Fri Sep 11, 2026 | 09:03 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

यूरिक एसिड में सुबह खाली पेट क्या पिएं? एक्सपर्ट से जानें

कई लोग हाई यूरिक एसिड की समस्या से परेशान रहते हैं। इससे राहत के लिए खाली पेट नीम के पानी और धनिया के पानी जैसी कई ड्रिंक्स का सेवन किया जा सकता है। ये स्वास्थ्य के लिए कई तरीकों से फायदेमंद होती हैं। 

अक्सर लोग हाई यूरिक एसिड की समस्या से परेशान रहते हैं। हाई यूरिक एसिड को हाइपरयूरिसीमिया (Hyperuricemia) भी कहा जाता है। इसके कारण लोगों के जोड़ों में तेज दर्द होने, सूजन आने, चलने-फिरने में परेशानी होने, यूरिन से जुड़ी समस्या, स्किन संबंधी समस्या, गाउट होने और किडनी स्टोन होने जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यूरिक एसिड से राहत के लिए अक्सर लोगों को बैलेंस डाइट लेने और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने की सलाह दी जाती है। हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ सुबह खाली पेट कुछ ड्रिंक्स को लिया जा सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होती हैं। इन ड्रिंक्स का सेवन करने से यूरिक एसिड को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिल सकती है। Ms Pravalika Londe, Senior Clinical Nutritionist, Aster CMI Hospital, Bangalore और जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन दोनों ही एक्सपर्ट्स का कहना है कि खाली पेट सही ड्रिंक को लेने से शरीर में जमा वेस्ट प्रोडक्ट को बाहर निकालने में मदद मिलती है। 

यूरिक एसिड में सुबह खाली पेट क्या पीना चाहिए?

Ms Pravalika Londe के अनुसार, "सुबह खाली पेट सही तरह की ड्रिंक्स पीने से शरीर में बढ़े हुए यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, ये शरीर को हाइड्रेट रखने, किडनी के काम को बेहतर बनाने और शरीर में मौजूद अतिरिक्त यूरिक एसिड को किडनी के माध्यम से नेचुरल तरीके से बाहर निकालने में मदद कर सकती हैं। यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए सही लाइफस्टाइल को फॉलो करने के साथ जीरा, नींबू, मेथी और नारियल पानी जैसी हेल्दी ड्रिंक्स को लिया जा सकता है।"

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, "यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए सुबह खाली पेट धनिया, जीरा, मेथी और नींबू पानी को शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा, यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए लो प्यूरिन वाली बैलेंस डाइट लेने और नियमित एक्सरसाइज करने जैसे हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करें।"

नींबू पानी पिएं

एक आम और सबसे अच्छा ऑप्शन है गुनगुने पानी में कुछ बूंदें नींबू की डालकर पिया जाए। नींबू में अच्छी मात्रा में विटामिन सी होता है। ऐसे में सुबह उठकर नींबू पानी पीने से शरीर को फ्रेश महसूस कराने, हाइड्रेट रखने, यूरिक एसिड को नियंत्रित करने और पाचन में भी कुछ हद तक मदद मिलती है। 

2025 के International Journal of Rheumatic Diseases की स्टडी के अनुसार, नियमित रूप से 6 हफ्तों तक नींबू पानी पीने से यूरिक एसिड का स्तर कम होता है और किडनी के कार्यों या ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट (GFR) में सुधार आता है। गाउट और हाइपरयूरिसीमिया से पीड़ित लोगों के लिए नींबू पानी का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।

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धनिया पानी पिएं

यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए सुबह खाली पेट धनिया पानी पिया जा सकता है। धनिया पानी भी एक अच्छा विकल्प है। इसके लिए धनिया के बीज को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रखें और सुबह इसे छानकर इसका सेवन करें। ऐसा करने से गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग की समस्या से राहत मिलती है।

2022 के Journal of Agricultural and Food Chemistry में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, धनिया शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने और यूरिक एसिड के स्तर को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिल सकती है। इससे नमक यानी सोडियम और यूरिक एसिड के स्तर को कम करता है। इसके अलावा, यह किडनी और आंतों में सोडियम अवशोषण को नियंत्रित करने का काम करता है।

