Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Doctor Verified

औषधीय गुणों से भरपूर हैं करी पत्ते, जानें इसकी तासीर और फायदे-नुकसान

पोषक तत्वों से भरपूर करी पत्ते सेहत के लिए लाभकारी होते हैं लेकिन यह जरूरी नहीं कि यह सभी के लिए फायदेमंद साबित हों। यहां जानिए, करी पत्ते की तासीर और इसके फायदे-नुकसान।

इस पेज पर:-


आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। हर दिन फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर हजारों हेल्थ टिप्स और घरेलू नुस्खे वायरल होते रहते हैं, जिन्हें लोग बिना किसी एक्सपर्ट की सलाह लिए अपनाने लगते हैं। खासकर हेल्दी लाइफस्टाइल और वजन कम करने के नाम पर कई ऐसे वीडियो वायरल होते हैं, जिनमें बिना किसी वैज्ञानिक प्रमाण के किसी भी चीज को रामबाण इलाज बताकर पेश किया जाता है। इन्हीं वायरल ट्रेंड्स में से एक है खाली पेट करी पत्ता खाने का ट्रेंड। बहुत से लोग बिना यह जाने कि करी पत्ता गर्म होता है या ठंडा, इसे रोज सुबह खाली पेट चबाने लगते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आयुर्वेद के अनुसार करी पत्ता अत्यंत ऊष्णवीर्य (गर्म तासीर वाला) होता है? इसका अत्यधिक या गलत तरीके से सेवन आपके शरीर में पित्त बढ़ा सकता है, जिससे एसिडिटी, त्वचा पर फुंसियां, मुंह में छाले और पेट में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

यही कारण है कि हमने "आरोग्य विद आयुर्वेद" नामक विशेष सीरीज की शुरुआत की है, जहां हम आयुर्वेदाचार्यों और एक्सपर्ट से परामर्श लेकर आपको सही और सटीक जानकारी देते हैं। हमारा उद्देश्य है कि लोग सोशल मीडिया पर फैल रही आधी-अधूरी या भ्रामक जानकारियों के शिकार न हों, बल्कि अपनी सेहत को समझें और शरीर की प्रकृति के अनुसार ही खान-पान और जीवनशैली अपनाएं।

इस सीरीज के तहत हम आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुसार विभिन्न जड़ी-बूटियों, मसालों और घरेलू उपचारों के सही उपयोग, फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। इस लेख में रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) से जानिए, आयुर्वेद के अनुसार करी पत्ते की तासीर, सेवन के तरीके और फायदे-नुकसान।

करी पत्ते की तासीर - Are Curry Leaves Hot Or Cold

आयुर्वेद के अनुसार, करी पत्ते की तासीर गर्म होती है। इसका सेवन शरीर की पाचन शक्ति को तेज करता है और भूख को बढ़ाता है। यह अग्नि को बढ़ाने वाला (दीपनीय) और पाचन को सुधारने वाला (पाचनीय) माना जाता है। इसलिए, यह ठंडे तासीर वाले फूड्स से बिलकुल अलग है और पित्त बढ़ाने की प्रवृत्ति रखता है।

करी पत्ता खाने से क्या-क्या फायदे होते हैं? - What Are The Main Benefits Of Curry Leaves

1. पाचन को बेहतर बनाए

करी पत्ता पाचन रसों को उत्तेजित करता है, जिससे भोजन का सही तरीके से पाचन होता है। यह भारी भोजन को हल्का करने में मदद करता है और अपच, कब्ज जैसी समस्याओं से राहत देता है।

इसे भी पढ़ें: Arogya with Ayurveda: सेहत के लिए लाभदायक है अलसी, जानें इसके फायदे-नुकसान और सेवन का तरीका

2. मेटाबॉलिज्म को तेज करे

इसके नियमित सेवन से मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, जिससे शरीर में ऊर्जा का सही तरह से संचार होता है और वजन को संतुलित रखने में मदद मिलती है।

3. डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी

करी पत्ते में मौजूद फाइटोन्यूट्रिएंट्स ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में सहायक हो सकते हैं। डायबिटीज के मरीज डॉक्टर की सलाह पर इसे अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: Arogya with Ayurveda: औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं पान के पत्ते, जानें फायदे-नुकसान और सेवन के तरीके

