कई लोग चश्मे की जगह कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, लेकिन कई बार लोगों को इन लेंसेज को पहनकर सो जाते हैं, लेकिन क्या कॉन्टैक्ट लेंस को पहनकर सोना सही है, क्या इससे कोई परेशानी हो सकती है? आइए इस बारे में Dr. Purendra Bhasin, Ophthalmologist, Ratan Jyoti Netralaya Ophthalmic Institute & Research Centre, Gwalior से जानें।
कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर सोने से क्या होता है?
डॉ. पुरेंद्र भसीन के अनुसार, कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर सोने से व्यक्ति को आंखों से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं, जो कई बार आंखों को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।
डॉ. पुरेंद्र भसीन आगे कहते हैं, "कॉन्टैक्ट लेंसेज पहनकर सो जाना एक आम गलती है, खासकर तब जब लेंस रातभर के इस्तेमाल के लिए प्रिस्क्राइब्ड न हों। इससे आंखों तक ऑक्सीजन की पहुंच कम हो सकती है और इंफेक्शन का रिस्क बढ़ सकता है।"
1. कॉर्निया तक ऑक्सीजन न पहुंचने
कॉर्निया आंखों का अहम हिस्सा है। इसको स्वस्थ रखने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ऐसे में कॉन्टैक्ट लेंस को लगाकर सोने से लेंस एक बैरियर की तरह काम करता है, जिससे कॉर्निया तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है। इसके कारण कॉर्निया में सूजन आने की समस्या हो सकती है, जिसे कॉर्नियल हाइपोक्सिया (Corneal Hypoxia) कहा जाता है।
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2. बढ़ता है इंफेक्शन का खतरा
सोते समय लेंस पहनने के कारण आंखों में बैक्टीरिया, फंगस और अन्य माइक्रोऑर्गेनिज्म के पनपने के कारण होता है। बैक्टीरियल केराटाइटिस और अकेंथामीबा केराटाइटिस जैसे गंभीर इंफेक्शन के कारण कुछ दिनों के बाद कॉर्निया को गंभीर नुकसान हो सकता है। जिसके कारण व्यक्ति को आंखों में बहुत दर्द, रेडनेस, धुंधला दिखने और आंखों से पानी आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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3. कॉर्नियल अल्सर की समस्या
जब कॉर्निया को लगातार ऑक्सीजन नहीं मिलती और वहां इंफेक्शन फैलने लगता है, तो कॉर्निया की ऊपरी परत पर घाव या छाला बन जाता है। इसे कॉर्नियल अल्सर कहा जाता है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है।
इसके कारण व्यक्ति को आंखों में चुभन, रोशनी से सेंसिटिविटी और तेज दर्द होने जैसी समस्याएं बढ़ जाती है। इसके कारण व्यक्ति को धुंधला दिखने की समस्या हो सकती है।
4. नसों का असामान्य रूप से बढ़ना
जब कॉर्निया को लंबे समय तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है, तो कॉर्निया के आसपास असामान्य रूप से ब्लड वेसल्स उगने लगती हैं। इस स्थिति को कॉर्नियल नियोवैस्कुलराइजेशन कहा जाता है। शुरुआत में इसके लक्षण नहीं दिखते हैं, लेकिन समय के साथ यह कॉर्निया को प्रभावित कर सकता है। जिसके कारण आंखों से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
5. ड्राई आई की समस्या
सोते समय आंखों में नेचुरल आंसू का बनना कम हो जाता है। ऐसे में जब आप लेंस पहनकर सोते हैं तो आंखों की पूरी नमी सोख लेता है। इसके कारण सुबह उठने पर आंखों के बहुत ज्यादा ड्राई, लाल या जलन महसूस होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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क्या कहती है स्टडी?
CDC के अनुसार, कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर सोना सेफ नहीं है। कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर सोने से आपको आंखों का इंफेक्शन होने का खतरा 6 से 8 गुना बढ़ जाता है।
कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते समय रखें सावधानियां
डॉ. पुरेंद्र भसीन का कहना है, कॉन्टैक्ट लेंस पहनते समय आंखों की प्रोटैक्शन का खास ध्यान रखना चाहिए।
सोने से पहले लेंस जरूर निकालें
रात को सोने से पहले लेंस हमेशा उतारे। ऐसा करने से लेंस के कारण होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है।
ओवरनाइट लेंस सिर्फ सलाह पर लें
सिर्फ वही लेंस रात में पहने जा सकते हैं, जिन्हें डॉक्टर ने खास रूप से 'Extended Wear' या 'Overnight Use' के लिए प्रिस्क्राइब्ड किया हो। इसके लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
साफ-सफाई का खास ध्यान रखें
लेंस को निकालने के साथ इसकी साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। इसके लिए स्टेरिलाइज्ड लेंस सॉल्यूशन (Lens Solution) का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बाद इनको केस में रखें।
निष्कर्ष
कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर सोना एक ऐसी गलती है, जो आपकी देखने की क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है। यह आदत कॉर्निया तक ऑक्सीजन न पहुंचने, ड्राई आई, आंखों के गंभीर इंफेक्शन और कॉर्नियल अल्सर जैसी स्थितियों का कारण बन सकती है। सिर्फ वही लेंस रात में इस्तेमाल किए जाने चाहिए, जो डॉक्टर से ओवरनाइट यूज के लिए अप्रूव्ड और प्रिस्क्राइब्ड हों।
अगर लेंस निकालने के बाद भी आंखों में दर्द, रेडनेस या धुंधलापन महसूस हो, तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि आंखों से जुड़ी किसी भी स्वास्थ्य समस्या से समय रहते बचा जा सके।
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FAQ
कॉन्टैक्ट लेंस लगाने के नुकसान हैं?
कॉन्टैक्स लेंस को सही तरीके से न लगाने से व्यक्ति को आंखों में इंफेक्शन, ऑक्सीजन की कमी और आंखों में ड्राईनेस होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।आंखों को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
आंखों को हेल्दी रखने नियमित रूप से बैलेंस डाइट लें, धूप में रहने से बचें, पर्याप्त नींद लें, आंखों को रगड़ने से बचें, 20-20-20 रूल फॉलो करें, शरीर को हाइड्रेटेड रखें और नियमित रूप से आंखों की जांच कराएं।
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Current Version
Sep 30, 2026 21:52 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Purendra Bhasin