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जीरे का पानी पिएं

यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए सुबह खाली पेट जीरा पानी पीना फायदेमंद होता है। सुबह के समय इसका सेवन करने से पाचन और मेटाबॉलिज्म में सुधार करने में मदद मिलती है, साथ ही इससे एसिडिटी और गैस्ट्राइटिस से होने वाले दर्द को कम करने में मदद मिलती है। इसके लिए जीरे को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रखें और फिर सुबह के समय इसका सेवन करें। इससे पेट को हल्का रखने और टॉक्सिन्स को शरीर से बाहर निकालने में भी मदद मिलती है।

नीम का पानी पिएं

यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए औषधीय गुणों से भरपूर नीम स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। नीम का पानी अपने डिटॉक्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें Nimbidin (निम्बिडिन) नाम का तत्व होता है, जो शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करता है। इसे कम मात्रा में ही लेना चाहिए क्योंकि यह बहुत कड़वा और स्ट्रॉग होता है। इसके अलावा, कुछ लोगों को यह सूट नहीं करता है, जिसके कारण व्यक्ति को पेट में परेशानी महसूस होने या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या हो सकती है। ऐसे में इसका सेवन सावधानी के साथ सीमित मात्रा में ही करें। नीम के पानी में पोटैशियम ज्यादा हो सकता है इसलिए किडनी के मरीज इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। इसके अलावा प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसे नहीं पीना चाहिए।

2021 की Biochemistry and Biophysics Reports में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, नीम का सेवन करने से शरीर में यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड को कम करने में मदद मिलती है। ये अन्य पौधों के मुकाबले में ज्यादा असरदार है। ये मेटाबॉलिज्म और हार्ट के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है।

मेथी का पानी पिएं

यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए मेथी (fenugreek seed) के पानी का सेवन भी किया जा सकता है। मेथी के बीज को रातभर भिगोकर सुबह के समय इसके पानी का सेवन करने से सूजन को कम करने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। 

भिगोई हुई मेथी में अच्छी मात्रा में घुलनशील फाइबर (soluble fiber) होता है, जिसे गैलेक्टोमैनन (galactomannan) कहा जाता है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकता है और इसको धीरे-धीरे बढ़ने देता है और पेट को भरा हुआ महसूस कराता है। मेथी के बीज में नेचुरल लैक्सेटिव होता है, जो पाचन में मदद करता है और कब्ज से राहत देता है।

2020 की The Annals of Clinical and Analytical Medicine की स्टडी के अनुसार, मेथी दाने का उपयोग करने से यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में सहायक है। हालांकि इससे किडनी के कार्यों पर कोई बुरा असर नहीं देखा गया।

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नारियल पानी पिएं

यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए यह एक अच्छा और हल्का ऑप्शन है। सुबह खाली पेट नारियल पानी का सेवन करने से शरीर को हाइड्रेट करने, ठंडक देने और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है। नारियल पानी में पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स (electrolytes) होते हैं। इसके अलावा, इसमें फाइटोहोर्मोन (phytohormone) जैसे साइटोकिनिन (cytokinin) नाम के तत्व भी होते हैं, जो एंटी-एजिंग में मदद कर सकते हैं। किडनी के मरीजों को नारियल पानी लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए क्योंकि इसमें पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है।

यूरिक एसिड के लिए सिर्फ ड्रिंक्स काफी नहीं?

Ms Pravalika Londe के अनुसार, "यह याद रखना जरूरी है कि कोई भी एक ड्रिंक यूरिक एसिड को पूरी तरह ठीक नहीं कर सकती है। इन सब चीजों के साथ सही खान-पान, कम प्यूरीन वाले फूड्स, पर्याप्त पानी पीना और नियमित एक्सरसाइज करना भी जरूरी होता है।" Ms Pravalika Londe आगे कहती हैं कि, "सुबह की शुरुआत नींबू पानी, धनिया पानी या जीरा पानी से करना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन सिर्फ इन्हीं से टॉक्सिन्स को शरीर से बाहर और यूरिक एसिड का स्तर कम नहीं होगा। लंबे समय तक फायदा पाने के लिए नियमितता (Consistency) और सही लाइफस्टाइल बहुत जरूरी है।"

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, सुबह के समय इन हेल्दी ड्रिंक्स का सेवन करने से पाचन और मेटाबॉलिज्म में सुधार करने के साथ यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। 

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क्या बिल्कुल न पिएं?

यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए हेल्दी ड्रिंक्स का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन ध्यान रहे, इस स्थिति में अल्कोहल, पैकेज्ड जूस, डाइट सोडा, शुगरी, एनर्जी और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन करने से बचना चाहिए। इसके कारण स्वास्थ्य को अधिक नुकसान हो सकता है।

सावधानियां

यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए नारियल पानी, नीम, धनिया, मेथी, जीरा और नींबू पानी जैसी ड्रिंक्स का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन ध्यान रहे, इनमें से किसी भी ड्रिंक से एलर्जी होने या इनका सेवन करने से किसी भी तरह की परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और इनका सेवन करने से बचें। इसके अलावा, हाई यूरिक एसिड के कारण दिखने वाले लक्षणों को भी नजरअंदाज न करते हुए डॉक्टर से सलाह लें। 

डॉक्टर से सलाह कब लें?

अगर किसी व्यक्ति को जोड़ों में बिना किसी कारण के दर्द महसूस होने, सूजन आने, लाल होने, स्किन में एलर्जी होने और कई बार चलने-फिरने में परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा, यूरिक एसिड के स्तर को बैलेंस करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने की कोशिश करें। 

निष्कर्ष 

शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए सुबह के समय खाली पेट नींबू पानी, जीरा पानी, मेथी के पानी, धनिया, नीम और नारियल पानी का सेवन किया जा सकता है। इनका सेवन करने से शरीर को हाइड्रेट रखने, पाचन में सुधार करने, मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने और शरीर के वेस्ट प्रोडक्ट यानी यूरिक एसिड को किडनी के माध्यम से बाहर निकालने और किडनी के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है। यूरिक एसिड के स्तर को लंबे समय तक नियंत्रित रखने के लिए ड्रिंक्स के साथ-साथ एक्सरसाइज करने, शरीर को हाइड्रेट रखने और लो प्यूरिन वाले फूड्स को खाने जैसी लाइफस्टाइल की आदतों में बदलाव करना फायदेमंद होता है। ध्यान रहे, यूरिक एसिड का स्तर अधिक होने और इसके कारण अधिक परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें। 

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • यूरिक एसिड को ठीक करने का तेज तरीका क्या है?

    शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए दिनभर में पर्याप्त पानी पीना चाहिए। इसके अलावा, हेल्दी डाइट लें, प्यूरिन युक्त फूड्स को खाने से बचें और नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
  • बिना दवाई के यूरिक एसिड कैसे कंट्रोल करें?

    यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए प्यूरिन युक्त फूड्स को खाने से बचें, वजन कम करें, नियमित एक्सरसाइज करें, पर्याप्त पानी पिएं और हेल्दी डाइट लेने जैसे हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करें, लेकिन ध्यान रहे, यूरिक एसिड की समस्या अक्सर बने रहने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें और उनकी सलाह के साथ दवा का सेवन करें।
  • यूरिक एसिड में रात को क्या खाना चाहिए?

    यूरिक एसिड की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को रात में हल्का और लो प्यूरीन युक्त खाना खाना चाहिए। इसके लिए लौकी और तोरई जैसी हरी सब्जियों को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
  • यूरिक एसिड के क्या लक्षण होते हैं?

    शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने के कारण व्यक्ति को जोड़ों में तेज दर्द होने, सूजन आने, रेडनेस आने, अकड़न होने, त्वचा में परेशानी होने, चलने-फिरने में परेशानी, यूरिन में खून आने, किडनी स्टोन होने और जी मिचलाने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
  • यूरिक एसिड में कौन सा फल नहीं खाना चाहिए?

    यूरिक एसिड की समस्या में अंगूर, आम, सेब, लीची और अनानास जैसे फलों को बहुत ज्यादा मात्रा में खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा, प्यूरिन युक्त फूड्स को खाने से भी बचें।

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Priyanka Sharma

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प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 19, 2026 14:59 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Apr 19, 2026 14:59 IST

    Published By : Priyanka Sharma
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