हाई यूरिक एसिड एक आम समस्या बन चुकी है। इस समस्या में अक्सर लोगों को जोड़ों में तेज दर्द, सूजन आने, लाल होने, बार-बार यूरिन आने और चलने-फिरने में परेशानी होने जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है और गंभीर स्थिति में इसके कारण किडनी का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए अक्सर लोगों को हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने की सलाह दी जाती है, साथ ही हेल्दी डाइट लेने और नीम जैसे औषधीय पत्तों का सेवन करने के लिए भी कहा जाता है, लेकिन क्या ये वाकई में यूरिक एसिड की समस्या में फायदेमंद हैं? ऐसे में Ms Pravalika Londe, Senior Clinical Nutritionist, Aster CMI Hospital, Bangalore और Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda बताती हैं कि औषधीय गुणों से भरपूर नीम शरीर की सूजन को कम करने और शरीर को नेचुरली डिटॉक्स करने में सहायक होता है।
क्या नीम खाने से यूरिक एसिड में राहत मिलती है?
Ms Pravalika Londe के अनुसार, "नीम एक ट्रेडिशनल औषधीय पौधा है, जो सूजन को कम करने और घाव को तेजी से भरने के लिए जाना जाता है। यह हाई यूरिक एसिड को मैनेज करने में सहायक हो सकता है। अगर इसे सही तरीके से लिया जाए तो। नीम का सेवन करने का सबसे बड़ा फायदा इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हैं। यह यूरिक एसिड की स्थिति में होने वाले जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में भी मदद करता है, जैसा गाउट जैसी समस्या में होता है। ऐसा शरीर में यूरिक एसिड का अधिक स्तर बढ़ने के कारण होता है।"
आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार, "आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक और औषधीय गुणों से भरपूर नीम में अच्छी मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल के गुण होते हैं। इसका सेवन करने से शरीर में हाई यूरिक एसिड की समस्या में होने वाले जोड़ों के दर्द और सूजन जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है और यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।"
इसे भी पढ़ें: यूरिक एसिड में धनिया पानी कैसे फायदेमंद है? जानें क्या कहती हैं एक्सपर्ट और स्टडी
नीम यूरिक एसिड में कैसे फायदेमंद है?
Ms Pravalika Londe के अनुसार, औषधीय गुणों से भरपूर नीम का सेवन करने से यूरिक एसिड की स्थिति से राहत देने में मदद मिल सकती है।
2021 की Biochemistry and Biophysics Reports में प्रकाशित की स्टडी के अनुसार, नीम की 400 mg की खुराक शरीर में कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और यूरिक एसिड को कम करने में अन्य पौधों के मुकाबले ज्यादा असरदार रही। यह हार्ट और मेटाबॉलिज्म के लिए भी फायदेमंद होती है।
एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हैं फायदेमंद
नीम में मौजूद औषधीय गुण और एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण शरीर की सूजन को नेचुरल रूप से कम करने में सहायक हैं, साथ ही इससे शरीर के दर्द को कम करने में भी मदद मिलती है।
-1776442097489.jpg)
एंटीऑक्सीडेंट्स के गुणों से भरपूर
आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार, नीम में अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम और फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रलाइज करते हैं, जिससे गाउट के खतरे को कम करने में भी मदद मिल सकती है। बता दें, यह स्वास्थ्य के लिए खासतौर पर जरूरी है, क्योंकि हाई यूरिक एसिड शरीर की सूजन को बढ़ाने के साथ-साथ गाउट का खतरा और समय के साथ टिश्यू को नुकसान पहुंचा सकता है।
किडनी और लिवर के लिए फायदेमंद
Ms Pravalika Londe कहती हैं कि, आयुर्वेद के अनुसार, नीम लिवर और किडनी को सपोर्ट कर सकता है, जिससे शरीर से गंदगी, जैसे कि ज्यादा यूरिक एसिड को बाहर निकलने में मदद मिल सकती है।
मेटाबॉलिज्म को बेहतर करे
नीम मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। बता दें, अच्छे मेटाबॉलिज्म से शरीर के कार्यों को बेहतर बनाए रखने, पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त रखने और शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को बैलेंस करने में भी मदद मिल सकती है।
खून को साफ करे
औषधीय गुणों से भरपूर नीम में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीबैक्टीरियल के गुण होते हैं। इसका सेवन करने से खून को साफ करने और गंदगी को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है, जो शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को बैलेंस करने में भी सहायक है।
यूरिक एसिड में नीम का सेवन कैसे करें?
कुछ लोग सुबह के समय खाली पेट नीम के पानी का सेवन करते हैं। इसके लिए दो या तीन नीम के पत्तों को रात भर के लिए भिगोकर रख दें और फिर सुबह के समय इसके पानी का सेवन करें। इसके अलावा, कुछ लोग दो या तीन ताजा नीम की पत्तियों को चबाते हैं, जिससे पाचन प्रक्रिया को बेहतर करने और शरीर की अंदरूनी सूजन को कम करने में मदद मिलती है। ये दोनों चीजें यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करती हैं।
यह भी पढ़ें- यूरिक एसिड में कौन से सप्लीमेंट लें? एक्सपर्ट से जानें
क्या नीम दवाइयों के साथ लिया जा सकता है?
नीम औषधीय गुणों से भरपूर एक जड़ी-बूटी है। इसका सेवन करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन नीम का सेवन दवाइयों के साथ करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है। ऐसा करने से व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, खून पतला करने वाली आदि दवाओं के साथ नीम खाने से पहले डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें।
सावधानियां
Ms Pravalika Londe के अनुसार, नीम का सेवन करते समय कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए, जैसे कि इसका सेवन हमेशा सीमित मात्रा में ही करें। नीम को जरूरत से ज्यादा लेने से व्यक्ति को पेट में जलन होने, उल्टी, मतली होने या ब्लड शुगर के अधिक कम होने की समस्या हो सकती है।
किन लोगों को नीम के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए?
आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा बताती हैं, कुछ लोगों को नीम का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए। नीम का सेवन स्वास्थ्य की कुछ परेशानियों को बढ़ा सकता है। ऐसे में इन लोगों को नीम का सेवन करने से बचना चाहिए, साथ ही नीम का सेवन करते समय सावधानी रखनी चाहिए।
- प्रेग्नेंसी के दौरान
- ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं
- गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग
- लो ब्लड शुगर की समस्या से पीड़ित लोगों को
इसे भी पढ़ें: यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण क्या हैं?
यूरिक एसिड को कम करने के उपाय
यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए नीम का सेवन किया जा सकता है, लेकिन यह समझना भी जरूरी है कि नीम का पानी या नीम के पत्ते का सेवन करना यूरिक एसिड के स्तर को मैनेज करने में एक सहायक नेचुरल उपाय हो सकता है, लेकिन यह मेडिकल इलाज का विकल्प नहीं है। ऐसे में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना भी फायदेमंद होता है।
- बैलेंस डाइट लें
- पर्याप्त पानी पिएं
- नियमित एक्सरसाइज करें
- डॉक्टर की सलाह के साथ दवाइयों का सेवन करें
Ms Pravalika Londe के अनुसार, शरीर को डिटॉक्स करने का काम सिर्फ लिवर करता है, जो शरीर के अहम अंगों में से एक है। ऐसे में कोई भी एक फूड या जड़ी-बूटी इस काम को पूरी तरह से नहीं कर सकती है। ये सिर्फ शरीर को सपोर्ट कर सकते हैं, लेकिन लिवर के काम की जगह नहीं ले सकते हैं।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
अगर किसी व्यक्ति को बैलेंस डाइट लेने और नीम के पत्तों का सेवन करने के बाद भी यूरिक एसिड बढ़ा रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लें। यूरिक एसिड के कारण होने वाले घुटनों, अंगूठों और उंगलियों के जोड़ों में अधिक दर्द, लाल होने, सूजन, चलने-फिरने में परेशानी, किडनी में पथरी, बार-बार यूरिन आने, थकान होने और पीठ में तेज दर्द होने जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में इसके लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने की कोशिश करें और डॉक्टर से सलाह लें।
निष्कर्ष
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक नीम में भरपूर मात्रा में औषधीय गुणों के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण होते हैं। इनसे शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन ध्यान रहे, नीम हाई यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए एक सहायक उपाय है, लेकिन इसका इलाज नहीं। ऐसे में अधिक परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें। यूरिक एसिड के स्तर को मैनेज करने के लिए सही डाइट लेना, शरीर को हाइड्रेट रखना, हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना और डॉक्टर से सलाह लेना एक प्रभावी तरीका है। इसके अलावा, नीम का सेवन सीमित मात्रा में ही करें, साथ ही प्रेग्नेंसी, ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं, गंभीर बीमारियों और लो ब्लड शुगर की समस्या जैसी स्वास्थ्य स्थितियों में नीम का सेवन करने से बचें।
All Images Credit- Freepik
FAQ
यूरिक एसिड बढ़ने से शरीर में क्या परेशानी होती है?
यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने से व्यक्ति को जोड़ों में दर्द, अकड़न, सूजन आने और चलने-फिरने में परेशानी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, हाई यूरिक एसिड के कारण गंभीर स्थिति में व्यक्ति को गाउट, पथरी, किडनी पर प्रेशर पड़ने और किडनी के स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है।यूरिक एसिड में कौन-कौन सी सब्जी नहीं खानी चाहिए?
यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने के कारण व्यक्ति को हाई प्यूरिन युक्त पालक, फूलगोभी, मटर और मशरूम जैसी सब्जियों का सेवन करने से बचना चाहिए। इनका अधिक सेवन करने से यूरिक एसिड की समस्या बढ़ सकती है।यूरिक एसिड में सुबह क्या खाना चाहिए?
हाई यूरिक एसिड की समस्या से बचने के लिए सुबह के समय नाश्ते में ओट्स, पोहा, दलिया और दही का सेवन किया जा सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।1 दिन में कितने नीम के पत्ते खाने चाहिए?
1 दिन में सुबह खाली पेट 2-3 नीम के पत्तों का सेवन किया जा सकता है। इनका सेवन करने से शरीर की सूजन को कम करने, बैक्टीरियल इंफेक्शन को कम करने और शरीर को नेचुरल रूप से डिटॉक्स करने में मदद मिल सकती है, जो यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में भी सहायक है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Apr 17, 2026 21:41 IST
Modified By : Priyanka Sharma Apr 17, 2026 21:41 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Chanchal Sharma