Fri Sep 11, 2026 | 08:59 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineet Malhotra , Consultant Urologist, Andrologist & Microsurgeon

यूरिक एसिड में कौन से सप्लीमेंट लें? एक्सपर्ट से जानें

यूरिक एसिड हाई होने पर व्यक्ति को जोड़ों में दर्द होने और पथरी जैसी परेशानियां होती हैं।इन समस्याओं से राहत के लिए कुछ सप्लीमेंट्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है। 

कई लोग हाई यूरिक एसिड की समस्या से परेशान रहते हैं। गलत खानपान, कम शारीरिक एक्टिविटी और लाइफस्टाइल से जुड़ी कई समस्याओं के कारण व्यक्ति के शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है। यूरिक एसिड बढ़ने से व्यक्ति को शरीर में सूजन, गाउट, जोड़ों में तेज दर्द, किडनी की पथरी, त्वचा में खुजली, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी होने जैसी गंभीर समस्याएं होती हैं। ऐसे में इस समस्या से राहत के लिए अक्सर लोगों को हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने और प्यूरीन युक्त फूड्स को खाने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, कई बार डॉक्टर लोग यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए दवाइयों के साथ सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं। ऐसे में VNA Hospital के यूरोलॉजी, सेक्सोलॉजी और इनफर्टिलिटी विभाग के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. विनीत मल्होत्रा बताते हैं कुछ सप्लीमेंट्स यूरिक एसिड की समस्या में फायदेमंद हो सकते हैं। सप्लीमेंट्स का सेवन डॉक्टर की सलाह के साथ ही करना चाहिए। बिना सही जानकारी के सप्लीमेंट लेना नुकसानदायक भी हो सकता है।

यूरिक एसिड में कौन से सप्लीमेंट लेने चाहिए?

डॉ. विनीत मल्होत्रा बताते हैं, "यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए सबसे पहले लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव करना जरूरी होता है। यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए सप्लीमेंट्स सहायक भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन इन्हें डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए। यूरिक एसिड बढ़ने परडॉक्टर की सलाह के साथ विटामिन सी और मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्वों से युक्त फूड्स और सप्लीमेंट्स को लिया जा सकता है।"

2025 के BMC के Nutrition & Metabolism में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, फोलिक एसिड और प्रोबायोटिक्स जैसे पोषक तत्व शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में प्रभावी पाए गए। इसके अलावा, विटामिन सी ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने और करक्यूमिन (Curcumin) कोलेस्ट्रॉल (LDL) को सुधारने में सहायक हैं।

विटामिन सी सप्लीमेंट

डॉ. विनीत मल्होत्रा कहते हैं, "विटामिन सी यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है। यह किडनी के जरिए यूरिक एसिड को बाहर निकालने की प्रक्रिया को बेहतर बनाता है।" डॉ. विनीत आगे कहते हैं "विटामिन सी सप्लीमेंट कुछ मामलों में फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसकी मात्रा नियंत्रित होनी चाहिए। ज्यादा मात्रा में विटामिन सी सप्लीमेंट लेने से उल्टा असर भी हो सकता है, जो स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का कारण बन सकता है।"

2019 के Nutrients में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, हाई यूरिक एसिड किडनी फेलियर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। ऐसे में विटामिन सी, ई और करक्यूमिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स के सप्लीमेंट शरीर में यूरिक एसिड को कम करने और ऑक्सीडेटिव डैमेज से होने वाले नुकसान को रोकने में सहायक हो सकते हैं, साथ ही, ये सप्लीमेंट किडनी की कार्यक्षमता में सुधार करने में मदद कर सकते हैं।

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ओमेगा-3 फैटी एसिड सप्लीमेंट

यूरिक एसिड के स्तर के कारण बढ़ने वाली परेशानियों को कम करने के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड फायदेमंद हो सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह के साथ। डॉ. विनीत मल्होत्रा के अनुसार, "ओमेगा-3 फैटी एसिड, जो फिश ऑयल में पाया जाता है। यह जोड़ों की सूजन को कम करने में मदद करता है। यह खासतौर पर उन मरीजों के लिए उपयोगी हो सकता है, जिन्हें गाउट के कारण दर्द और सूजन जैसी समस्याएं होती हैं, लेकिन ध्यान रहे, इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के साथ ही करें।"

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मैग्नीशियम सप्लीमेंट

डॉ. विनीत मल्होत्रा कहते हैं, "मैग्नीशियम शरीर के कई जरूरी कार्यों में शामिल होता है और यह यूरिक एसिड को पचाने या शरीर से बाहर निकालने में भी मदद कर सकता है। हालांकि, इसकी जरूरत हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है।" बता दें, मैग्नीशियम शरीर में मांसपेशियों को रिलैक्स करने, हड्डियों को मजबूती देने, नींद की गुणवत्ता में सुधार करने और तंत्रिका तंत्र के कार्यों को बेहतर करने में सहायक होता है।

2018 के Nutrients की स्टडी के अनुसार, अमेरिका के वयस्कों पर किए गए अध्ययन के अनुसार, रिकमेंडेड डाइटरी अलाउंस के अनुसार मैग्नीशियम के सेवन करने से हाइपरयूरिसेमिया (यूरिक एसिड की अधिकता) के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। हरी सब्जियां, नट्स और साबुत अनाज जैसे मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स सूजन (inflammation) को कम करके यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

