Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr. G. Krishna Mohan Reddy , Consultant Physician & Diabetologist

थोड़ा-सा खाना खाने के बाद भी क्यों फूल जाता है पेट? डॉक्टर से जानें इसके छिपे कारण

थोड़ा-सा खाना खाने के बाद भी पेट फूलना सामान्य नहीं माना जाता है। यहां जानिए, इसके संभावित कारण क्या हैं, किन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

आजकल पेट फूलने यानी ब्लोटिंग की समस्या काफी आम हो गई है। कभी-कभार होने वाली ब्लोटिंग सामान्य मानी जाती है, लेकिन यदि यह समस्या बार-बार होने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के वरिष्ठ कंसल्टेंट फिजिशियन एवं डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, बार-बार होने वाली ब्लोटिंग इस बात का संकेत हो सकती है कि डाइजेस्टिव सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। ऐसे में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय इसके सही कारण का पता लगाना जरूरी है। यदि पेट फूलने के साथ बिना कारण वजन कम होना, लगातार पेट दर्द, उल्टी, मल में खून, गंभीर कब्ज या खाना खाने में कठिनाई जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

थोड़ा-सा खाना पर पेट फूलने का कारण?

डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, ब्लोटिंग के पीछे कई सामान्य कारण हो सकते हैं। कई बार बहुत तेजी से खाना खाने पर व्यक्ति भोजन के साथ ज्यादा मात्रा में हवा भी निगल लेता है, जिससे पेट में गैस बनने लगती है। इसी तरह कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन, गैस बनाने वाले फूड्स का ज्यादा सेवन या भोजन को ठीक से चबाकर न खाना भी पेट फूलने की वजह बन सकता है। कुछ लोगों में फूड इंटॉलरेंस भी इसका कारण होता है। उदाहरण के लिए, जिन लोगों को लैक्टोज या ग्लूटेन से सेंसिटिविटी होती है, उनमें थोड़ी मात्रा में भोजन करने के बाद भी पेट फूलने, गैस और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

साल 2013 में Journal of Neurogastroenterology and Motility में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, पेट फूलने यानी ब्लोटिंग की समस्या काफी उलझी हुई है क्योंकि यह पेट में गैस बनने, आंतों के सेंसिटिव होने या बैक्टीरिया के बैलेंस बिगड़ने से हो सकती है। असल वजह पूरी तरह साफ न होने के कारण इसका कोई एक पक्का इलाज या जांच का तरीका मौजूद नहीं है।

  • अक्सर यह समस्या आईबीएस (IBS) या बदहजमी जैसी बीमारियों से जुड़ी होती है, इसलिए डॉक्टर उन्हीं के आधार पर इसका इलाज करते हैं।
  • हालांकि, यह परेशानी बिना किसी दूसरी बीमारी के अकेले भी हो सकती है, लेकिन सिर्फ पेट फूलने के इलाज पर बहुत कम रिसर्च हुई है।
  • स्पेन की एक छोटी स्टडी से पता चला है कि कुछ लोगों को शुगर जैसे दूध या फलों की चीनी न पचने के कारण भी यह दिक्कत होती है।

संक्षेप में कहें तो, अभी तक इस समस्या के इलाज के लिए कोई तय नियम नहीं हैं और इसके सटीक इलाज को खोजने के लिए अभी और बड़े लेवल पर रिसर्च की जरूरत है।

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डाइजेशन संबंधी बीमारियां

डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी बताते हैं कि लगातार ब्लोटिंग केवल खानपान की गलती नहीं होती, बल्कि यह कई पाचन संबंधी बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकती है। इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS), लंबे समय से कब्ज रहना, गैस्ट्रोपेरेसिस, एसिड रिफ्लक्स और स्मॉल इंटेस्टाइनल बैक्टीरियल ओवरग्रोथ (SIBO) जैसी स्थितियों में मरीजों को थोड़ी मात्रा में भोजन करने के बाद भी पेट भरा हुआ और फूला हुआ महसूस हो सकता है। इसके अलावा, कुछ मामलों में ब्लोटिंग पित्ताशय की बीमारी या अन्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों का शुरुआती लक्षण भी हो सकती है। इसलिए यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

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ब्लोटिंग से राहत पाने के लिए क्या करें?

डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, कुछ आसान लाइफस्टाइल संबंधी बदलाव ब्लोटिंग की समस्या को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

  • भोजन हमेशा धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए ताकि पाचन आसान हो सके।
  • एक बार में बहुत ज्यादा खाने की बजाय दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कई बार भोजन करना बेहतर होता है।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
  • साथ ही, यह पहचानने की कोशिश करें कि कौन-से फूड्स खाने के बाद ब्लोटिंग बढ़ जाती है और उनसे दूरी बनाएं।
  • नियमित फिजिकल एक्टिविटी और हल्की एक्सरसाइज भी गैस बनने की समस्या कम करने और डाइजेशन की प्रोसेस को बेहतर बनाने में सहायक होती है।

डॉक्टर की सलाह

यदि पेट फूलने की समस्या लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ बिना कारण वजन कम होना, लगातार पेट दर्द, उल्टी, मल में खून आना, कब्ज या खाना खाने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी का कहना है कि लगातार ब्लोटिंग कभी-कभी किसी गंभीर डाइजेशन डिजीज का संकेत हो सकती है। समय पर जांच और सही इलाज से बीमारी की पहचान जल्दी हो सकती है और समस्याओं से बचा जा सकता है।

निष्कर्ष

थोड़ी मात्रा में भोजन करने के बाद भी पेट फूलना हमेशा सामान्य बात नहीं होती। यह गलत खानपान, फूड इंटॉलरेंस या डाइजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। यदि ब्लोटिंग कभी-कभार होती है, तो खानपान और लाइफस्टाइल में सुधार से राहत मिल सकती है लेकिन यदि यह समस्या बार-बार हो रही है या इसके साथ अन्य गंभीर लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना सही होता है।

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FAQ

  • क्या फूड इंटॉलरेंस से ब्लोटिंग होती है?

    लैक्टोज या ग्लूटेन जैसी चीजों से सेंसिटिव लोगों में थोड़ी मात्रा में भोजन करने के बाद भी पेट फूलना, गैस और पेट दर्द हो सकता है।
  • ब्लोटिंग में क्या नहीं खाना चाहिए?

    ब्लोटिंग की समस्या होने पर सबसे पहले ये पहचानना चाहिए कि आपको कौन-कौन से फूड्स को खाने के बाद ब्लोटिंग होती है और उन फूड्स का सेवन कम करें। इसके अलावा ऑयली, प्रोसेस्ड और मसालेदार खाने से परहेज करें।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 28, 2026 16:53 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr. G. Krishna Mohan Reddy

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