प्रेग्नेंसी के दौरान हल्की सी ब्लीडिंग भी हो जाए, तो वह चिंता का विषय हो जाता है। ऐसे में अगर किसी महिला को प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में ब्लीडिंग होती है, तो यह एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें तुरंत डॉक्टर के पास जाने की जरूरत होती है। हालांकि, महिलाओं के मन में यह सवाल जरूर उठता होगा कि प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में हो रही ब्लीडिंग प्लेसेंटा प्रीविया या प्रीटर्म लेबर के कारण हो रही है? अक्सर महिलाओं को यह कंफ्यूजन होती है। यहां हम वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता बता रही हैं कि कैसे समझें कि प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में हो रही ब्लीडिंग किसका संकेत है?
प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में ब्लीडिंग: प्लेसेंटा प्रीविया या प्रीटर्म लेबर?
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प्लेसेंटा प्रीविया
प्लेसेंटा प्रीविया की स्थिति तब होती है जब प्लेसेंटा गर्भाशय ग्रीवा या बच्चेदानी के मुंह को ढक लेता है। इस स्थिति में महिला को कुछ संकेत नजर आ सकते हैं, जैसे-
हैवी ब्लीडिंग होनाः प्लेसेंटा प्रीविया होने की स्थिति में महिला को दर्द हुए बिना हैवी ब्लीडिंग होने लगती है। आमतौर पर ऐसा दूसरी और तीसरी तिमाही में अधिक देखने को मिलता है।
रुक-रुक कर ब्लीडिंग होनाः प्लेसेंटा प्रीविया होने की स्थिति में सिर्फ हैवी ब्लीडिंग ही नहीं, बल्कि रुक-रुक कर भी ब्लीडिंग हो सकती है। अगर किसी महिला में कुछ हफ्तों तक यह स्थिति बनी रहती है, तो उन्हें डाॅक्टर के पास जाने में देरी नहीं करनी चाहिए।
ऐंठन महसूस होनाः प्लेसेंटा प्रीविया होने पर महिला को ब्लीडिंग के साथ कभी-कभी गर्भाशय में ऐंठन या संकुचन भी महसूस हो सकता है।
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प्रीटर्म लेबर
प्रीटर्म लेबर यानी समय से पहले प्रसव तब होता है, जब शरीर गर्भावस्था के 37वें सप्ताह से पहले ही प्रसव के लिए तैयारी करना शुरू कर देता है। इसके कुछ संकेत इस प्रकार हैं-
गर्भाशय में संकुचनः प्रीटर्म लेबर के दौरान बिल्कुल पीरियड्स में होने वाले ऐंठन जैसा दर्द महसूस होता है। आमतौर पर प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भाशय का बार-बार कड़ा या सख्त होना, जो एक घंटे में 5 या उससे अधिक बार हो सकता है।
ब्लीडिंग होनाः तीसरी तिमाही के दौरान ब्लीडिंग हो सकती है, जो कि असामान्य है और इसके साथ-साथ असामान्य डिस्चार्ज भी हो सकता है।
पेल्विक एरिया में दबावः प्रीटर्म लेबर का एक संकेत पेल्विक एरिया में पेन होना भी है। ऐसे में कमर या पीठ के निचले हिस्से में भी दर्द महसूस होता है। ज्यादातर महिलाओं के लिए यह असहनीय होता है।
तरल पदार्थ निकलनाः प्रीटर्म लेबर शुरू होने पर महिलाओं की योनि से तेजी से या लगातार धीरे-धीरे साफ या हल्के पीले रंग का तरल पदार्थ बहने लगता है। यह स्पष्ट संकेत देता है कि पानी की थैली फट चुकी है और अब बच्चे का जन्म किसी भी समय हो सकता है।
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निष्कर्ष
प्लेसेंटा प्रीविया या प्रीटर्म लेबर, दोनों एक-दूसरे से अलग स्थितियां हैं। इसके बावजूद, जरूरी है कि महिलाओं को दोनों कंडीशन और इनके लक्षणों की पूरी जानकारी हो। अगर किसी को प्लेसेंटा प्रीविया का जोखिम अधिक है, तो उन्हें इस संबंध में डाॅक्टर से मिलने में देरी नहीं करनी चाहिए।
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FAQ
प्लेसेंटा प्रीविया होने पर क्या नॉर्मल डिलीवरी संभव है?
यदि किसी महिला को कंप्लीट प्लेसेंटा प्रीविया है यानी प्लेसेंटा ने बच्चेदानी के मुंह को पूरी तरह से ढका हुआ है, तो नॉर्मल डिलीवरी नामुमकिन और जानलेवा हो सकती है। ऐसे मामलों में सिजेरियन ही किया जाता है।प्रीटर्म लेबर के लक्षण महसूस होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
डिलीवरी के किसी भी तरह के लक्षण दिखे, तो बिना देरी किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए।क्या तीसरी तिमाही में हल्की सी ब्लीडिंग भी खतरनाक होती है?
हां, तीसरी तिमाही में किसी भी तरह की स्पॉटिंग या ब्लीडिंग हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
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Current Version
May 27, 2026 14:47 IST
Modified By : Meera Tagore May 27, 2026 14:47 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta