आमतौर पर यूरिक एसिड को जोड़ों के दर्द और गाउट की समस्या से जोड़ा जाता है, लेकिन क्या इसके कारण आंखों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर होता है? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है। VNA Hospital के यूरोलॉजी, सेक्सोलॉजी और इनफर्टिलिटी विभाग के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. विनीत मल्होत्रा का कहना है कि यूरिक एसिड और आंखों के स्वास्थ्य का एक दूसरे से सीधा कनेक्शन नहीं है, लेकिन लंबे समय में यह स्थिति आपकी आंखों को प्रभावित कर सकती है।
यूरिक एसिड से आंखों पर क्या असर पड़ता है?
डॉ. विनीत मल्होत्रा के अनुसार, "हाई यूरिक एसिड को अक्सर जोड़ों में होने वाले दर्द और गाउट जैसी मेडिकल कंडीशन से जोड़ा जाता है। लेकिन कम लोग जानते हैं कि इसका असर आंखों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। लंबे समय तक हाई यूरिक एसिड रहने पर आंखों में जलन होने, सूजन आने और लाल होने जैसी कई परेशानियां हो सकती हैं और गंभीर स्थिति में आंखों की रोशनी से जुड़ी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।"
डॉ. विनीत आगे कहते हैं कि, "यूरिक एसिड का आंखों से जुड़ा सीधा संबंध कम देखा जाता है, लेकिन जब इसका स्तर लंबे समय तक बढ़ा रहता है, तो यह शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित कर सकता है, जिसमें आंखें भी शामिल हैं। खासकर क्रिस्टल डिपॉजिट और सूजन के कारण आंखों में परेशानी हो सकती है।"
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हाई यूरिक एसिड का आंखों पर असर कैसे पहुंचता है?
डॉ. विनीत के अनुसार, "जब शरीर में यूरिक एसिड अधिक हो जाता है, तो यह छोटे-छोटे क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है। आमतौर पर ये क्रिस्टल जोड़ों में जमा होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये आंखों के आसपास के टिश्यू या सतह पर भी असर डाल सकते हैं। इससे आंखों में जलन, चुभन और सूजन महसूस हो सकती है।"
2024 में European Journal Of Cardiovascular Medicine में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, 50 साल और उससे ज्यादा उम्र के व्यक्ति में हाई यूरिक एसिड और उम्र के साथ होने वाले मोतियाबिंद के बीच गहरा कनेक्शन है। इस रिसर्च में यह भी बताया गया है कि यूरिक एसिड का बढ़ा हुआ स्तर मोतियाबिंद के लिए एक ऐसा कारण हो सकता है, जिसे बदला या कंट्रोल किया जा सकता है।
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यूरिक एसिड में दिखने वाले प्रमुख लक्षण
डॉ. विनीत के अनुसार, "यूरिक एसिड में व्यक्ति को आंखों से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में हाई यूरिक एसिड में दिखने वाले आंखों के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। इसके कारण आंखों के स्वास्थ्य पर बुरा असर हो सकता है।"
आंखों में सूजन और दर्द की समस्या
शरीर में हाई यूरिक एसिड के कारण व्यक्ति को आंखों के आसपास सूजन आने, आंखों में दबाव महसूस होने और दर्द होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में आंखों के आसपास कोई भी अन्य परेशानी महसूस होने पर इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
आंखों में अंदरूनी सूजन आना
हाई यूरिक एसिड के कारण व्यक्ति को आंखों के अंदरूनी हिस्से में सूजन या इंफ्लेमेशन होने की समस्या हो सकती है। जिससे व्यक्ति के आंखों के अंदर के हिस्से को नुकसान होने और आंखों में असहजता महसूस होने जैसी परेशानी होती है।
आंखों में रेडनेस होने
शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर व्यक्ति को आंखों में सूजन आने की समस्या हो सकती है, जिसके कारण आंखें लाल दिखने लगती है।
इंटरनेशनल ऑप्थैल्मोलॉजी के 2024 के रिसर्च पेपर के अनुसार, गाउट के साथ ड्राई आई का खतरा बढ़ जाता है। गाउट रोगियों में हाई यूरिक एसिड और जैंथिन ऑक्सीडेज एक्टिवेशन जैसे कारण ड्राई आई की समस्या को बढ़ावा दे सकते हैं।
धुंधला दिखने
लंबे समय तक हाई यूरिक एसिड रहने या गंभीर स्थिति में व्यक्ति को धुंधला दिखने या आंखों को अन्य गंभीर नुकसान हो सकते हैं। इसके अलावा, अगर इस स्थिति को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो आंखों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
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आंखों के ड्राई होने
लंबे समय तक हाई यूरिक एसिड की स्थिति होने पर व्यक्ति को आंखों में नमी के कम होने, ड्राई होने और जलन महसूस होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
क्या हाई यूरिक एसिड के कारण आंखों की गंभीर समस्या बन सकती है?
डॉ. विनीत मल्होत्रा कहते हैं, "ज्यादातर मामलों में आंखों पर असर हल्का और अस्थायी (temporary) होता है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति में यूरिक एसिड का स्तर लंबे समय तक कंट्रोल में न रहे, तो ये उनके शरीर में क्रॉनिक इंफ्लेमेशन को बढ़ा सकता है। ऐसे में आंखों की समस्याओं और यूरिक एसिड के कारण होने वाले आंखों के नुकसान से बचाव के लिए नियमित रूप से जांच कराना जरूरी हो जाता है।"
किन लोगों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए?
