प्रेग्नेंसी के दौरान एक महिला के शरीर में कई प्रकार के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं, जिनका सीधा असर पाचन तंत्र यानी डाइजेस्टिव सिस्टम पर पड़ता है। इसी वजह से कई प्रेग्नेंट महिलाओं को बार-बार डकार (burping), गैस, एसिडिटी और पेट में भारीपन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह समस्या आमतौर पर पहली और दूसरी तिमाही में ज्यादा देखने को मिलती है और कुछ महिलाओं में पूरे प्रेग्नेंसी पीरियड तक बनी रह सकती है। हालांकि यह स्थिति अक्सर सामान्य होती है, लेकिन कई बार यह असहज और परेशान करने वाली हो सकती है। इस लेख में यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद की कंसल्टेंट ऑब्स्टेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. एम. वी. ज्योत्सना से जानिए, प्रेग्नेंसी में बार-बार डकार क्यों आती है?
प्रेग्नेंसी में बार-बार डकार क्यों आती है?
डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, प्रेग्नेंसी में डकार आना शरीर का नेचुरल रिएक्शन है, जो हार्मोनल बदलाव और डाइजेस्टिव सिस्टम में होने वाले परिवर्तनों के कारण होती है। सही खानपान और लाइफस्टाइल अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। डॉ. एम. वी. ज्योत्सना बताती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है। यह हार्मोन डाइजेस्टिव सिस्टम की मांसपेशियों को आराम देता है, जिससे भोजन को पचने में ज्यादा समय लगता है। जब पाचन की प्रोसेस धीमी होती है तो पेट में गैस जमा होने लगती है और डकार बार-बार आने लगती है।
इसे भी पढ़ें: खट्टी डकारों से बचना है, तो खाने के तुरंत बाद न करें ये गलतियां
इसके अलावा यही हार्मोन पेट और भोजन नली यानी फूड पाइप के बीच मौजूद वाल्व को भी ढीला कर देता है। इसके कारण पेट का एसिड ऊपर की ओर आ सकता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स और डकार की समस्या ज्यादा बढ़ जाती है। प्रेग्नेंसी के अंतिम महीनों में बढ़ता हुआ यूट्रस पेट पर दबाव डालता है, जिससे गैस और डकार की परेशानी और ज्यादा महसूस हो सकती है।
क्या डकार आने से बच्चे पर कोई असर पड़ता है?
डॉ. एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, केवल डकार आना सामान्य स्थिति है और इसका गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। यह समस्या मुख्य रूप से मां के डाइजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी होती है। इसलिए सामान्य परिस्थितियों में इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं होती। हालांकि यदि डकार के साथ लगातार एसिडिटी या अन्य गंभीर लक्षण भी हों, तो स्थिति की जांच कराना जरूरी हो जाता है।
इसे भी पढ़ें: गर्मियों में खट्टी डकारें आने की समस्या क्यों बढ़ जाती है? जानें इसके 3 कारण

प्रेग्नेंसी में डकार से राहत कैसे पाएं?
डॉ. एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, अधिकतर मामलों में डकार की समस्या को दवा के बिना ही कुछ आसान बदलावों से कंट्रोल किया जा सकता है। एक बार में ज्यादा भोजन करने की बजाय दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कई बार खाना बेहतर होता है। इससे गैस बनने की संभावना कम हो जाती है। खाना हमेशा धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए। भोजन करते समय बात करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे अतिरिक्त हवा पेट में चली जाती है, जो डकार का कारण बन सकती है। इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक्स या कार्बोनेटेड पेय, तले-भुने और ज्यादा मसालेदार भोजन तथा ऐसे फूड्स से दूरी बनानी चाहिए जो पेट में गैस या सूजन बढ़ाते हैं। डॉ. ज्योत्सना यह भी सलाह देती हैं कि भोजन करने के बाद कम से कम दो से तीन घंटे तक सीधे बैठें या खड़े रहें और तुरंत लेटने से बचें।
निष्कर्ष
प्रेग्नेंसी में बार-बार डकार आना एक सामान्य समस्या है, जो मुख्य रूप से हार्मोनल बदलाव, धीमी पाचन प्रोसेस और बढ़ते यूट्रस के दबाव के कारण होती है। सही खानपान, छोटे-छोटे अंतराल में भोजन, पर्याप्त पानी का सेवन और भोजन के बाद तुरंत न लेटना जैसी आदतें इस परेशानी को काफी हद तक कम कर सकती हैं। हालांकि यदि डकार के साथ गंभीर लक्षण दिखाई दें या समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो स्वयं इलाज करने की बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
All Image Credit- magnific
FAQ
क्या प्रेग्नेंसी में डकार आना सामान्य है?
हां, प्रेग्नेंसी में डकार आना सामान्य है लेकिन अगर आपको इससे ज्यादा दिक्कत हो रही है तो डॉक्टर से सलाह लें।क्या गैस बनने से डकार बढ़ती है?
हां, गैस और एसिडिटी डकार को बढ़ा सकते हैं।डकार कम करने के लिए क्या करें?
डकार कम करने के लिए धीरे-धीरे खाना खाएं, ऑयली भोजन से बचें और हल्की वॉक करें।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jun 30, 2026 15:04 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jun 30, 2026 15:04 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr M V Jyothsna