4. बालों और त्वचा के लिए फायदेमंद

करी पत्ता एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो त्वचा और बालों को पोषण देता है। यह स्किन इंफेक्शन, डैंड्रफ और बालों के झड़ने जैसी समस्याओं में लाभकारी होता है।

5. दिल की सेहत के लिए अच्छा

करी पत्ते में मौजूद तत्व कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करते हैं, जिससे हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।

इसे भी पढ़ें: Arogya With Ayurveda: अमलतास है सेहत के लिए फायदेमंद, आयुर्वेदाचार्य से जानें फायदे और खाने का तरीका

करी पत्ते किसे नहीं खाना चाहिए? - Who Should Not Take Curry Leaves

1. एसिडिटी के मरीजों को बचना चाहिए

करी पत्ता अत्यधिक पित्तवर्धक होता है, जिससे एसिडिटी और गैस की समस्या बढ़ (curry leaves side effects) सकती है। जिन लोगों को पहले से ही एसिडिटी रहती है, उन्हें इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

2. गर्म तासीर के कारण पित्त संबंधी रोगों वाले लोग ना खाएं

यदि किसी को पित्त बढ़ने की समस्या है, जैसे चेहरे पर फुंसियां या स्किन एलर्जी, तो करी पत्ते का अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है।

इसे भी पढ़ें: Arogya With Ayurveda: सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं कुसुम के फूल, जानें इस्तेमाल का तरीका

3. गर्मियों में सीमित मात्रा में सेवन करें

ग्रीष्म ऋतु और वर्षा ऋतु में करी पत्ते का ज्यादा सेवन शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है, जिससे त्वचा पर रैशेज, फुंसियां और जलन जैसी समस्याएं (side effects of curry leaves) हो सकती हैं।

4. गर्भवती महिलाएं डॉक्टर से सलाह लें

प्रेग्नेंसी में करी पत्ते का अधिक सेवन करने से पेट में गर्मी बढ़ सकती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के (Who should not eat curry leaves) अनुसार ही करना चाहिए।

Are curry leaves hot or cold

क्या हम रोज करी पत्ते का पानी पी सकते हैं? - Is It Good To Drink Curry Leaves Water Daily

जिन लोगों के शरीर की प्रकृति पित्त है उन्हें करी पत्ते का पानी रोजाना नहीं पीना चाहिए। करी पत्ते का पानी शरीर में गर्म बढ़ा सकता है, जिससे अन्य समस्याएं हो सकती हैं।

क्या खाली पेट कड़ी पत्ता खाना चाहिए? - Eating Curry Leaves In Empty Stomach

करी पत्ता खाली पेट बिलकुल नहीं लेना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह अत्यंत तीक्ष्ण हो जाएगा और समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। 

करी पत्ते का सेवन कैसे करें? - What Is The Best Way To Use Curry Leaves

1. भोजन में डालकर

करी पत्ते को दाल, सब्जी और अन्य व्यंजनों में तड़का लगाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह न केवल स्वाद बढ़ाता है बल्कि पाचन में भी सहायक होता है।

2. काढ़े के रूप में

करी पत्ते का काढ़ा बनाकर पीने से पेट की समस्याओं में आराम मिलता है और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है।

3. चूर्ण के रूप में

करी पत्ते को सुखाकर उसका पाउडर बनाया जा सकता है, जिसे विभिन्न व्यंजनों में मिलाया जा सकता है।

निष्कर्ष

करी पत्ता एक गुणकारी जड़ी-बूटी है, जिसका सेवन आयुर्वेद में कई रोगों के उपचार के लिए किया जाता है। हालांकि, इसकी तासीर गर्म होने के कारण इसे संतुलित मात्रा में ही खाना चाहिए। विशेष रूप से गर्मियों में और एसिडिटी से ग्रस्त लोगों को इसका अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। सही तरीके से और उचित मात्रा में इसका सेवन करने से यह आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।

Read Next

कौंच के बीज: खाने के फायदे, नुकसान, सही तरीका और अन्य जरूरी बातें जानें आयुर्वेदाचार्य से

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Mar 07, 2025 14:24 IST

    Published By : Akanksha Tiwari

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content