सीफूड को सीमित करने की सलाह दी जाती है, जबकि बीन्स और दाल जैसे पौधों से मिलने वाले प्रोटीन विकल्प डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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