Fri Sep 11, 2026 | 09:54 PM IST

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क्या मैं पीसीओडी में चावल खा सकती हूं? डॉक्टर से जानें इस सवाल का जवाब

पीसीओडी की बीमारी आजकल महिलाओं में आम होती जा रही है और इसका एक बड़ा कारण है लाइफस्टाइल और डाइट। ऐसे में जानते हैं डाइट में चावल को शामिल करना कितना सही है?

पीसीओडी (Polycystic Ovarian Disease) एक ऐसी बीमारी है जो कि आजकल महिलाओं में आम होती जा रही है। पीसीओडी की बीमारी असल में हार्मोनल असंतुलन की वजह से पैदा होती है जिसमें अंडाशय अपरिपक्व अंडे बनाते हैं जो सिस्ट में बदल जाते हैं और पीरियड्स प्रभावित हो जाता है। ये समस्या तब होती है जब शरीर में पुरुष हार्मोन एंड्रोजन का उत्पादन ज्यादा होता है। इसकी वजह से महिलाओं का वजन बढ़ता है, एक्ने की समस्या होती और कई बार फेशियल हेयर निकल जाते हैं। कई बार ये संभावित बांझपन का भी कारण बनता है। इतना ही नहीं, पीसीओडी से पीड़ित महिलाएं हाई बीपी और डायबिटीज की शिकार भी हो सकती हैं और इनमें शुगर सेंसिटिविटी काफी प्रभावित रहती है जिससे इंसुलिन प्रतिरोध देखा जा सकता है। ऐसे में जरूरी है आप अपनी डाइट को सही रखें और उन चीजों का सेवन करें जो कि इन समस्याओं का कारण न बने।

डाइट की बात आती है तो एक सवाल ये भी उठता है कि क्या पीसीओडी में चावल खा सकते हैं? क्या पीसीओडी में चावल खाना शुगर स्पाइक और हार्मोनल असंतुलन का कारण तो नहीं बनता? खाएं तो कितना खाएं या इनके कौन से हेल्दी विकल्पों का चुनाव किया जा सकता है? जानते हैं इस बारे में Dr. Megha Mittal, Senior Consultant, Obstetrics & Gynaecology, Apollo Spectra hospital, Delhi

क्या पीसीओडी में चावल खा सकते हैं-PCOD me chawal kha sakte hain?

Dr. Megha Mittal बताती हैं कि पीसीओडी (PCOD) में महिलाएं अक्सर यह सोचकर चावल पूरी तरह छोड़ देती हैं कि इससे वजन बढ़ेगा या ब्लड शुगर बिगड़ेगा, लेकिन सच यह है कि चावल बिल्कुल मना नहीं है, बस इसे सही मात्रा और तरीके से खाना जरूरी है। सफेद चावल में फाइबर कम होता है और यह जल्दी पचकर ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है, इसलिए पीसीओडी मरीजों को इसका सेवन सीमित करना चाहिए।

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हेल्दी विकल्पों का चुनाव करें

पीसीओडी में चावल की जगह ब्राउन राइस, रेड राइस या हाथ से कुटे चावल बेहतर विकल्प हो सकते हैं क्योंकि इनमें फाइबर और पोषक तत्व ज्यादा होते हैं और ये धीरे-धीरे पचते हैं। चावल को अकेले खाने के बजाय हमेशा सब्जियों, दाल या सलाद के साथ खाएं ताकि ब्लड शुगर तेजी से न बढ़े और पेट भी लंबे समय तक भरा रहे।

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रात में चावल खाने से बचें

पीसीओडी में आप चावल खा सकते हैं बस आपको इसे रात में खाने से बचना चाहिए। डॉ. मेघा कहती हैं कि रात में भारी मात्रा में चावल खाने से बचें और प्लेट का आधा हिस्सा सब्जियों व प्रोटीन से भरें, बाकी हिस्से में थोड़ी मात्रा में चावल लें। दरअसल, जब आप रात में चावल खाते हैं तो इससे अचानक से शुगर बढ़ने की समस्या होती है। दरअसल, सफेद चावल तुरंत पच जाते हैं और अचानक शुगर स्पाइक की वजह बनते हैं। हाई इंसुलिन लेवल, इंसुलिन रेजिस्टेंस का कारण बनता है जिससे पीसीओडी की समस्या बढ़ सकती है।

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इस तरह से चावल खाना हार्मोनल असंतुलन की वजह बन सकता है जिससे वजन बढ़ सकता है और इसे घटाना मुश्किल लग सकता है। इसलिए रात में चावल बिलकुल भी न खाएं और दिन में भी अपने प्लेट को ज्यादा से ज्यादा सब्जी व दाल से भरें और चावल कम मात्रा में खाएं।

इतना ही नहीं, डॉ. मेघा बताती हैं कि नियमित व्यायाम और संतुलित डाइट के साथ अगर चावल सीमित मात्रा में खाया जाए तो पीसीओडी में कोई नुकसान नहीं करता। सबसे जरूरी बात यह है कि हर महिला की बॉडी अलग होती है, इसलिए अपने वजन, ब्लड शुगर और लाइफस्टाइल के हिसाब से डॉक्टर या डायटीशियन से व्यक्तिगत डाइट प्लान जरूर लें।

FAQ

  • पीसीओडी से क्या-क्या प्रॉब्लम होती है?

    पीसीओडी की समस्या में आपको कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं जैसे कि असंतुलित पीरियड्स, तेजी से वजन बढ़ना, शरीर पर अतिरिक्त बालों का उगना और फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं।
  • क्या पीसीओडी में प्रेग्नेंट हो सकते हैं?

    पीसीओडी वाली महिलाओं को प्रेग्नेंसी में मुश्किल जरूर हो सकती है लेकिन ये असंभव नहीं है। आपको बस वेट कम करना है, एक्टिव लाइफस्टाइल फॉलो करना है और डाइट को कंट्रोल करना है। साथ ही उन तमाम कारकों पर काम करें जो कि हार्मोनल संतुलन का कारण बन सकते हैं।
  • PCOD में क्या नहीं खाना चाहिए?

    पीसीओडी में आपको उन फूड्स के सेवन से बचना चाहिए जिसमें शुगर और कार्ब्स की मात्रा ज्यादा होती है। इसके अलावा जितना हो सके उतना फास्ट फूड के सेवन से बचें जो कि हार्मोनल असंतुलन की वजह बन सकते हैं।

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 01, 2025 14:03 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Oct 01, 2025 14:03 IST

    Published By : Pallavi Kumari

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