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बच्चों को नीम के पत्ते खिलाने के फायदे, जानें न्यूट्रिशनल वैल्यू

Neem Leaves Benefits for Kids: इन दिनों कई कारणों से बच्चों को विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो रही हैं, जिनसे छुटकारा दिलाने में नीम के पत्ते मददगार होते हैं।

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Neem Leaves Benefits for Kids: आयुर्वेद की दुनिया में नीम (Azadirachta indica) को एक अनमोल औषधि माना गया है। नीम की पत्तियां, छाल, फूल, बीज और तेल का इस्तेमाल आयुर्वेद में कई प्रकार से किया जा रहा है। आमतौर पर नीम को व्यस्क और उम्रदराज व्यक्तियों के लिए उपयोगी माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों के लिए भी नीम के पत्ते बेहद लाभकारी होते हैं। बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए रोजाना एक सीमित मात्रा में नीम का सेवन कराना फायदेमंद होता है।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे नीम के पत्तों की न्यूट्रिशनल वैल्यू (Nutritional Value) क्या है और बच्चों को नीम के पत्ते खिलाने से क्या-क्या फायदे मिलते हैं। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए हमने दिल्ली के अंजना कालिया क्लीनिक की आयुर्वेदिक डॉ. अंजना कालिया से बात की।

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नीम के पत्तों की न्यूट्रिशनल वैल्यू- Nutritional Value of Neem Leaves

नीम की पत्तियों में कई प्रकार के पोषक तत्व और औषधीय गुण पाए जाते हैं। 100 ग्राम नीम की पत्तियों में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं।

प्रोटीन 7-9 ग्राम

फाइबर 2-4 ग्राम

आयरन 5-8 मिलीग्राम

कैल्शियम 200 मिलीग्राम

मैग्नीशियम 80 मिलीग्राम

इन पोषक तत्वों के अलावा नीम की पत्तियों में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, फ्लावोनॉइड्स, एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल तत्व भी पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व व्यस्कों के साथ-साथ शिशु के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं।

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बच्चों को नीम के पत्ते खिलाने के फायदे- Benefits of Neem leaves to children

आयुर्वेदिक डॉ. अंजना कालिया का कहना है कि आयुर्वेद में नीम को "सर्वरोगनाशिनी" कहा गया है, जिसका अर्थ है सभी रोगों को समाप्त करने वाली जड़ी-बूटी। यह कफ, पित्त और वात तीनों दोषों को संतुलित करने में मदद करता है। नीम का "तिक्त रस" (कड़वा स्वाद) शरीर की अशुद्धियों को बाहर निकालता है। बच्चों को नीम देने से कई प्रकार से फायदा मिलता है।

1. इम्यूनिटी स्ट्रांग होना - Boosts Immunity

नीम के पत्तों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्लावोनॉइड्स बच्चों की इम्यूनिटी (immunity) को बढ़ाने में मदद करते हैं। रोजाना एक सीमित मात्रा में नीम का सेवन करने से बच्चों को सीजन फ्लू, वायरल इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम और बुखार से लड़ने की ताकत मिलती है। इम्यूनिटी मजबूत होने से बच्चों को कोरोना वायरस से जैसी संक्रामक बीमारी से भी बचाने में मदद मिलती है।

2. पेट के कीड़े होते हैं खत्म-Kills Intestinal Worms

जंक फूड, पैकेज्ड जूस का सेवन करने की वजह से बच्चों को अक्सर पेट में कीड़े हो जाते हैं, जिससे उन्हें भूख कम लगती है और वजन नहीं बढ़ता है। नीम की पत्तियां पेट के कीड़ोंको खत्म करने में प्राकृतिक रूप से कारगर होती हैं। सप्ताह में दो बार नीम का रस या पत्तियों का पेस्ट देने बच्चों को खिलाने से पेट के कीड़ों की समस्या दूर होती है।

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3. मुंह की सफाई- Oral Hygiene

बच्चे अक्सर अपने मुंह की सफाई पर ध्यान नहीं देते हैं। मुंह को साफ, दांतों और मसूड़ों को मजबूत बनाने में भी नीम के पत्ते मददगार होते हैं। नीम के पत्तों में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह में कीटाणुओं को पनपने (Neem Benefits for Mouth) से रोकते हैं। इससे कैविटी, बदबू और मसूड़े की सूजन में राहत मिलती है।

4. स्किन प्रॉब्लम करे दूर - Protection Against Skin Problems

नीम में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो बच्चों को एक्जिमा, दाने, खुजली और एलर्जी जैसी त्वचा समस्याओं से बचाने में मदद करते हैं। नीम के पत्ते खाने से बच्चों के शरीर अंदर से साफ होता है और इससे स्किन प्रॉब्लम दूर होते हैं।

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5. मलेरिया और वायरल बुखार से बचाव- Protection from Malaria and Viral Infections

डॉ. अंजना कालिया बताती हैं कि नीम में ऐसे यौगिक होते हैं जो मलेरिया के परजीवियों को मारने की क्षमता रखते हैं। साथ ही वायरल संक्रमणों जैसे चिकनगुनिया, डेंगू आदि के लक्षणों से लड़ने में नीम असरदार होता है। रोजाना थोड़ी मात्रा में बच्चों को नीम खिलाने से मलेरिया और वायरल बुखार से बचाव होता है।

नीम के पत्ते बच्चों को कैसे और कितनी मात्रा में दें?