फोलिक एसिड सप्लीमेंट

फोलिक एसिड यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, लेकिन इसके प्रभाव सीमित हो सकते हैं। ऐसे में डॉ. विनीत कहते हैं, "फोलिक एसिड को यूरिक एसिड समस्या का मुख्य इलाज नहीं माना जा सकता, लेकिन कुछ मरीजों में यह सहायक हो सकता है।" 

2025 के BMC के Nutrition & Metabolism में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, फोलिक एसिड और प्रोबायोटिक्स ने कन्वेंशनल थेरेपी की तुलना में यूरिक एसिड के स्तर को काफी हद तक कम किया।

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यूरिक एसिड में कुछ सप्लीमेंट्स से बचें

डॉ. विनीत के अनुसार, "हाई यूरिक एसिड की समस्या होने पर व्यक्ति को कुछ सप्लीमेंट्स से बचना चाहिए, जैसे कि प्रोटीन सप्लीमेंट्स या बिना सलाह के आयरन और कैल्शियम।" डॉ. विनीत मल्होत्रा चेतावनी देते हैं,"कुछ सप्लीमेंट्स यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकते हैं, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के कुछ भी लेना खतरनाक हो सकता है।"

सावधानियां

डॉ. विनीत कहते हैं, "सप्लीमेंट्स सिर्फ यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए सहायक हो सकते हैं, लेकिन मुख्य इलाज नहीं। सही डाइट, पर्याप्त पानी और नियमित एक्सरसाइज सबसे ज्यादा जरूरी है, साथ ही इसके लिए ज्यादा पानी पीना, रेड मीट और हाई प्रोटीन फूड सीमित करना, शराब और मीठी ड्रिंक से दूरी बनाना और वजन को कंट्रोल में रखना भी जरूरी है। ध्यान रहे कि, हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए सप्लीमेंट्स मददगार हो सकते हैं, लेकिन इन्हें समझदारी और डॉक्टर की सलाह के साथ ही लेना चाहिए। सही जीवनशैली, बैलेंस डाइट और नियमित जांच के साथ ही इस समस्या को सही तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।"

डॉक्टर से सलाह कब लें?

सप्लीमेंट्स को लेने के बाद भी यूरिक एसिड के स्तर में बदलाव न होने और स्वास्थ्य में सुधार न हो पाने की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा, हाई यूरिक एसिड के कारण अगर व्यक्ति को लगातार बिना कारण थकान, जोड़ों में ज्यादा दर्द, सूजन, अकड़न होने और चलने-फिरने में परेशानी की समस्या होती है तो भी इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर डॉक्टर को दिखाने और उनसे सलाह लेने पर इस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है और व्यक्ति समय पर सही इलाज पा सकता है। 

निष्कर्ष

शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए विटामिन सी, ओमेगा-3 फैटी एसिड, मैग्नीशियम और फोलिक एसिड जैसे सप्लीमेंट्स को लेना फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे, इनका सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना ना करें। इसके अलावा, यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए बैलेंस डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना भी बेहद जरूरी होता है, साथ ही, यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने या इसके कारण स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें, ताकि स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या से बचा जा सके। 

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • कैसे पता चलेगा कि यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है?

    शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर व्यक्ति को जोड़ों में तेज दर्द होने, अकड़न आने, सूजन आने, किडनी में पथरी होने, चलने-फिरने में परेशानी होने और कई बार स्किन के रंग में बदलाव आने जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में यूरिक एसिड के स्तर के बढ़ने के इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
  • यूरिक एसिड बढ़ने पर क्या नहीं खाना चाहिए?

    यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर व्यक्ति को रेड मीट, अल्कोहल, शुगरी ड्रिंक्स, अधिक चीनी युक्त फूड, जंक फूड, पैकेज्ड फूड्स और हाई प्यूरीन से युक्त फूड्स को खाने से बचना चाहिए। इन फूड्स का अधिक सेवन करने के कारण शरीर में प्यूरीन की मात्रा बढ़ती है और हाई यूरिक एसिड की समस्या होती है, जो स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है।
  • यूरिक एसिड के कारण कहां-कहां दर्द होता है?

    शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर व्यक्ति को घुटनों, टखनों और उंगलियों जैसे जोड़ों में गंभीर दर्द होने और अन्य परेशानियां हो सकती हैं। इसके अलावा, व्यक्ति को शरीर में थकान होने, कमजोरी होने, चलने-फिरने में परेशानी होने, त्वचा में खुजली होने और किडनी में पथरी होने की समस्या हो सकती है, जिससे गंभीर दर्द होने की समस्या हो सकती है।
  • यूरिक एसिड किस अंग को नुकसान पहुंचाता है?

    यूरिक एसिड की समस्या होने पर व्यक्ति को किडनी में पथरी होने की समस्या होती है, साथ ही, इसके कारण किडनी के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। बता दें, शरीर में प्यूरिन का स्तर अधिक बढ़ने के कारण यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने लगता है, जिसके कारण किडनी के स्वास्थ्य को नुकसान होने और किडनी के कार्यों में परेशानी होने की समस्या हो सकती है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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