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पीसीओडी में जामुन की चाय पीना क्यों है कारगर, एक्सपर्ट ने बताया

Jamun tea in PCOD: पीसीओडी की समस्या आजकल महिलाओं में आम होती जा रही है। ऐसे में जामुन की चाय पीना कैसे फायदेमंद हो सकता है, आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

Jamun tea in PCOD: पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजिज) महिलाओं में एंड्रोजन हार्मोन के असंतुलन की वजह से होता है। इसकी वजह से महिलाओं को पीरियड्स और फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इतना ही नहीं ऐसे में महिलाओं को चेहरे अनचाहे बाल और मुंहासे आदि की समस्या से भी गुजरना पड़ सकता है। इतना ही नहीं इस दौरान महिलाओं का पाचनक्रिया भी काफी प्रभावित रहता है जिसका असर उनकी पूरे शरीर में महसूस होता है। ऐसे में आपको सबसे पहले अपनी लाइफस्टाइल को सही करने की जरूरत है। इसके अलावा कुछ चीजों को लाइफस्टाइल में शामिल करना आपको इस समस्या से बचाव में मदद कर सकता है। जैसे कि जामुन की चाय (Jamun tea)। तो आइए जानते हैं Dr Prashanth Shetty Principal, SDM college of Naturopathy and Yogic Sciences, Ujire से जामुन की चाय बनाने का तरीका और फिर पीसीओडी में इन्हें पीने के फायदे विस्तार से।

पीसीओडी में जामुन की चाय पीना क्यों है कारगर-Jamun tea in PCOD

जामुन जिसे भारतीय ब्लैकबेरी या सिजीगियम क्यूमिनी भी कहते हैं हार्मोन संबंधी समस्याओं वाली महिलाओं और पीसीओडी से पीड़ित महिलाओं के लिए एक प्राकृतिक उपाय है। यह तीखा, बैंगनी रंग का फल न केवल एक मौसमी आनंद है, बल्कि एक वेलनेस पावरहाउस भी है, खासकर जब इसे चाय के रूप में पीया जाता है। दरअसल, मुख्य रूप से यह पीसीओडी के प्रमुख कारकों पर काम कर सकता है। पीसीओडी के लक्षणों वाली महिलाओं में इंसुलिन प्रतिरोध, मासिक धर्म में अनियमितता, वजन बढ़ना, हार्मोन असंतुलन, चेहरे और शरीर के बाल होते हैं। जामुन में मौजूद जैम्बोलिन, एलाजिक एसिड और एंथोसायनिन जैसे बायोएक्टिव यौगिक प्रभावी रूप से काम करते हैं और पीसीओडी के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। जैसे कि

  • -पीसीओडी में जामुन की चाय पीने इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार आ सकता है जो पीसीओडी की एक बड़ी वजह है। जर्नल ऑफ एथनोफार्माकोलॉजी में 2021 के एक अध्ययन में बताया गया है कि जामुन के बीज इंसुलिन के कार्य को बढ़ाकर ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद करते हैं।
  • -यह एक एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट के रूप में नकल करता है और शरीर में पीसीओडी के कारण होने वाले लक्षणों को कम कर सकता है। जैसे कि शरीर में कोई भी सक्रिय सूजन पीसीओडी के लक्षणों को ट्रिगर करती है, जामुन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट सूजन से लड़ने में मदद करते हैं और इसके प्रभावों को कम करते हैं।
  • -मासिक धर्म चक्र को विनियमित करने में भी जामुन की चाय मददगार है। अप्रत्यक्ष रूप से बेहतर ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल संतुलन का समर्थन करके, जामुन का नियमित सेवन अधिक सुसंगत ओवुलेशन पैटर्न से जुड़ा हुआ है।

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जामुन की चाय कैसे बनाएं-Preparation of natural jammun tea

आवश्यक सामग्री

  • -1 चम्मच सूखे जामुन के बीज का पाउडर लें। यह ऑनलाइन स्टोर या आयुर्वेदिक स्टोर में उपलब्ध है।
  • -आप इसे घर पर भी तैयार कर सकते हैं, जामुन के बीजों को सुखाकर और कुछ दालचीनी के साथ पाउडर बनाकर इसे रख लें।
  • -1 कप गर्म पानी करें।
  • -अतिरिक्त लाभ के लिए दालचीनी या पुदीना के पत्तों को पाउडर बनाकर रख लें।
  • -स्वाद बढ़ाने के लिए शहद या कोई भी प्राकृतिक स्वीटनर लें।

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अब एक गिलास उबलते पानी में एक चम्मच तैयार जामुन बीज पाउडर, 1 चम्मच शहद डालें और इसे गर्मागर्म सर्व करें। इसके संभावित लाभों के लिए इसे खाली पेट लेने की सलाह दी जाती है।

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सर्वोत्तम परिणामों के लिए सुझाव

बदलाव देखने के लिए इसे कम से कम 3 महीने तक रोजाना पिएं। ध्यानपूर्वक खाने के साथ मिलाएं। जैसे कि PCOD के अनुकूल आहार के साथ मिलाएं—जिसमें रिफाइंड कार्ब्स कम और फाइबर ज्यादा हो। जामुन ब्लड शुगर को कम करता है, इसलिए अगर आपको हाइपोग्लाइसीमिया होने का खतरा है तो न पिएं।

जामुन की चाय कोई चमत्कारी इलाज नहीं है लेकिन यह PCOD के समग्र प्रबंधन में एक प्राकृतिक, शोध-समर्थित सहायता है। यह नेचुरल उपाय है जिसके नुकसान कम हैं। तो आप इसे अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं। हालांकि, एक आप अपने एक्सपर्ट से भी इस बारे में बात कर लें।

FAQ

  • पीसीओडी से क्या-क्या प्रॉब्लम होती है?

    पीसीओडी में आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जैसे कि आपको पीरियड्स समस पर नहीं आएंगे, दर्दनाक पीरियड्स के साथ स्किन भी प्रभावित हो सकती है। इतना ही नहीं आपको अनचाहे बाल और तमाम प्रकार की समस्याओं से भी गुजरना पड़ सकता है।
  • PCOD में क्या नहीं खाना चाहिए?

    PCOD में ज्यादा मीठी चीजों के सेवन से बचना चाहिए। इतना ही नहीं आपको प्रोसेस्ड फूड्स और बाहरी चीजों के सेवन से भी बचना चाहिए। 
  • क्या पीसीओडी में प्रेग्नेंट हो सकते हैं?

    पीसीओडी में आप प्रेग्नेंट हो सकती हैं लेकिन यह मुश्किल है। इसलिए डॉक्टर से बात करें और उनके बताने के अनुसार ही मेडिकल चेकअप में रहते हुए प्रेग्नेंसी से कंसीव कर सकती हैं।

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 23, 2025 06:00 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Jun 23, 2025 06:00 IST

    Published By : Pallavi Kumari

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