खाना खाने के बाद कई लोगों को कभी-कभार डकार आने शरीर की एक नॉर्मल प्रक्रिया है, लेकिन कई बार गलत तरीके से खाना खाने से व्यक्ति को बार-बार डकार आने की समस्या होने लगती है। यह समस्या खाने के साथ हवा निगलने के कारण हो सकती है। जिसके कारण बेचैनी जैसी कई परेशानियां हो सकती है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर बार-बार डकार क्यों आती है? आइए इस बारे में Dr. Anupama N K, Senior Consultant - Medical Gastroenterology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।
बार-बार डकार क्यों आती है?
डॉ. अनुपमा के अनुसार, व्यक्ति को बार-बार डकार आने की समस्या हवा निगले, खाने की नली के प्रभावित होने, एसिड रिफ्लक्स, अपच, गैस्ट्राइटिस या पाचन से जुड़ी अन्य स्थितियों, हैवी और मसालेदार खाना खाने के कारण हो सकती है।
1. हवा निगलने के कारण
डकार आना आमतौर पर शरीर के ऊपरी पाचन तंत्र से निगली हुई हवा को बाहर निकालने का तरीका है और यह पाचन का एक नॉर्मल हिस्सा है, लेकिन बार-बार डकार तब आ सकती है, जब कोई व्यक्ति खाते या पीते समय सामान्य से ज्यादा हवा निगलता है।
व्यक्ति हवा कब और कैसे निगलता है?
डॉ. अनुपमा का कहना है कि बार-बार डकार आने की समस्या हवा निगलने के कारण होती है, लेकिन व्यक्ति यह हवा कब और कैसे निगलता है? यह सवाल कई लोगों के मन में आता है। ऐसा कई स्थितियों में हो सकता है। जैसे-
- जल्दी-जल्दी खाना खाने की आदत।
- खाते समय बात करना।
- च्युइंग गम चबाना।
- स्मोकिंग करना।
- स्ट्रॉ से पीना या कार्बोनेटेड ड्रिंक्स लेना।
- एंग्जायटी और स्ट्रेस भी अनजाने में हवा निगलने की आदत को बढ़ा सकते हैं।
इन सभी आदतों के कारण व्यक्ति हवा निगल सकता है। जिससे पेट की कोई गंभीर समस्या न होने पर भी व्यक्ति को बार-बार डकार आ सकती है।
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2. डकार को बढ़ावा देने वाली स्थितियां
डॉ. अनुपमा बताती हैं, बार-बार डकार आने की समस्या कभी-कभी एसिड रिफ्लक्स, अपच, गैस्ट्राइटिस या पाचन से जुड़ी अन्य स्थितियों से जुड़ी हो सकती है, खासकर तब जब इसके साथ सीने में जलन, मुंह में खट्टा स्वाद, पेट के ऊपरी हिस्से में बेचैनी, पेट फूलना या जी मिचलाना जैसे लक्षण हों।
3. हैवी खाना खाने के कारण
डॉ. अनुपमा आगे कहती हैं, कुछ लोगों को हैवी खाना, मसालेदार या फैटी खाना, फिजी ड्रिंक्स या रिफ्लक्स को बढ़ावा देने वाले फूड्स के बाद ज्यादा डकार आ सकती है।
4. खाने की नली के प्रभावित होने
ज्यादा या बार-बार डकार आने की समस्या के लगातार बने रहने वाले लक्षण कभी-कभी पेट या एसोफैगस (खाने की नली) को प्रभावित करने वाली समस्याओं से जुड़े हो सकते हैं और इसलिए बार-बार खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से जांच की जरूरत होती है।
साल 2004 में Gut Journal में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, बहुत ज्यादा डकार लेने वाले मरीजों में पेट से अन्नप्रणाली (एसोफैगस) में गैस के ऊपर आने (रिफ्लक्स) की दर स्वस्थ लोगों जैसी ही होती है। उनकी ज्यादा डकार लेने की एक्टिविटी का एक अलग ही पैटर्न होता है, जिसकी अन्नप्रणाली में हवा का तेजी से आगे और पीछे की ओर बहना है, जो पेट तक नहीं पहुंचती है।
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क्या कहती है स्टडी?
साल 2022 में Saudi Journal of Gastroenterology में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, सुप्रागैस्ट्रिक डकार (SGB) खुद से सीखी गई एक आदत है, जिसमें हवा बिना पेट तक पहुंचे ही मुंह से तुरंत बाहर निकल जाती है। इस समस्या के पीछे मुख्य रूप से मानसिक कारण होते हैं, इसलिए साइकोलॉजिकल थेरेपी इसके इलाज में बहुत असरदार मानी जाती है। ज्यादा डकार लेने वाले लोगों को यह समस्या होने की संभावना रहती है।
बार-बार डकार आने की समस्या से बचने के लिए क्या करें?
डॉ. अनुपमा बताती हैं, बार-बार डकार आने की समस्या से राहत और पाचन को दुरुस्त रखने के लिए कुछ आसान आदतों को अपनाया जा सकता है। जैसे-
- छोटे-छोटे भोजन करना।
- धीरे-धीरे खाना खाना।
- कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से बचना।
- लक्षणों को बढ़ाने वाले फूड्स को सीमित करना।
- खाने के बाद कुछ समय तक सीधे बैठे रहना।
- स्ट्रेस को मैनेज करना।
इन आसान बदलावों को अपनाने से ज्यादा डकार आने की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है, जबकि स्ट्रेस को मैनेज करने से उन लोगों को मदद मिल सकती है, जो एंग्जायटी के कारण अक्सर हवा निगलते हैं।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
डॉ. अनुपमा बताती हैं, कभी-कभी डकार आना नॉर्मल है, लेकिन बार-बार या परेशान करने वाली डकार के साथ निगलने में परेशानी, लगातार उल्टी, बिना किसी कारण के वजन कम होना, उल्टी या मल में खून आना, सीने या पेट में तेज दर्द या लगातार सीने में जलन जैसे लक्षण होने पर कारण का पता लगाने के लिए तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
बार-बार डकार आने की समस्या मुख्य रूप से खाते-पीते समय ज्यादा हवा निगलने, जल्दी-जल्दी खाने, च्युइंग गम चबाने, स्मोकिंग करने या कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पीने के कारण होती है, हालांकि यह एसिड रिफ्लक्स, अपच, गैस्ट्राइटिस या स्ट्रेस और एंग्जायटी जैसी स्थितियों से भी जुड़ी हो सकती है। इस समस्या से राहत पाने के लिए धीरे-धीरे खाना खाएं, स्ट्रॉ व फिजी ड्रिंक्स से बचना, स्ट्रेस को नियंत्रित करना और खाने के तुरंत बाद लेटने से बचना बेहद फायदेमंद होता है, लेकिन अगर डकार के साथ निगलने में परेशानी, लगातार उल्टी, बिना वजह वजन कम होना, उल्टी या मल में खून आना या सीने में तेज दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
बार-बार डकार आए तो क्या करें?
बार-बार डकार आने की समस्या से राहत के लिए खाना धीरे-धीरे खाएं, कार्बोनेटेड ड्रिंकस से बचें और खाने के बाद हल्की वॉक करें।ब्लोटिंग की समस्या क्यों होती है?
पेट या आंतों में ज्यादा गैस बनने, सूजन आने, पाचन तंत्र से जुड़ी समस्या होने, कब्ज, कार्बोनेटेड ड्रिंक, गलत खान-पान और हार्मोनल बदलाव होने पर पर व्यक्ति को ब्लोटिंग होने की समस्या हो सकती है।
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Sep 12, 2026 23:20 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Anupama N K