Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Doctor Verified

क्या 7 महीने की प्रेग्नेंसी में बच्चे की हलचल महसूस न होना सामान्य है? जानें कब सतर्क होना चाहिए

प्रेग्नेंसी के 7वें महीने में बच्चे की हलचल कम महसूस होना कभी सामान्य स्थिति भी हो सकती है, लेकिन अगर ऐसा बार-बार हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

प्रेग्नेंसी की हर स्टेज मां के लिए बेहद खास होती है, जैसे-जैसे गर्भ में शिशु का विकास होता है, उसकी हलचलें भी मां को महसूस होने लगती हैं। बच्चे की पहली किक या मूवमेंट प्रेग्नेंट महिला के लिए एक बेहद खास अनुभव होता है, जो मां और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत बनाता है। आमतौर पर प्रेग्नेंसी के 18 से 24 सप्ताह के बीच महिलाओं को बच्चे की हलचल महसूस होने लगती है। इसके बाद जैसे-जैसे प्रेग्नेंसी आगे बढ़ती है, बच्चे की एक्टिविटीज भी बढ़ने लगती हैं और मां नियमित रूप से उन्हें महसूस कर सकती है। कई बार महिलाओं को यह चिंता सताने लगती है कि उन्हें बच्चे की हलचल पहले की तुलना में कम महसूस हो रही है या फिर सातवें महीने में भी बच्चा ज्यादा मूवमेंट नहीं कर रहा है। ऐसे में मन में कई सवाल उठने लगते हैं कि क्या यह सामान्य है या किसी गंभीर समस्या का संकेत। इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने, यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद की कंसल्टेंट ऑब्सटेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. एम. वी. ज्योत्सना से बात की।

क्या 7 महीने में बच्चे की हलचल महसूस नहीं होना सामान्य है?

डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, प्रेग्नेंसी के सातवें महीने तक शिशु का विकास काफी हद तक हो चुका होता है और उसकी एक्टिविटी नियमित रूप से महसूस होने लगती हैं। इस समय बच्चे का हाथ-पैर चलाना, करवट बदलना और हल्के झटके देना सामान्य माना जाता है। बच्चे की हलचल यह संकेत देती है कि उसे गर्भ में पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण मिल रहा है। इसलिए यदि अचानक हलचल कम हो जाए या बिल्कुल महसूस न हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: क्या प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में गर्भ में शिशु की मूवमेंट का कम होना सामान्य होता है? डॉक्टर से समझें

  • डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना का कहना है कि हर प्रेग्नेंट महिला का अनुभव अलग हो सकता है। कुछ महिलाओं को बच्चे की एक्टिविटी बहुत स्पष्ट महसूस होती हैं, जबकि कुछ को कम महसूस हो सकती हैं।
  • प्लेसेंटा की स्थिति, मां का वजन, बच्चे की पोजीशन और यूट्रस की बनावट जैसे कई कारक बच्चे की हलचल महसूस होने को प्रभावित कर सकते हैं।
  • यदि प्लेसेंटा यूट्रस के आगे की ओर स्थित है, तो बच्चे की हलचल कम महसूस हो सकती है। हालांकि सातवें महीने में लंबे समय तक कोई एक्टिविटी महसूस न होना सामान्य नहीं माना जाता।

गर्भ में बच्चे की हलचल कम होने के क्या कारण हैं?

डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना बताती हैं कि कई बार बच्चा सोने की अवस्था में होता है, जिसके कारण कुछ समय के लिए उसकी एक्टिविटी कम महसूस हो सकती हैं। इसके अलावा मां का ज्यादा बिजी रहना, तनाव, डिहाइड्रेशन या कम भोजन करना भी हलचल के अनुभव को प्रभावित कर सकता है। कुछ मामलों में प्लेसेंटा से जुड़ी समस्याएं, गर्भ में ऑक्सीजन की कमी या अन्य समस्याएं भी बच्चे की एक्टिविटी कम कर सकती हैं। इसलिए यदि कई घंटों तक कोई हलचल महसूस न हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

not feel baby move at 7 months pregnancy

इसे भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी में तिमाही के अनुसार बच्चे की हलचल कितनी बार महसूस होनी चाहिए? एक्सपर्ट से जानें

निष्कर्ष

प्रेग्नेंसी के सातवें महीने में बच्चे की हलचल उसकी सेहत का अहम संकेत होती है। हालांकि हर महिला में हलचल का अनुभव अलग हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक बच्चे की एक्टिविटी महसूस न होना सामान्य नहीं माना जाता। डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित होता है। समय पर जांच और उचित देखभाल से प्रेग्नेंसी को सुरक्षित बनाया जा सकता है।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • गर्भ में बच्चे की हलचल अचानक कम हो जाए तो क्या करें?

    तुरंत आराम करें, कुछ खाएं और बच्चे की एक्टिविटी पर ध्यान दें। फिर भी हलचल महसूस न हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।
  • क्या मां का तनाव बच्चे की हलचल को प्रभावित कर सकता है?

    बहुत ज्यादा तनाव और थकान के कारण मां को बच्चे की एक्टिविटी कम महसूस हो सकती हैं।
  • बच्चे का मूवमेंट कैसे चेक करें?

    डॉक्टर अल्ट्रासाउंड और अन्य जांचें कर गर्भ में बच्चे की मूवमेंट चेक कर सकते हैं।

Read Next

प्रेग्नेंसी में तेज धूप से हो सकते हैं कई नुकसान, डॉक्‍टर से जानें बचाव के लिए क्या करें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jun 15, 2026 15:04 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 15, 2026 15:04 IST

    Published By : Akanksha Tiwari

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content