आयुर्वेदिक डॉक्टर का कहना है कि नीम की तासीर ठंडी होती है, इसलिए बच्चों को इसे सीमित मात्रा में और सही तरीके से देना चाहिए।

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1. उम्र के अनुसार

6 महीने से 2 साल तक: इस उम्र के बच्चों को नीम के पत्ते चबाने के लिए नहीं देना चाहिए।

2 साल से 5 साल तक: सप्ताह में एक बार एक या दो नीम की कोमल पत्तियों का पेस्ट शहद में मिलाकर दिया जा सकता है।

5 साल से ऊपर: सप्ताह में 2 बार 3-4 नीम की पत्तियों को चबाने के लिए देना चाहिए।

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बच्चों को नीम कैसे दें

नीम की पत्तियों को पीसकर इसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर बच्चों को दें

नीम की 2-3 पत्तियों को उबालकर गुनगुना काढ़ा बनाएं और 1-2 चम्मच दें।

नीम के पत्तों को सूखाकर उसका चूर्ण बनाकर आधा चम्मच पानी या शहद के साथ दें।

बच्चों को नीम देते वक्त सावधानियां

बच्चों को हमेशा ताजा और साफ नीम की पत्तियां ही खाने के लिए दें।

बच्चों की पाचन शक्ति कमजोर होती है। इसलिए उन्हें खाली पेट नीम की पत्तियां न दें।

नीम के सेवन के बाद कुछ देर तक दूध या मीठी चीज न दें ताकि असर बना रहे।

निष्कर्ष

बच्चों को नीम के पत्ते खिलाना एक आयुर्वेदिक उपाय है। नीम के पत्ते खिलाने से बच्चों की इम्युनिटी मजबूत होती है, पेट साफ रहता है, त्वचा रोगों से बचाव होता है और कई तरह की बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। लेकिन यह भी ध्यान रहे कि नीम के पत्ते हर उम्र के बच्चों के लिए सही नहीं है। अगर आप बच्चे को नीम के पत्ते खिलाना चाहते हैं तो इस विषय पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

FAQ

  • नीम की पत्तियां खाने से कौन सी बीमारी ठीक होती है?

    नीम की पत्तियां खाने से कई बीमारियां ठीक होती हैं। एक रिसर्च बताती है कि रोजाना एक सीमित मात्रा में नीम की पत्तियां खाने से पेट के कीड़े, डायबिटीज, मलेरिया और दांतों की परेशानियां ठीक होती है।
  • रोज सुबह खाली पेट नीम के पत्ते खाने से क्या होता है?

    रोज सुबह खाली पेट नीम के पत्ते खाने से खून को साफ करने में मदद मिलती है। ये इम्यूनिटी को स्ट्रांग को बनाकर संक्रमित बीमारियों का खतरा कम करता है।
  • नीम का पत्ता कितने दिन तक खाना चाहिए?

    आयुर्वेद के अनुसार, नीम के पत्ते 15 से 30 दिन तक कोर्स के रूप में खाए जा सकते हैं। लेकिन आप एक महीने से ज्यादा नीम का पत्ता खाना चाहते हैं तो इस विषय पर डॉक्टर से बात करें।

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Ashu Kumar Das

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Senior Sub Editor

जिंदगी एक सफर है और इस सफर को खूबसूरत बनाए रखने के लिए बॉडी को हेल्दी और फिट रखना बहुत जरूरी है। आशु इन्हीं बातों को फॉलो करती हैं। इन्हें स्वास्थ्य विषयों पर लिखना और अलग-अलग विषयों पर वीडियो बनाना खासा पसंद है। साथ ही इन्हें तरह-तरह की किताबें पढ़ना, सोलो ट्रैवलिंग करना और अजनबी लोगों को दोस्त बनाना बहुत पसंद है। इन्हें पत्रकारिता और लेखन में करीब 4 साल का अनुभव है। इन्होंने डिजिटल मीडिया में हेल्थ राइटर के तौर पर अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। हेल्थ के अलावा आशु राजनीति लेखन में काम कर चुकी हैं।

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    Jun 27, 2025 08:08 IST

    Modified By : Ashu Kumar Das
  • Jun 27, 2025 08:08 IST

    Published By : Ashu Kumar Das

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