डॉ. विनीत आगे कहते हैं कि, "हाई यूरिक एसिड के लंबे समय तक बने रहने के कारण आंखों के स्वास्थ्य पर बुरा असर हो सकता है। ऐसे में आंखों से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए कुछ स्थितियों में लोगों को सावधानी बरतनी जरूरी हो जाती है।"
- जिन लोगों को लंबे समय तक हाई यूरिक एसिड की समस्या है
- गाउट के मरीजों को
- किडनी से जुड़ी समस्या से पीड़ित लोगों को
- हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में
- डायबिटीज के मरीजों को
इन स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित लोगों में आंखों पर असर पड़ने का खतरा थोड़ा ज्यादा हो सकता है।
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आंखों की समस्याओं से बचाव के लिए क्या करें?
डॉ. विनीत मल्होत्रा के अनुसार, आंखों की समस्या से बचाव करने और शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए कुछ उपायों को अपनाया जा सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।
- यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित रखें। इसके लिए अनहेल्दी खानपान से बचें।
- आंखों की समस्याओं से बचने के लिए यूरिक एसिड के स्तर की और आंखों की जांच नियमित रूप से कराएं।
- शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और शरीर को नेचुरली डिटॉक्स करने के लिए भरपूर पानी पिएं।
- यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित रखने और आंखों को स्वस्थ रखने के लिए बैलेंस और पोषक तत्वों से युक्त डाइट लें।
- हाई यूरिक एसिड की समस्या से बचने और आंखों को स्वस्थ रखने के लिए रेड मीट, हाई प्यूरीन युक्त फूड्स और अल्कोहल का सेवन करने से बचें।
- बार-बार आंखों को रगड़ने से बचें।
- आंखों की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।
- आंखों का दबाव से बचाव करने के लिए स्क्रीन टाइम कम करें।
इंटरनेशनल ऑप्थैल्मोलॉजी के 2024 के रिसर्च पेपर के अनुसार, शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए विजुअल डिस्प्ले टर्मिनल का उपयोग कम करने, अल्कोहल का सेवन लिमिट में करने या पूरी तरह से बंद करने और सीमित मात्रा में कॉफी का सेवन करने से गाउट और ड्राई आई डिजीज को सही तरीके से रोका जा सकता है।
डॉ. विनीत मल्होत्रा आगे कहते हैं कि, "यूरिक एसिड का असर हर व्यक्ति पर नहीं दिखता है, लेकिन इसके खतरे को नजरअंदाज बिल्कुल न करें और नियमित रूप से जांच जरूर कराएं, जिससे आंखों को स्वस्थ रखने और इसके कारण होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है।”
डॉक्टर से सलाह कब लें?
डॉ. विनीत मल्होत्रा बताते हैं कि, "अगर आंखों में बार-बार जलन, लालिमा (रेडनेस) या धुंधलापन महसूस हो रहा है और साथ में यूरिक एसिड का स्तर भी बढ़ा हुआ है, तो इसे नजरअंदाज न करें। इस स्थिति में समय पर आंखों की जांच कराएं और डॉक्टर से सलाह लें। सही इलाज से बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है।"
निष्कर्ष
लंबे समय तक हाई यूरिक एसिड की समस्या होने पर व्यक्ति को आंखों में सूजन आने, दर्द होने, आंखों में अंदरूनी सूजन आने, लाल होने, ड्राई होने और धुंधला दिखने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सही समय पर जांच कराएं, बैलेंस डाइट लें, बैलेंस लाइफस्टाइल को फॉलो करें और डॉक्टर की सलाह से न सिर्फ यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है, बल्कि आंखों को भी हेल्दी बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।
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FAQ
शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के क्या लक्षण हैं?
शरीर में यूरिक एसिड की समस्या होने पर व्यक्ति को जोड़ों में तेज दर्द होने, सूजन होने, अकड़न होने, चलने-फिरने, बार-बार यूरिन आने, किडनी में पथरी होने, त्वचा के लाल होने, यूरिन के रंग में बदलाव आने, थकान होने, कमजोरी होने और जोड़ों में रेडनेस होने की समस्या हो सकती है। ऐसे में यूरिक एसिड के लक्षणों को नजरअंदाज न करें।यूरिक एसिड को ठीक करने का सबसे तेज तरीका क्या है?
यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए भरपूर पानी पिएं, लो प्यूरीन डाइट लें, बैलेंस डाइट लें, वजन कम करें, नियमित एक्सरसाइज करें, रेड मीट, सीफूड और अल्कोहल जैसी चीजों को खाने से बचें और नियमित रूप से यूरिक एसिड की जांच कराएं।सुबह खाली पेट क्या पीना चाहिए जिससे यूरिक एसिड कम हो जाए?
शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए सुबह खाली पेट धनिया का पानी, नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन किया जा सकता है। इनका सेवन करने से शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम किया जा सकता है। इससे स्वास्थ्य को दुरुस्त करने में भी मदद मिलती है।बार-बार यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है?
कई लोगों को बार-बार यूरिक एसिड के हाई होने की समस्या हो सकती है। यह स्थिति अधिक प्यूरीन युक्त रेड मीट, अल्कोहल और दाल जैसे फूड्स को खाने, किडनी के ठीक से फिल्टर न कर पाने, डिहाइड्रेशन होने, जेनेटिक्स और अधिक मोटापे के कारण व्यक्ति को बार-बार यूरिक एसिड के हाई होने की समस्या हो सकती है।
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Current Version
Apr 18, 2026 19:08 IST
Modified By : Priyanka Sharma Apr 18, 2026 19:08 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Vineet Malhotra