Tue Oct 6, 2026 | 08:34 AM IST

Medically Reviewed by Dt Payal Dutt , Sr. Dietitian – Clinical Nutrition & Therapeutic Diet Planning

खाली पेट ग्रीन टी पीने से मतली क्यों होती है? एक्सपर्ट से जानें कारण

शरीर को डिटॉक्स करने और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए आजकल कई लोग अपने दिन की शुरुआत ग्रीन टी से करते हैं। हालांकि, खाली पेट ग्रीन टी पीने से एसिडिटी और मतली होती है, क्योंकि इसमें मौजूद कैफीन और टैनिन पेट को इरिटेट कर सकते हैं।
खाली पेट ग्रीन टी पीने से मतली क्यों होती है? एक्सपर्ट से जानें कारणखाली पेट ग्रीन टी पीने से मतली क्यों होती है? एक्सपर्ट से जानें कारण

आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की चाह में ग्रीन टी लोगों की पहली पसंद बन चुकी है, वजन कम करने से लेकर शरीर को डिटॉक्स करने और मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाने तक, इसके कई फायदे बताए जाते हैं। यही वजह है कि कई लोग सुबह उठते ही खाली पेट ग्रीन टी पीने की आदत बना लेते हैं। कई लोगों को खाली पेट ग्रीन टी पीने के बाद मतली, पेट में जलन, एसिडिटी या बेचैनी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून की सीनियर डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, ग्रीन टी में नेचुरल रूप से टैनिन पाया जाता है, ये पेट में एसिड के प्रोडक्शन को बढ़ा सकते हैं। जब पेट पूरी तरह खाली होता है, तब यह ज्यादा एसिड पेट की अंदरूनी परत को प्रभावित कर सकता है। इसकी वजह से मतली, पेट में भारीपन, जलन या असहजता महसूस हो सकती है।

किन लोगों को खाली पेट ग्रीन टी पीने से होती है ज्यादा परेशानी?

डाइटीशियन पायल दत्त कहती हैं कि जिन लोगों का डाइजेस्टिव सिस्टम पहले से सेंसिटिव होता है, उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इसलिए अगर हर बार खाली पेट ग्रीन टी पीने के बाद आपको ऐसा महसूस होता है, तो यह आपके शरीर का संकेत हो सकता है कि यह समय ग्रीन टी के लिए सही नहीं है।

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ग्रीन टी में टैनिन के अलावा थोड़ी मात्रा में कैफीन भी मौजूद होती है। खाली पेट कैफीन का असर ज्यादा तेजी से महसूस हो सकता है। इससे कुछ लोगों को बेचैनी, हल्की घबराहट, मतली या एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर जिन लोगों का पेट सेंसिटिव है या जिन्हें पहले से गैस और एसिडिटी की शिकायत रहती है, उनके लिए खाली पेट ग्रीन टी पीना परेशानी बढ़ा सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि ग्रीन टी नुकसानदायक है, बल्कि इसे सही समय पर पीना ज्यादा जरूरी है।

ग्रीन टी पीने का सही समय क्या है?

डाइटीशियन पायल दत्त सलाह देती हैं कि यदि खाली पेट ग्रीन टी पीने से बार-बार परेशानी होती है, तो इसे नाश्ते के बाद या किसी हल्के स्नैक के साथ पीकर देखें। ऐसा करने से पेट में पहले से भोजन मौजूद रहेगा और टैनिन व कैफीन का प्रभाव कम महसूस होगा। साथ ही, ग्रीन टी का सेवन सीमित मात्रा में करना भी जरूरी है। पूरे दिन में 2-3 कप से ज्यादा ग्रीन टी पीने से बचना चाहिए। यदि ग्रीन टी पीने के बाद लगातार मतली, तेज जलन या पेट दर्द जैसी समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

