Sat Oct 17, 2026 | 11:27 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

प्रेग्नेंसी में बच्चे की हलचल कम होने पर डॉक्टर के पास कब जाएं? जानें सही समय

प्रेग्नेंसी में बच्चे की हलचल होना जरूरी है। अगर वह मूव नहीं करता है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे प्लेसेंटा या गर्भनाल से जुड़ी समस्या होना। आइए जानते हैं ऐसे में डॉक्टर के पास जाने का सही समय क्या होता है?
प्रेग्नेंसी में बच्चे की हलचल कम होने पर डॉक्टर के पास कब जाएं? जानें सही समयप्रेग्नेंसी में बच्चे की हलचल कम होने पर डॉक्टर के पास कब जाएं? जानें सही समय

प्रेग्नेंसी के दौरान बच्चे का स्वास्थ्य सही है या नहीं, गर्भ में शिशु की मूवमेंट से काफी हद तक इसका पता चल जाता है। यही कारण है कि जबसे शिशु गर्भ में हलचल करने लगता है, तभी से डॉक्टर मां को उसकी मूवमेंट पर नजर रखने की सलाह देते हैं। हालांकि, कई महिलाएं जो पहली बार मां बन रही हैं, उन्हें इसकी सटीक जानकारी नहीं होती है। अगर आप भी इस बारे में जानना चाहते हैं कि बच्चों की मूवमेंट कम होने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए, तो इस लेख को ध्यानपूर्वक पढ़ें। इस बारे में जानने के लिए हमने वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की।

प्रेग्नेंसी में बच्चे की हलचल कम होने पर डॉक्टर के पास कब जाएं?

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गर्भ में जब शिशु मूव करने लगता है, तो वह कभी-कभी लात भी मारता है और कभी-कभी अपनी जगह से मूव भी करता है। यह तमाम चीजें बताती हैं कि शिशु का विकास सही तरह से हो रहा है। अगर आप कभी भी नोटिस करें कि अचानक शिशु की हलचल कम हो गई है, तो इस संबंध में जरा भी देर न करें और डॉक्टर से अपनी जांच करवाएं। Count The Kicks में प्रकाशित एक लेख से भी यह पता चलता है कि तीसरी तिमाही में शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उसकी मूवमेंट बहुत जरूरी है। 

Cleveland Clinic के अनुसार स्वस्थ शिशु दो घंटे में कम से कम 10 बार किक करता है यानी लात मारता है। अगर मां को कभी महसूस हो कि वह शिशु मूव नहीं कर रहा है या किक नहीं कर रहा है, तो हल्के में न लें। सबसे पहले आप एक टाइमर लें और जिस क्षण टाइमर ऑन करें, उसी समय से शिशु की लात मारने की गतिविधियों पर गौर करें। अगर आप नोटिस करें कि रोजाना की तुलना में उसकी गतिविधियां कम हो गई हैं या उसने महज 10 बार किक करने के लिए अधिक समय लिया है, तो डॉक्टर के पास जाने में जरा भी देरी न करें।

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गर्भ में शिशु की हलचल कम होने के कारण

