Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

प्रेग्नेंसी में पेट के बल सोना कब बंद कर देना चाहिए? डॉक्टर से जानें सही समय और सुरक्षित तरीका

प्रेग्नेंसी में पेट के बल सोना तभी बंद कर देना चाहिए जब असहजता महसूस हो। आमतौर पर पहली तिमाही में पेट के बल सोने में कोई दिक्कत नहीं है। फिर भी अपने कंफर्ट का ध्यान रखते हुए किस दिशा में या किस पोजीशन में सोना सही है, यह तय करें।

आपने अक्सर सुना होगा कि महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान पेट के बल सोने से मना किया जाता है। गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह सलाह दी जाती है। हालांकि, ऐसी महिलाओं की कमी नहीं है, जो प्रेग्नेंसी की शुरुआती में पेट के बल लेटती हैं और शिशु पूरी तरह स्वस्थ होता है। ऐसे में सवाला उठता है कि आखिर गर्भावस्था में पेट के बल लेटना कब पूरी तरह बंद कर देना चाहिए? इस बारे में डॉक्टर कहते हैं जैसे ही प्रेग्नेंट महिला पेट के बल लेटने में असहजता महसूस करे, उसी समय उन्हें सोने की यह पोजिशन छोड़ देनी चाहिए। हालांकि, कुछ बातों का ध्यान रखा जाना जरूरी है। इस बारे में जानने के लिए हमने वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की।

प्रेग्नेंसी में पेट के बल सोना कब बंद कर देना चाहिए?

What changes happen in the body during the first 4 weeks of pregnancy 01 (25)

प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में पेट के बल सोना पूरी तरफ सुरक्षित होता है। हालांकि, हर महिला के लिए यह सही हो, यह जरूरी नहीं है। Sleep Foundation की मानें, तो प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में पेट के बल सोना पूरी तरह सुरक्षित होता है। हां, अगर सोते हुए कंफर्टेबल महसूस न करें, तो आप तकिए की मदद ले सकते हैं। कई महिलाओं को दो पैरों के बीच में तकिया रखकर सोना अच्छा लगता है और रिलैक्स भी महसूस होता है।’ 

इस बारे में डॉ. शोभा स्पष्ट करती हैं, "जैसे-जैसे गर्भावस्था के दिन चढ़ते जाते हैं, गर्भस्थ शिशु का भार बढ़ता जाता है। ऐसे में पेट के बल लेटना शिशु को नुकसान पहुंचा जाता है। जैसे ही महिला को लगे कि उनके लिए पेट के बल लेटना सही नहीं है, उन्हें करवट लेकर (विशेषकर बाईं ओर) लेटने को महत्व देना चाहिए।" डॉ. शोभा गुप्ता आगे कहती हैं, "प्रेग्नेंसी की शुरुआत में महिलाएं पेट के बल लेट सकती हैं। खासकर, पहली तिमाही में पेट के बल लेटना पूरी तरह सेफ है।"

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प्रेग्नेंसी में सोने की सही पोजिशन क्या है?

Canadian Medical Association Journal जर्नल के अनुसार प्रेग्नेंसी में बाईं ओर करवट लेकर सोना दाईं ओर करवट लेकर सोने जितना ही सुरक्षित है। डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं कि प्रेग्नेंसी में बाईं ओर करवट लेकर सोने से गर्भाशय की ओर ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जो कि शिशु के विकास के लिए भी जरूरी है।

प्रेग्नेंसी में पीठ के बल क्यों नहीं लेटना चाहिए?

आमतौर पर जैसे-जैसे दिन चढ़ते जाते हैं, महिला अपनी कंफर्ट के हिसाब से सोने की सही दिशा तय कर लेती है। कई महिलाएं 9वें महीने में आते-आते एक ओर करवट लेकर सोना पसंद करती हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं किसी महिलाओं को पीठ के बल नहीं लेटना चाहिए। खासकर 28वें सप्ताह के आस-पास ऐसा करना सही नहीं होता है। इस पोजिशन में लेटने के कारण सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है। इसके अलावा, यह प्लेसेंटा और गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए भी हानिकारक माना जाता है। दरअसल, पीठ के बल लेटने से ब्लड सर्कुलेशन बाधित हो सकता है

National Institute for Health and Care Excellence (NICE) द्वारा तैयार की गई एक एविडेंस रिव्यू/गाइडलाइन रिपोर्ट की मानें, तो गर्भावस्था के दौरान पीठ के बल लेटने से शिशु के वजन और आकार पर असर पड़ सकता है और उसके स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव का जोखिम बढ़ जाता है।

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आरामदायक नींद कैसे लें?

तकिए की मदद लेंः विशेषज्ञ बताते हैं कि एक ओर करवट लेकर सोने के दौरान आप दो पैरों के बीच में तकिया रखें, एक पीठ के पास और एक पेट को सपोर्ट करने वाला तकिया रखें। इससे उनकी नींद में सुधार होता है।

तनाव से दूर रहेंः प्रेग्नेंसी के दौरान तरह-तरह की परेशानियों के कारण महिलाओं को अक्सर तनाव या खींझ हो जाती है। ऐसे में अच्छी नींद नहीं आती है। महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे सोते हुए तनाव से पूरी तरह दूर रहें।

सोते वक्त किन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञ बताते हैं कि अच्छी नींद के लिए प्रेग्नेंट महिलाएं कुछ खास उपाय अपना सकती हैं, जैसे-

  • एसिडिटी या बदहजमी होने पर पीठ के बल सीधा लेटने के बाद तकिया थोड़ा ऊंचा करके सोएं। इसके साथ-साथ डॉक्टर की सलाह पर एसिडिटी की दवा लेना न भूलें।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान बार-बार पेशाब आना सामन्य है। इसलिए, अच्छी नींद के लिए जरूरी है कि सोने से पहले एक बार टॉयलेट (वॉशरूम) जरूर जाएं।
  • अच्छी नींद के लिए प्रेग्नेंट महिलाएं कैफीन का सेवन न करें। इससे पैरों की ऐंठन और अकड़न बढ़ सकती है। कोशिश करें कि चाय का सेवन भी कम कर दें।
  • अगर आपको सोते हुए सांस लेने में तकलीफ होती है, तो इसे इग्नोर न करें। ऐसे में जरूरी है कि आप डॉक्टर से अपनी जांच करवाएं।
  • प्रेग्नेंसी में अच्छी और गहरी नींद के लिए तनाव से दूर रहना आवश्यक है। अगर किसी बात का तनाव हो रहा है, तो अपने करीबियों की मदद लें। जरूरी हो, तो प्रोफेशनल की मदद भी ले सकते हैं।

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निष्कर्ष

प्रेग्नेंसी में अच्छी नींद लेना जरूरी है और इसके लिए सही पोजिशन पर लेटना आवश्यक होता है। आमतौर पर प्रेग्नेंसी में महिलाएं पेट के बल लेटने से बचती हैं, क्योंकि इससे गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान हो सकता है। यह कारण है कि महिलाओं को पता होना चाहिए कि प्रेग्नेंट महिलाओं को पेट के बल लेटना कब बंद कर देना चाहिए? सामान्यतः जैसे ही असहजता महसूस हो, पेट के बल लेटने से परहेज करना चाहिए। इन दिनों बाईं या दाईं करवट लेकर सोना ज्यादा बेहतर होता है।

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FAQ

  • अगर रात में सोते समय अनजाने में पीठ या पेट के बल करवट बदल जाए, तो क्या तुरंत शिशु को नुकसान पहुंचता है?

    नहीं, ऐसा नहीं होता है। आमतौर पर सोने के दौरान शरीर में असहजता महसूस होने पर नींद टूट जाती है। 
  • प्रेग्नेंसी पिलो का इस्तेमाल किस तिमाही से शुरू करना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है?

    दूसरी तिमाही यानी 13वें से 16वें सप्ताह के बाद से प्रेग्नेंसी पिलो का उपयोग करना सबसे अच्छा माना जाता है।

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Disclaimer

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 20, 2026 15:38 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Aug 20, 2026 15:38 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

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