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साल 2010 में Baylor University Medical Center Proceedings Journal में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीन टी खाली पेट पीने से मतली हो सकती है, इसमें कैफीन होता है, जिससे नींद न आना, घबराहट या कंपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन ऐसा तभी होता है जब बहुत ज्यादा मात्रा में इसका सेवन किया जाए। आमतौर पर, एक कप ग्रीन टी में 30 से 50 मिलीग्राम कैफीन होता है, जो कॉफी की तुलना में काफी कम है। खास बात यह है कि ग्रीन टी में 'एल-थियानिन' (L-theanine) नाम का एक तत्व होता है, जो दिमाग को आराम देता है और कैफीन के बुरे असर को कम करने में मदद करता है।

डाइटीशियन की सलाह

डाइटीशियन पायल दत्त का कहना है कि हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से काम करता है। कई लोग सुबह उठते ही ग्रीन टी पीते हैं और उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होती, जबकि कुछ लोगों को एक कप ग्रीन टी से भी मतली आने लगती है। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति की आदत को देखकर अपना डेली रूटीन तय करना सही नहीं है। यदि आपका शरीर ग्रीन टी को खाली पेट आसानी से स्वीकार नहीं कर रहा है, तो इसे जबरदस्ती पीने की जरूरत नहीं है। अपने शरीर के संकेतों को समझना और उसी के अनुसार खान-पान चुनना ज्यादा जरूरी है।

साल 2013 में Cambridge University Press में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, ऑर्गेनिक ग्रीन टी में फ्लेवोनोल्स, टैनिन और कैटेचिन की मात्रा ज्यादा पाई गई, जबकि गैर-ऑर्गेनिक ग्रीन टी में कैफीन, फिनोलिक एसिड और EGCG ज्यादा थे। हालांकि, दोनों तरह की ग्रीन टी में कुल एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा लगभग एक जैसी रही, यानी सेहत पर फायदे में कोई बड़ा अंतर नहीं था। इसके अलावा, खुली पत्ती और टी-बैग के बीच भी एंटीऑक्सीडेंट और अधिकतर पोषक तत्वों में कोई खास अंतर नहीं देखा गया। बस अंतर इतना था कि खुली पत्तियों वाली चाय में EGCG का लेवल टी-बैग के मुकाबले ज्यादा था।

निष्कर्ष

ग्रीन टी एक हेल्दी ड्रिंक है और इसके कई फायदे भी हैं, लेकिन इसका फायदा तभी मिलता है जब इसे सही तरीके और सही समय पर पिया जाए। यदि खाली पेट ग्रीन टी पीने से आपको हर बार मतली, एसिडिटी या पेट में असहजता महसूस होती है, तो इसे अपनी सुबह की आदत बनाने के बजाय नाश्ते के बाद पीना बेहतर विकल्प हो सकता है। याद रखें, कोई भी हेल्दी फूड या ड्रिंक तभी फायदेमंद है जब वह आपके शरीर के अनुकूल हो।

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FAQ

  • ग्रीन टी या ब्लैक टी, कौन सी चाय बेहतर है?

    ग्रीन टी या ब्लैक टी में क्या बेहतर है ये व्यक्ति की उम्र, हेल्थ कंडीशन और जरूरत पर निर्भर करता है। अगर किसी को वजन कम करना है तो ग्रीन टी बेहतर विकल्प हो सकती है वहीं ब्लैक टी हार्ट के लिए हेल्दी हो सकती है।
  • ग्रीन टी पीने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

    नाश्ते के बाद या हल्के स्नैक के साथ ग्रीन टी पीना ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक माना जाता है।
  • ग्रीन टी पीने से क्या फायदा होता है?

    ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं, जिससे वजन घटाने और पेट का फैट कम करने में मदद मिल सकती है। ग्रीन टी हार्ट को हेल्दी रखती है, ब्लड शुगर कंट्रोल कर सकती है और इम्यूनिटी मजबूत करने के साथ स्किन पर भी अच्छा असर हो सकता है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 21, 2026 14:25 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jul 21, 2026 14:25 IST

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    Published By : Akanksha Tiwari
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