  • प्लेसेंटा से जुड़ी समस्याः Plos One के अनुसार गर्भस्थ शिशु के मूवमेंट में प्लेसेंटा का भी बहुत बड़ा योगदान होता है। असल में, जब प्लेसेंटा के जरिए शिशु तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचते हैं, तो अक्सर शिशु की मूवमेंट कम हो जाती है। इसका मतलब है कि प्लेसेंटा सही स्थिति में नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि महिला बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करे।
  • तरल पदार्थ में कमीः गर्भ के अंदर शिशु एम्नियोटिक फ्लूइड में रहता है। यह शिशु के लिए एक तरह का सुरक्षा कवच है, जो शिशु को नुकसान होने से बचाता है। अगर किसी वजह से यह तरल पदार्थ लीक होने लगे या इसका स्तर कम होने लगे, तो भी शिशु के मूवमेंट पर असर पड़ सकता है। दरअसल, इस स्थिति में बच्चे के लिए मूवमेंट करना मुश्किल हो जाता है।
  • गर्भनाल (अम्बिलिकल कॉर्ड) की समस्याएंः कभी-कभी गर्भावस्था के दौरान बच्चे को मां से जोड़ने वाली गर्भनाल दब जाती है या बच्चे के गले या शरीर के आसपास लिपट जाती है। कई बार यह स्थिति जानलेवा भी हो जाती है। वैसे भी जब गर्भनाल बच्चे के शरीर में फस जाए, तो ऐसे में शिशु तक सही मात्रा में खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता है, जिससे बच्चे की हलचल कम हो जाती है।
  • शिशु का स्वास्थ्यः कई बार समस्या शिशु के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। एक्सपर्ट की मानें, तो जब शिशु का स्वास्थ्य खराब होता है, तो वह मूवमेंट करने से बचता है और अपनी एनर्जी बाद के लिए सेव करता है।

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गर्भ में शिशु की हलचल कम होने के सामान्य और चिंता रहित कारण

जरूरी नहीं है कि शिशु किसी बीमारी के कारण ही मूवमेंट कम करे। कई बार ऐसा होने के पीछे बहुत ही सामान्य कारण होते हैं, जैसे-

  1. जब शिशु गर्भ में सो रहा होता है, तब वह ज्यादा मूव नहीं करता है। आमतौर पर शिशु एक बार में 20 से 40 मिनट के लिए सोता है, जिस समय बच्चे किसी तरह की हलचल नहीं करते हैं।
  2. प्लेसेंटा की स्थिति भी बच्चे की मूवमेंट तय करती है। दरअसल, जब प्लेसेंटा गर्भाशय के आगे के हिस्से में (एंटीरियर प्लेसेंटा) में स्थित होता है, तो यह शिशु के लिए एक कुशन की तरह काम करता है। इस वजह से बच्चे की लात (किक) या हलचल महसूस कम होती है।
  3. प्रेग्नेंसी की आखिरी हफ्तों में यानी जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, गर्भाशय में उसके घूमने की जगह कम हो जाती है। ऐसे में हलचल कम करता है, लेकिन गोल-गोल घूमता या मुड़ता रहता है।
  4. अगर मां दिनभर बहुत ज्याद कामों में व्यस्त रहती है, तो उन्हें शिशु की हलचल ज्यादा महसूस नहीं होती है, क्योंकि उनका ध्यान बटा रहता है।

निष्कर्ष

गर्भ में शिशु की मूवमेंट बहुत मायने रखती है। इससे शिशु के विकास की सटीक जानकारी मिलती है। अगर बच्चा कम मूव करता है, तो इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके पीछे कुछ गंभीर कारण हो सकते हैं। हालांकि, कई बार सामान्य कारणों से भी ऐसा होता है। इसके बावजूद, जरूरी है कि प्रेग्नेंट महिलाएं डॉक्टर से मिलें और शिशु के कम मूव करने की सटीक जानकारी हासिल करें।

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FAQ

  • सामान्यतः दिनभर में गर्भस्थ शिशु सबसे ज्यादा हलचल कब करता है?

    आमतौर पर बच्चे मां के आराम करने या सोने के समय सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि सभी बच्चों की मूवमेंट एक ही समय पर हो। हर बच्चा अलग होता है। हर बच्चे का स्लीप साइकल भी अलग-अलग होता है, इसलिए उनकी हलचल का समय भी अलग-अलग हो सकता है।
  • गर्भावस्था में शिशु की हलचल सबसे पहली बार किस सप्ताह में महसूस होना शुरू होती है?

    पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को आमतौर पर 18वें से 20वें सप्ताह के बीच पहली शिशु की हलचल महसूस होती है।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 20, 2026 21:13 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta