Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में कौन से लक्षण सामान्य होते हैं और कौन से नहीं? बता रही हैं डॉक्टर

प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में कई तरह के लक्षण नजर आते हैं। इनमें से कुछ सामन्य होते हैं, तो कुछ असामान्य होते हैं। जैसे, हल्की स्पॉटिंग होना उल्टी होना और स्तन में हल्का दर्द होना पूरी तरह नॉर्मल है। वहीं, हैवी ब्लीडिंग होना असामान्य है और चिंता का विषय भी है।

प्रेग्नेंसी की शुरुआत से ही कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना महिलाओं को करना पड़ता है। आमतौर पर उल्टी, मतली आदि होना पूरी तरह सामान्य है। हालांकि, इस सूची में और भी कई लक्षण और संकेत शामिल हैं, जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए। इस लेख में हम आपको यह भी बताएंगे कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में कौन से लक्षण सामान्य होते हैं और कौन से नहीं? इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की।

प्रेग्नेंसी में नजर आने वाले सामान्य लक्षण

can irregular periods be linked to risk of heart disease in future answers 01 (19)

  1. पीरियड मिस होनाः शुरुआती प्रेग्नेंसी में महिलाओं के पीरियड्स मिस होते हैं और यह पूरी तरह सामान्य है। इसे अर्ली साइन भी कहा जाता है। डाॅ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "पीरियड्स मिस होना प्रेग्नेंसी का सबसे पहला और भरोसेमंद लक्षण है। असल में, जब महिला कंसीव कर लेती है, तो शरीर में हार्मोन का स्तर बदल जाता है, जिससे पीरियड्स पूरी तरह रुक जाते हैं।" डाॅ. शोभा आगे बताती हैं, "हालांकि, कई शारीरिक समस्याओं के कारण भी पीरियड्स मिस हो सकते हैं, जैसे फाइब्रॉएड (Fibroids), एंडोमेट्रियोसिस, मोटापा, वजन में बदलाव, ट्रैवलिंग के दौरान हार्मोनल उतार-चढ़ाव आदि।"
  2. हल्का पेट दर्द होनाः पीरियड्स के शुरुआती लक्षण के तौर पर हल्का पेट दर्द भी हो सकता है, जो कि पूरी तरह नॉर्मल माना जाता है। यह दर्द काफी हद तक पीरियड पेन जैसा महसूस होता है। असल में ऐसा गर्भाशय के फैलने के कारण होता है।
  3. स्पॉटिंग होनाः यह सच है कि कंसीव करने के बाद महिलाओं को पीरियड्स बंद हो जाते हैं। हालांकि, कुछ महिलाओं को स्पॉटिंग की समस्या हो जाती है। NHS की मानें तो कई महिलाओं को कंसीव करने के बाद स्पॉटिंग होती है, जो कि पूरी तरह हानिरहित है। इस तरह की स्पॉटिंग में खून हल्का गुलाबी या भूरे रंग होता है। ऐसा कुछ समय तक लगातार हो सकता है।
  4. ब्रेस्ट में बदलावः क्या आप जानती हैं कि कंसीव करने के 1 से 2 सप्ताह के बाद से ही ब्रेस्ट में बदलाव महसूस होने लगता है। असल में, कंसीव करने के बाद से ही एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर तेजी से बढ़ता है। नतीजतन, स्तन में दर्द, भारीपन और झनझनाहट महसूस हो सकती है।
  5. थकान होनाः प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में महिला के लिए थकान महसूस सामान्य है। कंसीव करने के बाद शुरुआती कुछ हफ्तों में महिला अधिक थकान और कमजोरी महसूस करती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि शरीर में ब्लड अधिक मात्रा में बनता है और प्रोजेस्टेरोन का स्तर बढ़ने लगता है।
  6. बार-बार मतली आनाः प्रेग्नेंसी की शुरुआत में मॉर्निंग सिकनेस और जी-मचलाना जैसी समस्याएं भी होती हैं और यह भी पूरी तरह सामान्य है। लगभग 70 फीसदी प्रेग्नेंट महिलाओं को यह समस्या होती है। जैसे-जैसे दिन चढ़ते जाते हैं, समस्या में अपने आप कमी आ जाती है। हालांकि, कुछ महिलाओं को पूरी प्रेग्नेंसी यह समस्या झेलनी पड़ती है।

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प्रेग्नेंसी में नजर आने वाले असामान्य लक्षण

lifestyle habits that can affect placental health during pregnancy you should not ignore 01 (21)

आमतौर पर प्रेग्नेंसी में उल्टी, मतली, सिर घूमना जैसी समस्याएं बिल्कुल सामान्य हैं। हालांकि, कुछ ऐसे संकेत भी होते हैं, जिनको इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि वे असामान्य लक्षण हैं, जैसे-

  • Better Health Channel के अनुसार, प्रेग्नेंसी की शुरुआत में हैवी ब्लीडिंग होना सही नहीं है। अगर आपको एक दिन में कई पैड बदलने पड़ रहे हैं और ब्लीडिंग में थक्के भी नजर आ रहे हैं, तो यह संकेत सही नहीं है। जल्द से जल्द डाॅक्टर से मिलें।
  • अगर प्रेग्नेंसी कंसीव करने के कुछ ही दिनों बाद पेट में तीव्र दर्द होने लगता है, तो इसे हल्के में न लें। खासकर, दर्द कैसा है इस पर अधिक ध्यान दें? क्या पेट के एक तरफ तीव्र चुभन का दर्द महसूस हो रहा है? हां, तो समझें कि अलर्ट हो जाना चाहिए।
  • प्रेग्नेंसी में बार-बार बेहोशी छाना भी सही नहीं है। इसके साथ-साथ सिरदर्द, सिर में भारीपन और चक्कर आने जैसी समस्या हो, तो समझें कि आपको लापरवाही नहीं करनी है।
  • वैसे तो प्रेग्नेंसी में बुखार आना बिल्कुल सही नहीं है। अगर शरीर का तापमान 100 डिग्री फेरेनहाइट से ज्यादा है, तो यह रेड अलर्ट है।
  • प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में बार-बार पेशाब आना सामान्य हो सकता है, लेकिन यूरिन पास करते समय दर्द होना सही नहीं है। इस तरह की स्थिति होने पर भी आप डाॅक्टर के पास जाएं और अपना इलाज करवाएं। यह UTI का संकेत हो सकती है। 

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निष्कर्ष

प्रेग्नेंसी के दौरान महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। मुख्य रूप से हार्मोनल बदलाव देखने को मिलते हैं, जिसकी वजह से उल्टी, मतली, थकान, कमजोरी आदि संकेत नजर आते हैं। हालांकि, कुछ ऐसे संकेत भी हैं, जो असामान्य होते हैं। इसमें हैवी वजाइनल ब्लीडिंग, तेज पेट दर्द आदि शामिल हैं। आप अपने शरीर में नजर आ रहे संकेतों को देखें और जरूरी हो, तो डाॅक्टर से संपर्क करने में देरी न करें।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या शुरुआती प्रेग्नेंसी में बार-बार पेशाब आने के साथ जलन होना किसी इंफेक्शन का संकेत है?

    प्रेग्नेंसी में यूट्रस का आकार बढ़ने से मूत्राशय पर दबाव पड़ता है, जिससे बार-बार पेशाब आना सामान्य है। हां, अगर पेशाब करते हुए जलन, तेज दर्द या पेशाब में बदबू आए, तो ऐसा इंफेक्शन की वजह से हो सकता है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 12, 2026 18:09 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

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